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Manmohan Singh died: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का निधन, लंबे समय से थे बीमार, पीएम मोदी ने जताया शोक

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री और जाने माने अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) का निधन हो गया है। वो लंबे समय से बीमार थे। गुरुवार को तबियत बिगड़ने पर उन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका निधन हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार मनमोहन सिंह की गुरुवार की शाम अचानक तबियत बिगड़ी और उन्हे दिल्ली एम्स में एडमिट कराया गया। बताया जा रहा है कि एम्स में उन्हे इमरजेंसी में लाया गया जहां डाक्टरों की एक विशेष टीम ने उनका इलाज शुरु किया। लेकिन डाक्टर उन्हे बचा नहीं पाए।

एम्स ने आधिकारिक बयान दिया

एम्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। वह उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और 26 दिसंबर को वह घर पर अचानक बेहोश हो गए थे। इसके बाद घर पर उन्हें तत्काल उपचार दिया गया। बाद में उन्हें शाम 8.06 बजकर एम्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। इन सब प्रयासों के बावजूद उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और रात 9.51 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

पीएम मोदी ने जताया दुख

दिल्ली एम्स में कांग्रेस के तमाम नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मौजूद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देशभर के नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि देश अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक में है। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री समेत विभिन्न पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काफी प्रयास किए।

देहरादून में मेयर पद के लिए राजीव महर्षि की दमदार दावेदारी, भाजपा की चिंता बढ़ी

देहरादून मेयर का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है। इसकी वजह है कांग्रेस नेता राजीव महर्षि की दावेदारी। राजीव महर्षि ने बुधवार को मेयर पद के टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी। कांग्रेस अगर राजीव महर्षि को टिकट देती है चुनाव दिलचस्प होने की पूरी उम्मीद है।

rajiv maharishi

कांग्रेस भवन में सौंपा आवेदन

राजीव महर्षि ने अपने समर्थकों के साथ बुधवार को देहरादून स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी को अपना आवेदन सौंपा है। इसके साथ ही राजीव महर्षि ने कांग्रेस नेता यशपाल आर्या से भी मुलाकात की है।

सक्रिय नेताओं में शुमार हैं राजीव महर्षि

राजीव महर्षि कांग्रेस के बड़े और सक्रिय नेताओं में शुमार हैं। राजीव महर्षि मीडिया में पार्टी का पक्ष पूरी तैयारी और गंभीरता से रखते आए हैं I यह पहला मौका है जब राजीव महर्षि राजनीति के समर में प्रत्यक्ष रूप से उतरते दिख रहे हैं। डीएवी कॉलेज के छात्र नेता रहे और शुरू से ही कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। एनएसयूआई से लेकर युवा कांग्रेस में वे सक्रिय रहे ही हैं, राज्य आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्र और युवा नेता के रूप में राजीव महर्षि हमेशा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। पार्टी के साथ उनकी निष्ठा असंदिग्ध रही है। पार्टी के हर कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी राज्य स्थापना के पूर्व से आज तक निरन्तर बनी दिखती है।

देहरादून के लिए खास प्लान

राजीव महर्षि कहते हैं कि वे महानगर देहरादून को अधिक सुविधा युक्त बनाना चाहते हैं I अगर पार्टी ने भरोसा जताया तो वे महापौर का चुनाव जीतकर देहरादून के यातायात प्रबंधन, कूड़ा निस्तारण, जन सुविधाओं का विस्तार, पार्क, पार्किंग, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे तमाम मुद्दों के समाधान के लिए वह सतत कार्यशील रहकर अपनी क्षमताओं का उपयोग करेंगे I जिसका लाभ जनता को मिलेगा I

Bhimtal Bus Accident: उत्तराखंड के भीमताल में बस खाई में गिरी, चार लोगों की मौत, कई घायल

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भीमताल में बड़ा हादसा हुआ है। रोडवेज की बस 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हैं। मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है। सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों और घायलों को मुआवजे का ऐलान किया है।

पिथौरागढ़ से हल्दवानी जा रही थी बस

मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड रोडवेज की बस पिथौरागढ़ से हल्दवानी की ओर आ रही थी। इसी बीच भीमताल के आमडाली के पास बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। बस कई गोते खाते हुए लगभग 250 मीटर गहरी खाई में गिरी। हादसे में बस की छत पूरी तरह गायब हो गई। बस में सवार यात्री पूरी खाई में यहां वहां छिटक कर गिर पड़े।

चार की मौत, कई घायल

हादसे के समय रोडवेज बस में कुल 27 लोगों के सवार होने की खबर है। इसमें से चार लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में एक बच्चा शामिल है। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष हैं। वहीं 23 लोगों के घायल होने का समाचार है। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में एडमिट कराया गया है।

खड़ी चढ़ाई ने बढ़ाई चुनौती

हादसे का पता चलते ही मौके पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे और खाई में उतरने की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गए। बस जहां दुर्घटनाग्रस्त हुई थी वहां बेहद गहरी और सीधी खड़ी चढ़ाई थी। ऐसे में राहत कार्यों में पुलिस और एसडीआरएफ को खासी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य संपन्न हो पाया। लोगों ने गहरी खाई में उतर कर घायलों को बाहर निकाला। सीएम धामी ने स्थानीय लोगों की तारीफ की है।

तो बस चालक की लापरवाही पड़ी भारी !

भीमताल हादसे के पीछे बस ड्राइवर की लापरवाही को जिम्मेदार बताया जा रहा है। लोगों की माने तो बस की गति तेज थी। इसी दौरान एक मोड़ पर सामने से कार आ गई। बस की स्पीड तेज होने की वजह से कार को बचाने में बस अनियंत्रित होकर पैराफिट तोड़ते हुए खाई में जा गिरी।

उत्तराखंड में मौसम विभाग का अलर्ट, इस वजह से रहना होगा सतर्क

उत्तराखंड में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ये अलर्ट उत्तराखंड के लोगों को मुश्किल में डालने वाला है। दरअसल मौसम विभाग की माने तो आने वाले दो दिनों में राज्य के कई इलाकों में कोहरा तो कई जगहों में शीतलहर देखने को मिलेगी।

उत्तराखंड में मौसम सर्द होगा

दरअसल उत्तराखंड में मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। खास तौर पर मैदानी इलाकों में कोहरा छाया रहेगा। वहीं मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में शीतलहर की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 दिसंबर से राज्य में तापमान कम होने लगेगा और इसके साथ ही शीतलहर चलने की शुरुआत भी हो जाएगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि राज्य में आने वाले दिनों में ठंड बढ़ेगी और लोगों को परेशान करेगी।

उत्तराखंड में लागू होगी योग नीति, सीएम धामी ने किया ऐलान

उत्तराखंड में देश की पहली योग नीति लागू होने वाली है। सीएम धामी ने इस बारे में जानकारी दी है। सीएम ने कहा है कि उत्तराखंड में देश की पहली योग नीति लागू होगी। सीएम धामी ने ये ऐलान देहरादून में आयोजित 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो -2024 के उद्घाटन के अवसर पर किया है।

पीएम मोदी का जताया आभार

गुरुवार को परेड ग्राउंड में आयोजित 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो -2024  को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। सीएम धामी ने कहा है कि ये हमारे लिए गर्व का विषय है कि हमारे प्रदेश में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 6000 से अधिक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। एक्सपो में लगाए गए 250 से अधिक स्टॉल आयुर्वेद की वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता का प्रमाण दे रहे हैं।

उत्तराखंड में आयुर्वेद का प्रचार प्रसार तेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सम्मेलन आयुर्वेद के क्षेत्र में परस्पर ज्ञान साझा करने व विभिन्न शोध कार्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सहयोग और व्यापार के नए अवसरों को बढ़ावा देगा। उन्होंने आयुष के क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से राज्य सरकार भी प्रदेश में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्तमान में, हमारे राज्य में आयुष आधारित 300 ‘आयुष्मान आरोग्य केंद्रों’ का संचालन हो रहा है। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 70 से अधिक विशेषज्ञों द्वारा आयुष परामर्श प्रदान किया जा रहा है। अब प्रत्येक जनपद में 50 बेड और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा सरकार प्रत्येक जनपद के एक गांव को मॉडल आयुष गांव के रूप में स्थापित कर आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के उत्पादन को गति प्रदान करने के लिए ‘उत्तराखंड आयुष नीति’ लागू कर चुकी है। इसके साथ ही, प्रदेश सरकार आगामी वर्षों में आयुष टेली-कंसल्टेशन प्रारम्भ करने के साथ- साथ 50 नए योग और वेलनेस केंद्र स्थापित करने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से अनुरोध किया है, ये संस्थान आयुर्वेद शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी जड़ी-बूटियों के हिंदी नामों के साथ ही अंग्रेजी नामों को भी प्रचारित किया जाए। इससे स्थानीय जड़ी बूटियों की वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ में हम ‘किलमोड़े’ को जानते है लेकिन उसके अंग्रेजी नाम ‘बेरीबेरीज’ को अधिकतर लोग नहीं जानते हैं जबकि इस नाम को पूरा विश्व जानता है और इससे दवाएं बनती हैं। इसलिए अंग्रेजी नाम भी प्रचारित किया जाना चाहिए।

उत्तराखंड आयुर्वेद की प्रज्ञा भूमि

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राचीनकाल से ही आयुर्वेद और औषधीय संपदा की प्रज्ञा भूमि रही है। हमारे प्रदेश में पाए जाने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों ने आयुर्वेद को आरोग्य के आधारभूत तत्व के रूप में स्थापित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विश्व की एक ऐसी विशिष्ट चिकित्सा प्रणाली है जो प्राचीनकाल से ही मानव सभ्यता का आरोग्य सुनिश्चित करती आ रही है। आयुर्वेद मात्र जड़ी-बूटियों और औषधियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि आयुर्वेद जीवन जीने की एक विशिष्ट कला है। ये हमें सही जीवन शैली के बारे में बताता है, इसका उद्देश्य रोगों को ठीक करना ही नहीं है बल्कि इसका अंतिम लक्ष्य रोग को होने ही न देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित ‘राष्ट्रीय आयुष मिशन’ और ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ जैसे विभिन्न कार्यक्रम आज शहरों से लेकर गांवों तक आरोग्य स्थापित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उत्तराखंड में आएगा योग नीति

सीएम धामी ने इस एक्सपो को संबोधित करने के दौरान ही ऐलान किया है कि राज्य में जल्द ही योग नीति लागू की जाएगी। योग नीति लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश सरकार देश की ‘प्रथम योग नीति’ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। योग नीति आयुर्वेद और योग को व्यापक स्तर पर साथ लाकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई क्रांति लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उत्तराखंड में सर्दियों में घूमने की जगह तलाश रहें हैं तो ये हो सकते हैं बेस्ट ऑप्शन

उत्तराखंड, जिसे ‘देवभूमि’ भी कहा जाता है, अपने अद्भुत प्राकृतिक नज़ारों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। सर्दियों का मौसम इस जगह को और भी खास बना देता है, जब बर्फ से ढके पहाड़ और ठंडी हवाएं यहाँ का अनुभव जादुई बना देती हैं। अगर आप सर्दियों की छुट्टियों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो उत्तराखंड के ये छह स्थान आपके लिए परफेक्ट हो सकते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं top places to visit in Uttarakhand during winter.

1. औली (Auli) – बर्फीली ढलानों का आनंद

औली एक ऐसी जगह है, जहाँ सर्दियों का असली मजा लिया जा सकता है। बर्फीली ढलानों पर स्कीइंग करना हो या रोपवे से नीचे फैले सफेद चादर के नज़ारे देखना, औली में हर पल खास होता है। यहाँ की बर्फीली सुंदरता हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है। औली पहुँचने के लिए आप पहले ऋषिकेश या देहरादून तक ट्रेन या फ्लाइट से पहुँच सकते हैं। वहाँ से जोशीमठ तक बस या टैक्सी द्वारा यात्रा करें और फिर जोशीमठ से औली तक रोपवे का मज़ा लेते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है।

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सर्दियों में औली के नजारे

2. नैनीताल (Nainital) – झीलों का शहर

नैनीताल की ठंडी हवाओं और झीलों का नज़ारा सर्दियों में और भी दिलकश हो जाता है। नैनी झील में बोटिंग करते हुए चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़ों को देखना एक सपने जैसा लगता है। यहाँ का माल रोड, जहाँ आप गर्मागर्म पकौड़े और चाय का आनंद ले सकते हैं, सर्दियों में घूमने का मजा दुगना कर देता है। नैनीताल पहुँचने के लिए आप काठगोदाम रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से पहुँच सकते हैं, जो नैनीताल से करीब 34 किलोमीटर दूर है। वहाँ से टैक्सी या बस द्वारा नैनीताल तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जो नैनीताल से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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सर्दियों के दौरान नैनीताल की खूबसूरती

3. मसूरी (Mussoorie)– पहाड़ों की रानी

मसूरी के खूबसूरत नज़ारे सर्दियों में किसी जादुई जगह से कम नहीं लगते। बर्फ से ढके रास्ते, गन हिल से दिखने वाले हिमालय के दृश्य और लाल टिब्बा की शांति, यह सब आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। मसूरी का माहौल सर्दियों के मौसम में और भी रोमांटिक हो जाता है। मसूरी पहंचने के लिए आपको देहरादून पहुंचना होगा। वहां से आसानी से मसूरी पहुंच सकते हैं।

4. चोपता (Chopta) – मिनी स्विट्ज़रलैंड

अगर आप बर्फीले ट्रेक और शांत वातावरण पसंद करते हैं, तो चोपता आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है। इसे “मिनी स्विट्ज़रलैंड” कहा जाता है और यहाँ के तुंगनाथ मंदिर और चंद्रशिला ट्रेक सर्दियों में बेहद खूबसूरत लगते हैं। यहाँ की सफेद बर्फ और नीला आसमान आपका दिल जीत लेंगे। चोपता में अच्छी बर्फबारी हो जाए तो पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर आप सर्दियों में चोपता (Chopta in winters) जाने का प्लान बना रहें हैं तो पूरी तैयारी से जाएं क्योंकि बर्फबारी से आपको कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

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सर्दियों में चोपता की वादियां

5. मुनस्यारी (Munsyari)– हिमालय की गोद में

मुनस्यारी, जो प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए स्वर्ग है, सर्दियों में बर्फ से ढक कर और भी आकर्षक हो जाता है। यहाँ से पंचाचुली चोटियों का नज़ारा ऐसा लगता है जैसे कोई पेंटिंग हो। खलिया टॉप और मिलम ग्लेशियर जैसी जगहें सर्दियों में ट्रेकिंग के लिए एक शानदार अनुभव देती हैं। ध्यान रखें कि सर्दियों में मुनस्यारी में भी चोपता जैसी ही बर्फबारी होती है। ऐसे में पूरी तैयारी से ही जाएं।

उत्तराखंड में मौसम का यलो अलर्ट, भारी बर्फबारी से लकदक हुए पहाड़

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है। उधर बारिश और बर्फबारी के बाद पूरे राज्य में ऊंचाई वाले इलाकों में पहाड़ बर्फ से ढंके हुए हैं।

शीतलहर का यलो अलर्ट जारी

उत्तराखंड में ठंड अब बढ़ने वाली है। पूरे राज्य में शीतलहर का प्रकोप देखने को मिल सकता है। राज्य में ठिठुरन भरी ठंड की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के चलते राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में अच्छी बर्फबारी हुई है। राज्य के अधिकतर इलाकों में बर्फ से पहाड़ ढंक गए हैं। ऐसे में अब इस बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं का दौर शुरू होने वाला है। राज्य मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के अधिकतर इलाकों में शीतलहर आने वाली है।

मौसम साफ लेकिन पाला और हवा बढ़ाएगी ठंड

मौसम विभाग की माने तो राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम साफ रहेगा लेकिन ठंडी हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। यही नहीं सुबह पाला भी पड़ सकता है ऐसे में यात्रा के दौरान सावधानी बरतनी होगी।

देहरादून । घर में घुसकर मर्डर से सनसनी, पेट में मारा गया चाकू

देहरादून में शहर के बीचोबीच एक पॉश कॉलोनी में हुए हत्याकांड से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। घर में घुसकर एक रिटार्यड अधिकारी की हत्या से पुलिस भी सकते में आ गई। हत्यारे ने हत्या के लिए चाकू का इस्तमाल किया। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।

सोमवार की रात देहरादून के जीएमएस रोड इलाके में बनी पॉश कॉलोनी अलकनंदा एनक्लेव में रहने ओएनजीसी से रिटायर्ड इंजीनियर एके गर्ग की उनके घर में ही चाकू मारकर हत्या कर दी गई। दरअसल पुलिस को रात करीब आठ बजे के आसपास एके गर्ग के पड़ोसियों ने सूचना दी कि घर से तेज आवाज आ रही है। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एके गर्ग के घर में प्रवेश किया तो एके गर्ग बॉथरूम में जख्मी हालत में पड़े थे। बेतहाशा कराह रहे एके गर्ग को पुलिस ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। हालांकि कुछ देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

घर में अकेले रहते थे एके गर्ग

एके गर्ग ओएनजीसी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और साल 2008 में रिटायर हो गए थे। इसके बाद से वो अपनी पत्नी के साथ इसी घर में रह रहे थे। एके गर्ग की दो बेटियां हैं। इनमें से एक चेन्नई में तो एक किसी अन्य शहर में रहती हैं। एके गर्ग की पत्नी का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद से एके गर्ग इस घर में अकेले ही रह रहे थे।

अक्सर मंगाते थे ऑनलाइन सामान

चूंकि एके गर्ग अब पूरी तरह से घर में अकेले रह रहे थे लिहाजा इस अकेलेपन में उन्हे रोजमर्रा के जीवन के लिए भी ऑनलाइन सुविधाओं का सहारा लेना पड़ता था। यही वजह है कि वो अक्सर ऑनलाइन खाना और जरूरत के सामान मंगाते थे। एके गर्ग के पड़ोसियों ने भी इस बात की तस्दीक की है।

घर में जली थीं लाइटें, बॉथरूम में गिरे थे

पुलिस जब एके गर्ग के घर में घुसी तो घर की लाइटें जल रहीं थीं। सभी कमरों में लाइट जली हुई थी और बॉथरूम से कराहने की आवाज आ रही थी। पुलिस ने तुरंत एके गर्ग को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि उन्हे बचाया नहीं जा सका।

ऑनलाइन ऑर्डर लाने वाले से लेकर पुताई वाला तक रडार पर

उधर पुलिस ने देहरादून में एक बुजुर्ग की हत्या के मामले में गंभीर रुख अख्तियार किया है। पुलिस इस मामले की तेजी से जांच कर रही है। पुलिस ऑनलाइन ऑर्डर पहुंचाने वालों की भी छानबीन कर रही है। इसके साथ ही सुनने में आ रहा है कि हाल ही में एके गर्ग के घर में पुताई का काम भी हुआ था। ऐसे में पुलिस पुताई वालों के बारे में पता लगा रही है। इसके साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरों की भी छानबीन कर रही है।

आंते बाहर आ गईं थीं

एके गर्ग की हत्या किसने की अभी ये पता लगाया जाना है लेकिन हत्यारा बेहद गुस्से में था ऐसा लग रहा है। दरअसल एके गर्ग को पेट में चाकू मारा गया था और इसकी वजह से एके गर्ग की आंतें तक बाहर आ गईं थीं। ऐसे में पुलिस ये मान कर चल रही है कि हत्यारे ने बेहद गुस्से में आकर वार किया।

हल्दवानी में बनेगा नमो भवन, सीएम धामी ने दिए निर्देश

एक दिवसीय हल्द्वानी भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां एक ओर जिले की समस्याओं को दूर करने के लिए मंथन किया है वहीं हल्दवानी में भारत मंडपम जैसे मल्टी पर्पज हॉल के निर्माण का आदेश भी दिया है।

अधिकारियों को फटकारा भी, निर्देश भी दिए

सीएम धामी ने एफटीआई सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर लोक निर्माण विभाग,ऊर्जा एवं पेयजल विभाग की समीक्षा की। उन्होंने हल्द्वानी शहर के सड़क मार्गों के चौड़ीकरण के उपरांत किए जाने वाले सड़क सुधारीकरण, पेयजल व्यवस्था व विद्युत व्यवस्था के कार्यों व परियोजनाओं की जानकारी अधिकारियों से ली। इस दौरान उन्होंने पेयजल विभाग व विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि तय समय पर निर्माण कार्य पूर्ण हों,जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न मिले इसका ध्यान अधिकारी रखें।

डीएम वंदना से लिया फीडबैक

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी वंदना ने हल्द्वानी नगर अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी दी। नगर अंतर्गत एडीबी परियोजनान्तर्गत सीवरेज एवं पेयजल लाइन का निर्माण गतिमान है,विभिन्न कार्य पूर्ण हो गए हैं।अनेक कार्यों को पूर्ण करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अवगत कराया कि 31 सड़कें जो इन कार्यों से क्षतिग्रस्त हो गई थी उनमें सुधारीकरण व डामरीकरण का कार्य होना है,इस हेतु विकास प्राधिकरण से 12.5 करोड़ की धनराशि से कार्य कराए गए अवशेष कार्यों हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त लालकुंआ क्षेत्र में जलजीवन मिशन के कार्यों से खुदी हुई सड़कों में डामरीकरण व सुधारीकरण का कार्य प्रारंभ हो गया है।

हल्दवानी में बनेगा नमो भवन

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि हल्द्वानी में नमो भवन निर्माण के लिए शासन में टीएसी हेतु प्रस्ताव भेजा गया है।
नगर अंतर्गत नरीमन चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण हो गया है उससे आगे रानीबाग, गुलाब घाटी में सड़क चौड़ीकरण व पहाड़ी ट्रीटमेंट का कार्य होना है जिस हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि आपदा के दौरान देवखड़ी नाले से होने वाली क्षति को कम करने व उसके ट्रीटमेंट हेतु भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

उक्त प्रस्तावों के संबंध में मुख्यमंत्री ने मौके पर से ही सचिव वित्त उत्तराखंड शासन को दूरभाष पर वार्ता कर शीघ्र ही धनराशि आवंटित करने के निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को अधिक विद्युत बिल देने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग को तत्काल इन क्षेत्रों में कैम्प लगाकर जनता की समस्याओं का समाधान व निस्तारण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा जंगली जानवरों विशेष रूप गुलदार के हमले से बचाव हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की भी बात रखी,इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को ऐसे गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने हेतु तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।

Haldwani News : सिटी फॉरेस्ट का सीएम धामी ने किया लोकार्पण, शहर के लोगों को मिलेगा सुकून

हल्दवानी शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। हल्दवानी (Haldwani News) में सिटी फॉरेस्ट का लोकार्पण हो गया है। सीएम धामी ने शनिवार को सिटी फॉरेस्ट जनता को समर्पित कर दिया है।

हल्दवानी को मिला पहला सिटी फॉरेस्ट

हल्दवानी को पहले सिटी फॉरेस्ट की सौगात मिली है। हल्दवानी में रामपुर रोड पर एक करोड की लागत से सिटी फारेस्ट का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने नगर वन में वृक्षारोपण भी किया।

7.5 हेक्टेयर में बनाया है सिटी फॉरेस्ट

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नगर में निवासरत लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होने कहा शहर की भागदौड़ के बीच सिटी फारेस्ट एक ऐसा जगह है जहां सकून मिलेगा। सिटी फारेस्ट में लॉन, बैम्बू हट, चिल्ड्रन पार्क, ओपन एयर जिम, पैदल भ्रमण पथ, साईकिलिंग ट्रेल एवं हाथी सैल्फी पाइंट मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। सिटी फारेस्ट वन विभाग की 7.5 हेक्टेयर भूमि में स्थापित किया गया है।

लगे हैं विभिन्न प्रजातियों के पेड़

सिटी फारेस्ट में खैर, शीशम, सागौन, कंजू, अमलताश, यूकेलिप्टस, मौलश्री. छत्यून, बांस, चन्दन, नीम, बेल, पारिजात, पाखड़ आदि वानस्पतिक प्रजातियां हैं। इसके साथ ही नगर वन में बाउण्ड्री वॉल, वृक्षारोपण, लॉन विकास कार्य, चिल्ड्रन पार्क, ओपन जिम, पैदल ट्रेल, रिसेस्प्शन ऐरिया, प्रवेश गेट, पैदल मार्ग, ए०टी०वी० ट्रेल, वाटर टैंक आदि कार्य किया जा रहा है।

सिटी फारेस्ट में कैफेटेरिया, सोविनियर शॉप, वैलनेस ऐरिया, बटरफ्लाई गार्डन, रॉक गार्डन, कैक्टस गार्डन, टेªल्स का विस्तारीकरण एवं कैनोपी वॉकवे भविष्य में प्रस्तावित कार्य किये जायेेंगे।