देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान (SSR-2027) शुरू होगा। इससे पहले सभी 12,543 मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों को अगले 10 दिनों में मतदान केंद्रों की मूलभूत सुविधाओं और मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) की समीक्षा की गई।
12,543 मतदान केंद्रों पर जांचेंगे मूलभूत सुविधाएं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों का अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें। जिन केंद्रों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें आसपास के सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की विधिवत प्रक्रिया अपनाई जाए।
निरीक्षण के दौरान बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
10 दिन में मतदाता सूची का परीक्षण
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारियों को अगले 10 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर मतदाता सूची की जांच करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध और संबंधित व्यक्ति के नाम सहित दर्ज विवरणों का सत्यापन किया जाएगा।
यदि किसी मतदाता के विवरण में गलती या कमी मिलती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-8 भरवाया जाएगा। मतदाताओं को भी सलाह दी जाती है कि वे पुनरीक्षण अभियान के दौरान अपनी प्रविष्टियों की जांच करें और त्रुटि मिलने पर संबंधित निर्वाचन कार्यालय या निर्धारित आधिकारिक माध्यम से सुधार के लिए आवेदन करें।
मतदाता सूची पुनरीक्षण 2027: महत्वपूर्ण तारीखें
मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह अभियान 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित होगा। जारी कार्यक्रम में निम्नलिखित तारीखें निर्धारित की गई हैं:
| प्रक्रिया | निर्धारित तारीख |
|---|---|
| ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन | 12 नवंबर 2026 |
| दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि | 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 |
| दावों और आपत्तियों की सुनवाई | 28 दिसंबर 2026 तक |
| अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | 4 जनवरी 2027 |
मतदाताओं को सलाह है कि वे ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम और अन्य विवरण जांच लें। यदि नाम दर्ज नहीं है या किसी विवरण में गलती है, तो संबंधित आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करें।
फॉर्म-7 के आवेदन की संख्या पर भी दी गई जानकारी
बैठक में राजनीतिक दलों को फॉर्म-7 से संबंधित प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। प्रेस नोट के अनुसार, दावे एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान कोई मतदाता आपत्तिकर्ता के रूप में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि में किसी व्यक्तिगत मतदाता द्वारा प्रति माह अधिकतम पांच फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
फॉर्म-7 का उपयोग मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया में किया जाता है। किसी व्यक्ति का नाम हटाने से संबंधित आवेदन पर निर्वाचन अधिकारियों को लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी होती है।
ईवीएम-वीवीपैट की जांच की भी समीक्षा
बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियों के साथ ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास और सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करना और आगामी चुनाव से पहले मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करना है।

