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देव डोली के लिए भीड़ ने तोड़ा खेल मैदान का गेट, प्रशासन ने 52 व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली ले जाने के दौरान विवाद हो गया। हालात ये हुए कि खेल मैदान के प्रवेश द्वार को तोड़ना पड़ गया। उधर स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में सरकारी संपत्तित को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 52 व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।

मुनि महाराज की डोली ले जाने के दौरान हुआ हंगामा

दरअसल ये पूरा वाक्या उस समय शुरू हुआ जब मुनि महाराज की डोली को खेल मैदान में प्रवेश कराने के लिए भक्त पहुंचे। डोली ने प्रवेश द्वार के छज्जे के नीचे से जाने से मना कर दिया। डोली आगे बढ़ी ही नहीं। इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने प्रवेश द्वार पर बने छज्जे को तोड़ने की मांग की। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के साथ काफी देर तक बातचीत होती रही। प्रशासनिक अधिकारी पहले से तय दो अन्य वैकल्पिक मार्गों से डोली को प्रवेश कराने की बात करते रहे। अधिकारियों ने प्रवेश द्वार तोड़ने से मना कर दिया।

लोगों ने खुद तोड़ दिया गेट, देखते रहे अधिकारी

हालांकि कई घंटों की बातचीत और हंगामे के बाद भी कोई हल नहीं निकला तो स्थानीय लोगों में से कुछ लोग द्वार पर चढ़ गए और गेट को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस फोर्स वहीं खड़ी रही और सब देखती रही। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान केदारनाथ हाईवे पर भी लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बार बार अफरातफरी मचती रही। द्वार तोड़े जाने के बाद डोली मैदान में प्रवेश कर गई।

डीएम प्रतीक जैन हुए नाराज, मुकदमा दर्ज

इस पूरे हंगामे के बाद जिलाधिकारी प्रतीक जैन भी मौके पर पहुंचे और हालात का जाएजा लिया। गेट तोड़े जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा अथवा अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को चिन्हित कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने त्रिभुवन चौहान, अनिल बैजवाल, राजेश बैजवाल सहित कुल 52 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 127, धारा 191(2), धारा 61, धारा 285 के साथ लोक संपत्ति को नुकसानी का निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

DM बोले, कुछ लोगों ने फैलाई अराजकता

इस पूरी घटना के बाद डीएम प्रतीक जैन खासे नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि, अगस्त्यमुनि नगर में महर्षि अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक देवरा यात्रा के सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा पूर्व से ही समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। प्रशासन द्वारा मुनि महाराज की डोली को महर्षि अगस्त्य मंदिर से अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल तक विधिवत एवं परंपरागत मार्ग से प्रवेश कराने के लिए समय रहते सभी प्रबंध पूर्ण कर लिए गए थे।

इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ लेकर जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। इन तत्वों द्वारा क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को तोड़ दिया गया, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंची बल्कि नेशनल हाईवे-107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। इस कारण स्थानीय नागरिकों, यात्रियों एवं पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इनके विरुद्ध दर्ज हुआ मुकदमा

(1) त्रिभुवन चौहान पुत्र कुलदीप सिह निवासी देवर थाना गुप्तकाशी जनपद रूद्रप्रयाग
(2) अनिल बैजवाल पुत्र चक्रधर बैजवाल निवासी नाकोट अगस्त्यमुनि
(3) राजेश बैजवाल पुत्र भगवती प्रसाद निवासी उपरोक्त
(4) योगेश बैजवाल पुत्र अनुसुइया प्रसाद बैजवाल निवासी उपरोक्त
(5) शेखप नौटियाल पुत्र अनुसुइया प्रसाद नौटियाल निवासी सिल्ला बामण गांव अगस्त्यमुनि
(6) भानु चमोला पुत्र अज्ञात निवासी तिलवाडा अगस्त्यमुनि
(7) मिथुन सब्जी वाला निवासी अगस्त्यमुनि
(8) मकर लाल पुत्र अज्ञात निवसी फलई अगस्त्यमुनि
(9) हैप्पी असवाल पुत्र अज्ञात निवासी तिलवाडा अगस्त्यमुनि
(10) विपिन रावत पुत्र अज्ञात निवासी जखन्याल गांव अगस्त्यमुनि
(11) केशव अग्रवाल पुत्र अज्ञात निवासी जखन्याल गांव अगस्त्यमुनि
(12) प्रियाशु मोहन पुत्र अज्ञात निवासी तिलवाडा अगस्तयमुनि एंव 40 अन्य लोग

धामी कैबिनेट के फैसले, उपनल कर्मियों को दी बड़ी सौगात, गन्ना समर्थन मूल्य का भी ऐलान

देहरादून में गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में धामी कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को जहां एक ओर समान कार्य, समान वेतन की सौगात दी है वहीं राज्य में गन्ना समर्थन मूल्य भी तय कर दिया है। आइए देखते हैं धामी कैबिनेट के फैसले क्या हैं।

धामी कैबिनेट के फैसले, 19 प्रस्तावों पर लगी मुहर

गुरुवार को हुई धामी कैबिनेट की बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

1: पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति यानी स्टेट गारंटी को मंजूरी। अब चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।

2: चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को मंजूरी। 405 रुपये अगेती के मिलेंगे।

3: निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी।

4: उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।

5: यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत के साइंस सेंटर के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।

6: 2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।

7: बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार की 50% के साथ अब राज्य से 25% अतिरिक्त मिलेंगे।

8: दून विवि में हिन्दू अध्ययन केंद्र के तहत 6 पदों (4 अकादमी,2 अन्य) को स्वीकृति मिली।

9: उपनल कर्मचारियों के लिए: पूर्व में चरणों में समान कार्य समान वेतन के 12 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पूरे करने वालों को समान कार्य समान वेतन 7000 से 8000 कर्मचारियों को मिलेगा। 2018 से पूर्व के बाकी को भी अलग से मिलेगा लाभ। भविष्य में उपनल के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों के लिए पुनर्वास कार्य ही किए जाएंगे।

10: सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई के तहत एनडीपीएस, पॉक्सो, के तहत विशेष न्यायालय बनेंगे। 16 न्यायालय बनेंगे, जिसमें 144 पद स्वीकृत हैं। देहरादून हरिद्वार नैनीताल और उधमसिंह नगर में 7 एडीजी, 9 एसीजेएम स्तर के न्यायालय होंगे।

11: उत्तराखंड की विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए सीएम को निर्णय के लिए अधिकृत किया गया।

12: खनन विभाग: नंधौर व अन्य नदियों में खनन का आदेश संशोधित किया गया है।

13: विभिन्न खेल प्रतियोगिता के लिए विधायक स्तर की चैंपियन ट्रॉफी और एक लाख, सांसद स्तर पर चैंपियनशिप ट्राफी और 2 लाख, राज्य स्तर पर 5 लाख और ट्रॉफी मिलेगी।

14: ब्रिडकुल रोपवे, टनल व कैविटी पार्किंग, ऑटोमेटेड या मेकैनिकल पार्किंग भी बनाएगा।

15: बीएनएस की धारा 330 में दो पक्षों के सहमत होने पर विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। उसका एक फॉरमेट बनाने के लिए नियमावली को मंजूरी।

16: यूसीसी में संशोधन को मंजूरी। अध्यादेश आएगा। जनवरी 2025 से पूर्व शादी वालों को छह माह के बजाय एक साल में कराना होगा विवाह पंजीकरण। रजिस्ट्रार जनरल अब अपर सचिव लेवल के अधिकारी होंगे। समय से काम न करने पर फाइन के बजाय पेनाल्टी किया गया।

17: उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को मंजूरी, होम स्टे योजना का लाभ स्थानीय को ही मिलेगा। अब इसके लिए स्थायी निवास जरूरी होगा। ब्रेड एन्ड ब्रेकफास्ट ही करा सकेंगे बाहरी राज्यों के लोग। होम स्टे जैसा कोई लाभ नहीं मिलेगा।

18: केदारनाथ धाम में एक पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। इसमें गोबर व चीड़ की पत्तियों से बायो मास पैलेट बनेंगे। पर्यटन विभाग करेगा।

19: वन निगम की रिपोर्ट सदन में रखने पर मुहर।

ऋषिकेश के यमकेश्वर में दिखा बब्बर शेर !, मचा हड़कंप, वन विभाग वालों ने ऐसे ‘पकड़ा’

शनिवार को ऋषिकेश के यमकेश्वर में बब्बर शेर दिखने की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हालांकि बाद में पता चला कि ये वीडियो एआई के जरिए बनाया गया है।

वायरल हुआ वीडियो, मच गया हंगामा

दरअसल ऋषिकेश के यमकेश्वर के माला गांव में अचानक हड़कंप मच गया। इस इलाके में धन्वंतरी धाम में बब्बर शेर देखे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो ने इलाके के लोगों में दहशत भर दी। लोग जंगल और उससे लगे इलाके में जाने से डरने लगे। शेर देखे जाने की खबर जंगल की आग की तरह फैलती ही गई। जिन लोगों ने भी सोशल मीडिया पर ये वीडियो देखा उन लोगों ने शेर होने की पुष्टि की और अन्य लोगों को बताया। कुछ लोगों ने तो दहाड़ सुने जाने की भी बात कह दी। शेर होने का वीडियो पतंजलि के एक सोशल मीडिया अकाउंट से भी शेयर कर दिया गया। जल्द ही ये खबर वन विभाग के अधिकारियों के पास भी पहुंची।

वन विभाग के अधिकारी परेशान

यमकेश्वर में बब्बर शेर होने की खबर सुनते ही वन विभाग के अधिकारी हैरान रह गए। उन्हे समझ ही नहीं आया कि आखिर यहां बब्बर शेर कहां से आ गया जबकि इस इलाके में बब्बर शेर पाया ही नहीं जाता है। आनन फानन में वन विभाग की टीमें और टाइगर रिजर्व की टीमों को मौके पर बुलाया गया और जांच शुरू कर दी गई।

मजदूरों ने AI से बनाया वीडियो, मांग रहे थे छुट्टी

वन विभाग के अधिकारियों की पूछताछ में जल्द ही बड़ा खुलासा हो गया। दरअसल वहां काम कर रहे कुछ मजदूरों से पूछताछ हुई तो पता चला कि जिस बब्बर शेर के इलाके में होने की खबर फैल रही है वो बब्बर शेर का वीडियो आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस यानी एआई AI के जरिए बनाया है। पता चला कि इलाके में काम कर रहे कुछ मजदूर अपने कॉन्ट्रेक्टर से छुट्टी मांग रहे थे लेकिन ठेकेदार उन्हे छुट्टी नहीं दे रहा था। लिहाजा छुट्टी के लिए मजदूरों ने दिमाग लगाया और एक एआई वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। सुनने में आया कि कुछ मजदूरों ने इलाके में शेर होने की बात कह कर काम से छुट्टी भी ले ली।

अंकिता भंडारी हत्याकांड : पद्मश्री अनिल जोशी ने क्यों कराई नई FIR ? क्या है VIP वाला एंगल ? उत्तराखंड में क्यों उठने लगे सवाल ? क्या है

उत्तराखंड का अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से पूरे देश में चर्चाओं में है। हाल ही में उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने इस हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की संस्तुति की है। इसके साथ ही इस मामले में दर्ज कराई गई पर्यावरणविद और पद्मश्री अनिश जोशी की FIR भी चर्चाओं में आ गई है।

अनिश जोशी ने दर्ज कराई नई FIR

पर्यावरणविद और पद्मश्री अनिश जोशी ने नौ जनवरी को देहरादून के वसंत विहार थाने में एक शिकायत दी थी। इस शिकायत में अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी को सवाल उठाए गए थे। इसके साथ ही इस संबंध में जांच की जरूरत बताई गई थी। अनिल जोशी की इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रात 9 बजकर 50 मिनट पर एक FIR दर्ज की है। इस एफआईआर में अज्ञात वीआईपी को लेकर जांच की आवश्यकता बताई गई है।

क्यों मचा है बवाल ?

अनिल जोशी के जरिए दर्ज कराई गई इस एफआईआर सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल इस शिकायत में अंकिता भंडारी के परिजनों को पार्टी नहीं बनाया गया है यानि ये मुकदमा अनिल जोशी, कथित अज्ञात वीआईपी और सरकार के इर्दगिर्द रहेगा और अंकिता के परिजनों के पास इस मुकदमे का कोई सिरा नहीं होगा। अगर कभी अनिल जोशी चाहें तो वो इसे वापस भी ले सकते हैं और अंकिता के परिजन कुछ नहीं कर पाएंगे सिवाए फिर से शिकायत करने के। कुल मिलाकर देखे तो जिस वीआईपी की तलाश अंकिता के परिजन और पूरा राज्य कर रहा है उसकी तलाश के लिए लिखाई गई FIR में अंकिता के परिजन पार्टी ही नहीं बनाए गए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया अवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट की लिखी चिट्ठी

इस पूरे प्रक्रम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता अजय शर्मा ने सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट के साथ ही उत्तराखंड के गृह सचिव को भी चिट्ठी लिखी है। अजय शर्मा ने कई पुराने मुकदमों के हवाले से बताया है कि, स्थापित विधिक सिद्धांत है कि, जब पीड़ित अथवा उनके विधिक उत्तराधिकारी जीवित, सक्षम एवं उपलब्ध हों, तथा वही पहले से प्रकरण में सक्रिय हों, तो किसी तृतीय व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई FIR न्यायिक रूप से संदिग्ध मानी जाती है। यही नहीं उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि , किसी भी FIR पर Closure Report का विरोध/चैलेंज वही कर सकता है जो “aggrieved person” हो। डॉ. अनिल जोशी न तो पीड़ित हैं और न ही विधिक उत्तराधिकारी। अतः उनकी FIR के आधार पर भविष्य में प्रतिकूल निष्कर्ष आने पर उसे प्रभावी रूप से चुनौती देने का अधिकार संदिग्ध रहेगा जो न्याय के उद्देश्य को कमजोर करता है। यदि यह पाया जाता है कि, तृतीय व्यक्ति की FIR को असामान्य तत्परता से स्वीकार किया गया, जबकि पीड़ित जबकि पीड़ित पक्ष की वैधानिक भूमिका को दरकिनार किया गया,तो यह स्थिति —*State of Punjab v. Gurdial Singh, (1980) 2 SCC 471 के अनुसार* Colourable Exercise of Power एवं malice in law की ओर संकेत करती है। *माननीय सुप्रीम कोर्ट ने Bhagwant Singh v. Commissioner of Police, (1985) 2 SCC 537 में स्पष्ट किया है कि—Closure Report को चुनौती देने का अधिकार केवल “aggrieved person” को है।

हरीश रावत ने भी उठाए हैं सवाल

इस मसले पर तीसरे व्यक्ति की इंट्री पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता हरीश रावत ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर एक नए व्यक्ति को इस केस में लाने की क्या वैधानिक जरूरत पड़ गई जबकि इस संबंध में पहले ही जांच हो चुकी है। वहीं अंकिता के परिजनों के जरिए जो एफआईआर होनी चाहिए थी उसे अनिल जोशी के जरिए कराया गया है।

Dehradun news : MS Galaxy Multispeciality Hospital में लगा निशुल्क हेल्थ कैंप, एक्सपर्ट डाक्टर्स से परामर्श के लिए उमड़ी भीड़

देहरादून के जाने माने डाक्टरों द्वारा संचालित MS Galaxy Multispeciality Hospital में लगे हेल्थ कैंप में चिकिस्कीय परामर्श और हेल्थ चेकअप कराने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सैंकड़ों लोगों ने अपने स्वास्थ की जांच कराई और सेवाओं का लाभ लिया।

प्रसिद्ध डाक्टरों से मिले निशुल्क, कराई जांच

रविवार को देहरादून के MS Galaxy Multispeciality Hospital में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। इसकी वजह थी वहां लगा हेल्थ कैंप। दरअसल ये अस्पताल देहरादून के दो जानेमाने डाक्टरों की देखरेख में संचालित होता है। ये डाक्टर्स हैं प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डा. महेश कुड़ियाल और प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. सुमिता प्रभाकर। आमदिनों में इन दोनों ही डाक्टरों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है लेकिन रविवार को ये दोनों ही डाक्टर बेहद आसानी से उपलब्ध थे वो भी निशुल्क। यही वजह है कि MS Galaxy Multispeciality Hospital में लगे हेल्थ कैंप में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

सैंकड़ों लोगों ने कराया हेल्थ चेकअप

एमएस गैलेक्सी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से आए 324 मरीजों ने भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर मरीजों को न केवल निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया, बल्कि आवश्यक दवाइयां एवं जांच सुविधाएं भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई गईं। साथ ही शिविर में सीटी स्कैन, एक्स-रे तथा पैथोलॉजी जैसी जांच सुविधाएं भी मरीजों को उपलब्ध कराई गईं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली।

विधायक ने बताया शानदार पहल

शिविर का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक विनोद चमोली द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम विशेष रूप से स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार होते रहने चाहिए। उन्होंने आम जनता को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आयोजकों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अलग अलग क्षेत्रों के पार्षद जिसमें रमेश आलोक कुमार एवं रुचि रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में एमएस गैलेक्सी हॉस्पिटल में कार्यरत विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनमें न्यूरोसर्जरी के लिए डॉ महेश कुड़ियाल, महिला रोगों के लिए डॉ सुमिता प्रभाकर, रेडियोलॉजी परामर्श के लिए डॉ नंदिनी द्विवेदी, पेट संबंधी रोगों के लिए डॉ दीपक पुरोहित, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ रोहन रात्रा, सामान्य रोगों के लिए डॉ अभिनव नैथानी, जनरल सर्जरी के लिए डॉ रोहित अरोड़ा तथा बच्चों की बीमारियों के लिए डॉ निखिलेश माथुर शामिल रहे। इसके अतिरिक्त डॉ शशेन्द्र सक्सेना, डॉ प्रवीण जिंदल एवं डॉ चरितेश गुप्ता ने भी शिविर में सहयोग प्रदान किया।

शिविर के दौरान मरीजों ने निःशुल्क परामर्श के साथ-साथ दवाइयों एवं जांच सुविधाओं का लाभ लिया। इस दौरान कुछ विशेष जांचें भी पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिनमें बीएमडी (BMD), एनसीएस (NCS) एवं पीएफटी (PFT) जांच शामिल रहीं। कई मरीजों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाने की अपेक्षा जताई।

सही मार्गदर्शन है बेहद जरूरी

इस अवसर पर डॉ महेश कुड़ियाल ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को समय पर जांच और सही मार्गदर्शन मिल पाता है।

जागरुकता है उद्देश्य

वहीं अस्पताल की संस्थापिका डॉ सुमिता प्रभाकर ने कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रारंभिक स्तर पर बीमारियों की पहचान करना है, ताकि समय रहते उचित इलाज संभव हो सके। उन्होने यह भी बताया कि अस्पताल द्वारा अब 24X7 इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेवाएं भी दी जा रही जिसका लाभ मरीजों को मिल रहा है ।

शिविर का समापन संतोष और सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ हुआ, और आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर सीआईएमएस (CIMS) से आए पैरामेडिकल स्टाफ, एनसीसी, फिजियोथेरेपी एवं नर्सिंग विभाग के विद्यार्थियों ने शिविर में सक्रिय रूप से सहयोग किया तथा विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस अवसर पर दुर्गेश कुड़ियाल, आयुष्मान, संजय पुंडीर सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे और शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

जल्द गिरफ्तार हो सकती हैं उर्मिला सनावर, जारी हुआ गैरजमानती वारंट, कई जिलों की पुलिस तलाश में लगी

अंकिता भंडारी केस में कथित ऑडियो क्लिप वायरल करने वाली महिला अभिनेत्री और पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर के गिरफ्तार होने का खतरा बढ़ गया है. हरिद्वार पुलिस ने उर्मिला के खिलाफ गैरजमानती वारंट हासिल कर लिया है वहीं देहरादून की पुलिस ने भी उर्मिला की तलाश तेज कर दी है। उर्मिला कई मुकदमों में वांछित हैं।

गैर जमानती वारंट जारी, अब बचना मुश्किल

उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली पुलिस ने गैरजमानती वारंट हासिल कर लिया है। इसके बाद उर्मिला सनावर का बचना बेहद मुश्किल है। उनकी गिरफ्तारी होगी और उन्हे जेल जाना पड़ सकता है। वहीं रानीपुर कोतवाली के बाद अब बहादराबाद पुलिस भी नॉन बेलेबल वारंट लेने की कोशिश में लगी है। माना जा रहा है आज यानी शनिवार को उसे ये हासिल हो सकता है। इसके बाद हरिद्वार के ही दो थानों की फोर्स उर्मिला सनावर को तलाश करने निकल जाएगी। इसके साथ ही देहरादून पुलिस भी उर्मिला सनावर को तलाश कर रही है।

कई मुकदमे दर्ज, बढ़ेंगी मुश्किलें

दरअसल उर्मिला सनावर के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज दो मुकदमे उस वायरल ऑडियो क्लिप से संबंधित हैं जो अंकिता भंडारी केस से जुड़ी हैं। इसमें वह पूर्व विधायक सुरेश राठौर के साथ सह आरोपी हैं। इसके साथ ही ब्लैकमेलिंग का भी एक पुराना मुकदमा भी दर्ज है। सुरेश राठौर की बेटी ने ये मुकदमा लगभग नौ महीने पहले दर्ज कराया था जिसमें उनकी अश्लील तस्वीरें दिखाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप है।

उत्तराखंड में SIR की तैयारी तेज, 2003 की वोटर लिस्ट में नाम कैसे खोजें, देखिए यहां

उत्तराखंड में SIR या विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान की तैयारी जोरों पर है। हालांकि अभी केंद्रीय निर्वाचन आयोग से इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है लेकिन राज्य निर्वाचन विभाग ने अपनी तैयारी को तेज कर दिया है. इसी के तहत साल 2003 की वोटर लिस्ट में नाम कैसे खोजें इसे लेकर भी विभाग की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अब मतदाताओं को एक क्लिक पर इसकी जानकारी उपलब्ध होगी।

विभाग ने तैयार किया नया UI, आसान हुआ काम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम की पहल पर आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रदेश में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया गया है। इसके लिए www.ceo.uk.gov.in पर 2003 की मतदाता सूची को और सरल विकल्प के साथ सर्च करने की सुविधा प्रदान की गई। लोगों को अपना नाम तलाश करने में आसानी हो इसके लिए नया यूजर इंटरफेस भी बनाया गया है।

2003 की वोटर लिस्ट में ऐसे देखें नाम

विभाग ने अपनी वेबसाइट पर 2003 की वोटर लिस्ट को अपलोड किया है। लोगों की सुविधा के लिए इसे फ्रंट पेज पर ही देखा जा सकता है। यहां 2003 की वोटर लिस्ट वाले ऑप्शन को क्लिक करते ही आपके सामने एक नई विंडो खुलती है जिसमें आपको विधानसभा और बूथ के हिसाब से नाम दिखते हैं। आप चाहें तो मोहल्ले या गली के हिसाब से भी अपना नाम देख सकते हैं.

घर – घर हो रहा है मिलान

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि प्रदेश में आगामी 10 जनवरी तक बीएलओ आउटरीच अभियान सम्पादित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर उनकी 2003 की मतदाता सूची में जानकारी से मिलान कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के कई मतदाता ऐसे हैं जिन्हें अपने वर्ष 2003 के बूथों की सही जानकारी नहीं हैं। मतदाताओं की इसी परेशानी को देखते हुए सीईओ उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर 2003 की मतदाता सूची को और सरल विकल्प के साथ सर्च करने की सुविधा प्रदान की गई।
मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची पहले से ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नए फीचर के साथ अब गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजी जा सकेगी।

उत्तराखंड न्यूज। दर्दनाक हादसे में बीजेपी नेता की मौत, कार के परखच्चे उड़े, मुश्किल से निकाला गया शव

रुड़की के पिरान कलियर इलाके में हुए एक दर्दनाक हादसे में बीजेपी नेता और ओबीसी मोर्चा के पूर्व कोषाध्यक्ष अमित सैनी की दुखद मौत हो गई। पुलिस को अमित सैनी का शव निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

पेड़ से टकराई कार

मिली जानकारी के मुताबिक अमित सैनी अपनी कार से देर शाम रुड़की से धनौरी स्थित अपने घर लौट रहे थे. वो धनौरी पहुंचने ही वाले थे तभी उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में अमित सैनी की कार के परखच्चे उड़ गए। वहीं अमित सैनी भी कार के भीतर ही फंस गए। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को अमित सैनी को निकालने में खासी मेहनत करनी पड़ी। मौके पर ही अमित सैनी की मौत हो चुकी थी।

सदमे में परिवार, इलाके में मातम

अमित सैनी बीजेपी के नेता थे और ओबीसी मोर्चा के कोषाध्क्ष भी रह चुके हैं. अमित सैनी की मौत से उनका परिवार सदमे में हैं, वहीं इलाके के लोग भी दुखी हैं। राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अमित सैनी बेहद सक्रिय और लोकप्रिय व्यक्ति के तौर पर थे. हादसे की खबर मिलने के बाद इलाके के लोगों उनके घर पहुंचने लगे वहीं बीजेपी के भी कई नेताओं ने अमित सैनी की मौत पर दुख व्यक्त किया है।

गिरफ्तार हो सकती हैं उर्मिला सनावर, पुलिस ने फिर चस्पा किया घर पर नोटिस

अंकिता भंडारी केस में दुष्यंत गौतम का नाम लेनी वाली बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी के गिरफ्तार होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है. पुलिस ने फिर एक बार उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर उन्हे पूछताछ के लिए बुलाया है. पुलिस पहले भी उनके घर पर नोटिस चस्पा कर चुकी है लेकिन वो पुलिस के सामने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची।

घर के बाहर चिपकाया नोटिस

उर्मिला सनावर की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। पुलिस ने फिर एक बार उर्मिला सनावर के सहारनपुर स्थित घर पर नोटिस चस्पा किया है. हरिद्वार पुलिस की दो टीमों ने सहारनपुर पहुंचकर उर्मिला सनावर के घर पर नोटिस चस्पा किया है। उर्मिला सनावर को तय समय में पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। इसके पहले भी पुलिस उनके घर पर नोटिस चस्पा कर चुकी है। पहली बार भी उर्मिला सनावर पुलिस के सामने पेश नहीं हुईं थीं। अब दूसरी बार उनके घर के बाहर नोटिस लगाई गई है।

उर्मिला के खिलाफ दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस के अनुसार, उर्मिला सनावर के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली और झबरेड़ा थाने में दर्ज मुकदमों में नोटिस जारी किए गए हैं। इससे पहले बहादराबाद थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी उसे नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन वह अब तक जांच में शामिल नहीं हुई। तीन बार नोटिस जारी होने के बावजूद पेश न होने को पुलिस गंभीरता से ले रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य स्तर की एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।

गिरफ्तार का वारंट हो सकता है जारी

उर्मिला सनावर के ऊपर पुलिस का दवाब लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस अलग अलग मुकदमों में उनकी तलाश कर रही है। यही वजह है कि उनके घर पर दो बार नोटिस चस्पा की जा चुकी है। इसके पहले भी उन्हे एक बार नोटिस भेजी गई थी। लेकिन वो पेश नहीं हुईं। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिस अब उनके खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट की प्रक्रिया शुरू कर सकती है और कोर्ट से उनकी गिरफ्तारी का वारंट ले सकती है। अगर ऐसा हुआ तो उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी तय है।

दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने से विवाद बढ़ा

दरअसल उर्मिला सनावर और बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का एक आडियो क्लिप सामने आया था जिसमें अंकिता भंडारी केस में बीजेपी के दुष्यंत गौतम का नाम सामने आया. इसके बाद हंगामा मच गया। इस विवाद के सामने आने के बाद शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ् के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार की ओर से बहादराबाद थाने में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

Chamoli news : निर्माणाधीन हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में हादसा, टनल में टकराई लोको ट्रेने, 70 घायल

उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) में विष्णुगाड़- पीपलकोटी हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा हो गया है। प्रोजेक्ट की टनल में दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं हैं। इस हादसे में तकरीबन 70 मजदूर और अधिकारी घायल हो गए हैं। शुरुआती जांच में हादसे की वजह एक लोको ट्रेन का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है।

शिफ्ट बदलने के दौरान हादसा

दरअसल चमोली में विष्णुगाड़- पीपलकोटी हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट में 13 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया जा रहा है। इस टनल का तकरीबन 6 किलोमीटर का हिस्सा पूरा हो गया है। इस टनल में मंगलवार की रात मजदूरों औऱ अधिकारियों की शिफ्ट बदली जा रही थी। इस दौरान मजदूर और अधिकारी लोको ट्रेनों से जा रहे थे। एक तरफ से नई शिफ्ट के कर्मचारी आ रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ से खत्म होती शिफ्ट के कर्मचारी निकल रहे थे। इसी दौरान दोनों कर्मचारियों को लेकर आ रही ट्रांसपोर्ट ट्रेने आपस में टकरा गईं।

109 लोग थे सवार, कई को हुआ फ्रैक्चर

इस हादसे के समय इन ट्रेनों में 109 लोग सवार थे। चमोली के एसपी सुरजीत सिंह ने बताया, ’42 घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 4-5 लोगों को फ्रैक्चर हुआ है। 17 लोगों को पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती किया गया है।’ उन्होंने बताया कि दोनों अस्पतालों में अधिकारी मौजूद हैं।

डीएम गौरव कुमार ने बताया कि 70 मजदूरों को इलाज के लिए गोपेश्वर के जिला अस्पताल लाया गया, जिनमें से 66 को फर्स्ट एड के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि चार मजदूरों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। पीपलकोटी विवेकानंद अस्पताल में 18 मजदूरों को फर्स्ट एड देकर घर भेज दिया गया। 21 मजदूरों को कोई चोट नहीं लगी और वे सीधे हादसे वाली जगह से घर लौट गए।

सीएम ने ली जानकारी, दिए निर्देश

हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के डीएम से फोन पर बात कर हालात की पूरी जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर मेडिकल इलाज मिले और जरूरत पड़ने पर उन्हें हायर सेंटर में भेजा जाए।