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देहरादून: व्यक्ति को कुचलने की कोशिश करने वाला Dumper Driver गिरफ्तार, जानलेवा वीडियो हुआ था वायरल

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देहरादून: हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार Dumper Driver ने एक व्यक्ति को जानबूझकर कुचलने की कोशिश की। इस घटना के बाद, पुलिस हरकत में आई और तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को हरियाणा के यमुनानगर से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एसएसपी के सख्त निर्देश के बाद संभव हो पाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना देहरादून में खनन माफिया की बढ़ती गुंडागर्दी को उजागर करती है।

खनन माफिया के हौसले बुलंद, सरेआम लोगों की जान से खिलवाड़

राजधानी देहरादून में खनन माफिया इस कदर बेखौफ हो चुका है कि अब वे सरेआम लोगों की जान से खिलवाड़ करने से भी नहीं डर रहे हैं। रायपुर क्षेत्र में बेतहाशा दौड़ रहे खनन के वाहनों ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है।

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वायरल वीडियो ने खींचा पुलिस का ध्यान

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक Dumper Driver देहरादून के सहस्त्रधारा क्रॉसिंग के पास अपने वाहन को बेहद तेज गति से चला रहा था। वीडियो में देखा गया कि जब एक व्यक्ति ने डंपर को रोकने की कोशिश की, तो Dumper Driver ने जानबूझकर गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी, जिससे वह व्यक्ति सड़क पर गिरकर घायल हो गया। इस खतरनाक कृत्य का संज्ञान लेते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

तेजी से हुई कार्रवाई, हिमाचल से पकड़ा गया आरोपी Dumper Driver

वीडियो की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि यह घटना सहस्त्रधारा क्रॉसिंग के पास हुई थी। पुलिस ने डंपर का नंबर HR-58-E-5666 ट्रेस किया और Dumper Driverकी पहचान की। पता चला कि घटना के बाद आरोपी Dumper Driver डंपर लेकर हिमाचल प्रदेश की ओर भाग गया था। पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई करते हुए Dumper Driver प्रमोद (उम्र 25 वर्ष, निवासी: रंईयावाला, यमुनानगर, हरियाणा) को पौंटा से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसके वाहन को भी जब्त कर लिया है।

पंजीकृत हुआ मामला, आगे की जांच जारी

बता दें कि पीड़ित व्यक्ति द्वारा रायपुर थाने में दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

NARI 2025 Report : उत्तराखंड महिला आयोग ने कंपनी के MD को किया तलब, इस तारीख को होना होगा पेश

हाल ही में देहरादून को देश में महिलाओं के लिए असुरक्षित शहर बताने वाली NARI 2025 Report पर बवाल शांत नहीं हो रहा है। सर्वे करने वाली कंपनी पीवैल्यू एनालेटिक्स पर जहां सवाल उठ रहे हैं वहीं अब महिला आयोग ने कंपनी के एमडी और चीफ इंवेस्टिगेटर को तलब कर लिया है।

जवाब नहीं दे पाए कंपनी के प्रतिनिधि, लग गई फटकार

दरअसल पीवैल्यू एनालेटिक्स कम्पनी द्वारा जारी राष्ट्रीय वार्षिक रिपोर्ट और सूचकांक (एनएआरआई) 2025 में महिलाओं के लिए देहरादून को असुरक्षित बताने के मामले में आज 8 सितंबर 2025 को उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग द्वारा कंपनी के प्रबन्ध निदेशक समन भेज कर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। मामले में आज कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर मयंक ढय्या राज्य महिला आयोग में उपस्थित रहे। जहां पर उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर आयोग के सवालों पर वार्षिक रिपोर्ट व इंडेस्क में संदेहास्पद स्थिति के लिए क्षमा मांगते हुए कहा कि यह एक एकेडमिक रिपोर्ट है जिसका उद्देश्य किसी शहर की छवि को खराब करने का नहीं था।

वहीं आयोग की अध्यक्ष व उपस्थित पैनल के समक्ष कम्पनी के प्रतिनिधि मयंक ढैय्या आयोग के सवालों जवाब नही दे पाए, उनके द्वारा दी गयी जानकरी पर्याप्त न हो पाने के कारण उन्होंने कहा इस रिपोर्ट को लेकर उनके पास अधिक जानकारी नही है, वो कम्पनी में बात कर के आपको जवाब दे पाएंगे जिसको लेकर आयोग अध्यक्ष ने फटकार लगाते हुए कहा अगली सुनवाई पर रिसर्च टीम व प्रबन्ध निदेशक को उपस्थित होने के निर्देश दिए है।

15 तारीख को होगी सुनवाई, एमडी को बुलावा

महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा है कि कम्पनी के प्रतिनिधि के पास जानकारी का अभाव था जिस कारण इस मामले की सुनवाई इसी महीने की 15 तारीख को कर दी गयी है। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई में कंपनी के प्रबंध निदेशक के साथ वार्षिक रिपोर्ट व इंडेस्क के प्रमुख इन्वेस्टिगेटर/ सहायक इन्वेस्टिगेटर को उपस्थित होना है तथा आयोग के समस्त सवालों के जवाब, रिसर्च व सर्वे के सभी दस्तावेज तथा सर्वे के लिए की गई सभी मीटिंगों व कार्रवाई की मिनट्स रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराए जाएं।

आधी अधूरी रिपोर्ट ने कराई फजीहत

वहीं कुसुम कण्डवाल ने कहा कि पीवैल्यु एनालेटिक्स कम्पनी द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट व इंडेस्क में आयोग की टीम ने अनेको खामियां पाई है जिसके संतोषजनक जवाब आज की सुनवाई में नही मिल पाए है, जो कि पूरी तरह से संदेहास्पद है। वार्षिक रिपोर्ट व सर्वे में शामिल महिलाओं से पूछे गए सवालों को भी पब्लिक नही किया गया है, किन महिलाओं को सर्वे में रखा गया है क्या वह वर्किंग है या हाउस वाइफ है यह भी स्पष्ट नही है, टेलीफ़ोन के माध्यम से कोई गए सर्वे में किन प्रश्नों को रखा गया है वह भी स्पष्ट नही है साथ ही एकेडमिक रिसर्च के अनेकों अनेक मापदंड भी अधूरे हैं। ऐसे में अगर कंपनी की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नही प्रस्तुत किया गया तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पूरे उत्तराखंड में लगेंगे हेल्थ कैंप, स्पेशलिस्ट डाक्टर्स देंगे एडवाइस, सीएम धामी के निर्देश पर स्वास्थ विभाग ने की तैयारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देशों पर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में “स्वास्थ्य पखवाड़ा” आयोजित करने की व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है। स्वास्थ्य पखवाड़े के दौरान प्रदेशभर में मेडिकल कॉलेजों, जिला व उप जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप केन्द्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मरीजों को जांच, परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही जगह-जगह वृहद रक्तदान शिविर भी आयोजित होंगे, जिनमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं को भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। “स्वास्थ्य पखवाड़ा” इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना है, बल्कि लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करना और स्वैच्छिक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य पखवाड़े को सफल बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और प्रत्येक स्तर पर उसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि समाज का हर वर्ग इससे लाभान्वित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों, विधायकों, महापौरों, पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान में सुनिश्चित की जाए।

प्रदेशभर में लगेंगे 4604 शिविर

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में कुल 4604 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें—
अल्मोड़ा – 522
बागेश्वर – 109
चमोली – 206
चम्पावत – 120
देहरादून – 425
हरिद्वार – 367
नैनीताल – 367
पिथौरागढ़ – 679
पौड़ी – 573
रुद्रप्रयाग – 239
टिहरी – 533
ऊधमसिंह नगर– 256
उत्तरकाशी – 208

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं, टीबी मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों को भी विशेष परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जाएगी।

बैठक में हुए ये अहम फैसले

  1. ब्लड डोनेशन कैंप –
    राज्य के प्रत्येक स्वास्थ्य शिविर में वृहद रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों की फोटोग्राफी और रिपोर्ट शासन को अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी, ताकि इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
  2. मेडिकल कॉलेज स्तर पर आयोजन –
    सभी मेडिकल कॉलेजों में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा ताकि युवाओं में स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को प्रोत्साहित किया जा सके।
  3. हेल्थ डेस्क की स्थापना –
    प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और जिला अस्पतालों में हेल्थ डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यहां आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य पखवाड़े से संबंधित जानकारी, सरकारी योजनाओं की जानकारी और नि:शुल्क परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
  4. एसओपी तैयार करना –
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा शीघ्र ही एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी। इसके तहत सभी जिलों और इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि अभियान के दौरान कोई भ्रम या अव्यवस्था न हो।
  5. विशेषज्ञ शिविर –
    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्तर तक विशेषज्ञ शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें हृदय रोग, मधुमेह, श्वसन संबंधी रोग, प्रसूति व स्त्री रोग, बाल रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
  6. अन्य विभागों से समन्वय –
    अभियान को सफल बनाने के लिए अन्य विभागों को भी शामिल किया जाएगा। उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां तय कर दी जाएंगी, ताकि एक समन्वित प्रयास के माध्यम से स्वास्थ्य पखवाड़े का प्रभाव और अधिक बढ़ सके।
  7. फूड एवं ड्रग कंट्रोलर विभाग का सहयोग –
    फूड सेफ्टी और ड्रग कंट्रोलर विभाग के सहयोग से दवाओं और अन्य आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  8. प्राइवेट मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज का सहयोग –
    निजी मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को भी इस अभियान में जोड़ा जाएगा। उनके संसाधनों और मानव बल का उपयोग जनहित में किया जाएगा।
  9. विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी –
    मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को स्वास्थ्य शिविरों में ड्यूटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी विशेषज्ञ परामर्श और उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
  10. निक्षय मित्र पहल –
    जनप्रतिनिधियों को “निक्षय मित्र” बनाने की पहल की जाएगी। इसके तहत वे न केवल शिविरों का हिस्सा बनेंगे, बल्कि लोगों को अधिक से अधिक संख्या में स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद करेंगे।

अंत में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएं दिन-ब-दिन मजबूत हो रही हैं। “स्वास्थ्य पखवाड़ा” प्रदेश की जनता के लिए न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का अवसर है, बल्कि एक जनजागरण अभियान भी साबित होगा, जो समाज को स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में आगे बढ़ाएगा। समीक्षा बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल, उपसचिव जसबिन्दर कौर, डॉ जेएस चुफाल, डॉ अमित शुक्ला, डॉ कुलदीप मार्तोलिया, डॉ सौरभ सिंह सिंह मौजूद रहे।

नई लाइटों से रोशन हुआ देहरादून का घंटाघर, सीएम धामी ने खिंचवाई फोटो, खूब निहारा

देहरादून का घंटाघर अब आपको एक नए स्वरूप में नजर आएगा। शनिवार को देहरादून के घंटाघर को नई लाइटों से रोशन कर दिया गया। सीएम धामी ने घंटाघर के सौंदर्यीकरण का लोकार्पण किया। इसके साथ ही सीएम धामी ने हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स का भी शुभारंभ किया है।

देहरादून का घंटाघर, इसकी पहचान, अब आकर्षण का केंद्र भी

देहरादून के दिल कहे जाने वाले ऐतिहासिक घण्टाघर के सौंदर्यीकरण, भव्य रूपांतरण एवं स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का सीएम धामी ने विधिवत शुभारंभ कर दिया है। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “घण्टाघर देहरादून की पहचान है। इसका यह नवीन एवं आकर्षक स्वरूप न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी गर्व की अनुभूति कराएगा। स्वचालित प्रकाश व्यवस्था से यह स्थल रात्रि में भी जीवंत रहेगा और शहर की नाइटलाइफ में भी नया रंग भरने का कार्य करेगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल शहर के सौंदर्य को बढ़ाती हैं, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता, संरक्षण और अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती है| लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इस ऐतिहासिक धरोहर का पुनर्निर्माण कर इसे एक भव्य एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि इस धरोहर का नया स्वरूप न केवल देहरादून की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि ये हमारी शीतकालीन राजधानी में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी होगा।

हिलांस किचन आउटलेट्स का भी शुभारंभ

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घण्टाघर क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए निर्मित 4 अत्याधुनिक “हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स” का भव्य शुभारंभ किया। यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और स्थानीय पहाड़ी उत्पादों के प्रचार-प्रसार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है। सीएम धामी ने कहा कि देहरादून में चार स्थानों पर हिलांस कैंटीनों का लोकार्पण भी किया जा रहा है। ये कैंटीन कलेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आईएसबीटी में स्थापित की गई हैं।ये कैंटीनें न केवल आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण वस्तुएँ उपलब्ध कराएँगी, बल्कि हमारे स्वयं सहायता समूहों की बहनों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त बनाएँगी |ये पहल मातृशक्ति के सशक्तिकरण के साथ-साथ लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाना है, और हिलान्स आउटलेट्स के माध्यम से महिलाओं को न केवल स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि उत्तराखण्ड के पारंपरिक एवं जैविक उत्पादों को भी नया बाजार मिलेगा।

भिक्षावृत्ति करने वालों को रेस्क्यू करेगी टीम, वाहन सौंपे

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज देहरादून में बाल भिक्षावृत्ति निवारण के लिए भी एक विशिष्ट प्रयास किया जा रहा है, जिसके माध्यम से बालक-बालिकाओं को “भिक्षा की विवशता से निकालकर शिक्षा के अधिकार” से जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 3 रेस्क्यू वाहनों के साथ अंतरविभागीय टीम गठित की गई है। होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग और कई गैर-सरकारी संस्थाओं को इस टीम में सम्मिलित किया गया है। हमारे लिए खुशी की बात है कि इस टीम द्वारा पहले चरण में 51 बच्चों को रेस्क्यू कराकर विभिन्न स्कूलों में डाला जा चुका है। आज दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला दिलाया गया है।हम रेस्क्यू किए बच्चों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में इंटेसिव केयर सेंटर का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने इस प्रयास को तब तक जारी रखेंगे, जब तक हमारे राज्य का प्रत्येक बच्चा स्कूल नहीं जाने लगता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चाहे वो राज्य के बुनियादी ढांचे का विकास हो, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो, या युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना हो l हम देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। हम देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान हेतु योजनाबद्ध तरीके से निरंतर प्रयासरत हैं। इसके लिए, हम विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण करा रहे हैं, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।

उत्तरकाशी में फटा बादल, गदेरे में आया उफान, वाहन दबे, घरों में घुसा मलबा

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में फिर एक बार बादल फटने की घटना सामने आई है। इस बार उत्तरकाशी के नौगांव में बादल फटा है। नौगांव बाजार में इस घटना के बाद अफरा तफरी मच गई। बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है।

घरों और दुकानों में घुसा मलबा

मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार की शाम छह बजे के आसपास उत्तरकाशी के नौगांव बाजार के स्योरी फल पट्टी में बादल फटने की घटना सामने आई। बादल फटने से गदेरे में उफान आ गया। गदेरे में पानी के साथ मलबा भी आया और पूरे इलाके में भर गया। तकरीबन दस मकानों और दुकानों में ये मलबा घुस गया जिससे लोगों को खासा नुकसान हुआ है. इस घटना में कुछ वाहन भी मलबे में दब गए हैं।

सीएम धामी ने दिए निर्देश

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से बात की और राहत कार्य के निर्देश दिए। वहीं मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने खतरे को देखते हुए कई घरों को खाली करा दिया है। लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए हैं।

बागेश्वर में आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे सीएम धामी, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बागेश्वर के आपदा प्रभावित क्षेत्र पौंसरी में ग्रामीणों से भेंट कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी मजबूती से प्रभावितों के साथ खड़ी है। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैसानी में आपदा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।

सीएम धामी ने ली राहत कार्यों की जानकारी

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागेश्वर आशीष भटगांई से प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 29 अगस्त को अतिवृष्टि से पौंसरी के खाईजर तोक में 05 मकान मलबे में दब गए। वहां रहने वाले 06 व्यक्तियों में से 05 मलबे में दब गए और 01 व्यक्ति सुरक्षित मिला। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष दो की खोज में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर टीम, ड्रोन, डॉग स्क्वाड और विक्टिम लोकेटिंग कैमरे की मदद से अभियान जारी है। प्रभावितों को राहत राशि वितरित कर दी गई है तथा सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू कर दी गई हैं।

बिजली व्यवस्था होगी दुरुस्त, सीएम ने दी धनराशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन कर पुनर्वास प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त पिटकुल के 132 केवी सब स्टेशन को दुरुस्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गढ़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, अनिल सिंह रावत, ललित मोहन तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

नकली दवाओं के खिलाफ एक्शन में सीएम धामी, पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्लान रेडी

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह के खिलवाड़ को बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री को पूरी तरह से खत्म करने के लिए जिलाधिकारियों, पुलिस, और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से एक सघन अभियान चलाना होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नकली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए और उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए।

धराली आपदा प्रभावितों का पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धराली आपदा से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान और उनका पुनर्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सचिव राजस्व की अध्यक्षता में गठित समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्होंने बताया कि इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर पुनर्वास और राहत कार्य किए जाएंगे।

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का अभियान

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक व्यापक स्वदेशी अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों से भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी खरीद में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए और सरकारी कार्यक्रमों में भी स्थानीय उत्पादों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी स्लैब में हाल ही में हुए बदलावों से स्वदेशी उत्पादों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

अग्निवीरों के प्रशिक्षण और जनहित के संकल्पों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अग्निवीरों के लिए समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। इसके लिए पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार ने अपने दृष्टि पत्र में जनता से जो वायदे किए थे, उनको पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि जन भावनाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

ऊधमसिंहनगरः पहचान छिपाकर हिंदू युवती से की शादी, ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी युवक

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उधमसिंह नगर। ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइट shadi.com पर एक हिंदू युवती से धोखाधड़ी करके शादी करने, दहेज मांगने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोनिश ने अपनी पहचान छिपाकर मनीष चौधरी के नाम से शादी की थी। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दिनेशपुर से धर दबोचा।

मामला ऐसे खुला

मामला तब सामने आया जब थाना नानकमत्ता क्षेत्र की एक पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने खुद को मनीष चौधरी, पुत्र अमित चौधरी, और हिंदू जाति का बताकर 11 दिसंबर 2024 को नानकमत्ता के प्रेम पैलेस में हिंदू रीति-रिवाज से उससे शादी की। शादी के कुछ समय बाद आरोपी और उसके परिवार ने पीड़िता से 2 लाख रुपये नकद, एक कार और सोने के आभूषण की मांग शुरू कर दी। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई।

जबरन धर्म परिवर्तन और प्रताड़ना

पीड़िता ने आरोप लगाया कि वह शाकाहारी है, लेकिन आरोपी और उसके परिजन उसे जबरन मांसाहार खिलाने की कोशिश करते थे। 21 फरवरी 2025 को आरोपी पति, सास और दो ननदों ने पीड़िता को बुरी तरह पीटा और घर से निकाल दिया। घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता को पता चला कि उसका पति मनीष चौधरी नहीं, बल्कि मोनिश पुत्र इरशाद अहमद भारती है। आरोपी और उसका परिवार मुस्लिम धर्म से संबंध रखता है। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी मोनिश पहले से ही एक मुस्लिम युवती से शादी कर चुका है।

धमकी और पुलिस कार्रवाई

पीड़िता का कहना है कि जब उसने धर्म परिवर्तन के दबाव का विरोध किया तो आरोपी और उसके परिजनों ने उसे धमकी दी, “हम तेरा धर्म भ्रष्ट कर चुके हैं, अब तू हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। अगर तूने शिकायत की तो जान से खत्म कर देंगे।” पीड़िता की तहरीर पर थाना नानकमत्ता पुलिस ने एफआईआर संख्या-162/2025 दर्ज की है। इसमें धारा 69/115(2)/351(2)/352 बीएनएस और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएँ लगाई गई हैं। मामले की जांच उपनिरीक्षक रजनी गोस्वामी को सौंपी गई।

आरोपी का कबूलनामा और गिरफ्तारी

पुलिस पूछताछ में आरोपी मोनिश ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने जानबूझकर shadi.com पर मनीष चौधरी के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाई थी और अपना धर्म तथा असली नाम छिपाकर शादी की। उसने यह भी स्वीकार किया कि शादी के बाद उसने दहेज मांगा और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों में उसका असली नाम मोनिश पुत्र इरशाद अहमद ही दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को उसके निवास स्थान गायत्री विला, जयनगर नंबर 04, दिनेशपुर से 6 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

पुलिस का सख्त संदेश

उधमसिंहनगर पुलिस ने साफ किया है कि महिलाओं के साथ धोखाधड़ी, दहेज प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बसुकेदार क्षेत्र में आपदा के बाद राहत: मयाली-गुप्तकाशी मार्ग पर वेलिब्रिज निर्माण कार्य तेज़ी से जारी

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28 अगस्त को रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र में अचानक आई आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इस दौरान, ल्वारा के पास 12 मीटर लंबा एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे मयाली-गुप्तकाशी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। यह मार्ग न सिर्फ आवाजाही का मुख्य जरिया है, बल्कि इसे क्षेत्र की लाइफलाइन भी माना जाता है। मार्ग के बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

युद्धस्तर पर शुरू हुआ पुनर्निर्माण कार्य

इस गंभीर समस्या को देखते हुए, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तुरंत एक्शन लिया। विभाग ने पुल के पुनर्निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। फिलहाल, पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की जगह एक नया वेलिब्रिज (Bailey bridge) बनाया जा रहा है। इसके लिए वेलिब्रिज के पार्ट्स को तेज़ी से जोड़कर इरेक्शन (erection) का काम किया जा रहा है।

सुरक्षा के लिए पुल की लंबाई में वृद्धि

प्रशासन ने इस बार सिर्फ पुल बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि इसकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए पुल की लंबाई को 14 से 16 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है। इस तकनीकी वृद्धि से पुल और भी ज्यादा मजबूत और सुरक्षित बनेगा।

ऊखीमठ डिवीजन के अधिशासी अभियंता आर. पी. नैथानी ने बताया, “वेलिब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। हमारी पूरी कोशिश है कि अगले चार दिनों में यह पुल बनकर तैयार हो जाए। इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।” यह कदम न सिर्फ आवाजाही को फिर से बहाल करेगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा और राहत की भावना भी जगाएगा।

उत्तराखंड: भुनालगांव (Bhunal Gaon) में भालू का हमला, दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल

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Bhunal Gaon, उत्तराखंड: शनिवार की सुबह उत्तराखंड के भुनालगांव में एक भालू के हमले में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों की पहचान बुरांसी देवी (पति स्वर्गीय मदन सिंह) और शशि देवी (पति कुंवर सिंह) के रूप में हुई है, जो दोनों इसी गांव की निवासी हैं।

Bhunal Gaon की दोनों महिलाओं के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे घाव

यह घटना तब हुई जब भालू ने अचानक दोनों महिलाओं पर हमला कर दिया। हमले में दोनों महिलाओं के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे घाव आए और भारी मात्रा में खून बहने लगा। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बक्सीर को घटना की सूचना दी।

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त्वरित मेडिकल सहायता और हेली सेवा

सूचना मिलते ही PHC बक्सीर की मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने Bhunal Gaon की दोनों घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार और मरहम-पट्टी दी। शुरुआती उपचार के बाद, शशि देवी की स्थिति को देखते हुए, दोनों को तुरंत हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से अगस्तमुनि ले जाया गया।

जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में भर्ती

अगस्तमुनि पहुंचने पर, दोनों घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग ले जाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि PHC बक्सीर में प्राथमिक उपचार के बाद, उन्हें बेहतर इलाज के लिए रुद्रप्रयाग भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम को पहले से ही अलर्ट पर रखा गया है, जो घायलों का इलाज करेगी।