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PM Modi visit to Mukhba : पीएम मोदी का मुखबा दौरा टला, अब इस तारीख को बना कार्यक्रम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखबा दौरा टल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 27 फरवरी को मुखबा नहीं आ रहे हैं। पीएम मोदी अब सात मार्च को मुखबा (PM Modi visit to Mukhba) आ सकते हैं। पीएम का दौरा टलने की वजह खराब मौसम का पूर्वानुमान बताया जा रहा है।

खराब मौसम ने रोकी राह

पीएम मोदी का मुखबा दौरा टल गया है। पहले पीएम मोदी 27 मार्च को मुखबा और हर्षिल की यात्रा पर आने वाले थे। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गईं थीं। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तैयारियों पर नजर बनाए हुए थे। सीएम धामी ने अधिकारियों के साथ मुखबा का दौरा कर वहां की तैयारियों का जाएजा लिया था। हालांकि मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 27 फरवरी को राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम बिगड़ा रहेगा। मुखबा और हर्षिल में भी बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में पीएम मोदी का दौरा टाल दिया गया है।

शीतकालीन चार धाम यात्रा का होगा प्रचार

दरअसल पीएम मोदी उत्तराखंड में चल रही शीतकालीन चार धाम यात्रा में शामिल होने के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ये यात्रा चारों धामों के शीतकालीन प्रवास में होती है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी के शीतकालीन चार धाम यात्रा पर आने से इस यात्रा के बारे में लोगों को जानकारी मिलेगी और राज्य में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। मुख्यमंत्री धामी भी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि पीएम मोदी के शीतकालीन यात्रा पर आने से इस यात्रा के बारे में लोगों की जागरुकता बढ़ेगी और राज्य में शीत काल के दौरान चलने वाली यात्रा में लोगों की संख्या में इजाफा होगा।

Mukhba : मुखबा में होता है अद्भुत एहसास, इस वजह से है बेहद खास, जाने का है प्लान तो है इसे पढ़ना न भूलें

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Mukhba detail : मुखबा एक अद्भुत पर्यटन स्थल है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मुखबा धरती पर स्वर्ग की तरह है। प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकिनों के लिए मुखबा एक फेवरेट स्पॉट की तरह है। मुखबा एक छोटा सा गाँव है, जो न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां की सांस्कृतिक विरासत भी इसे विशेष बनाती है। मुखबा गांव, गंगोत्री धाम के रास्ते में स्थित है और यह स्थल यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।

मुखबा की दूरी

मुखबा, उत्तरकाशी से लगभग 12 किमी दूर स्थित है और गंगोत्री यात्रा के मार्ग में स्थित होने के कारण यह स्थान तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के बीच एक प्रसिद्ध स्थल बन चुका है। इसके साथ ही, यहाँ की शांति और सौंदर्य पर्वतीय क्षेत्र में यात्रा करने वालों के लिए एक आदर्श गंतव्य है।

मुखबा का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

मुखबा का धार्मिक महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह गंगोत्री धाम से जुड़ा हुआ है। मुखबा गांव गंगोत्री यात्रा के प्रारंभिक स्थान के रूप में भी प्रसिद्ध है। ये गंगा माता के विग्रह का शीतकालीन पड़ाव है। यहाँ के मंदिरों और प्राचीन वास्तुकला को देखना पर्यटकों को एक अद्वितीय अनुभव देता है।

मुखबा का प्राकृतिक सौंदर्य

मुखबा गांव को चारों ओर से हिमालय की बर्फीली चोटियाँ और हरे-भरे जंगलों ने घेर रखा है। यहाँ की वादियाँ, नदियाँ और पहाड़ पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करते हैं। गंगा नदी के प्रमुख स्रोतों में से एक, गंगोत्री ग्लेशियर, मुखबा के पास स्थित है और यहाँ का दृश्य मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है।

मुखबा में ट्रैकिंग और कैम्पिंग जैसी साहसिक गतिविधियाँ भी पर्यटकों के लिए उपलब्ध हैं। यहाँ के विस्तृत और सुंदर प्राकृतिक दृश्य ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श स्थल हैं। इसके अलावा, यहाँ के घने जंगल, सुंदर झरने और नदियाँ भी इस क्षेत्र को एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाते हैं।

मुखबा में पर्यटन के प्रमुख आकर्षण

मुखबा और उसके आसपास कई पर्यटकों के आकर्षण हैं जो यात्रियों को यहाँ आने के लिए प्रेरित करते हैं:

  1. गंगोत्री धाम: मुखबा का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण है गंगोत्री धाम, जो भारतीय हिन्दू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यहाँ का पवित्र गंगोत्री मंदिर और उसके आस-पास की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों के लिए एक दिव्य अनुभव है।
  2. गंगोत्री ग्लेशियर: गंगोत्री धाम से लगभग 19 किमी दूर स्थित गंगोत्री ग्लेशियर भी यहाँ का एक प्रमुख आकर्षण है। यह ग्लेशियर गंगा नदी का मुख्य स्रोत है और पर्वतीय सौंदर्य का अद्भुत दृश्य प्रदान करता है।
  3. स्नो फॉल्स और ट्रैकिंग: मुखबा और इसके आस-पास के इलाके ट्रैकिंग के लिए आदर्श हैं। खासतौर पर स्नो फॉल्स और आसपास के जंगल ट्रैकर्स के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
  4. धनारी: मुखबा से कुछ किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान पर्यटन के लिए एक शांति की जगह के रूप में जाना जाता है। यहाँ पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।

मुखबा का मौसम

मुखबा का मौसम मुख्यतः ठंडा रहता है और यहाँ का वातावरण हर समय ताजगी से भरपूर होता है। गर्मियों में तापमान 20°C से 25°C के बीच रहता है, जबकि सर्दियों में बर्फबारी होती है और तापमान 0°C से नीचे गिर सकता है। अगर आप बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो सर्दियों में यहाँ आना एक बेहतरीन अनुभव हो सकता है।

मुखबा कैसे पहुँचें?

मुखबा तक पहुँचने के लिए कुछ प्रमुख रास्ते निम्नलिखित हैं:

  • वायु मार्ग: मुखबा का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है, जो लगभग 200 किमी दूर स्थित है। यहाँ से आप टैक्सी या बस द्वारा मुखबा पहुँच सकते हैं।
  • रेल मार्ग: ऋषिकेश और देहरादून के निकट स्थित रेलवे स्टेशन से मुखबा तक पहुँचने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग किया जा सकता है।
  • सड़क मार्ग: मुखबा उत्तरकाशी से 12 किमी दूर स्थित है और सड़क मार्ग द्वारा यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। आप उत्तरकाशी से टैक्सी या बस द्वारा मुखबा पहुँच सकते हैं।

समापन

मुखबा एक अद्वितीय गंतव्य है जो न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और शांति भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। यहाँ के लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखते हुए बाहरी दुनिया के साथ तालमेल बिठाते हैं। चाहे आप तीर्थयात्रा पर आ रहे हों, या साहसिक पर्यटन के शौकिन हों, मुखबा में आपको सब कुछ मिलेगा। मुखबा पर्यटन, यहाँ की संस्कृति, और अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य आपको एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।

PM Modi visit of Mukhba : पीएम मोदी आ रहे हैं मुखबा, अगवानी की तैयारी पूरी, सीएम धामी खुद रख रहे नजर

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पीएम नरेंद्र मोदी मुखबा (PM Modi visit of Mukhba) के दौरे पर आने वाले हैं। इसे लेकर तैयारियां पूरी हो चली हैं। खुद सीएम धामी इसे लेकर नजर बनाए हुए हैं । सीएम धामी ने खुद ही हर्षिल और मुखबा (मुखवा) का दौरा करके तैयारियों का जाएजा लिया। सीएम धामी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही उम्मीद जताई है कि राज्य में शीतकालीन यात्रा के लिए पीएम मोदी की यात्रा एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सीएम धामी ने लिया तैयारियों का जाएजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हर्षिल और मुखबा के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ राज्य की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम धामी ने हर्षिल-मुखवा क्षेत्र का भ्रमण कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के हर्षिल-मुखवा के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र में आगमन से शीतकालीन यात्रा को पंख लगेंगे। पूरे विश्व में इस यात्रा का प्रचार-प्रसार होगा। जिससे हमारे राज्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटकों का आगमन होना तय है। यह अवसर हमारे राज्य की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान साबित होने वाला है।

पर्यटकों की संख्या में वृद्धि निश्चित

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन उत्तराखंड के लिए सदैव बहुत शुभ होता है। केदारानाथ धाम, माणा, आदिकैलाश की प्रधानमंत्री की यात्रा एवं प्रवास के बाद इन जगहों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में काफी अधिक वृद्धि हुई है। इसी तरह इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री के आगमन के फलस्वरूप राज्य में साढे तीन लाख करोड़ रूपये की लागत के पूंजी निवेश के एमओयूू हुए और अभी तक राज्य में लगभग अस्सी हजार करोड़ रूपये से ज्यादा के निवेश की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री के हाथों राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ होना भी उत्तराखंड के लिए सौभाग्यशाली साबित हुआ है। देवभूमि ने खेलभूमि की प्रतिष्ठा भी अर्जित की है। इस बार राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने लंबी छलांग लगाकर सातवां स्थान हासिल किया है, जबकि राष्ट्रीय खेलों मे पिछली बार हम पच्चीसवें स्थान पर थे।

नजर बनाए हुए हैं सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने आज अपने स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर हर्षिल से मुखवा तक की गई तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रधानमंत्री जी की यात्रा को स्मरणीय व सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हर्षिल में प्रस्तावित जनसभा के लिए बनाए जा रहे पंडाल, मंच तथा प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण कर कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक धरोहर को प्रदर्शित करने के विशेष प्रबंध किए जांय, जिससे राज्य का समृद्ध पर्यटन और अधिक सशक्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की दिव्यता और आध्यात्मिकता को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में यह यात्रा महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। लिहाजा इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जांय।

सीएम धामी ने की पूजा

मुख्यमंत्री श्री धामी ने गंगा जी के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव जाकर भी तैयारियों को परखा तथा गंगा मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र व राज्य की खुशहाली तथा समृद्धि की कामना की।

इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के भ्रमण के मौके पर राज्य के शीतकालीन पर्यटन स्थलों एवं स्थानीय उत्पादों व हस्त शिल्प पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित करने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही उत्तरकाशी जिले के सीमांत क्षेत्र के अनछुए व अद्भृुत पर्यटन स्थलों में साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए जादुंग , पीडीए तक मोटरबाईक व एटीवी-आरटीवी रैली तथा जनकताल एवं मुलिंगला तक के लिए ट्रैकिंग अभियानों को भी फ्लैगऑफ कराए जाने की तैयारी की गई है।

CM Dhami ने बताए Budget के Key Points! आम जनमानस को इस बजट से क्या होगा हासिल! पढ़िये सिर्फ यहां

CM Dhami ने विधानसभा में बजट पेश होने के उपरान्त मीडिया से औपचारिक वार्ता करते हुए उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष में ऐतिहासिक बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री और पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि बजट राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और संकल्पों को प्रस्तुत करता है। जो सरकार की भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करता है.

पिछले बजट की तुलना में इस वर्ष के बजट में 13 प्रतिशत वृद्धि: CM Dhami

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में बजट के आकार ने 01 लाख करोड़ को पार किया है. पिछले बजट की तुलना में इस वर्ष के बजट में 13 प्रतिशत वृद्धि हुई है. उत्तराखण्ड राज्य के प्रथम बजट से इस बार का बजट 24 गुना अधिक है. बजट ईकोलॉजी, इकोनोमी, इन्नोवेशन, इन्क्लूसिव और सस्टेनेबल डेवेलपमेंट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और एकाउन्टेबिलिटी को ध्यान में रख कर बनाया गया है.

पुलिस कर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए रिवाल्विंग फंड की स्थापना

रीवर फ्रंट डेवेलपमेंट योजना, प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद का गठन, स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना, होमगार्ड कल्याण कोष का गठन, पुलिस कर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए रिवाल्विंग फंड की स्थापना जैसी अनेक नए पहलुओं को इसमें सम्मिलित किया गया है.

‘नमो’ थीम पर आधारित है बजट: CM Dhami

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट (नमो) अर्थात नवाचार, आत्मनिर्भर उत्तराखंड, महान विरासत व ओजस्वी मानव संसाधन की थीम पर आधारित है. उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के समावेशी एवं समग्र विकास के लिए (ज्ञान) अर्थात गरीब कल्याण, युवा, अन्नदाता एवं नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है.

राज्य की आय बढ़ाने के होंगे प्रयासः CM Dhami

राज्य सरकार ने इस बजट में वित्तीय प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया है. CM Dhami ने कहा कि हम अपने संसाधनों से राज्य की आय बढ़ाने का प्रयास करेंगे. बजट में शिक्षा, ग्रामीण विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, उद्योग आदि क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है.

आदर्श उत्तराखंड की ओर अग्रसर है राज्यः CM Dhami

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के अनुरूप बजट है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार के धाम से कहा था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, इसी को ध्येय लेकर बजट में इस संकल्प की प्राप्ति के लिए प्रयास किए गए हैं, जो आने वाले समय में राज्य के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि यह बजट आदर्श उत्तराखंड बनाने तथा उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के संकल्प को पूरा करेगा.

Uttarakhand Budget 2025: किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाएं शुरू होंगी, पढ़िये बजट के खास बिंदु

Uttarakhand Budget 2025: धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख एक हजार एक सौ 75 करोड़ का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सात बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया है जिनमें कृषि, ऊर्जा, अवसंरचना, संयोजकता, आयुष, कृषि व पर्यटन शामिल हैं।

 धामी सरकार ने आज अपना आम बजट पेश किया।  वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल वित्तीय वर्ष 2025-26 के सदन पटल पर बजट पेश कर बजट की खासियत बताई। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की यह बजट  ‘ज्ञान’ ‘GYAN’पर आधारित है।

Uttarakhand Budget में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नहीं

Uttarakhand Budget में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है। 

नई सड़कें बनेंगी

  • -220 किमी नई सड़कें बनेंगी।
  • -1000 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण,
  • -1550 किमी मार्ग नवीनीकरण,
  • -1200 किमी सड़क सुरक्षा कार्य
  • -37 पुल बनाने का लक्ष्य

Uttarakhand Budget में मेगा प्रोजेक्ट योजना के तहत 500 करोड़

  • मेगा प्रोजेक्ट योजना के तहत 500 करोड़।
  • जमरानी बांध के लिए 625 करोड़।
  • सौंग बांध के लिए 75 करोड़।
  • लखवाड़ के लिए 285 करोड़।
  • राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता के तहत 1500 करोड़।
  • जल जीवन मिशन के लिए 1843 करोड़।
  • नगर पेयजल के लिए 100 करोड़।
  • अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए 60 करोड़।
  • अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों के लिए 08 करोड़ मिलेंगे।

Uttarakhand Budget: सात बिंदुओं पर फोकस

  • -कृषि, ऊर्जा, अवसंरचना, संयोजकता, आयुष, कृषि व पर्यटन 
  • -एमएसएमई उद्योगों के लिए 50 करोड़,
  • -मेगा इंडस्ट्री नीति के लिए 35 करोड़,
  • -स्टार्टअप उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए 30 करोड़ का प्रावधान

अन्नदाताओं के लिए Uttarakhand Budget में क्या है खास

  • ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 146.00 करोड़
  • आईटीबीपी बटालियन को जीवित भेड़ बकरी और कुक्कुट आपूर्ति योजना के लिए लगभग 13.66 करोड़
  • दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनान्तर्गत 85.00 करोड़
  • किसान पेंशन योजना के लिए समग्र रूप से लगभग 42.18 करोड़
  • हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत 15 करोड़
  • मिशन एप्पल योजना अन्तर्गत 35 करोड़
  • दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के लिए समग्र रूप 30.00 करोड़
  • गंगा गाय महिला डेरी विकास योजनान्तर्गत 5 करोड़
  • साईलेज के लिए सगग्र रूप से 40 करोड़
  • मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजनान्तर्गत 25.00 करोड़
  • मुख्यमंत्री मत्स्य सपदा योजना के लिए 12.43 करोड़
  • मिलेट मिशन योजना के प्रोत्साहन के लिए 4.00 करोड़
  • स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए 5.75 करोड़
  • नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फार्मिंग योजना के लिए 3.22 करोड़

Uttarakhand Budget में नारी सशक्तीकरण के लिए क्या है खास

  • नन्दा गौरा योजना के लिए करीब 157.84 करोड़
  • प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 21.74 करोड़
  • मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के लिए 29.91 करोड़
  • मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए लगभग 22.62 करोड़
  • मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए करीब 18.88 करोड़
  • मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के लिए करीब 13.96 करोड़
  • मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए 14.00 करोड़
  • मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि के लिए 8 करोड़
  • निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए 5 करोड़
  • मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत करीब 3.76 करोड़
  • मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना के लिए 5 करोड़
  • महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत सब्सिडी के लिए 5 करोड़
  • राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बाई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से करीब 14.13 करोड़
  • मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना के लिए 2 करोड़

Uttarakhand Budget में धामी सरकार ने 2,585.89 करोड़ का सरप्लस बजट पेश किया. विधानसभा में बजट पेश होने से पहले सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड के विकास को आधार बनाते हुए आज पेश होने वाले बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं. यह बजट राज्य के समग्र उत्थान में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा और विकास को नई गति देगा.

UTTARAKHAND BUDGET: 7 Important Points से समझिए धामी सरकार के बजट की प्रमुख बातें

UTTARAKHAND BUDGET: उत्तराखंड विधानसभा में आज पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया है आपको बता दें कि वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि यह बजट साथ मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज बजट पेश किया उन्होंने कहा कि इस साल राज्य अपनी रजत जयंती के रूप में यह वर्ष बना रहा है और निरंतर उत्तराखंड प्रगति के पथ पर अग्रसर है बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने 38 में राष्ट्रीय खेलों की उपलब्धियां को भी बताया.

UTTARAKHAND BUDGET 1,01,175 करोड़ का है। इस बजट में कृषि, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, आयुष, कृषि और पर्यटन जैसे सात मुख्य क्षेत्रों पर ज़ोर दिया गया है. सरकार राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. UTTARAKHAND BUDGET पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को याद करते हुए कहा कि राज्य सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के रास्ते पर चल रहा है.

GYAN पर आधारित है UTTARAKHAND BUDGET

G अर्थात गरीब कल्याण
Y अर्थात युवा
A अर्थात अन्नदाता
N अर्थात नारी

उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार एक लाख करोड रुपए से अधिक का बजट पेश किया गया है. UTTARAKHAND BUDGET इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और पूंजीगत परिव्यय में 14763 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो अब तक सर्वाधिक है. आइए प्वाइंट्स में समझते हैं विकास के किस सेक्टर को UTTARAKHAND BUDGET से क्या मिला.

  • ग्रामीण रोजगार के लिए मत्स्य विभाग की ट्राउट परियोजना के लिए 146 करोड रुपए
  • यूआईआईडीबी को हरिद्वार ऋषिकेश विकास के लिए 168.33 करोड रुपए का प्रावधान
  • स्टार्टअप वेंचर फंड 20 करोड़रुपए
  • प्रवासी उत्तराखंड परिषद एक करोड रुपए
  • स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के संचालन के लिए 6.5 करोड़
  • समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपए
  • स्प्रिंग एंड रिजुवनेशन के लिए 125 करोड रुपए का प्रावधान
  • भारतीय न्याय संहिता के लिए 20 करोड़
  • जलवायु परिवर्तन शमन हेतु 60 करोड रुपए
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम के लिए 178.83 करोड़ रुपए
  • 9 वीं से 12वीं तक की विद्यार्थियों के निशुल्क पार्टी पुस्तक के लिए 59.41 करोड़
  • कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के निशुल्क जूता एवं बैग की व्यवस्था के लिए 23 करोड़
  • साइंस सिटी और विज्ञान केंद्रों की स्थापना के लिए 26.64 करोड़
  • उदयमान खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति के लिए 10 करोड़
  • खेल महाकुंभ के लिए15 करोड़
  • रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर के लिए 20 करोड़
  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60करोड़
  • मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़
  • पंडितदीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 21.60 करोड़
  • हाउस ऑफ़ हिमालय के लिए 15 करोड़
  • एप्पल मिशन योजना के लिए 35 करोड़
  • नंदा गौरा योजना के लिए 157.84 करोड़
  • कैम्पा योजना के लिए 395 करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बजट को विकासोन्मुखी बताया है. सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिये कहा कि “उत्तराखण्ड का यह बजट समावेशी विकास, सतत आर्थिकी और समरसता का प्रतीक है। यह बजट “NAMO” के सिद्धांतों नवाचार, आत्मनिर्भरता, महान विरासत और ओजस्विता पर आधारित है जो राज्य के विकास के नए अध्याय की शुरुआत करते हैं। यह बजट समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा।”

Delhi CM: दिल्ली की नई सीएम होंगी रेखा गुप्ता, ये होंगे डिप्टी सीएम

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आखिरकार दिल्ली के नए सीएम (Delhi CM) के नाम का ऐलान हो गया है। बीजेपी विधायक दल ने रेखा गुप्‍ता को दिल्‍ली का नया मुख्‍यमंत्री चुन लिया है। रेखा गुप्ता 20 फरवरी 2025 को दिल्‍ली के रामलीला मैदान में दोपहर 12 बजे दिल्‍ली की नई सीएम पद की शपथ लेंगी।

विधायक दल की बैठक में चुनी गईं रेखा गुप्ता

विधायक दल की बैठक में नई दिल्‍ली सीट से विधायक प्रवेश वर्मा ने दिल्‍ली की शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्‍ता के नाम का प्रस्‍ताव रखा। फिर सर्वसम्‍मति से रेखा गुप्‍ता को विधायक दल का नेता चुना गया। रेखा गुप्‍ता मूलरूप से हरियाणा के जुलाना की रहने वाली हैं। दिल्‍ली में भाजपा की सुषमा स्‍वराज के बाद रेखा गुप्‍ता दूसरी महिला मुख्‍यमंत्री हैं। 51 वर्षीय रेखा गुप्‍ता से पहले दिल्‍ली में कांग्रेस की शीला दीक्षित व आम आदमी पार्टी की आतिशी मार्लेना भी मुख्‍यमंत्री बन चुकी हैं।

बीजेपी का पुराना चेहरा, लंबा राजनीतिक इतिहास

रेखा गुप्ता भारतीय जनता पार्टी की पुरानी नेता हैं। रेखा गुप्‍ता दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व महासचिव और अध्यक्ष रह चुकी हैं। भाजपा में रेखा गुप्‍ता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य और पार्टी की दिल्ली राज्य इकाई की महासचिव हैं। रेखा गुप्‍ता वर्ष 1996-1997 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की अध्यक्ष बनीं। साल 2007 में उत्तरी पीतमपुरा (वार्ड 54) से दिल्ली पार्षद चुनाव के लिए चुनी रेखा गुप्‍ता ने साल 2012 में उत्तरी पीतमपुरा (वार्ड 54) से दिल्ली पार्षद चुनाव जीता। मेयर का चुनाव हार गईं। रेखा गुप्‍ता की उम्र 50 साल है। इन्‍होंने ग्रेजुएशन कर रखा है।

आप की तीन बार की विधायक को हराया

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2025 में रेखा गुप्‍ता ने शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी की तीन बार की विधायक बंदना कुमारी को हराया है। शालीमार बाग विधानसभा चुनाव 2025 में रेखा गुप्‍ता ने कुल 68,200 और आप की बंदना कुमारी ने 38,605 वोट हासिल किए। हार-जीत का अंतर 29,595 रहा। शालीमार बाग से जीतकर साहिब सिंह वर्मा भी बने थे सीएम दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 1993 में भाजपा के साहिब सिंह वर्मा ने चुनाव जीता और वे दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री बने। अब दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2025 में नई दिल्‍ली सीट से अरविंद केजरीवाल के हराने वाले प्रवेश वर्मा पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। दिल्‍ली चुनाव परिणाम के बाद प्रवेश वर्मा का नाम भी दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में शामिल था।

प्रवेश वर्मा होंगे डिप्टी सीएम

वहीं बीजेपी विधायक दल की बैठक में प्रवेश वर्मा को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दिए जाने का फैसला हुआ है। आपको बता दें कि प्रवेश वर्मा मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे थे। चुनाव जीतने के बाद से ही अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि प्रवेश वर्मा दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। हालांकि बीजेपी ने चौंकाते हुए रेखा गुप्ता को सीएम चुन लिया है।

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि से इन राशियों का होगा भाग्योदय, पैसों की तंगी होगी छूमंतर

Mahashivratri 2025: हर साल फाल्गुन महीने में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। यह पर्व देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव संग मां पार्वती की पूजा एवं भक्ति की जाती है। साथ ही शिव-शक्ति के निमित्त महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

ज्योतिषियों की मानें तो Mahashivratri से कई राशि के जातकों के जीवन में नया सवेरा होने वाला है। आसान शब्दों में कहें तो इन राशियों का भाग्योदय होगा। कारोबार के दाता बुध देव राशि परिवर्तन करेंगे। इससे कई राशि के जातकों को फायदा मिलेगा। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं-

कब है Mahashivratri 2025

वैदिक पंचांग के अनुसार, 26 फरवरी को Mahashivratri है। यह पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। धर्म ज्योतिष के अनुसार इसके अगले दिन ग्रहों के राजकुमार बुध देव राशि परिवर्तन करेंगे। बुध देव 27 फरवरी को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे।

वृषभ राशि

बुध देव के राशि परिवर्तन करने से वृषभ राशि के जातकों को कारोबार में फायदा होगा। इस राशि के जातक कारोबार में सफल होंगे। महिला पक्ष से संबंध मधुर होंगे। ससुराल वालों से निकटता बढ़ेगी। मीडिया या लेखन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी धन लाभ होगा। विशेष विद्या अर्जित करेंगे। कन्या के आगमन से घर की स्थिति बदलेगी। घर की बेटी का सम्मान करें। सभी बिगड़े काम बन जाएंगे। धन-संपत्ति में वृद्धि होगी। शत्रुओं पर आपकी जीत होगी। कटु वचन बोलने से खुद को रोकें। लोगों की सेवा करें। भगवान गणेश को बुधवार के दिन मोदक भेंट करें।

कर्क राशि

ग्रहों के राजकुमार बुध देव के राशि परिवर्तन से कर्क राशि वालों का भाग्योदय होगा। बुध देव की कृपा से आपके सौभाग्य में वृद्धि होगी। आप धार्मिक विधि से धन कमाने में सफल होंगे। आप धार्मिक कार्य कर अपने कुल का नाम रोशन करेंगे। साथ ही अपार धन संचय करने में भी सफल होंगे। हालांकि, आपको अपनी संपत्ति पर घमंड करने से बचना होगा। बुध देव की कृपा से आप ज्योतिष क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं। आपकी वाणी में मधुरता आएगी। रुके काम बनेंगे। दान-पुण्य में आपकी रूचि बढ़ेगी। अच्छे लोगों की संगति में आएंगे। आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी व्यापार के दाता बुध देव हैं और आराध्य भगवान गणेश हैं। इस राशि के जातकों पर भगवान गणेश की विशेष कृपा बरसती है। उनकी कृपा से कारोबार में मिथुन राशि के जातक बेहतर करते हैं। बुध देव राशि परिवर्तन के दौरान मिथुन राशि के जातकों पर मेहरबान रहेंगे। उनकी कृपा-दृष्टि से सभी बिगड़े काम बन जाएंगे। कारोबार के माध्यम से आप धन कमाने में लाभ होंगे। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। निवेश के लिए समय उत्तम है।

कुंभ राशि

बुध देव के राशि परिवर्तन से कुंभ राशि को अधिक लाभ होगा। आप अपनी बुद्धिमत्ता से धन कमाने में सफल होंगे। आपके विचार में बदलाव देखने को मिलेगा। आप मधुरभाषी होंगे। आपकी मधुर वाणी से लोग न केवल प्रभावित होंगे, बल्कि आकर्षित भी होंगे। धार्मिक कार्यों में आपकी रूचि बढ़ेगी। दान और परोपकार में आपका मन लगेगा। लोगों की मदद करेंगे। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। नौकरी पाने के भी योग हैं। हालांकि, यात्रा के दौरान सतर्क रहें।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं।

Uttarakhand Bhu Kanoon: 5 प्वाइंट में समझिए उत्तराखंड भू-कानून से क्या होंगे बड़े बदलाव

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Uttarakhand Bhu Kanoon: पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड भू कानून को मंजूरी दे दी है. बजट सत्र में इसको पेश किया जाएगा. उत्तराखंड में सख्त भू-कानून की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जो जल्द पूरी होने वाली है. सख्त भू कानून लागू होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा. आइए जानते हैं नए भू-कानून में क्या प्रावधान किए गए हैं. 

1- बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीदने की सीमा तय

उत्तराखंड के बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीदने की सीमा तय होगी. दूसरे राज्यों के रहने वाले ढाई सौ वर्ग मीटर जमीन खरीदने की लिमिट तय कर दी गई है. अभी तक पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों में बाहरी लोगों ने लचीले Uttarakhand Bhu Kanoon के चलते जमीन खरीद ली थी. इसके चलते  आए दिन विवाद होते थे. इसी को लेकर उत्तराखंड में भू-कानून लागू किया जा रहा है.

2 – तय सीमा से ज्यादा जमीन जब्त होगी

uttarakhand bhu kanoon के तहत उत्तराखंड में अब 250 वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन नहीं खरीदी जा सकती है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति तय सीमा से ज्यादा जमीन अपने या अपनी पत्नी के नाम खरीदता है तो उसे पर शिकंजा कसा जाएगा. ऐसी जमीनों को सरकार में निहित किया जाएगा.

3. धड़ल्ले से बिक्री पर लगेगी रोक

Uttarakhand Bhu Kanoon लागू होने के बाद उत्तराखंड में जमीनों की अंधाधुंध होने वाली बिक्री पर लगाम लग सकेगी. इससे किसानों की खेती वाली जमीन भी बचेगी. अभी तक लचीले कानून के तहत जमीनों की धड़लले से खरीदा बेची हो रही है. नया कानून इस पर शिंकजा कसेगा.

4.  डीएम की लेनी होगी अनुमति

उत्तराखंड में अगर कोई बाहरी व्यक्ति जमीन लेना चाहता है, तो उसको पहले स्थानीय डीएम की अनुमति लेनी होगी. अगर खरीददार की जांच में यह भी देखा जाएगा, वह किस मकसद से जमीन खरीदना चाहता है. इसका मकसद है कि अंधाधुंध खरीद और गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाई जा सके. 

5. स्थानीय लोगों के लिए कोई सीमा नहीं

हालांकि उत्तराखंड के स्थायी लोगों के लिए इस Uttarakhand Bhu Kanoon में जमीन खरीदने के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है. इसके अलावा निवेशकों को भी जमीन लेने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. लेकिन अगर कोई इंडस्ट्री लगाने के लिए जमीन लेता है और उसका इस्तेमाल दूसरी चीजों के लिए करता है तो पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट के भू-कानून के मुताबिक ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. 

Uttarakhand Bhu Kanoon में होंगे ये बड़े बदलाव

1 – त्रिवेंद्र रावत सरकार के 2018 के सभी प्रावधान किए गए निरस्त 
2 – हरिद्वार और उधम सिंह नगर जनपद को छोड़कर 11 जनपदों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की लैंड नहीं खरीद पाएंगे.
3 – पहाड़ों पर होगी चकबंदी और बंदोबस्ती जमीनों की खरीदारी के लिए अब डीएम नहीं दे पाएंगे अनुमति.
4 – प्रदेश में जमीन खरीद के लिए बनेगा पोर्टल होटल में राज्य के बाहर के लोगों की 1 इंच जमीन खरीद का भी होगा उत्तर.
5- जमीन खरीदने के लिए राज्य के बाहर के लोगों के लिए होगा शपथ पत्र अनिवार्य.
6- सभी डीएम को राजस्व परिषद और शासन को सभी जमीनों की खरीद की रिपोर्ट देनी होगी.
7 – नियमित रूप से नगर निकाय सीमा के अंतर्गत जमीनों के तय भू उपयोग के अंतर्गत ही कर पाएंगे प्रयोग.
8 – नियमों से हटकर किया गया इस्तेमाल तो जमीन होगी सरकार में निहित.

Uttarakhand Land Law: उत्तराखंड में बाहरी नहीं खरीद पाएंगे बेहिसाब जमीन, प्वाइंट में समझें पूरा ऐक्ट

Uttarakhand Land Law: उत्तराखंड में सख्त भू-कानून के लिए संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल गई है. बुधवार को विधानसभा में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई. उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट सत्र में नया भू-कानून लाने की घोषणा की थी.

उत्तराखंड में सख़्त भू कानून लागू, ये हैं अहम् प्रावधान

Pushkar Singh Dhami सरकार बुधवार को प्रदेश के लिए एक नया भू कानून लेकर आई है. इसके अंतर्गत त्रिवेंद्र सरकार द्वारा 2018 में लागू किए गए सभी प्रावधानों को नए कानून में समाप्त कर दिया गया है.

Uttarakhand Land Law: बाहरी व्यक्तियों की भूमि खरीद पर प्रतिबंध

हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर, उत्तराखंड के 11 अन्य जिलों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की भूमि नहीं खरीद पाएंगे.

Uttarakhand Land Law: पहाड़ों में चकबंदी और बंदोबस्ती

पहाड़ी इलाकों में भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए चकबंदी और बंदोबस्ती की जाएगी.

जिलाधिकारियों के अधिकार सीमित

अब जिलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से भूमि खरीद की अनुमति नहीं दे पाएंगे। सभी मामलों में सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होगी.

ऑनलाइन पोर्टल से होगी भूमि खरीद की निगरानी

प्रदेश में जमीन खरीद के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा, जहां राज्य के बाहर के किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई जमीन खरीद को दर्ज किया जाएगा.

Uttarakhand Land Law: शपथ पत्र होगा अनिवार्य

राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने के लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिससे फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं को रोका जा सके.

नियमित रूप से भूमि खरीद की रिपोर्टिंग

सभी जिलाधिकारियों को राजस्व परिषद और शासन को नियमित रूप से भूमि खरीद से जुड़ी रिपोर्ट सौंपनी होगी.

नगर निकाय सीमा के भीतर तय भू उपयोग

नगर निकाय सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि का उपयोग केवल निर्धारित भू उपयोग के अनुसार ही किया जा सकेगा. यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के खिलाफ जमीन का उपयोग किया, तो वह जमीन सरकार में निहित हो जाएगी.

क्या होगा नए Uttarakhand Land Law का प्रभाव ?

  • इस कानून से उत्तराखंड में बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर रोक लगेगी.
  • पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन होगा, जिससे राज्य के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा.
  • भूमि की कीमतों में अप्राकृतिक बढ़ोतरी पर नियंत्रण रहेगा और राज्य के मूल निवासियों को भूमि खरीदने में सहूलियत होगी.
  • सरकार को भूमि खरीद-बिक्री पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी.

मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य, संस्कृति और मूल स्वरूप की रक्षक हमारी सरकार है. प्रदेश की जनता की लंबे समय से उठ रही मांग और उनकी भावनाओं का पूरी तरह सम्मान करते हुए कैबिनेट ने सख्त भू-कानून को मंजूरी दे दी है. यह ऐतिहासिक कदम राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा, साथ ही प्रदेश की मूल पहचान को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.