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Baba Ramdev ने फिर अपनी फिटनेस से चौंकाया, घोड़े के साथ दौड़ते दिखे योग गुरु

Baba Ramdev: योग गुरू बाबा रामदेव अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर कितने सतर्क रहते हैं, वो हम सब जानते हैं. इस बीच बाबा रामदेव के अनोखे अंदाज ने सबको चौंका दिया है। बाबा रामदेव का घोड़े के साथ दौड़ लगाने का वीडियो वायरल हो रहा है.

योग गुरु Baba Ramdev हमेशा कुछ न कुछ ऐसा करते हैं, जो चर्चा का विषय बन जाता है. कभी अपने बयानों से तो कभी अपने कारनामों से अक्सर लोगों को अचंभित कर देते हैं. इस बार भी बाबा रामदेव अपनी दौड़ की वजह से सुर्खियों में हैं. दरअसल, बाबा रामदेव का एक वीडियो सामने आया है. इसमें बाबा रामदेव दौड़ में तेज हवाओं से बातें करते नजर आ रहे हैं. इतना ही नहीं बाबा रामदेव रेस में घोड़े के साथ मुकाबला करते दिख रहे हैं.

Baba Ramdev ने पतंजलि के उत्पादों के प्रचार के लिए लगाई दौड़

पतंजलि योगपीठ परिसर में बाबा रामदेव घोड़े की चाल से ऐसा दौड़े कि लोग अचंभे में पड़ गए. इसके जरिए बाबा रामदेव ने पतंजलि के उत्पादों का प्रचार किया. जिसमें उन्होंने कहा कि उनका उत्पाद ‘घोड़े की तरह तेज दौड़ने की ताकत’ देता है. बता दें कि इससे पहले भी बाबा रामदेव का एक वीडियो सामने आया था. उसमें बाबा रामदेव गधी का दूध पीते हुए नजर आए थे, जिसके उन्होंने फायदे भी गिनाए थे.

दरअसल Baba Ramdev ने अपने X एकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में वो एक घोड़े के साथ रेस लगाते नजर आ रहे हैं. बाबा रामदेव इतनी तेज दौड़ लगा रहे हैं जैसे वो हवा से बातें कर रहे हैं. 59 की उम्र में ऐसी दौड़ लगाकर उन्होंने सबको अचंभित कर दिया है. हैरानी की बात है कि रेस में वो घोड़े से आगे निकल जाते हैं. बाबा रामदेव के इस वीडियो पर लोगों जमकर कमेंट कर रहे हैं और उनकी फिटनेस की तारीफ भी कर रहे हैं.

Holi 2025: होली पर लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण! क्या सूतक काल में खेल सकते हैं रंग-गुलाल?

Holi 2025: होली यानि रंगों का त्योहार. यह फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन मनाया जाता है, जिसकी पूर्व संध्या पर होलिका दहन किया जाता है. इस साल, यानी 2025 में, होली का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि इस दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन ही होता है, और इस बार यह होली की सुबह ही लग रहा है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या इस ग्रहण के कारण होली के रंग में भंग पड़ेगा? क्या ग्रहण के समय व्याप्त निषेध के कारण रंगों का उत्सव प्रभावित होगा? इन सवालों के जवाब इस आर्टिकल में जानेंगे.

कब है Holi 2025?

इस साल रंगों का त्योहार होली 14 मार्च, शुक्रवार को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगी. होलिका दहन 13 मार्च की रात को किया जाएगा, जिसके बाद अगले दिन होली मनाई जाएगी. हालांकि, इस बार होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा.

क्या Holi 2025 पर होगा चंद्र ग्रहण का साया?

अच्छी खबर यह है कि साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए, यहां पर न तो चंद्र ग्रहण का कोई दुष्प्रभाव होगा और न ही इसका कोई सूतक काल मान्य होगा. इसका मतलब है कि होली के त्योहार पर चंद्र ग्रहण का कोई साया नहीं होगा. आप 14 मार्च को हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मना सकते हैं और अपनों के साथ रंग और गुलाल खेल सकते हैं.

Holi 2025 पर कब लग रहा है पहला चंद्र ग्रहण?

साल का पहला चंद्र ग्रहण होली के दिन, 14 मार्च को लगेगा. ग्रहण का प्रारंभ सुबह 09:29 बजे से होगा और इसका समापन दोपहर 03:29 बजे होगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाएगा, जिसके दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है.

Holi 2025 पर होगा पूर्णिमा का स्नान-दान

14 मार्च को होली के दिन फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान और दान भी किया जाएगा, जबकि 13 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा. जो लोग व्रत रखेंगे, वे 13 मार्च को चंद्रमा को अर्घ्य देंगे और अगली सुबह स्नान-दान करेंगे. पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा करें और कथा सुनें. फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान करने के बाद दान दें और पितरों के लिए तर्पण आदि करें.

Uttarakhand Budget 2025: डिजिटल हुई उत्तराखंड की विधानसभा, जानिए अब क्या बदल जाएगा!

Uttarakhand Budget 2025: देहरादून से एक खबर सामने आई है. जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ई-विधानसभा एप्लीकेशन का शुभारंभ किया है. यानि अब विधानसभा की कार्यवाही कागज रहित होगी. ई-विधानसभा एप्लिकेशन के जरिए विधानसभा की कार्यवाही अब डिजिटल रूप से संचालित होगी, जिससे कागज की बचत होगी और कार्य प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी.

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने Uttarakhand Budget session में विधानसभा के उपवेशन के लिए ई-विधानसभा एप्लीकेशन का शुभारंभ किया. इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भी मौजूद रही. उल्लेखनीय है कि अब से विधानसभा की कार्यवाही कागज रहित होगी– ई-विधानसभा एप्लिकेशन के जरिए विधानसभा की कार्यवाही अब डिजिटल रूप से संचालित होगी, जिससे कागज की बचत होगी और कार्य प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी.

Uttarakhand Budget 2025: विधायकों को मिलेगी ऑनलाइन सुविधा

विधायकों को ऑनलाइन सुविधा मिलेगी और विधायक अब प्रश्न, प्रस्ताव, नोटिस और अन्य दस्तावेज ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा में वृद्धि होगी. पारदर्शिता और दक्षता में सुधार होगा और डिजिटल प्रणाली से विधानसभा की सभी प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी और पारदर्शी होंगी जिससे निर्णय लेने में तेजी आएगी और जनता को सही जानकारी मिल सकेगी. 

Digital And Paper Less Assembly से बदल जाएगा ये सब

उत्तराखण्ड में विधानसभा के कार्यों को डिजिटल और पेपरलेस बनाने के लिए ई-विधानसभा प्रणाली अपनाई गई है. इसके माध्यम से विधायकों को कार्यसूची, विधानसभा में पूछे गये प्रश्नों के जवाब और अन्य दस्तावेज अब ऑनलाइन उपलब्ध कराये जायेंगे. इसके तहत विधानसभा में विधायकों की टेबल पर टैबलेट लगाए गए हैं, और सभी दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही भी अधिक दक्षता से संपन्न होगी.

UTTARAKHAND BUDGET SESSION 2025: विधानसभा गेट के सामने प्रदर्शन करने पर पूर्व विधायक भीमलाल आर्य समर्थकों के साथ गिरफ्तार

UTTARAKHAND BUDGET SESSION: विधानसभा सत्र के पहले ही दिन भू-कानून को लेकर माहौल गरमा गया. दरअसल घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य विधानसभा गेट पहुंचे और उत्तराखंड में सख्त भू-कानून की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे. इस बीच पुलिस ने उन्हें एक समर्थक के साथ में हिरासत में ले लिया.

UTTARAKHAND BUDGET SESSION: सुरक्षा कर्मियों के पसीने छूटे

मंगलवार से शुरू हुए बजट सत्र के पहले दिन पूर्व विधायक भीमलाल आर्य अचानक सभी बैरिकेटिंग पार कर विधानसभा के गेट पर पहुंच गए जहां पर उन्होंने भू कानून को लेकर नारेबाजी की जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों के पसीने छूट गए.

भू-कानून को लेकर सियासत गर्माई

UTTARAKHAND BUDGET SESSION में भू-कानून को लेकर चल रही चर्चा पर सियासत गर्मा गई है. इसका असर विधानसभा सत्र के पहले दिन देखने को मिला, जहां पर घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य अचानक विधानसभा के गेट पर पहुंच गए. उनके साथ एक और समर्थक ने विधानसभा के मुख्य गेट पर पहुंचकर भू-कानून को लेकर नारेबाजी की.

UTTARAKHAND BUDGET SESSION के दौरान अचानक सभी बैरिकेटिंग पार करके विधानसभा के मुख्य गेट पर पहुंचे भीमलाल आर्य के हंगामे के बाद सुरक्षा कर्मियों के हाथ पांव फूल गए. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पूर्व विधायक भीमलाल आर्य और उनके साथ मौजूद एक और समर्थक को रोकने की कोशिश की. लेकिन उसके बावजूद भी लगातार भीमलाल आर्य और उनके समर्थक नारेबाजी करते रहे. इसके बाद पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें जबरन पड़कर पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया गया.

उत्तराखंड में भू-कानून लगातार ज्वलंत विषय बनता जा रहा है. लंबे समय से उत्तराखंड के युवा भू-कानून को लेकर मांग उठा रहे हैं. विपक्ष की तरफ से भी लगातार सख्त भू-कानून की मांग की जा रही है. हालांकि आज पहला दिन विधानसभा के भीतर राज्यपाल के अधिवेशन का था. लेकिन दूसरे दिन से शुरू होने वाले प्रश्न काल में देखना होगा कि विपक्ष किस तरह से भू-कानून का मुद्दा सदन में उठाता है.

ज्ञानेश कुमार बने देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त, पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने चुना

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देश को नया मुख्य चुनाव आयुक्त मिल गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सोमवार, 17 फरवरी को नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के चयन के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की. इस समिति में पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे.

इस बैठक के बाद केरल कैडर के पूर्व IAS अफसर ज्ञानेश कुमार को नया मुख्य चुनाव आयुक्त चुना गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले पैनल ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी. दरअसल, वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार मंगलवार, 18 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उनके बाद सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, ऐसे में पहले से ही उनके CEC बनाए जाने की संभावना थी.

कौन हैं ज्ञानेश कुमार?

ज्ञानेश कुमार 1988-बैच के IAS अधिकारी हैं. वे 31 जनवरी 2024 को रिटायर हुए थे. ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के अधिकारी हैं. उन्होंने संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के रूप में काम किया है. इसके अलावा वे केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय में भी वे सचिव रहे हैं.  टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार ने गृह मंत्रालय में रहते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के बनने में अहम भूमिका निभाई थी. जब आर्टिकल 370 हटाया गया था, तब वे गृह मंत्रालय में जम्मू कश्मीर डेस्क के इंचार्ज थे.

राहुल गांधी और कांग्रेस की आपत्ति

चयन समिति में शामिल विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी की ओर से नए CEC के चयन में जल्दबाजी पर सवाल उठाए. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और अजय माकन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CEC की नियुक्ति को लेकर हुई बैठक को भी टालने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि जब तक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आता, बैठक नहीं होनी चाहिए.

देहरादून। दो नए कॉरिडोर के काम में आएगी तेजी, सीएम धामी ने अधिकारियों को किया टाइट

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू किया जाए। देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर को एक्सप्रेसवे से जोड़ते हुए केन्द्र से सहयोग का अनुरोध करने और स्टेट सेक्टर से शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये हैं। देहरादून में आबादी और वाहनों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि, पर्यटकों की संख्या में हो रही वृद्धि और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यातायात में संभावित वृद्धि के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिये हैं।

रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर पर होना है काम

रिस्पना नदी के तल पर 11 किलोमीटर और बिंदाल नदी के तल पर 15 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य होना है। इन नदियों के अन्दर स्थित जन सेवाओं विद्युत लाइन, हाई टेंशन लाइन, सीवर लाइन का नदी से बाहर विस्थापन होना है। एलिवेटेड रोड के साथ नदी के दोनों किनारों पर रिटेनिंग वाल और निर्माण और बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सभी रेखीय विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि आबादी और वाहनों की वृद्धि के दृष्टिगत राज्य के अन्य शहरों के लिए भी सुनियोजित प्लान पर कार्य किया जाए।

जमीन पर दिखना चाहिए काम

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि राज्य में जो भी विकास के कार्य किये जा रहे हैं, उनका आउटपुट धरातल पर दिखे। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी राजजात यात्रा के लिए भी तैयारी शुरू की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि यूआईआईडीबी, देहरादून एलिवेटेड रोड, गढ़वाल और कुमांऊ की कनेटिविटी के कार्यों, मानसखखण्ड मंदिर माला मिशन, आगामी नंदा राजजात की तैयारियों नियमित समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री भी समय-समय पर इनकी समीक्षा करेंगे।

उत्तराखंड पुलिस। लेडी सिंघम श्वेता चौबे को मिला SKOCH AWARD, इस खास ऑपरेशन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराही गईं

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उत्तराखंड पुलिस की लेडी सिंघम के नाम से फेमस आईपीएस श्वेता चौबे को SKOCH AWARD 2024 से सम्मानित किया गया है। ये सम्मान उनके नवाचार और प्रभावी कार्यशैली के लिए मिला है। श्वेता चौबे ने राष्ट्रीय स्तर पर समूची उत्तराखंड पुलिस को एक नई पहचान दिलाई है।

दरअसल पौड़ी की एसएसपी रहते हुए श्वेता चौबे ने ऑपरेशन पिंक नाम का एक अभियान चलाया। इस अभियान के तहत –

▪️ 10,000 से अधिक बालिकाओं को सुरक्षा, साइबर जागरूकता व POCSO एक्ट की जानकारी दी गई।

▪️100 से अधिक शिक्षण संस्थानों में पिंक यूनिट टीमों ने छात्राओं से सीधा संवाद कर उनकी सुरक्षा की भावना को मजबूत किया।

▪️ स्कूल-कॉलेज परिसरों में शांति व्यवस्था और मनचले तत्वों पर सख्त नजर रखी गई।

महिला सुरक्षा को लेकर श्वेता चौबे के इस नवाचार ने उन्हे और पूरी उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई। न सिर्फ इस अभियान को लॉंच किया गया बल्कि उसे प्रभावशाली तरीके से चलाया भी गया। ऑपरेशन पिंक को सुरक्षित समाज की दिशा में एक प्रभावी पहले के तौर पर देखा गया। महिला सुरक्षा को लेकर किया गया ये नवाचार पूरे देश की पुलिस के लिए एक नजीर के तौर पर है।

गौरतलब है कि SKOCH AWARD भारत का सर्वोच्च स्वतंत्र नागरिक सम्मान के तौर पर देखा जाता है। SKOCH फाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने सुशासन, प्रशासन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावशाली कार्य किए हैं। श्वेता चौबे को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने श्वेता चौबे को बधाई दी है।

Stampede : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़, 18 लोगों की मौत, महाकुंभ के लिए उमड़ी थी भारी भीड़

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नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर शनिवार की रात बेहद दुखद हादसा हुआ है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल हैं। भगदड़ में मारे गए लोग महाकुंभ जाने के लिए ट्रेन पकड़ने आए थे।

कोई कुचला गया तो किसी का दम घुटा

बताया जा रहा है कि ये भगदड़ शनिवार की रात करीब 10 बजे नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफार्म नंबर 14 और 15 पर हुई। महाकुंभ के लिए चलाई गई स्‍पेशल ट्रेनों के चलते शनिवार को लाखों की भीड़ नई दिल्‍ली स्‍टेशन पर पहुंच गई थी। जिसमें भगदड़ मच गई और 18 लोगों की दम घुटने से और कुचले जाने से मौत हो गई।

एक साथ कई ट्रेनों के लिए उमड़ी भारी भीड़

दरअसल भगदड़ की वजह प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों के लिए उमड़ी अधिक भीड़ और उसी समय कुछ और ट्रेनों के लिए आए यात्रियों के एक साथ जमा होने से हुई। प्रयागराज जाने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली से स्पेशल ट्रेन चलाई है। ये ट्रेन पकड़ने के लिए बड़ी संख्या में लोग प्लेटफार्म नंबर 14 पर पहुंचे। उसी समय नई दिल्ली से बनारस वाया प्रयागराज होकर जाने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस भी दूसरे प्लेटफार्म पर खड़ी थी। यही नहीं भुवनेश्वर राजधानी भी दूसरे प्लेटफार्म पर खड़ी थी। एक साथ कई ट्रेनों के आ जाने से इनमें बैठने के लिए आए यात्रियों की संख्या भी खासी बढ़ गई। हालात ये हुए कि प्लेटफार्म नबंर 12, 13, 14 पर बहुत बड़ी संख्या में यात्रियों की भीड़ आ गई।  

रेलवे स्टेशन पर भगदड़

अफवाह भी फैलने की खबर

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्लेटफार्म 14-15 पर भारी भीड़ के चलते भगदड़ मच गई। कुछ सूत्र ये भी बता रहे हैं कि यात्रियों में प्रयागराज जाने वाली ट्रेन के रद्द होने की अफवाह फैली जिससे हालात बिगड़ गए। कई लोग दम घुटने से तो कई लोग कुचले जाने से मौत के मुंह में समा गए।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों के मरने की पुष्टि हो गई है। जबकि दो दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। इन्हे अस्पताल में एडमिट कराया गया है।

जांच के दिए गए आदेश

इस घटना के बाद हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर हालात का जायजा लिया और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस मामले में सख्त रवैया अपनाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थिति नियंत्रण में है। दिल्ली पुलिस और आरपीएफ पहुंच गई। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। अचानक भीड़ को हटाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।”

पीएम मोदी ने जताया दुख

रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर पीएम मोदी ने दुख जताया। पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल लोग जल्दी ठीक हो जाएँ। अधिकारी इस भगदड़ से प्रभावित सभी लोगों की सहायता कर रहे हैं।

Uttarakhand Economy: आर्थिकी ने लगाई छलांग, प्रति व्यक्ति आय में हुआ इजाफा, जानिए क्या हैं इसके मायने

Uttarakhand Economy:  उत्तराखंड Economy के लिए अच्छी खबर है. उत्तराखंड का सकल घरेलू उत्पाद साल 2024-25 में 3.78 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है. वहीं विकास दर 6.61 प्रतिशत रहने का अनुमान है. YL प्रति व्यक्ति वार्षिक आय भी 2.46 लाख से बढ़कर 2.74 लाख रुपये हो गई है. उत्तराखंड के प्रमुख सचिव नियोजन और ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने प्रदेश के आर्थिक विकास दर रिपोर्ट के आंकड़े जारी किए.

आज मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रमुख सचिव डॉ.मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य में किए गए आर्थिक सर्वे के चुनिंदा आंकड़े पेश किए. उन्होंने बताया कि Uttarakhand में अर्थव्यवस्था का आकार (प्रचलित भावों पर राज्य सकल घरेलू उत्पाद) वित्तीय वर्ष 2024-25 में 378.24 हजार करोड़ रुपए होने का अनुमान है. जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में अर्थव्यवस्था का आकार 332.99 हजार करोड़ रुपए होने का अनुमान है. जो कि 13.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. वर्ष 2023-24 में यह वृद्धि दर 13.78 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

इधर, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2024-25 में प्रति व्यक्ति आय 2,00,162 रुपए अनुमानित है जो कि वर्ष 2023-24 की तुलना में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वर्ष 2023- 24 में 1,84,205 रुपए प्रति व्यक्ति आय अनुमानित की गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि इसी तरह वास्तविक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (आधार वर्ष 2011-12) के अनुसार वर्ष 2024-25 में अर्थव्यवस्था का आकार ₹217.82 हजार करोड़ का स्तर प्राप्त करने का अनुमान है जबकि वर्ष 2023-24 में अर्थव्यवस्था का आकार ₹ 204.32 हजार करोड़ प्राप्त करने का अनुमान हैं।

वर्ष 2024-25 में राज्य की आर्थिक विकास दर 6.61 प्रतिशत अनुमानित है। यह वृद्धि दर वर्ष 2023-24 में 7.83 प्रतिशत अनुमानित हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2024-25 में देश की आर्थिक विकास दर 6.4 प्रतिशत प्रदर्शित की गयी है तथा वर्ष 2023-24 में 8.2 प्रतिशत अनुमानित है।

Uttarakhand Economy: प्रति व्यक्ति आय में इज़ाफ़ा होने का क्या मतलब है?

प्रति व्यक्ति आय में इज़ाफ़ा होने का मतलब है कि किसी देश, राज्य, या शहर में रहने वाले लोगों की औसत आय बढ़ी है. यह आर्थिक विकास का एक संकेतक है. 

Uttarakhand Economy: प्रति व्यक्ति आय के बढ़ने के फ़ायदे

  • इससे प्रदेश की तकनीकी प्रगति होती है.
  • इससे प्रदेश की उत्पादकता और आय बढ़ती है.
  • इससे प्रदेश की जीडीपी भी बढ़ती है.
  • इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ने में मदद मिलती है.

PM MODI MUKHABA VISIT:  मुखबा और हर्षिल में पर्यटन को पंख लगाने की तैयारी!

PM MODI MUKHABA VISIT: उत्तराखंड में फरवरी महीने के आखिर में PM MODI की शीतकालीन यात्रा प्रस्तावित है जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है. वैसे तो यह जगह किसी परिचय की मोहताज नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि PM MODI के आने से यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि ज़रूर होगी.

मुखबा को मां गंगा का मायका कहा जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27 फरवरी को प्रस्तावित शीतकालीन यात्रा से मुखबा और हर्षिल के ग्रामीणों में गजब का उत्साह है. 27 फरवरी को मुखबा और हर्षिल में प्रधानमंत्री के आगमन से उत्तरकाशी के पर्यटन और तीर्थाटन को और बढ़ावा मिल सकेगा, जिससे यहां के लोगों में काफी उत्साह दिख रहा है.

PM MODI के आगमन से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

प्रधानमंत्री के आगमन से यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने उम्मीद है. बता दें कि चारों धाम में प्रमुख गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा और यात्रा पड़ाव हर्षिल को प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. इस कारण यह क्षेत्र बालीवुड फिल्मों की शूटिंग के लिए भी पसंदीद रहा है.

हर्षिल में साल 1980 के दशक में रात तेरी गंगा मैली फिल्म की शूटिंग हुई थी और वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म नरेंद्र मोदी की शूटिंग भी यहीं हुई. यात्रा काल में गंगोत्री धाम आने वाले श्रद्धालु हर्षिल का भ्रमण जरूर करते हैं.

Uttarakhand सरकार प्रयास कर रही है कि चारोंधाम में शीतकाल प्रवास स्थलों में भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे. इसके लिए शीतकालीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा दिया जा रहा है. ऐसे में पीएम के शीतकालीन यात्रा पर आने से प्रदेश सरकार की प्रयासों को भी बल मिलेगा. साथ में उम्मीद है कि पीएम के मुखबा व हर्षिल आने से यहां भी पर्यटन व तीर्थाटन को पंख लगेंगे.