कागज तैयार रखिए, उत्तराखंड में इस तारीख से शुरू होगा SIR

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण में 19 राज्यों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की घोषणा कर दी है। उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

8 जून से होगी घर – घर दस्तक

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि आयोग द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग,कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य सम्पादित किए जाएंगे। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन करेंगे। उत्तराखण्ड में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसी क्रम में 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश में राजनैतिक दलों द्वारा 21 हजार 808 बीएलए की तैनाती कर दी गई है।

सीएम धामी की बड़ी घोषणा, हर विकासखंड में बनेगा आदर्श कृषि व उद्यान गांव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड से एक-एक गांव का चयन कर उसे कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके।

स्थानीय आवश्यकताओं का करें अध्ययन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, भूमि की गुणवत्ता और स्थानीय आवश्यकताओं का अध्ययन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किस क्षेत्र में कौन-से फल, सब्जियां अथवा अन्य कृषि उत्पाद अधिक बेहतर ढंग से विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष की विशेषताओं के अनुरूप योजनाबद्ध कार्य कर राज्य को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

किसानों को मिले बेहतर लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविन्द बल्लभ पन्त, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर तथा अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में किसानों के लिए बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों तथा उच्च गुणवत्ता वाले पौध, बीज और खाद उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से तिलहनी फसलों जैसे सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इन फसलों के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिले और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो।

जैविक खेती को दें बढ़ावा – सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने बायो गैस संयंत्र और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज के विपणन में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए। साथ ही डिजिटल माध्यमों से बिक्री के लिए आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शोध और तकनीकी नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक किसानों को लैब टू लैंड से जोड़ा जाए।

गणेश गोदियाल ने धर्मेंद्र प्रधान को लिखी चिट्ठी, NEET पेपर लीक को युवा हितों पर बताया कुठाराघात

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रतियोगी परीक्षाओं के बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों को युवा हितों पर कुठाराघात बताते हुए कहा है कि पिछले कुछ वर्षों से देश में जिस प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं विशेषकर नीट और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जैसी परीक्षाओं मे पेपर परीक्षा से पूर्व पेपर लीक हो रहे हैं उससे परीक्षा का आयोजन करने वाली एजेंसियों और सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है तथा पेपर लीक की घटनाओं में सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता ने सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को ही संदिग्ध बना दिया है।

NEET पेपर लीक ने तोड़ा विश्वास

प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि ने विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को लिखे पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के मामलों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास गंभीर रूप से प्रभावित किया है। चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और धांधली के मामलों ने लाखों मेहनती छात्रों और उनके अभिभावकों का विश्वास तोड़ने का काम किया है। यह केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वर्षों की कठिन मेहनत आर्थिक संसाधनों और मानसिक दबाव के बीच परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।

जांच में सख्ती की बात सिर्फ दावों में

गणेश गोदियाल ने कहा कि आज देश का युवा दिन-रात मेहनत करके अपने भविष्य का सपना देखता है, लेकिन जब परीक्षाओं की गोपनीयता ही सुरक्षित न रहे तो प्रतिभाशाली और ईमानदार छात्रों का मनोबल टूटना स्वाभाविक है। केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली लागू करें। गत वर्षों में नीट और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, फर्जी परीक्षार्थियों तथा परीक्षा केंद्रों में अनियमितताओं के अनेक मामले सामने आए हैं जिनमें सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता गम्भीर चिन्ता का विषय है। इन घटनाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां मौजूद हैं। दुर्भाग्य की बात यह है कि हर वर्ष जांच और सख्ती के दावे किए जाते हैं, लेकिन फिर भी परीक्षा की विश्वसनीयता पर लगातार प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।

बच्चों के अधिकारों को कुचलने की कोशिश

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों की नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि प्रतिभाशाली और मेहनती विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलेगा तो युवाओं का व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है। नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में जिन लोगों ने पैसे और प्रभाव के दम पर मेहनती विद्यार्थियों के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

गणेश गोदियाल ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से मांग करते हुए कहा किः-

  1. नीट परीक्षा में हुए सभी पेपर लीक एवं अनियमितताओं की माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
  2. परीक्षा संचालन में शामिल दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संगठित गिरोहों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।
  3. परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य हो।
  4. परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने हेतु स्वतंत्र निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
  5. प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक होने पर पुनः परीक्षा आयोजित की जाए।
  6. भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून बनाया जाए।
    श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी छात्रों के साथ खडी है और केन्द्र सरकार से आशा करती है कि भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ आयोजित किया जाए, ताकि युवाओं का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली पर बना रहे।

उत्तराखंड महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रवेश का एक मौका और, ऐसे करना होगा आवेदन

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में एडमिशन के लिए प्रतिभाशाली छात्राओं को एक अवसर और दिया जाएगा। देहरादून में समीक्षा बैठक में खेल मंत्री ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं।

स्पॉट ट्रायल के जरिए होगा एडमिशन

सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि अभी तक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में एडमिशन के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। लेकिन जानकारी का अभाव होने के चलते अगर कुछ मेधावी बालिकाएं आवेदन नहीं कर सकी है तो उनका स्पाट ट्रायल के जरिए एडमिशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 16 पद सृजित कर दिए गए हैं और इन्हें जल्द से जल्द भरा जाएगा। 1 जुलाई से पहला सत्र शुरू किया जाएगा।

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में शुरू होंगी क्लासेज

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने निर्देश दिया कि हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय की कक्षाएं भी इसी सत्र से शुरू होनी है और इसकी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न जॉब देने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसी साल इसकी विज्ञप्ति जारी करनी है और इस प्रक्रिया को गति देने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से बैठक का समय मांगने के लिए पत्र भेजा है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आगामी राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन, उनके प्रशिक्षण शिविर, बेहतर डाइट, रहने व आने जाने की सुविधा सुनिश्चित की जाए। जिससे उत्तराखंड की परफॉर्मेंस और बेहतर हो सके। इसके लिए शासन से अतिरिक्त बजट मांगा गया है।

खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश के स्पोर्ट्स हॉस्टलों को खेल नर्सरी के रूप में विकसित करने की योजना है और इसका एक पायलट प्रोजेक्ट इसी साल शुरू कर दिया जाएगा।

वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट की पॉलिसी तय

बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार उत्तराखंड में विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट की नीति तय कर दी गई है। इसके तहत सभी 13 जनपदों के लिए एक-एक खेल का चयन किया गया है।

राज्यपाल से मिले कांग्रेस नेता, सूबे में कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने के आरोप, सौंपा ज्ञापन

उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने राज्यपाल ले.जन. गुरमीत सिंह से मुलाकात की है। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंप कर राज्य में ध्वस्त कानून -व्यवस्था का हवाला दिया है।

राज्य सरकार को निर्देशित करने की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस जनों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल ले.जन. गुरमीत सिंह से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित करते हुए राज्य में ध्वस्त पड़ी कानून व्यवस्था में सुधार लाये जाने तथा नसिंग अभ्यर्थियों के मामले में स्वास्थय महानिदेशक द्वारा भेजे गये प्रस्तावानुसार निर्णय लिये जाने हेतु राज्य सरकार को निर्देर्शित करने की मांग की।

हरीश रावत समेत तमाम नेता रहे मौजूद

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक लखपत सिंह बुटोला, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र शाह, महानगर अध्यक्ष जसविन्दर सिंह गोगी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, अमरेन्द्र सिंह बिष्ट, अश्विनी बहुगुणा, विरेन्द्र पोखरियाल, ओमप्रकाश सती, अमरजीत सिंह, अखिलेश उनियाल शामिल थे।

कांग्रेस पर नर्सिंग अभ्यर्थियों को भड़काने का आरोप, बीजेपी का दावा, सरकार निकालेगी समाधान

भाजपा ने कांग्रेस पर नर्सिंग अभ्यर्थियों को आत्मघाती कदम उठाने के लिए भड़काने का आरोप लगाया है। बीजेपी विधायक और प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा है कि धामी सरकार इस मसले का हल निकाल लेगी। वहीं उन्होंने कांग्रेस की महिला नेता द्वारा स्वयं पर पेट्रोल डालकर बेरोजगारों को आत्मदाह के लिए उकसाने की निंदा की है।

देहरादून में बीजेपी पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि सरकार से बातचीत के बाद, नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन समाप्त करना स्वागत योग्य है। पार्टी को पूर्ण भरोसा है कि शीघ्र मुख्यमंत्री पुष्कर धामी युवाओं के हित में इस मुद्दे का पूर्णतया समाधान करेंगे। वहीं आंदोलनकारी युवाओं से आग्रह किया कि भाजपा संगठन और सरकार उनके हितों को लेकर संवेदनशील एवं गंभीर है, सभी को थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है।

कांग्रेस की भूमिका अराजक, युवाओं को भड़काने की कोशिश

विनोद चमोली ने कहा कि कांग्रेस का इस आंदोलन में अराजकतापूर्ण भूमिका का निर्वहन करना चिंताजनक है। कांग्रेस ने अपनी महिला नेता को दांव पर लगाकर आंदोलनकारी युवाओं को आत्मदाह के लिए भड़काने की कोशिश की।
विनोद चमोली ने कहा कि “निश्चित तौर पर ये एक आत्मघाती और गैरजिम्मेदाराना कदम है, यहाँ तक है कि इतने दिन से आप टंकी पर चढ़े हुए हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आप स्वयं पर पेट्रोल डालकर क्या जताना चाहते हैं? क्या लोगों को ये सन्देश देना चाहते हैं कि अपने काम कराने हैं तो अपने को जला लो पहले, या आत्महत्या कर लो? क्या एक लीडर का और ऐसी एक राष्ट्रीय पार्टी का जो कल सरकार बनाने का दावा करती हो। क्या वो प्रदेश को अराजकता के इस रास्ते पर झोंकना चाहती है?

गणेश गोदियाल को नसीहत, ये परंपरा ठीक नहीं

उन्होंने गणेश गोदियाल से अपील की कि अध्यक्ष के नाते उनको अपनी महिला नेता से बात करनी चाहिए और इस तरफ आंदोलन को नहीं ले जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य के लिए भी ये परम्पराएँ ठीक नहीं हैं। वहीं सुझाव दिया कि उन्होंने अपने अध्यक्ष की जान-माल की चिंता करनी चाहिए।

समाधान के लिए सरकार के पास जाएं

बहुत संभावना है कि नेतृत्व की सलाह पर ही वो चढ़ी होंगी क्योंकि उसके बगैर ऐसा एक महिला अध्यक्ष कदम नहीं उठा सकता। ऐसे में उनको चाहिए कि वे उनको नीचे उतारें। अगर कोई वार्ता करनी भी है, तो पूरी कांग्रेस मुख्यमंत्री के पास जाय, कोई इंकार नहीं कर रहा है। चाहे तो वे स्वास्थ्य मंत्री से भी बातचीत कर सकते हैं और शायद बातचीत भी हुई है। और उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाया है। कांग्रेस पार्टी समेत कोई भी सामने आकर इस विषय के समाधान के लिए सरकार के पास आ सकता है।

धामी कैबिनेट के फैसले : 19 प्रस्तावों पर लगी मुहर, कई नए पदों की मंजूरी

देहरादून में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इसमें धामी कैबिनेट के कई अहम फैसले (Dhami cabinet decisions) शामिल हैं।

कैबिनेट ने दी लघु जल विद्युत परियोजना नीति में बदलाव को मंजूरी

कैबिनेट ने लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। अब डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य होगी।
पहले जहां डीपीआर बनाई जाती थी, अब उसकी जगह प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

स्वैच्छिक चकबंदी होगी लागू

  • कैबिनेट ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का निर्णय लिया है।
  • हर जिले में शुरुआती चरण में 10 गांवों का लक्ष्य तय किया गया है। चकबंदी के लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी।
  • धामी सरकार ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी और आपत्तियों का निस्तारण भी किया जाएगा।

कैबिनेट ने मेडिकल और स्वास्थ्य विभाग को लेकर लिए बड़े फैसले

  • फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पदों को दी कैबिनेट ने मंजूरी।
  • चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का किया जाएगा पुनर्गठन, पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है।
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।
  • कैबिनेट ने लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद होंगे सृजित।

खेल विभाग में नए पदों की धामी कैबिनेट की मंजूरी

  • खेल विभाग में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 16 पदों पर नियुक्ति को कैबिनेट की मंजूरी
  • ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के निदेशक मंडल में बदलाव करते हुए सदस्यों को हटाने के प्रस्ताव पर लगी मुहर
  • अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम को क्रियान्वित करने के लिए उत्तराखंड शिक्षण अल्पसंख्यक प्राधिकरण के आवेदन प्रावधानों को मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी
  • उत्तराखंड पर्यटन पंजीकरण नियमावली मे संशोधन को दी स्वीकृति
  • कैबिनेट ने होमस्टे नीति में बदलाव करते हुए कमरों की सीमा 6 से बढ़ाकर 8 की, ऑनलाइन रिन्यूअल में भी छूट देने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

धामी कैबिनेट के इन फैसलों से होगी ऊर्जा और ईंधन की बचत, तत्काल होंगे लागू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा और ईंधन बचत की अपील के बाद अब उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने भी इस क्षेत्र में कई अहम कदम उठाने जा रही है। सरकार ने इस संबंध में फैसले ले लिए हैं और ये तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

धामी कैबिनेट के फैसले, तुरंत होंगे लागू

बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

अब होगा work for home

सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

एक दिन का no vehicle day


मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

एक अधिकारी, एक वाहन

परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

उत्तराखंड की ev policy होगी प्रभावी


इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी

“Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

“मेरा भारत, मेरा योगदान”


“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

खाद्य तेल की खपत घटाना

आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।

Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

उत्तराखंड। मंत्री गणेश जोशी ने स्कूटी चलाई, अब ये आफत बुलाई

उत्तराखंड के काबिना मंत्री गणेश जोशी अक्सर चर्चाओं में आ जाते हैं। इस बार वो स्कूटी चलाकर चर्चाओं में आ गए हैं। मंत्री जी ने जो स्कूटी चलाई उसका इंश्योरेंस ही एक्सपायर निकला। अब सोशल मीडिया में लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं।

पीएम की अपील पर चला रहे थे स्कूटी

दरअसल हाल ही में पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से अपील की वो देशहित में पेट्रोलियम पदार्थों का प्रयोग कम करें और सोना न खरीदें। इसी बात को गांठ बांध कर मंत्री गणेश जोशी ने पेट्रोल बचाने का संदेश देनी की ठानी और अपनी सरकारी गाड़ी में न बैठ कर स्कूटी को चलाने लगे। मंत्री जी का स्कूटी चलाते हुए वीडियो और तस्वीरें जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।

इंश्योरेंस हो चुका था खत्म

मंत्री गणेश जोशी जो स्कूटर चला रहे थे लोगों ने उसकी डिटेल निकाली तो नया खुलासा हो गया। दरअसल जिस स्कूटर के जरिए गणेश जोशी पेट्रोल बचाने का संदेश दे रहे थे उसका तो इंश्योरेंस की काफी पहले एक्सपायर हो चुका था। ऐसे में मंत्री जी की कोशिश उनके ऊपर ही उल्टी पड़ गई। पता चला कि जो स्कूटर वो चला रहे थे वो उनका था भी नहीं। फिर क्या था, सोशल मीडिया पर लोग मंत्री जी और देहरादून पुलिस से सवाल पूछने लगे कि क्या चालान कटेगा और अगर कटेगा तो किसका कटेगा, मंत्री जी का या फिर स्कूटर मालिक का।

साथ चलती रही कार भी

बताया जा रहा है कि जिस समय गणेश जोशी स्कूटर से चल रहे थे उस समय उनके साथ साथ उनकी कार भी चल रही थी और उसी से उनका वीडियो भी बनाया जा रहा था। लोगों ने इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर मंत्री गणेश जोशी पर सवाल उठाए।

‘ये उपदेश नहीं, नाकामी के सबूत’, पीएम मोदी की अपील पर राहुल गांधी का पलटवार, अखिलेश ने भी उठाए सवाल

पीएम मोदी के सोना न खरीदने वाली अपील पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं। राहुल गांधी ने फिर एक बार पीएम मोदी को compromised PM करार दिया है।

‘देश चलाना उनके बस की बात नहीं’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से सोना नहीं खरीदने, पेट्रोल का कम उपयोग करने आदि कुछ अपील की हैं जो उनकी नाकामी का सबूत है तथा अब देश चलाना उनके बस की बात नहीं है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया में पोस्ट लिख कर पीएम मोदी पर हमला बोला है। यही नहीं, राहुल गांधी ने फिर एक बार पीएम मोदी को compromised PM करार दिया है।

चुनाव खत्म होते ही, ‘संकट’ याद आया – अखिलेश यादव

वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी पीएम मोदी की इस अपील को आड़े हाथों लिया है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लिखा, चुनाव ख़त्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया! दरअसल देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ़ एक है और उसका नाम है : ‘भाजपा’ इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है। सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं ख़रीद पा रही है। भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो ‘लखनऊ से लेकर गोरखपुर’ तक पता कर लीजिए या ‘अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी’ तक। वैसे सारी पाबंदियाँ चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं है? भाजपाइयों ने चुनाव में जो हज़ारों चार्टर हवाई यात्राएं करीं वो क्या पानी से उड़ रहीं थीं?