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उत्तराखंड में आपदा: PM Modi ने की आपदा प्रभावितों से मुलाकात, राहत पैकेज की घोषणा

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उत्तराखंड में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए PM Modi जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे। उन्होंने यहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, और राज्य के सांसदों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान, बचाव कार्यों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।

आपदा प्रभावितों से मुलाकात और राहत कार्यों की सराहना

PM Modi ने आपदा प्रभावित धराली, थराली और अन्य क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियानों की प्रशंसा की। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना करते हुए राहत कार्यों में जुटे कर्मियों से मुलाकात की और उनके अनुभव सुने। इसके साथ ही, उन्होंने आपदा पीड़ितों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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मुख्यमंत्री ने दी नुकसान की विस्तृत जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने PM Modi को राज्य में आपदा से हुई क्षति और प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के संगठनों के भरपूर सहयोग से प्रभावितों तक तेजी से राहत पहुंचाना संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि आपदा से सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है, और उनकी बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

राहत पैकेज की घोषणा और आभार

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की जनता की तरफ से PM Modi का राहत पैकेज की घोषणा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि PM Modi ने स्वयं उत्तराखंड आकर आपदा पीड़ितों के दुख-दर्द को साझा किया, जो राज्य के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार का सहयोग पहले दिन से ही मिल रहा है, जिससे राज्य सरकार को इस आपदा से निपटने में काफी मदद मिली है।

समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें सांसद महेंद्र भट्ट, अजय भट्ट, त्रिवेंद्र सिंह रावत, अनिल बलूनी, माला राज्य लक्ष्मी शाह, नरेश बंसल, कल्पना सैनी, मुख्य सचिव आनंद बर्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ शामिल थे।

डीएम उत्तरकाशी ने सुनी जनता की समस्याएं, तत्काल निस्तारण के दिए आदेश

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य (डीएम उत्तरकाशी) ने आज अपने कार्यालय में आए लोगों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण हेतु अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक की समस्या का समाधान तत्काल किया जाए और उसे टाला न जाए।

नई बिल्डिंग में शिफ्ट करें आंगनबाड़ी

मोरी विकासखंड के ग्राम सुनकंडी की समस्या से संबंधित आवेदन पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को तत्काल कारवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम सुनकंडी में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र की समस्या को लेकर बताया कि जिस भवन में आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहा हैं उसकी छत की स्थिति जीर्ण शीर्ण हो गई है और पानी टपकने जैसी समस्या भी आ रही है। जिससे वह अब केंद्र संचालित नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करे और नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की कारवाई करें।

सुनकंडी ग्राम की दूसरी समस्या को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला शिक्षा अधिकारी(प्रा.) को निर्देश दिए कि सुनकंडी गांव के रा. प्रा. विद्यालय में टिन की घेरवाड़ जीर्ण शीर्ण की स्थिति होने से समस्या आ रही है। जिसके लिए जल्द निरीक्षण करने के उपरांत वस्तुस्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

मार्ग बाधित होने से हो रही परेशानी

चिन्यालीसौड़ विकासखंड के खादाडा गांव के सुमन प्रसाद ने बनचौरा – बनगांव मोटर मार्ग पर हुए भूस्खलन से उनके भवन को हुई क्षति और मार्ग के अवरुद्ध होने से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने सम्बंधित तहसीलदार को तत्काल एसडीआरएफ के मानकों के अनुसार राहत उपलब्ध करवाने को कहा तथा साथ ही पीडब्ल्यूडी को सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। यदि कोई मामला तत्काल न सुलझ सके, तो नागरिक को एक निश्चित समय सीमा दी जाए, जिसमें उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य हमेशा नागरिकों की समस्याओं का निस्तारण करना है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में समस्याओं के निस्तारण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीएम मोदी के दौरे से ठीक पहले हुई धामी कैबिनेट की बैठक, हो गए ये फैसले, देख लीजिए यहां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 सितंबर गुरुवार को उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं। पीएम मोदी के दौरे से ठीक एक दिन पहले धामी कैबिनेट की बैठक हुई है और इसमें कैबिनेट ने कई बड़े फैसले लिए हैं। आइए जानते हैं धामी कैबिनेट के प्रमुख फैसलों के बारे में –

कुक्कुट वैली की होगी स्थापना

पशुपालन विभाग द्वारा 9 पर्वतीय जनपदों अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत, पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग के कुक्कुट पालकों के लिए कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना लागू जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत प्रारम्भिक वर्ष 2025-26 में ब्रायलर फार्म योजना के अन्तर्गत 816 एवं कुक्कुट वैली स्थापना योजना के अन्तर्गत 781 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत कुल आहार सब्सिडी -रूपये 2,83,85,000 (रूपये दो करोड़ तिरासी लाख पिच्चासी हजार मात्र) का आवंटन किया जाएगा।

देहरादून में ट्रैफिक सुधार की कवायद

देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के नाम से स्पेशल परपज व्हीकल का गठन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा संचालित ई-बसों को संचालित किए जाने, प्रधान मंत्री ई-बस सेवा योजना के अन्तर्गत ई-बसों के संचालन तथा वर्तमान नगर बस सेवा का संचालन सुगठित-सुव्यवस्थित करने का कार्य करेगा।

यूएस नगर में बनेंगी प्लान्ड कॉलोनियां

जनपद ऊधमसिंहनगर में प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित कालोनियों एवं व्यावसायिक निर्माण हेतु ग्राम फाजलपुर महरौला, तहसील रूद्रपुर अंतर्गत कुल रकबा 9.918 हे० भूमि को वर्तमान सर्किल रेट पर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊधमसिंहनगर के पक्ष में आवंटन किया जाएगा।

हाईकोर्ट में नए पदों को मंजूरी

महाधिवक्ता, मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के अधिष्ठान कार्यालय में आशुलिपिक संवर्ग में वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव (वेतनमान 123100-215900, लेवल-13. ग्रेड पे-8700) का 01 पद सृजन के साथ ही आशुलिपिक (वेतनमान-29200-92300, लेवल-05) का 01 पद समर्पित किया जाएगा।

उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नवम वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी

Tehri: यात्रियों से भरी बस पलटी, बस चालक समेत 2 की मौत 12 घायल, राहत बचाव में लगी पुलिस

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Tehri Accident Today: ऋषिकेश रोड पर खाड़ी के पास आज सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। घुत्तू घनसाली से हरिद्वार जा रही विश्वानाथ बस के पलट जाने से बस चालक सहित दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 यात्री घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।

कैसे हुआ हादसा?

यह हादसा सुबह करीब 10:10 बजे चंबा से लगभग 12 किलोमीटर आगे, खाड़ी से पहले एक तीखे मोड़ पर हुआ। बताया जा रहा है कि बस अनियंत्रित होकर क्रैश बैरियर से टकराई और सड़क पर ही पलट गई। बस में कुल 22 लोग सवार थे, जो बस के पलटने से उसके अंदर फंस गए।

तेजी से चला बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही चंबा पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय जनता ने मिलकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने फँसे हुए यात्रियों को बस से बाहर निकाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, बस चालक और एक अन्य यात्री की मौके पर ही मौत हो गई थी। घायलों का इलाज चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

एसएसपी Tehri ने दिया घटनास्थल का दौरा

हादसे की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी, आयुष अग्रवाल, तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्य में लगी पुलिस टीमों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और चंबा थाना प्रभारी दिलबर नेगी को घायलों की हरसंभव मदद करने का आदेश दिया।

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Tehri हादसे के कारणों की होगी जाँच

एसएसपी आयुष अग्रवाल ने इस दुखद घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने हादसे के कारणों की गहन जाँच के आदेश दिए हैं। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि क्या बस की रफ्तार ज्यादा थी या कोई तकनीकी खराबी थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। पुलिस जल्द ही इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।

Tourism Minister सतपाल महाराज ने कहा- दिल्ली में क्यों कट रहा है जीएसटी! उत्तराखंड को मिले इसका लाभ

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देहरादून: उत्तराखंड के Tourism, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य को जीएसटी का लाभ दिलाने के लिए, टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों को अपने कार्यालय उत्तराखंड में भी खोलने का सुझाव दिया है। उन्होंने यह बात उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेजेंटेटिव्स (उत्तरा) एसोसिएशन और उत्तराखंड Tourism विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘उत्तरा सम्मेलन’ में कही।

टूर ऑपरेटर्स को मिला ‘ब्रांड एम्बेसडर’ का दर्जा

Tourism मंत्री सतपाल महाराज ने टूर ऑपरेटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि आप सब हमारे राज्य के Tourism ब्रांड एम्बेसडर हैं। आप ही हर पर्यटक को उत्तराखंड की असली छवि दिखाते हैं और उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि जब यात्रा उत्तराखंड की है तो जीएसटी भी उत्तराखंड में ही कटनी चाहिए, न कि दिल्ली में।

जीएसटी का लाभ उत्तराखंड को मिले

Tourism Minister महाराज ने टूर ऑपरेटर्स से उत्तराखंड में भी अपने कार्यालय खोलने का आग्रह किया ताकि उत्तराखंड को जीएसटी का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे न केवल राज्य को राजस्व मिलेगा, बल्कि सरकार भी उनकी समस्याओं का समाधान कर सकेगी।

उत्तराखंड बनेगा पर्यटन का वैश्विक केंद्र

Tourism Minister सतपाल महाराज ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, मेडिकल पर्यटन, वेलनेस पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाना है। इस दिशा में पर्यटन विभाग नई योजनाएं, प्रोत्साहन पैकेज और नीतियां ला रहा है।

सतत विकास पर जोर

महाराज ने पर्यटन के सतत विकास पर जोर देते हुए कहा कि पर्यटन के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी समान महत्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें ‘सस्टेनेबिलिटी एंड क्राइसिस प्रिपेयर्डनेस’ पर ध्यान देना होगा।

संवाद और सहयोग से मिलेगी नई पहचान

उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजनों से संवाद और सहयोग बढ़ेगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान होगा और उत्तराखंड को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।

इस कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के एसीईओ बी.एल. राणा, अपर निदेशक पूनम चंद, आईएटीओ के अध्यक्ष पूर्व राजीव मेहरा, एडीटीओआई के अध्यक्ष वेद खन्ना, वैभव काला, प्रशांत मैठाणी, सुनील सिंह राणा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

CS आनन्द बर्द्धन ने दिए निर्देश- कुंभ से पहले पूरे करें हरिद्वार, ऋषिकेश कॉरिडोर के काम

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देहरादून।CS आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी परियोजनाओं के नियोजन और कार्यान्वयन पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने यूआईआईडीबी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और अधिकारों के विकेंद्रीकरण पर भी चर्चा की, जिससे भविष्य में बोर्ड के काम में अधिक तत्परता आ सके।

ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर परियोजनाएं

बैठक में CS आनन्द बर्द्धन ने ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने त्रिवेणीघाट परियोजना के तहत गंगाजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराने और विशेषज्ञों के सुझावों को लागू करने के लिए कहा। ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन की भूमि पर भूमिगत पार्किंग, हरित पार्क और हेरिटेज फॉरेस्ट वाक-वे जैसी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए, मुख्य सचिव ने उनके रखरखाव और संचालन की व्यवहार्यता का उचित मूल्यांकन करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हरिद्वार-ऋषिकेश रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ऋषिकेश-देहरादून रेलवे लाइन की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं।

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हरिद्वार कॉरिडोर की परियोजनाएं और कुंभ मेला की तैयारी

CS आनन्द बर्द्धन ने हरिद्वार कॉरिडोर की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी कुंभ मेले को देखते हुए स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। CS आनन्द बर्द्धन ने हरिद्वार में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए उच्च तकनीक वाले इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना के लिए उचित स्थान की व्यवस्था करने के लिए कहा। साथ ही, CS आनन्द बर्द्धन ने मेला अधिकारी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सुझावों को इस परियोजना में शामिल करने की हिदायत दी। मुख्य सचिव ने हरिद्वार में घाटों के विस्तार, पार्किंग, रोपवे, और पैदल मार्गों के निर्माण सहित सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को भी समय पर लागू करने के लिए कहा।

शहरी विकास और कनेक्टिविटी पर फोकस

बैठक में ऋषिकेश में यातायात के अत्यधिक दबाव को देखते हुए, CS आनन्द बर्द्धन ने आईएसबीटी और चारधाम यात्रा पंजीकरण केंद्र को एक उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इस कार्य के लिए मंडलायुक्त, पुलिस, जिला प्रशासन, पर्यटन, परिवहन और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने को कहा गया। हरिद्वार में चंडीघाट पर सांस्कृतिक केंद्र और मल्टी मॉडल टूरिज्म के निर्माण जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

यूआईआईडीबी के अन्य विकास एजेंडे

मुख्य सचिव ने देहरादून में यमुना कॉलोनी के पुनर्विकास और नए ग्रीनफील्ड शहरों के विकास की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने यूआईआईडीबी द्वारा प्रस्तावित अन्य योजनाओं के लिए भी उचित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। इस बैठक में अधिकारियों ने यूआईआईडीबी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न स्तरों पर अधिकारों के विकेंद्रीकरण पर भी चर्चा की, जिससे भविष्य में विकास परियोजनाओं को और अधिक कुशलता से संचालित किया जा सके। इन प्रस्तावों को बोर्ड की आगामी बैठक में रखा जाएगा।

Himalaya Diwas: हिमालय के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून: Himalaya Diwas के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि हिमालय सिर्फ एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप का जीवन स्रोत है, और इसके संरक्षण में हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से हिमालय को हो रहे गंभीर खतरों पर चिंता व्यक्त की।

Himalaya हमारी जीवनरेखा और धरोहर

मुख्यमंत्री धामी ने हिमालय को बर्फीली चोटियों और नदियों का समूह मात्र मानने के बजाय, इसे सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप की जीवनधारा बताया। उन्होंने कहा कि हिमालय की नदियां करोड़ों लोगों की प्यास बुझाती हैं और यहां पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियां आयुर्वेद का आधार हैं। हिमालय अपनी जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बढ़ती आपदाएं और जलवायु परिवर्तन की चुनौती

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि जलवायु परिवर्तन और अंधाधुंध दोहन के कारण Himalaya खतरे में है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वर्षा की तीव्रता लगातार बढ़ रही है, जिससे क्लाउड बर्स्ट और भूस्खलन जैसी आपदाएं बार-बार हो रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित करना बेहद ज़रूरी है। इसी दिशा में, राज्य सरकार नवंबर में जलवायु परिवर्तन पर ‘विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन’ का आयोजन कर रही है।

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स्थायी संरक्षण के लिए सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए कई कदम उठा रही है। इन प्रयासों में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान और विभिन्न जनभागीदारी कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए शुरू किए गए “डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम” से 72 टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में सफलता मिली है।

सस्टेनेबल टूरिज्म और पारंपरिक ज्ञान का महत्व

मुख्यमंत्री ने अनियंत्रित पर्यटन को हिमालय के पर्यावरण के लिए हानिकारक बताया और ‘सस्टेनेबल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के पारंपरिक ज्ञान और जीवनशैली को पर्यावरण संरक्षण की नीतियों में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पानी बचाना, पेड़ लगाना और प्लास्टिक का कम उपयोग करना जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी Himalaya की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

जन जागरूकता और भविष्य की राह

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार ने हर साल 2 से 9 सितंबर तक ‘हिमालय जनजागरुकता सप्ताह’ मनाने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम में मौजूद पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने भी हिमालय में बढ़ती आपदाओं पर चिंता जताई और पर्यावरण को बचाने के लिए नई सोच अपनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से Himalaya की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी मानने का आह्वान किया।

Uttarakhand Education Department Recruitment: शिक्षा विभाग से आई बड़ी ख़बर, विद्यालयों में भरे जाएंगे 2364 रिक्त पद

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Uttarakhand Education Department Recruitment चतुर्थ श्रेणी के 2364 पदों पर शीघ्र भर्ती होगी जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इस संबंध में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे पद

राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के 2364 रिक्त पदों (मृत संवर्ग) को आउटसोर्स के पदों में बदलने की मंजूरी दे दी है। इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य शिक्षा संस्थानों में मानव संसाधन की कमी को दूर करना है, जिससे शिक्षण और प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से चल सकें।

कार्यालयों में भी होगी तैनाती

Education Department Recruitment के तहत, महानिदेशालय, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, एससीईआरटी और बोर्ड कार्यालय रामनगर सहित विभिन्न मंडलीय और जिला स्तरीय कार्यालयों में कुल 334 चतुर्थ श्रेणी के पदों को आउटसोर्सिंग में परिवर्तित किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि इन महत्वपूर्ण कार्यालयों में भी कर्मचारियों की कमी न हो।

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विद्यालयों में भी होगी भर्ती (Education Department Recruitment)

विद्यालयों में कर्मचारियों की तैनाती छात्रों की संख्या के आधार पर की जाएगी:

  • 1000 से अधिक छात्र वाले इंटर कॉलेज: यहां 2 परिचारक और 1 स्वच्छक/चौकीदार का पद आउटसोर्सिंग के तहत स्वीकृत किया गया है।
  • 500 से 1000 छात्र वाले इंटर कॉलेज: इन विद्यालयों में 1 परिचारक और 1 चौकीदार का पद स्वीकृत किया गया है।
  • 500 से कम छात्र वाले इंटर कॉलेज और हाईस्कूल: इन विद्यालयों में 1-1 चौकीदार के पद पर भर्ती होगी।
  • नवीन उच्चीकृत विद्यालय: जिन विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित नहीं हैं, वहां भी 1 चौकीदार का पद आउटसोर्स के तहत भरा जाएगा।

इस प्रकार, राजकीय विद्यालयों में कुल 2023 पदों को आउटसोर्सिंग के लिए मंजूरी दी गई है।

Education Department Recruitment: मानदेय और आरक्षण नियम

डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त किए जाने वाले इन कर्मचारियों को प्रतिमाह 15,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही, भर्ती में राज्य में प्रचलित आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा मौका

शिक्षा मंत्री के अनुसार, Education Department Recruitment में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे न केवल शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरा जा सकेगा, बल्कि राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यह पहल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

DM Prateek Jain ने IMCT को सौंपा 1850 करोड़ का प्रस्ताव, आपदा राहत पैकेज पर फैसला जल्द

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रुद्रप्रयाग: DM Prateek Jain की मौजूदगी में केंद्र सरकार द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम (IMCT) ने हाल ही में रुद्रप्रयाग जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य आपदा से हुए नुकसान का आकलन करना और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करना है। इस दौरे के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके बाद प्रभावितों के लिए राहत पैकेज और पुनर्निर्माण की योजना बनाई जाएगी।

केंद्रीय टीम का दौरा और आकलन

टीम का नेतृत्व भारत सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. आर. प्रसन्ना ने किया। टीम ने सबसे पहले जिला कार्यालय सभागार में DM Prateek Jain से मुलाकात की, जिन्होंने आपदा में हुई जनहानि और परिसंपत्तियों के नुकसान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद, टीम ने बेसुकेदार तहसील के तहत आने वाले बड़ेथ, छैनागाड़, तालजमण, बगड़तोक, जौला, डुंगर भटवाड़ी और स्यूर जैसे आपदाग्रस्त इलाकों का सड़क और हवाई मार्ग से गहन निरीक्षण किया। टीम ने क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, सार्वजनिक भवनों और बिजली-पानी की लाइनों का जायजा लिया, साथ ही कृषि, फसलों और पशुधन को हुए नुकसान का भी आकलन किया।

स्थानीय लोगों से संवाद और उनकी मांगें

बड़ेथ गांव में, टीम ने स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की। ग्रामीणों ने अपने मकानों, फसलों और व्यवसायों को हुए नुकसान की जानकारी दी और टीम से तत्काल सहायता की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में हेलीपैड का निर्माण, पुनर्वास, भूगर्भीय सर्वेक्षण, रोजगार के अवसर, और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता शामिल थी। ग्रामीणों ने आपदा के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की।

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DM Prateek Jain ने दिए आश्वासन

DM Prateek Jain ने टीम को बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि बड़ेथ के पास हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए एक मिनी स्टेडियम विकसित किया जाएगा। DM Prateek Jain ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुआवजे की राशि ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है, और मुआवजे का वितरण लगातार जारी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में फिर से क्षति का आकलन करने और भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए।

राहत और पुनर्निर्माण की राह

टीम के नेता डॉ. आर. प्रसन्ना ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य वास्तविक नुकसान का आकलन करना है ताकि केंद्र सरकार को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर जल्द से जल्द सहायता और पुनर्निर्माण की योजना बनाई जा सके। उन्होंने बताया कि टीम अपनी रिपोर्ट में प्रभावितों के लिए ठोस सिफारिशें देगी, जिसमें पुनर्वास, बुनियादी ढांचे की बहाली और दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय शामिल होंगे। यह दौरा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक प्रयास है, जिसका लक्ष्य आपदा के बाद जनजीवन को सामान्य बनाना है।

प्रस्तावित सहायता राशि

DM Prateek Jain ने बताया कि उन्होंने मानसून में हुई आपदा से हुई क्षति और पुनर्वास कार्यों के लिए समिति के समक्ष ₹1850 करोड़ का प्रस्ताव रखा है। यह धनराशि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनकी आजीविका को फिर से स्थापित करने में मदद करेगी। टीम की रिपोर्ट और केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय के बाद राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी, जिससे प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत मिल सकेगी।

देहरादून: BJP नेता के फ्लैट पर पुलिस का छापा, 11 लोगों का हुआ मेडिकल टेस्ट, जानिये पूरा मामला

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देहरादून के राजपुर इलाके में पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक BJP नेता के फ्लैट पर देर रात छापा मारा। यह कार्रवाई बिना अनुमति के आधी रात तक पार्टी चलने की सूचना पर की गई थी। पुलिस को यह भी शक था कि पार्टी में मादक पदार्थों का इस्तेमाल हो रहा था।

BJP नेता के फ्लैट वाली पार्टी में 11 लोग, हुई मेडिकल जांच

छापे के दौरान फ्लैट पर कुल 11 लोग मौजूद थे। पुलिस ने सभी का मेडिकल टेस्ट कराया ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने ड्रग्स का सेवन किया है या नहीं। हालांकि, मेडिकल जांच में किसी भी व्यक्ति में ड्रग्स के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई।

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पुलिस ने की चालान की कार्रवाई

ड्रग्स की पुष्टि न होने के बावजूद, पुलिस ने इलाके की शांति भंग करने के आरोप में सभी 11 लोगों का पुलिस एक्ट के तहत चालान किया। यह कार्रवाई देर रात तक बिना अनुमति पार्टी करने पर की गई।

होमस्टे था BJP नेता का फ्लैट

पुलिस के अनुसार, यह फ्लैट BJP महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल का है, और इसे होमस्टे के रूप में चलाया जा रहा था। इस फ्लैट को एक ग्रुप ने पार्टी के लिए बुक किया था। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वीकेंड पर देर रात तक बिना अनुमति के पार्टी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने सभी होमस्टे, क्लब और गेस्ट हाउस को पहले ही चेतावनी दी थी कि वे बिना अनुमति के देर रात तक कोई कार्यक्रम आयोजित न करें।

देर रात की पार्टियों और हुड़दंग पर लगाम

देहरादून के एसएसपी ने वीकेंड पर होने वाली देर रात की पार्टियों और हुड़दंग को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने और उत्पात मचाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।

आकस्मिक जाँच और कार्रवाई

एसएसपी ने एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) और पुलिस थानों की टीमों को खास तौर पर अलर्ट रहने को कहा है। इन टीमों को बिना अनुमति देर रात तक चलने वाली पार्टियों और कार्यक्रमों की अचानक जाँच करने और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।