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देहरादूनः Congress ने किया राजभवन घेराव, बदहाल कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

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देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में आज Congress पार्टी ने देहरादून में राजभवन घेराव किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता ने भाग लिया। उन्होंने सरकार की नाकामी के खिलाफ अपना गुस्सा और आक्रोश प्रकट किया।

Congress नेताओं का आरोप- जनता में भय का माहौल

Congress नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की जनता लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा आज सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है, लेकिन सरकार अपराध रोकने और जनता को सुरक्षा देने में पूरी तरह से नाकाम रही है। कांग्रेस का मानना ​​है कि वर्तमान सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

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जनआवाज़ को बुलंद करने का मकसद

Congress पार्टी ने इस आंदोलन का आयोजन “जनआवाज़ को बुलंद करने” और “शासन-प्रशासन को जगाने” के उद्देश्य से किया। नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन सरकार की विफलताओं के खिलाफ जनता की भावनाओं को दर्शाता है। राजभवन घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपराधों पर तत्काल लगाम लगाने की मांग की।

Congress का आरोप, सरकार पूरी तरह विफल

कांग्रेस के अनुसार, राज्य में बढ़ते अपराधों के पीछे सरकार की ढिलाई और उदासीनता मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को सुरक्षा देने में विफल रही है और इससे लोगों में असुरक्षा का भाव बढ़ रहा है। पार्टी ने मांग की है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान दे और राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल करे। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह साफ कर दिया कि जनता भी इस मुद्दे पर सरकार से नाराज़ है।

नशे पर ‘प्रहार’ की तैयारी: CM Dhami ने कहा- दोषियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई

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उत्तराखंड के CM Dhami ने ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ अभियान को बड़े स्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में सख्त कदम उठाने के लिए कहा है।

ड्रग्स के खिलाफ सख्त कदम

CM Dhami ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल दोषियों पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक मजबूत बनाने का निर्देश दिया, जिसके लिए जरूरत पड़ने पर नए पदों के सृजन की भी बात कही गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ – 1933 का भी व्यापक प्रचार करने के लिए कहा गया, ताकि लोग आसानी से शिकायतें दर्ज करा सकें।

अंतर-विभागीय सहयोग और जागरूकता

CM Dhami ने निर्देश दिया कि पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण जैसे विभाग मिलकर काम करें। उन्होंने कार्यशालाएँ आयोजित करने और ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने का भी आदेश दिया। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर विशेष जोर दिया गया।

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पहाड़ों में नशे की घुसपैठ रोकने की तैयारी, सीएम ने बढ़ाई सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता

CM Dhami ने राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के लिए कहा ताकि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई को रोका जा सके। उन्होंने पुलिस को रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने पर भी जोर

नशे के खिलाफ अभियान के अलावा, CM Dhami ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने अधिकारियों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। शहरी विकास विभाग को इस अभियान के लिए नोडल विभाग बनाया गया।

कुल मिलाकर, बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून व्यवस्था और नशीले पदार्थों पर लगाम लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने के लिए भी पहल करने की बात कही।

CM Dhami ने किया थराली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, ग्रामीणों को हरसंभव मदद का आश्वासन

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CM Dhami ने रविवार को थराली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान, उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

CM Dhami को ग्रामीणों ने अपनी दिक्कतें बताईं

निरीक्षण के दौरान, थराली के आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि ऊपरी गांवों तक जाने वाले रास्ते को जल्द से जल्द खुलवाया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि रास्ता बंद होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

युद्धस्तर पर जारी है सड़क खोलने का काम -CM Dhami

ग्रामीणों की समस्या सुनकर CM Dhami ने उन्हें तुरंत आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि बंद रास्तों को खोलने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित हो जाएगा, वह स्वयं ग्रामीणों के साथ वहां जाकर हालात का जायजा लेंगे।CM Dhami ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है कि प्रभावित गांवों तक राहत और सहायता समय पर पहुंचे।

CM Dhami कर रहे हैं खुद मॉनिटरिंग का काम

मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान अपने पिछले अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि धराली आपदा के समय भी वह लगातार तीन दिनों तक प्रभावित क्षेत्र में डटे रहे थे और हर राहत व बचाव कार्य की खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पीड़ित परिवार को कोई परेशानी न हो और उन्हें जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिले।

सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ- CM Dhami

CM Dhami ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री और सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहे हैं।

School Holiday: देखिये भारी बारिश की चेतावनी का आदेश, जानिए 25 अगस्त को कहां बंद रहेंगे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र!

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उत्तराखंड: मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी भारी से बहुत भारी वर्षा के पूर्वानुमान के मद्देनजर, School Holiday का आदेश जारी किया गया है आपको बता दें यह आदेश बागेश्वर, चमोली तथा उत्तरकाशी जिले के लिए आया है जहां 25 अगस्त, सोमवार को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश जिला प्रशासन द्वारा छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है।

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जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्र सोमवार को बंद रहेंगे। प्रशासन ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। भारी बारिश से भूस्खलन और जलजमाव जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जिसके कारण यह निर्णय लिया गया है।

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मुख्य बातें:

  • अवकाश की तिथि: 25 अगस्त, सोमवार
  • प्रभावित क्षेत्र: बागेश्वर जिला
  • बंद रहने वाले संस्थान: सभी आंगनबाड़ी केंद्र और कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल
  • कारण: मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान

चमोली में भारी बारिश की चेतावनी, 25 अगस्त को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

गोपेश्वर, उत्तराखंड: देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अगस्त को उत्तराखंड राज्य के अन्य जिलों के साथ-साथ चमोली जिले में भी भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इस चेतावनी को देखते हुए, जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

जिला मजिस्ट्रेट/अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सोमवार, 25 अगस्त को चमोली जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, और निजी स्कूल (कक्षा 1 से 12 तक) और सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

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उत्तरकाशी में भारी बारिश की चेतावनी, 25 अगस्त को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

उत्तरकाशी जिले में भी 25 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इस चेतावनी को देखते हुए, जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य अधिकारी/अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सोमवार, 25 अगस्त को उत्तरकाशी जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूल (कक्षा 1 से 12 तक) और सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। यह निर्णय संभावित प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन, सड़क मार्गों के अवरुद्ध होने और नदियों-नालों के उफान पर आने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। देखें आदेश-

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CM Pushkar singh dhami ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों के लिए घोषित की मुआवजा राशि, दिए ये निर्देश…

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CM Pushkar singh dhami ने चमोली जिले के थराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के संबंध में देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य थराली में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की गहन समीक्षा करना था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद त्वरित और प्रभावी ढंग से मिले।

CM Pushkar singh dhami ने घोषित की तत्काल सहायता और मुआवज़ा राशि

आपदा से प्रभावित परिवारों की दुर्दशा को देखते हुए, CM Pushkar singh dhami ने तत्काल सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि थराली और अन्य आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जिन परिवारों के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है। इसके अतिरिक्त, आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को भी ₹5 लाख का मुआवज़ा तत्काल प्रभाव से जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

बचाव कार्यों में तेजी और पारदर्शिता

बैठक के दौरान, CM Pushkar singh dhami ने अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी और संवेदनशीलता के साथ चलाए जाएं। उनका स्पष्ट निर्देश था कि प्रभावित परिवारों को त्वरित और समुचित सहायता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने स्यानाचट्टी से पानी की निकासी को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया, ताकि स्थिति और खराब न हो।

समग्र समीक्षा और आगे की राह

CM Pushkar singh dhami की यह बैठक केवल एक समीक्षा बैठक नहीं थी, बल्कि यह आपदा प्रबंधन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए काम करने की सलाह दी और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।

Uttarakhand Weather: अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी!

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Uttarakhand Weather: मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए अगले पाँच दिनों, यानी 23 अगस्त से 27 अगस्त 2025 तक, भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान, राज्य के कई जिलों में गरज, चमक के साथ बिजली गिरने और तेज से बहुत तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

Uttarakhand Weather: किन जिलों पर है विशेष खतरा?

मौसम विभाग के अनुसार, यह चेतावनी विशेष रूप से नौ जिलों के लिए है, जिनमें देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इन जिलों के निवासियों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदियों का जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

Uttarakhand Weather : क्यों जारी की गई यह चेतावनी?

Uttarakhand Weather: मानसून के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण, उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि में पहाड़ी ढलानों पर पानी का जमाव, नदियों और नालों का उफान पर आना और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इस Uttarakhand Weather की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन टीमें तैयार रखी हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना से तुरंत निपटा जा सके।

सुरक्षा के लिए क्या करें?

नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में। इसके अलावा-

  • नदियों और नालों से दूरी बनाए रखें: भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
  • कमजोर इमारतों से दूर रहें: पुरानी या कमजोर इमारतों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
  • बिजली के तारों से सावधान रहें: बिजली गिरने और हवा चलने से तारों के टूटने का खतरा होता है।
  • आपातकालीन संपर्क नंबर रखें: किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के संपर्क नंबर अपने पास रखें।

सरकार और प्रशासन की तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और राहत शिविर भी स्थापित किए जा रहे हैं।

पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और केवल सुरक्षित रास्तों का ही उपयोग करें।

CM Pushkar Singh dhami ने थराली आपदा पर जनप्रतिनिधियों से ली जानकारी, युवती के निधन पर गहरा दुःख जताया

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CM Pushkar Singh dhami ने चमोली जनपद के जनप्रतिनिधियों से टेलीफोन पर वार्ता कर बादल फटने से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आपदा पर गहरा दुःख जताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने स्थानीय विधायक से वार्ता कर उनसे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यो का भौतिक निरीक्षण करने की अपेक्षी की है.

CM Pushkar Singh dhami ने चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने के कारण मलबे में दबने से एक युवती के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना पर उनके सुरक्षित व सकुशल होने की कामना की है। इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य में जुट गई हैं।

बता दें कि थराली तहसील क्षेत्र के टूनरी गदेरे में शुक्रवार देर रात बादल फटने से थराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने से एसडीएम आवास सहित कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानों में मलबा भर गया। कई वाहन भी मलबे में दब गए।

सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं एसडीआरएफ और एनडीआरफ की टीम आपदा क्षेत्र के लिए रवाना हो गई है। कर्णप्रयाग ग्वालदम सड़क को भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे सुचारू करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

तो वहीं चमोली जिले के थराली में हुई बादल फटने की घटना के बाद से जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से जानकारी ली। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं तथा हरमनी के पास मार्ग सुचारु कर दिया गया है।

भारी बारिश को देखते हुए आज थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

Tharali Rescue Update: थराली में पुलिस का रेस्क्यू अभियान जारी, दुर्गम रास्तों से राहत टीमें रवाना

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Tharali Rescue Update – चमोली जिले के थराली क्षेत्र में बीती रात हुई अतिवृष्टि और बादल फटने जैसी घटना के बाद स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुट गई हैं. इस आपदा में कई गाँव और रिहायशी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जान-माल के बड़े नुकसान को रोकने में मदद मिली है. हालांकि, जगह-जगह अवरुद्ध हुए रास्तों के कारण बचाव दलों को मौके पर पहुंचने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

Tharali Rescue Update: पुलिस का त्वरित एक्शन और ग्रामीणों को सुरक्षित निकालना

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जैसे ही थराली क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिली, थाना थराली की पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. ( Tharali Rescue Update) रात के अंधेरे और मूसलाधार बारिश के बावजूद पुलिसकर्मी प्रभावित इलाकों में पहुंचे और वहां फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. पुलिस दल ने सबसे पहले उन घरों और इलाकों का निरीक्षण किया, जहाँ मलबा और पानी घुस गया था.

Tharali Rescue Update: पुलिस अधीक्षक स्वयं कर रहे हैं निगरानी

आपदा की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक चमोली सर्वेश पंवार ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है. वे लगातार घटनास्थल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने चमोली पुलिस टीम को निर्देशित किया है कि वे पूरी सावधानी और तत्परता के साथ काम करें और किसी भी कीमत पर लोगों की जान बचाना प्राथमिकता हो. एसपी पंवार ने बताया कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद, पुलिसकर्मी हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति फंसा न रह जाए. उनकी सीधी निगरानी से बचाव कार्य को सही दिशा मिल रही है और यह अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है.

Tharali Rescue Update

Tharali Rescue Update

मार्ग अवरुद्ध होने से बढ़ीं मुश्किलें

बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती सड़कों का अवरुद्ध होना है. बादल फटने से आए मलबे और पत्थरों ने कई प्रमुख मार्गों को बंद कर दिया है, जिससे एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर पहुंचने में खासी कठिनाई हो रही है. दोनों टीमें अतिरिक्त उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों के साथ मौके के लिए रवाना हो चुकी हैं, लेकिन रास्ते में जगह-जगह भूस्खलन होने से उनकी आवाजाही धीमी हो गई है. स्थानीय प्रशासन जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से रास्तों को खोलने का प्रयास कर रहा है, ताकि राहत दल जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच सकें और बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू कर सकें.

Tharali Rescue Update: प्रशासन और सरकार का सहयोग

राज्य सरकार ने इस आपदा का संज्ञान लिया है और प्रशासन को हर संभव मदद का निर्देश दिया है. जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य सरकारी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भी भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. यह आपदा एक बार फिर उत्तराखंड में प्रकृति के प्रकोप को दिखाती है, जहाँ ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं. हालांकि, पुलिस और राहत दलों के त्वरित प्रयासों ने इस संकट की घड़ी में बड़ी राहत प्रदान की है.

Tharali Cloudburst: थराली में देर रात फटा बादल, घरों में घुसा मलबा

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Tharali Cloudburst: उत्तराखंड में प्रकृति का रौद्र रूप एक बार फिर देखने को मिला है. चमोली जिले की थराली तहसील में बीती रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है. इस आपदा में तहसील परिसर और कई रिहायशी मकानों में मलबा और पानी घुस गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस घटना ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है.

Tharali Cloudburst: कैसे हुआ हादसा?

यह भयावह घटना शुक्रवार देर रात लगभग 1:00 बजे की है. थराली तहसील के ऊपर के पर्वतीय क्षेत्र में अचानक बादल फट गया, जिसके बाद तेज गर्जना के साथ पानी का सैलाब और मलबा सीधे नीचे की ओर बहने लगा. इसकी चपेट में सबसे पहले थराली तहसील मुख्यालय का परिसर आया. पानी और मलबे का वेग इतना तीव्र था कि वह सीधे तहसील भवन में घुस गया. इसके साथ ही, आस-पास के आवासीय इलाकों में भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां कई घरों में मलबा घुसने से भारी नुकसान हुआ है.

Tharali Cloudburst: तहसील परिसर में तबाही का मंजर

आपदा के समय का मंजर दिल दहला देने वाला था. तहसील परिसर में खड़ी कई गाड़ियाँ मलबे में दब गईं और उनमें से कुछ तो बह भी गईं. तहसील के अंदर रखा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज भी पानी और मलबे की चपेट में आ गए. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कुछ रिकॉर्ड पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, जबकि कई बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं. तहसील में तैनात कर्मचारी और अधिकारी किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे.

Tharali Cloudburst: ग्रामीणों की आपबीती

इस घटना से सबसे ज्यादा प्रभावित थराली के ग्रामीण हुए हैं. रात के अंधेरे में अचानक आई इस आपदा से लोग सहम गए. स्थानीय निवासियों ने बताया, “रात में जब हम सो रहे थे, तभी अचानक जोर की गर्जना सुनाई दी. उसके बाद पानी और पत्थर हमारे घर में घुसने लगे. हम आनन-फानन में बच्चों को लेकर घर से बाहर भागे. सब कुछ मिनटों में तबाह हो गया.” एक अन्य ग्रामीण निर्मला देवी ने बताया कि उनके घर का पूरा सामान मलबे से भर गया है और अब रहने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है.

Tharali Cloudburst के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू

सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची. रात के अंधेरे और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन सुबह होते ही राहत और बचाव कार्य ने जोर पकड़ा. SDRF की टीमें मलबे में दबी गाड़ियों और सामान को निकालने का प्रयास कर रही हैं. वहीं, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है और उनके लिए भोजन व आश्रय की व्यवस्था की जा रही है. जिला प्रशासन ने प्रभावितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.

सीएम धामी ने दुःख जताया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं. सीएम धामी ने चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने के कारण मलबे में दबने से एक युवती के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना पर उनके सुरक्षित व सकुशल होने की कामना की है। इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य में जुट गई हैं

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड में बादल फटने की घटना हुई है. पिछले कुछ वर्षों में, मानसून के दौरान ऐसे हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञ इसके लिए जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. पहाड़ों पर हो रहे अंधाधुंध निर्माण, वनों की कटाई और प्राकृतिक जल स्रोतों में अवरोध के कारण इस तरह की आपदाएं और भी विनाशकारी हो रही हैं. यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर चलने की जरूरत है, वरना परिणाम और भी भयावह हो सकते हैं.

अचानक बैठी धामी कैबिनेट, ले लिए ये बड़े फैसले, पढ़िए यहां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गैरसैंण के भराणीसैंण में कैबिनेट बैठक बुला ली। इस बैठक में धामी कैबिनेट ने कई प्रस्तावों को मंजूर कर लिया है।

नौकरी के लिए बनेंगी अलग – अलग नीतियां

धामी कैबिनेट ने तय किया है कि महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के रोजगार के साधन बढ़ाने, कौशल विकास, सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी प्रदान करने के लिए तीनों वर्गों के लिए अलग – अलग नीति बनाई जाएगी।

 प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी जैसे सरकारी सेवा, नीट, नर्सिंग, विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आदि के क्षेत्र में प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। बृहद स्तर पर युवा महोत्सव और रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्कूल आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अल्पकालिक, माध्यकालिक और दीर्घकालिक योजना के तहत कार्य किए जाएंगे।

लागू होगी स्वैच्छित चकबंदी योजना

धामी कैबिनेट ने तय किया है कि युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी के लिए हर ब्लॉक में प्रारंभिक चरण में 200 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं राज्य में अब स्वैच्छिक चकबंदी योजना जल्द शुरू की जाएगी। राज्य के स्थानीय उत्पादों फल, सब्जी, दूध की खरीद के लिए कृषि विभाग और आईटीबीपी के बीच mou किया गया है। इसी तरह एसएसबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी mou किया जाएगा, जिससे राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका भी बढ़ेगी। निजी क्षेत्रों में भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से मार्केट लिंकेज की व्यवस्था की जाएगी।

भूतपूर्व सैनिकों राज्य में उपनल के माध्यम से कार्य करते हैं, उनको रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा और विभिन्न संस्थानों में उनकी योग्यता पर आधारित सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किए जाएंगे।

पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 को भी किया मंजूर

 धामी कैबिनेट ने उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 को मंजूरी दी है। सचिव गृह शैलेश बगोली ने बताया कि उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता योजना, 2013 (यथासंशोधित 2014 एवं 2016) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-357 (क) के अधीन अधिसूचित की गयी थी। मा० पोक्सो न्यायालयों द्वारा “लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012” (POCSO Act) के अंतर्गत पीड़ितों को क्षतिपूर्ति भुगतान हेतु आदेश पारित किये जाते रहे हैं, किन्तु वर्तमान योजना में पोक्सो पीड़ितों हेतु कोई स्पष्ट प्रावधान न होने के कारण विभाग को व्यावहारिक कठिनाई का सामना करना पड़ता रहा।

इसी मुश्किल के निराकरण और मा० न्यायालय के आदेशों के अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से योजना में संशोधन कर “उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025” अधिसूचित की जा रही है। इस संशोधन के अन्तर्गत पोक्सो पीड़ितों के लिए न्यूनतम एवं अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित करते हुए नए प्रावधान अनुसूची-2 के रूप में सम्मिलित किये गये हैं। इसके माध्यम से पीड़ितों को समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध करायी जा सकेगी।

‘साक्षी संरक्षण योजना, 2025’ पर भी लगी मुहर

धामी कैबिनेट ने न्याय व्यवस्था को सशक्त एवं निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य सरकार ने ‘उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025’ को मंजूरी प्रदान कर दी है, जो साक्षियों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित करेगी।

इस योजना का उद्देश्य साक्षियों को किसी भी प्रकार के भय, दबाव अथवा प्रतिशोध से मुक्त रखकर उन्हें न्यायालय के समक्ष स्वतंत्रतापूर्वक एवं सत्यनिष्ठा से गवाही देने हेतु सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

योजना के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, सम्पर्क विवरण में बदलाव, भौतिक सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता जैसी सुरक्षा उपायों का प्रावधान किया गया है। सभी निर्णयों में गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

इसके लिए राज्य साक्षी संरक्षण समिति गठित की गई है, जिसमें न्यायपालिका, पुलिस एवं जनपद स्तर के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हैं। यह समिति साक्षियों की सुरक्षा आवश्यकता का आकलन कर समयबद्ध रूप से उपयुक्त संरक्षण उपाय सुनिश्चित करती है।

‘उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025’ के माध्यम से राज्य सरकार यह दृढ़ संदेश देती है कि न्याय की प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह पहल पारदर्शिता, न्याय एवं विधि के शासन के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।