‘एक साल तक सोना न खरीदें’, पीएम मोदी ने की अपील, वर्क फ्रॉम होम की भी दिलायी याद

पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वो अगले एक साल तक सोना न खरीदें। इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तमाल करने और दफ्तर जाने की जरूरत न होने पर वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी है। पीएम ने इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उपजे तनाव को वजह बताया है।

एक साल तक सोना न खरीदें – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने तेलंगाना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से अपील की है। पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक साल तक सोना न खरीदें। इसके साथ ही पीएम ने विदेश यात्रा की तैयारी करने वाले से कहा है कि वो भी एक साल तक के लिए अपनी विदेश यात्रा को टाल दें। पीएम मोदी ने कुल पांच अपीलें देश के नागरिकों से की हैं।

पीएम मोदी की पांच अपीलें –

  • ईंधन की बचत: पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें,  निजी वाहनों की जगह मेट्रो और बसों का उपयोग बढ़ाएं।
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी (EV) को प्राथमिकता दें।
  • Work From Home के कल्चर को दोबारा शुरू करें ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम उतरें।
  • स्वदेशी को बढ़ावा दें और विदेशी सामानों का उपयोग कम करें।

पीएम मोदी ने क्यों की ये अपील

दरअसल पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब कच्चे तेल और उर्वरकों (Fertilisers) की बढ़ती कीमतों ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ा दिया है। यही नहीं भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारतीयों के घरों में सोना खरीदने की परंपरा रही है। हालांकि भारत अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा सोना आयात करता है। सोना आयात करने के लिए भारत को भारी मात्रा में डॉलर का भुगतान करना पड़ता है। बाजार के जानकारों के मुताबिक भारत के कुल आयात बिल में अकेले सोने की हिस्सेदारी करीब 9% है। इसके बाद कच्चा तेल आयात आता है जो दूसरे नंबर पर है। भारत पहले से ही अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है और युद्ध की वजह से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, ऐसे में सरकार सोने जैसे गैर-जरूरी आयात को कम कर डॉलर बचाना चाहती है।

सुबह उठकर सबसे पहले क्या करें? हिंदू धर्म के अनुसार दिन की शुभ शुरुआत के 5 महत्वपूर्ण नियम

सुबह का समय हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसलिए ये जरूरी है हमें पता हो कि सुबह उठकर सबसे पहले क्या करें? आइए जानते हैं कि हिंदू धर्म में सुबह की दिनचर्या के बारे में क्या बताया गया है।


हिंदू धर्म में सुबह की दिनचर्या को केवल शरीर के लिए नहीं, बल्कि मन, ऊर्जा और आत्मा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि अगर दिन की शुरुआत सही तरीके से की जाए, तो पूरा दिन सकारात्मक और सफल बन सकता है। यही कारण है कि हमारे शास्त्रों में सुबह उठने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सुबह उठकर क्या करना चाहिए, तो यह लेख आपके लिए है।


1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें

ये एक महत्वपूर्ण बिंदू है। हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को सबसे पवित्र समय माना गया है। यह समय सूर्योदय से लगभग 1.5 घंटे पहले का होता है। शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त में नींद त्याग देने कई फायदे बताए गए हैं। आइए आपको बताते हैं –

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के फायदे:

  • मन शांत रहता है
  • एकाग्रता बढ़ती है
  • सकारात्मक ऊर्जा मिलती है
  • दिनभर आलस्य कम रहता है

आयुर्वेद और योग में भी सुबह जल्दी उठने को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है।


2. भगवान का स्मरण करें

ब्रह्म मुहूर्त में उठने के बाद सबसे पहले अपने इष्ट देव का स्मरण करना शुभ माना जाता है। अगर आप ब्रह्म मुहूर्त में नहीं उठ पा रहे हैं तो भी सुबह उठने के बाद सबसे पहले आपको भगवान के स्मरण की सलाह दी जाती है।

आप चाहें तो:

  • छोटा मंत्र बोल सकते हैं
  • प्रार्थना कर सकते हैं
  • या सिर्फ सकारात्मक भाव से ईश्वर को याद कर सकते हैं

आप चाहें तो सिर्फ बीज मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं जैसे –

  • “ॐ नमः शिवाय”
  • “ॐ गं गणपतये नमः”

ऐसा करने से मन शांत रहता है और दिन सकारात्मक ऊर्जा के साथ शुरू होता है।


3. तांबे के पात्र का जल पिएं

सुबह उठने के बाद मौजूदा समय में कई लोग सबसे पहले चाय या कोई अन्य पेय पदार्थ लेते हैं। हालांकि योग और आयुर्वेद में खाली पेट पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। विशेष रूप से तांबे के पात्र में रखा जल पीना सबसे बेहतर माना जाता है। पारंपरिक भारतीय जीवनशैली का हिस्सा रहा है।

इसके लाभ:

  • पाचन बेहतर होता है
  • शरीर detox होता है
  • शरीर में ऊर्जा बनी रहती है

ध्यान रखें कि पानी सामान्य मात्रा में ही पिएं।


4. सूर्य को अर्घ्य दें

हिंदू धर्म में सूर्य देव को जल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। सुबह स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।

सूर्य को अर्घ्य देने के लाभ:

  • आत्मविश्वास बढ़ता है
  • सकारात्मक ऊर्जा मिलती है
  • मानसिक शांति बनी रहती है

आप चाहें तो सूर्य नमस्कार भी कर सकते हैं।


5. सकारात्मक सोच रखें

सुबह के विचार पूरे दिन को प्रभावित करते हैं। अगर सुबह उठते ही नकारात्मक बातें सोचेंगे, तो उसका असर आपके काम और मन दोनों पर पड़ सकता है।

सुबह ये आदतें अपनाएं:

  • gratitude महसूस करें
  • अच्छे विचार सोचें
  • लक्ष्य पर ध्यान दें

याद रखें — सकारात्मक सोच सफलता की पहली सीढ़ी है।


सुबह की सही दिनचर्या क्यों जरूरी है?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव, चिंता और नकारात्मकता से घिरे रहते हैं।
ऐसे में सुबह की अच्छी आदतें:

  • मानसिक शांति देती हैं
  • productivity बढ़ाती हैं
  • और जीवन को संतुलित बनाती हैं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सुबह सबसे पहले क्या करना चाहिए?

सुबह उठकर सबसे पहले ईश्वर का स्मरण और सकारात्मक विचार करना शुभ माना जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे होता है?

यह समय सूर्योदय से लगभग 1.5 घंटे पहले का माना जाता है।

क्या सुबह पानी पीना जरूरी है?

हाँ, सुबह खाली पेट पानी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

अगर आप अपने दिन की शुरुआत शांति, सकारात्मकता और ऊर्जा के साथ करना चाहते हैं, तो हिंदू धर्म के ये सरल नियम आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही जीवन को बेहतर बनाती हैं।

केदारनाथ में सीएम धामी ने किया नए अस्पताल का उद्घाटन, श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय लोगों को भी मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा है कि इस अस्पताल के माध्यम से धाम में आने वाले श्रद्धआलुओं को बेहतर स्वास्थय सेवाएं दी जा सकेंगी।

श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

हर जिले में बनेगा एक मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

सीएम धामी ने किए केदारनाथ के दर्शन

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Champawat news : सामूहिक दुष्कर्म मामले में आया ये नया मोड़, पुलिस की जांच में हो गया बड़ा खुलासा

चंपावत से बड़ी खबर (Champawat news) आ रही है। पूरे राज्य में जिस सामूहिक दुष्कर्म मामले की गूंज सुनाई दे रही थी। पूरी सरकार जिस मामले में विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। अब पुलिसिया जांच में ये पूरा मामला न सिर्फ बदले की भावना के तहत रची गई साजिश पाया गया है बल्कि मेडिकल जांच में नाबालिग के साथ किसी जोर जबरदस्ती की पुष्टि भी नहीं हुई है। यहां तक कि उसके पांवों में रस्सी को बांधे जाने से बनने वाले निशान भी नहीं मिले हैं।

चंपावत सामूहिक दुष्कर्म केस में खुलासा, जांच में खुली पोल

चंपावत सामूहिक दुष्कर्म केस में पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट ने पूरा सच सामने लाकर रख दिया है। जिस नाबालिग लड़की के गैंगरेप के आरोप लगे थे उसके चिकित्सीय परीक्षण में किसी प्रकार की बाह्य अथवा आंतरिक चोट, संघर्ष अथवा जबरदस्ती के स्पष्ट चिकित्सीय संकेत प्राप्त नहीं हुए हैं। यहां तक कि लड़की जिस तरह से रस्सी से बंधी मिली थी ऐसे में उसके हाथ और पांव में रस्सियों के निशान पाए जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा कोई निशान पीड़िता पर नहीं मिला।

वहीं पुलिसिया जांच में कुछ ऐसी बातें पता चली हैं जो पूरे मामले को सिर के बल खड़ा कर रही हैं। मसलन कुछ गवाहों के बयान तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खाते पाए गए, जिससे घटनाक्रम की सत्यता प्रमाणित नहीं होती है।

लड़की की सहेली का रोल भी संदिग्ध

चूंकि इस मामले के सामने आने के बाद पूरी सरकार पर सवाल उठ रहा था लिहाजा पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी और इस मामले की जांच बेहद तेजी से की गई। ऐसे में पुलिस को पीड़ित लड़की के कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं जो उसकी कहानी पर सवाल खड़े करते हैं। जांच में पता चला है कि पीड़िता अपनी मर्जी से ही शादी समारोह में गई थी। इसके साथ ही कुछ गवाहों के बयान तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खाते पाए गए, जिससे घटनाक्रम की सत्यता प्रमाणित नहीं हो रही है।

वहीं पुलिस ने पीड़िता, उसकी एक सहेली और एक और इस मामले में पीड़िता की पैरवी कर रहे कमल रावत के बीच उस दिन बार बार फोन कॉल का होना पाया गया है। ऐसे में पुलिस ने कमल रावत को भी उठा लिया है। फिलहाल पुलिस की जांच में इस मामले में आरोपी विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत की इस मामले में कोई संलिप्तता नहीं मिली है।

तो कमल ने बदला लेने के लिए रची साजिश ?

पुलिस की माने तो कमल रावत द्वारा बदले की भावना से प्रेरित होकर एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत नाबालिक बालिका को झूठा प्रलोभन व बहला-फुसलाकर अपने बदले की पूर्ति हेतु घटनाक्रम रचा गया था। आरोपियों के परिजन पहले ही इस बात की आशंका जाहिर कर चुके थे।

सामूहिक दुष्कर्म का लगाया था आरोप

आपको बता दें कि चंपावत में एक नाबालिग लड़की के सामूहिक दुष्कर्म की खबर सामने आने के बाद पूरे राज्य में हंगामा मच गया था। पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी घर नहीं लौटी है। पुलिस ने तलाश की तो नाबालिग अपने घर के पास एक डेयरी में नग्न अवस्था में रस्सियों से बंधी हुई मिली थी। पुलिस की पूछताछ में लड़की ने बताया कि विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत ने उसके साथ चाकू की नोक पर रेप किया और कमरे में बंद करके चले गए।

ये मामला राजनीतिक रूप से चर्चित हो गया क्योंकि इस मामले में एक आरोपी पूरन सिंह रावत पूर्व में तल्लादेश का भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रह चुका है। इसके अलावा वह पूर्व प्रधान भी रह चुका है। यही वजह रही कि विपक्ष ने आरोप लगाया की सत्ता पक्ष का आरोपी होने चलते पुलिस मुकदमा दर्ज करने में देरी कर रही है।

कौन ले रहा है गणेश गोदियाल की ‘राजनीतिक सुपारी’ ? आखिर उत्तराखंड कांग्रेस में चल क्या रहा है ?

उत्तराखंड कांग्रेस में क्या कोई बड़ा खेल चल रहा है ? पहले भावना पांडे का गणेश गोदियाल को लाखों रुपए देने का मामला और फिर वही भावना पांडे का कांग्रेस में टिकट पाने के लिए 25 लाख देने का दावा और अचानक इस मामले में एक ठग का पकड़ा जाना। और इसी बीच गणेश गोदियाल का एक बयान कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही थी। इन सभी घटनाओं को आपस में जोड़ें तो ऐसा लगता है मानों कांग्रेस किसी क्रासवर्ड पजल में उलझ गई है।

कांग्रेस में साजिश की खबरों को उस समय बल मिला जब भावना पांडे ने ठगी वाला बम फोड़ा। सबकुछ अचानक हुआ। भावना पांडे ने पुलिस में एक रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें शिकायत की गई कि उनसे कांग्रेस में टिकट दिलाने और प्रदेश अध्यक्ष पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपए एक व्यक्ति ने ठग लिए। भावना पांडे की इस शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और एक व्यक्ति को पकड़ भी लिया। इसके बाद खुलासा हुआ कि जो व्यक्ति भावना पांडे से राहुल गांधी का पीए बनकर पैसे ऐंठ रहा था वो कई और लोगों को भी फोन कर चुका था।

सुनने में ये कहानी बेहद सीधी लगती है लेकिन सवाल ये है कि क्या ये पूरी सच्चाई है या फिर सच का बड़ा हिस्सा अभी सामने आना बाकी है ? क्या भावना पांडे ने पूरी बात बता दी है ? फिलहाल ये जांच का विषय है।

गणेश गोदियाल के आंसू और साजिश को महसूस करते रहने का दुख

इस पूरे मामले को इतना तूल न मिलता अगर गणेश गोदियाल ये बयान न देते कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही थी। गणेश गोदियाल ने मीडिया के सामने ये माना कि उन्हे पता है कि उन्हे हटाने के लिए साजिश की गई। गणेश गोदियाल के बयान से ऐसा लगता है मानों वो अपने खिलाफ हो रहे राजनीतिक साजिश न सिर्फ बाखबर थे बल्कि बेचैन और लाचार उसे देख पाने से अधिक कुछ नहीं कर पा रहे थे। यही वजह है कि जब भावना पांडे का प्रकरण हुआ तो उसके बाद मीडिया के सामने वो लगभग रो ही पड़े। उनके ये आंसू सियासी तो नहीं कहे जा सकते लेकिन उनकी पीड़ा व्यक्तिगत जरूर थी।

राजनीतिक सुपारी लेने वाला कौन ? पार्टी या पार्टी के बाहर का कोई ?

गणेश गोदियाल जिस साजिश की बात कर रहे हैं उसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हो रही हैं। सवाल ये भी है कि ये साजिश रचने वाले पार्टी के भीतर के हैं या फिर पार्टी के बाहर के। ये सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही गणेश गोदियाल ने पार्टी को सक्रिय बना दिया था। कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े नेताओं तक सभी सक्रिय थे।

यहां तक कि अलग अलग गुटों से आने वाले नेता भी पार्टी के मंच पर एक साथ नजर आ रहे थे। ऐसे में अगर ये साजिश पार्टी के भीतर से हो रही है तो पार्टी आलाकमान के लिए भी ये खतरे की घंटी माना जा सकता है।

पार्टी कैसे करेगी सत्ता में वापसी ?

कांग्रेस आलाकमान ने जब दोबारा गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया तो ऐसा लगा कि पार्टी अब पूरे दमखम के साथ चुनावों की तैयारी में नजर आएगी। ऐसा होता दिखा भी। पार्टी के कार्यकर्ता – नेता सब सक्रिय नजर आने लगे। लेकिन इसी बीच दो ऐसे घटनाक्रम हुए जिसने पार्टी की सक्रियता को ठंडा कर दिया। पहला घटनाक्रम हरीश रावत का राजनीतिक अवकाश पर जाना रहा। दरअसल हरीश रावत न सिर्फ राजनीतिक अवकाश पर गए बल्कि अपने पीछे गुटबाजी का बम भी फोड़ गए। इसने पार्टी को खासा नुकसान पहुंचाया।

ऐसे में कांग्रेस का राज्य में राजनीतिक भविष्य चुनौतिपूर्ण दिखने लगा है। 2027 में सत्ता में वापसी की राह देख रही कांग्रेस के लिए ऐसी राजनीतिक सुपारी देने वाले माफिया से बचने के लिए शायद कोई बड़ा कदम उठाना होगा।

BKTC news : तो नियम विरुद्ध बांट दी लाखों की रकम, RTI से मिली जानकारी ने खोली पोल

उत्तराखंड में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यानी BKTC पिछले काफी वक्त से विवादों में बनी हुई है। पहले सोना चोरी के आरोप लगे और अब लाखों की धनराशि को नियम विरुद्ध बांटने के आरोप लग रहे हैं। हालात ये हैं कि सब कुछ BKTC के अध्यक्ष की आंखों के सामने हुआ और वो चुप्पी साधे रहे। RTI ने BKTC में हो रहे इस कथित गोरखधंधे की पोल खोल कर रख दी है। अधिवक्ता विकेश नेगी ने इसे लेकर बड़ा खुलासा किया है।

BKTC ने किया फंड का दुरुपयोग

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि धामों में तीर्थ यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम समिति, श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे की रकम का मनमाने ढंग से इस्तेमाल कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने एक बार फिर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को लेकर खुलासा करते हुए फंड दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाये हैं।

अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने दावा करते हुए कहा कि कहा सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आए दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2025 में केदारनाथ के तीर्थ-पुरोहितों की संस्था ‘केदार सभा’ को नियमों को दरकिनार कर 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ जब केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ खुलकर विरोध जताया था, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अचानक दे दी गई स्वीकृति, नोट शीट में भी गलतियों की भरमार

अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि आरटीआई में सामने आया है कि केदारनाथ धाम में 25 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ था। लेकिन आयोजन समाप्त होने के करीब ढाई महीने बाद, 12 अक्टूबर 2025 को बीकेटीसी के स्तर पर आनन-फानन में दो अलग-अलग नोटशीट तैयार कर 11 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी गई। इन नोट शीट्स पर तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल, उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण और अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

RTI में नहीं दिया संबंधित पत्र, पारदर्शिता सवालों में

हैरानी की बात यह है कि पूरे भुगतान प्रक्रिया में वित्त नियंत्रक की कोई सहमति नहीं ली गई, जो वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है। इसके अलावा नोटशीट में यह तक स्पष्ट नहीं किया गया कि केदार सभा ने आर्थिक सहयोग के लिए लिखित आवेदन दिया था या केवल मौखिक अनुरोध किया गया था। संबंधित पत्र भी आरटीआई में उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

‘विरोध शांत करने के लिए हुई सेटिंग’

अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष की कार्यशैली के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके ठीक दो दिन बाद 12 अक्टूबर को 11 लाख रुपये की स्वीकृति मिलना कई तरह के संदेह पैदा करता है। नेगी का आरोप है कि यह पूरा मामला ‘विरोध शांत कराने’ के लिए धन के दुरुपयोग का संकेत देता है। इतना ही नहीं, कथा की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ‘तीतर मीडिया एंड एडवर्टाइजिंग कंपनी’ को 1.5 लाख रुपये का भुगतान भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि इस कार्य के लिए अपनाई गई कोटेशन प्रक्रिया संदिग्ध थी, तीनों कंपनियों के कोटेशन एक ही तारीख पर और लगभग एक जैसी भाषा में प्रस्तुत किए गए, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है।

खौफनाक : बीजेपी नेता ने किया नाबालिग से दुष्कर्म, मुकदमा दर्ज, दो और लोगों पर भी आरोप

चंपावत से एक बड़ी खबर है। यहां एक बीजेपी नेता ने अपने दो अन्य साथियों के साथ एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं नाबालिग का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।

शादी में गई थी लड़की, लौटी नहीं

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक एक नाबालिग बालिका मंगलवार (5 मई) को अपनी सहेली की शादी में शामिल होने ग्राम सल्ली गई थी। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों में हड़कंप मच गया। आज (6 मई) सुबह ‘112’ के माध्यम से पुलिस को बालिका की गुमशुदगी की सूचना दी गई।सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने खोजबीन शुरू की। पुलिस ने बालिका को एक डेयरी के पास से बरामद किया। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसके साथ कुछ लोगों ने दुष्कर्म किया है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने पीड़िता को जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका उपचार और मेडिकल परीक्षण किया गया।

मुकदमा दर्ज, जांच जारी

इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और जांच कर रही है। वहीं एसपी चंपावत रेखा यादव ने पीड़िता से मुलाकात की है और घटना के बारे में जानकारी ली है। इसके साथ ही पुलिस ने वारदात वाले स्थल को सील कर दिया और वहां से सबूत इकट्ठे किए हैं।

बीजेपी नेता का नाम, दो और भी शामिल

इस घटना में परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी है जिसमें बीजेपी का मंडल अध्यक्ष भी शामिल है। इसके साथ ही एक पूर्व प्रधान और एक अन्य शख्स भी शामिल है। सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना ने पूरे चंपावत में सनसनी फैला दी है। फिलहाल पुलिस ने पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।

CM Dhami news today : राज्य के लाखों लोगों के खाते में आए पैसे, सीएम धामी ने एक क्लिक से भेजे 111 करोड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami news today) ने, बुधवार को समाज कल्याण विभाग के पेंशनर्स को वन क्लिक के माध्यम से अप्रैल माह की पेंशन का भुगतान किया। इसमें शत प्रतिशत राज्य पोषित योजनाओं के 756682 पेंशनर्स को कुल 111 करोड़ 82 लाख 52 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई, इसमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन शामिल है।

सीएम धामी के निर्देश, लगाओ कैंप

सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार अंत्योदय के लिए समर्पित है, इसलिए सरकार आर्थिक- सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग की पेंशन का लाभ दिलाने के लिए लगातार कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप अब प्रत्येक वर्ष 60 हजार से अधिक नए लोग समाज कल्याण की पेंशन से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे भी इस तरह के बहुउददेशीय कैम्प आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 59 वर्ष की आयु पूरे करने वाले लोगों के बीच सर्वे कर पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि 60 साल की उम्र पूरी होते ही उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए वार्षिक आय को व्यावहारिक बनाया जाए, साथ ही पेंशन योजनाओं सहित विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी एक जगह पर उपलब्ध कराने को कहा।

अपनाई जाएं बेस्ट प्रैक्टिसेज

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवाचार अपनाने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि, विभाग समाज कल्याण के क्षेत्र में कुछ बेस्ट प्रैक्टिस कर अन्य विभागों के साथ भी साझा करें। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों और पेंशनर्स से संवाद भी करें। इस मौके पर विभागीय मंत्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभाग, प्रत्येक जरूरतमंद का ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशन योजनाओं में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा रही है।

उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग की पेंशन के लिए कैसे आवेदन करें ?

उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से मिलने वाली पेंशन (जैसे वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग आदि) के लिए आवेदन अब पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले आवेदक को आधिकारिक पेंशन पोर्टल SSP Uttarakhand Pension Portal या e‑District/Apni Sarkar Portal पर जाना होता है, जहां “New Registration/Online Application” विकल्प चुनकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण और आवश्यक दस्तावेज (आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण आदि) अपलोड करने होते हैं। फॉर्म जमा करने के बाद आवेदन का सत्यापन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाता है और स्वीकृति मिलने पर पेंशन राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

आप चाहें तो सीधे Homepage | समाज कल्याण विभाग | एक सेवा के रूप में सुरक्षित, मापनीय और सुगम वेबसाइट | भारत पर भी जाकर और अधिक जानकारी ले सकते हैं। यहां आपको पेंशन कैटेगरी देखनी होगी

Dehradun accident news : देहरादून में दर्दनाक हादसा, डंपर की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत, हंगामा

देहरादून में बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा (Dehradun accident news) हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस को हालात काबू करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

लोड डंपर की चपेट में आया

देहरादून के कांवली रोड इलाके में बुधवार की सुबह ये हादसा हुआ है। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वाले शख्स का नाम सकल देव साहनी था और वो बिहार के सीतामढ़ी का रहने वाला था। सकल देव साहनी देहरादून में दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। बताते हैं कि सुबह सकल देव काम की तलाश में लेबर चौक की ओर जा रहे थे इसी बीच कांवली रोड पर तेज गति से आ रहे एक डंपर की चपेट में आ गए। हादसा इतना दर्दनाक था कि लोगों की रूह कांप गई। सकल देव की मौके पर ही मौत हो गई। Dehradun accident news video

साथियों का हंगामा, मुआवजे की मांग

वहीं सकल देव साहनी की मौत के बाद उसके साथियों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने आसपास की होर्डिंग्स और बैनर फाड़ डाले और उनके फ्रेम निकालकर कांवली रोड का पुल बंद कर दिया। टायरों को जला कर हंगामे की कोशिश की गई। इसी बीच लोगों ने हादसा करने वाले डंपर को जलाने की कोशिश की। इसके साथ ही डंपर मालिक को मौके पर ही बुलाने की बात भी करते रहे। काफी देर तक पुलिस और लोगों के बीच नोकझोंक चलती रही। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों की तत्परता से लोग डंपर को जला नहीं पाए। सकल देव के साथी मुआवजे की मांग कर रहे थे।

लगा जाम, सुबह परेशान हुए लोग

हादसे बाद मृतक का शव काफी देर तक सड़क पर ही पड़ा रहा। इसके चलते यातायात प्रभावित हुआ। वहीं मृतक के साथियों ने भी सड़क जाम कर दी। इसके चलते कांवली रोड पर ट्रैफिक जाम हो गया। सुबह अपने काम पर निकल रहे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं आसपास की गलियों में काफी देर तक वाहनों का दबाव बना रहा।

उत्तराखण्ड बनेगा भारतीय ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति का वैश्विक केंद्र – सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर ऋषिकुल, हरिद्वार में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में संस्थान को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल आस्था और अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक चिंतन की भी भूमि रही है। ऋषिकुल, हरिद्वार में इस महत्वपूर्ण संस्थान को नई पहचान देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

जल्द शुरू हो काम

सीएम धामी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए। कुंभ शुरू होने से पहले यह कार्य पूर्ण किया जाए। पर्यटन विभाग इसमें नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु को निर्देश दिये कि इस संस्थान के कार्यों की नियमित प्रगति के लिए संबंधित विभागीय सचिवों के साथ पाक्षिक बैठकें की जाएं। इसमें विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के सभी जनपदों की लोक कला पर आधारित गतिविधियां भी इसमें शामिल की जाएं।

नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान में वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान तथा जीवन मूल्यों पर आधारित शोध और अध्ययन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य, दशमलव प्रणाली, बीजगणित और त्रिकोणमिति जैसे महत्वपूर्ण गणितीय सिद्धांत दिए हैं। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे महान विद्वानों के योगदान को शोध और शिक्षा से जोड़ा जाए। बैठक में संस्थान में खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत में धातु विज्ञान, जल प्रबंधन, जैविक खेती और मौसम आधारित कृषि ज्ञान अत्यंत विकसित था, जिसे आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए।

आधुनिक सुविधाओं की हो व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में वेदों और उपनिषदों में वर्णित नैतिक शिक्षा, अनुशासन, कर्तव्यबोध और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। यह संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण का भी केंद्र बने। उन्होंने कहा कि संस्थान में डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, संगोष्ठी केंद्र, ई-लर्निंग सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाए।

उत्तराखंड को बनाए वैश्विक केंद्र

बैठक के दौरान संस्थान में भारतीय विद्या शाखाओं के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यटन, आयुर्वेद ज्योतिष और योग शिक्षा के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि ज्ञान, योग, ध्यान और भारतीय अध्यात्म की समृद्ध परंपराओं को संस्थान में वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित किया जायेगा। जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के श्रुति केन्द्र में वेद, उपनिषद और शास्त्रीय ज्ञान की परंपरा, दर्शन केन्द्र में भारतीय दर्शन और चेतना के गहन विचार, आयु केन्द्र में आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य विज्ञान के माध्यम से जीवन का संतुलन, विज्ञान केन्द्र में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक विज्ञान की विरासत और कला केन्द्र में भारतीय कला, संस्कृति एवं सौन्दर्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में विकसित किया जाए।