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Angel Chakma death : एंजेल चकमा की हत्या के राज खोलेगी SIT, सरकार ने मुख्य आरोपी पर इनाम की राशि भी बढ़ाई

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नस्लीय हिंसा में मारे गए त्रिपुरा निवासी 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की मौत (Angel Chakma death) की जांच अब एसआईटी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही मुख्य आरोपी पर ईनाम की राशि बढ़ा दी गई है। आपको बता दें कि पुलिस ने कुल छह लोगों को अब तक अरेस्ट किया है जबकि मुख्य आरोपी फरार है। इस बीच पुलिस द्वारा दर्ज की FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं, जिनमें सामने आया है कि चकमा को बड़ी बेरहमी से मारा गया था।

9 दिसंबर की रात मारा एंजेल को चाकू

घटना 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र की है। उस दिन एंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ सेलाकुई इलाके में खरीदारी करने गया था। उसी दौरान स्थानीय युवकों ने दोनों भाइयों पर नस्लीय टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं और उन्हें ‘चाइनीज’ कहकर चिढ़ाने लगे। बताया जा रहा है कि स्थानीय युवक नशे में थे। दोनों भाइयों ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने धारदार हथियार से एंजेल पर हमला कर दिया।

17 दिनों तक किया संघर्ष, फिर तोड़ा दम

चकमा का घटना के बाद करीब 17 दिनों तक इलाज चला और आखिरकार 26 दिसंबर को उसकी चोटों के कारण मृत्यु हो गई। चकमा के पिता के आरोप है कि पुलिस ने शुरू में सेलाकुई क्षेत्र में उनके बेटों से जुड़ी घटना के बारे में रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद जब ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट्स यूनियन और वरिष्ठ अधिकारियों ने दबाव बनाया तो 12 दिसंबर को पुलिस ने FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।

पुलिस ने FIR में क्या-क्या लिखा?

पुलिस ने मृतक के भाई माइकल की रिपोर्ट के आधार पर 12 दिसंबर को दोपहर 12:10 बजे FIR दर्ज की थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 118 और 351(3) के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह घटना 9 दिसंबर को शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच उस समय हुई थी जब एंजेल और माइकल बाजार में खरीदारी करने गए थे और उन्होंने नशे में धुत कुछ युवकों के नस्लीय टिप्पणी करने का विरोध किया।

आरोपियों ने शातिर तरीका से दिया अंजाम

FIR के अनुसार, एंजेल और माइकल के विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर चाकू और धातु के पंच से हमला कर दिया। माइकल के सिर पर धातु की वस्तु से वार किया गया, जबकि एंजेल के पेट और सिर में चाकू से हमला किया गया। इससे एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपियों ने भाइयों को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी तो वे उन्हें जान से मार देंगे।

कैसे हुई एंजेल चकमा की मौत? 

देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक चिकित्सा रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि एंजेल की मृत्यु रीढ़ की हड्डी और सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण हुई है। हालांकि, अभी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में किसी तरह की नस्लीय हिंसा की बात सामने नहीं आई है। यह दो पक्षों के युवकों के बीच आपसी विवाद को लेकर हुई मारपीट के उत्पन्न घटना है।

पुलिस ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की?

SSP सिंह ने बताया कि मामले में आस-पास के CCTV कैमरों की फुटेज देखने के बाद 6 आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें से 5 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी यज्ञ अवस्थी अभी फरार है। उन्होंने बताया कि अवस्थी के नेपाल भागने की सूचना मिली है। ऐसे में पुलिस अब उसकी नेपाल से गिरफ्तारी की योजना बना रही है। पुलिस ने अवस्थी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये तक का इनाम भी घोषित किया है।

अल्मोड़ा में बस खाई में गिरी, छह यात्रियों की मौत से मचा कोहराम

जाते जाते साल 2025 उत्तराखंड को एक और जख्म दे गया। अल्मोड़ा में एक बस खाई में गिर गई है। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

अनियंत्रित होकर गिरी बस

मिली जानकारी के मुताबिक एक प्राइवेट बस यात्रियों को लेकर सुबह छह बजे के आसपास द्वाराहाट से बसोट के रास्ते रामनगर के लिए निकली। सुबह की बस थी लिहाजा भीड़ अधिक नहीं थी। ये बस भिकियासैंण – विनायक मार्ग पर बैंड के बास अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में बस में सवार छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं हादसे में 11 लोग घायल हैं। घायलों को पास के अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें पहुंच गईं। हालांकि धुंध और कोहरे की वजह से राहत कार्यों में काफी बाधा का सामना करना पड़ा।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख

वहीं इस हादसे पर सीएम धामी ने दुख व्यक्त किया है। सीएम धामी ने कहा है कि, जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण से रामनगर जा रही बस के भिकियासैंण–विनायक मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है, जिसमें यात्रियों के हताहत होने की सूचना है। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। हादसे में घायल यात्रियों को जिला प्रशासन द्वारा त्वरित रूप से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। इस पूरे प्रकरण की सतत निगरानी की जा रही है और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हूं। ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

देहरादून। नस्लीय हमले का शिकार छात्र एंजल चकमा के परिजनों से सीएम धामी ने की बात, हत्या के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

देहरादून में पिछले दिनों हुई शर्मनाक और दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। देहरादून में रह कर पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा (Angel Chakma) को नस्ल भेदी टिप्पणी के बाद जान से मार डाला गया है। अब सीएम धामी ने मृतक छात्र के परिजनों से फोन पर बात कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सीएम धामी ने की एंजल चकमा के परिजनों से बात

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा के पिता से फोन पर बात की। इस दौरान सीएम धामी ने एंजल चकमा की मौत पर दुख व्यक्त किया। सीएम ने एंजल के पिता को ये भरोसा दिलाया कि इस हत्या के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। वहीं सीएम धामी ने ये भी बताया कि एंजल चकमा की हत्या के एक आरोपी के नेपाल भाग जाने की आशंका है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस हत्यारोपी को तलाश कर रही है और एक टीम नेपाल भी भेजी गई है।

मुख्य आरोपी है फरार, पांच हिरासत में

आपको बता दें कि एंजल चकमा पर नस्लीय टिप्पणी करने वाले और उसपर धारदार हथियार और अन्य सामानों से हमला करने वाले कुछ छह आरोपियों को पुलिस ने पहले ही पकड़ लिया है। वहीं इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी अभी पकड़ से बाहर है। मुख्य आरोपी के नेपाल भागने की भी आशंका ह। ऐसे में उसकी तलाश के लिए पुलिस की एक टीम नेपाल भी भेजी गई है। इसके साथ ही कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की जा रही है।

कौन थे एंजल चकमा ? कैसे गई जान ?

एंजल चकमा त्रिपुरा के रहने वाले थे और देहरादून के सेलाकुुई इलाके में जिज्ञासा विश्वविद्यालय में एमबीएम कर रहे थे। उनका परिवार त्रिपुरा के उन्नकोटी जिले में रहता है। पिता बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में हैं। बताते हैं कि 9 दिसंबर की शाम वो अपने भाई के साथ हास्टल से कुछ सामान लेने बाहर निकला था। इसी दौरान कुछ युवकों ने उसे ‘चिंकी’, ‘चाइनीज’ और ‘मोमो’ कहकर चिढ़ाना शुरू कर दिया। एंजल ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उसपर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में एंजल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि उसके भाई को भी चोटें आईं। एंजल को अस्पताल में एडमिट कराया गया जहां 17 दिनों के संघर्ष के बाद एंजल ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि एक आरोपी फरार हो गया है।

‘I am Indian, चाइनीज नहीं हूं मैं’

एंजल चकमा अपने लिए की गई नस्लीय टिप्पणी से बेहद नाराज हुआ। उसने ऐसा कर रहे छात्रों का विरोध किया और खुद को चीख-चीख कर भारतीय बताया रहा। एंजल खुद को चाइनीज पुकारे जाने से बेहद आहत हुआ था। यही वजह है कि वो बार बार खुद को इंडियन बताते हुए बचाव की कोशिश करता रहा। हालांकि हमलावरों ने उसकी एक न सुनी और हमला जारी रखा।

पूरे देश में गुस्सा, North East में प्रदर्शन

एंजल चकमा की मौत के बाद पूरे देश में नस्लीय हिंसा के खिलाफ उबाल है। देश की कई बड़ी हस्तियों ने इस हत्या पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। वहीं त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में इस घटना के खिलाफ भारी आक्रोश है। स्थानीय संगठन रैलियां निकालकर चकमा के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। वहीं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। पुष्कर सिंह धामी ने पूरी जांच और न्याय का आश्वासन दिया। मणिक साहा ने कहा कि वह परिवार से मिलेंगे और हर मदद करेंगे। 

Haridwar news : कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी गैंगस्टर की AIIMS में इलाज के दौरान मौत, गैंगवार में लगी थीं गोलियां

हरिद्वार से बड़ी खबर है। पश्चिमी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी की AIIMS में इलाज के दौरान मौत हो गई है। उसे दो दिनों पहले पुलिस अभिरक्षा में गोली मारी गई थी।

विनय त्यागी को लगी थीं कई गोलियां, इलाज के दौरान तोड़ा दम

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर विनय त्यागी की मौत हो गई है। विनय त्यागी को 24 दिसंबर को हरिद्वार के लक्सर इलाके में उस वक्त गोलियां मार दी गईं थी जब उसे पुलिस कस्टडी में जेल से कोर्ट पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान लक्सर में फ्लाईओवर के ऊपर ट्रैफिक जाम में पुलिस वैन फंसी गई। इसी का फायदा उठा कर बाइक से आए नकाबपोश बदमाशों ने विनय त्यागी के उपर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में विनय त्यागी को तीन गोलियां लगीं। विनय त्यागी गाड़ी में गिर पड़ा। बाद में उसे पहले देहरादून के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया था जहां हालत गंभीर होने पर उसे ऋषिकेश एम्स में रेफर कर दिया गया था। एम्स में उसे वेंटिलेंटर पर रखा गया था। शुक्रवार शाम उसकी तबियत बिगड़ने लगी थी। शनिवार सुबह एम्स प्रशासन ने विनय त्यागी को मृत घोषित कर दिया।

इसलिए मारी गई थी गोली

विनय त्यागी को सन्नी और अजय ने गोली मारी थी। हरिद्वार पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि विनय त्यागी और सन्नी यादव के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद था। इसी विवाद में सन्नी ने विनय त्यागी को गोली मार दी थी।

विनय के परिजनों ने लगाया ये आरोप

वहीं विनय त्यागी के परिजनों ने कहा है कि विनय त्यागी को NHAI के एक बड़े ठेकेदार के तकरीबन 750 करोड़ रुपए ED से छिपाए जाने के बारे में पता चल गया था। ये पैसे और जेवरात के साथ ही बेनामी संपत्ति के दस्तावेज देहरादून में छिपाए गए थे। विनय त्यागी ने ये पैसे और जेवरात चुरा लिए थे और अब ईडी को देने की तैयारी में था। लेकिन इससे पहले पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में पकड़ लिया।

Dhami cabinet news : धामी कैबिनेट के फैसले यहां पढ़िए, इन प्रस्तावों पर लग गई मुहर

देहरादून। बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने हरित उर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही संस्कृति विभाग के लिए भी फैसले लिए हैं। आइए देखते हैं धामी कैबिनेट के फैसले

धामी कैबिनेट में आए 11 प्रस्ताव, इनपर लगी मुहर

बुधवार को हुई धामी कैबिनेट की बैठक में कुल 11 प्रस्ताव आए हैं। कैबिनेट ने जिन प्रस्तावों पर मुहर लगाई है उनमे ये अहम हैं –

धामी कैबिनेट ने नेचुरल गैस पर वैट को घटा दिया है। अब 20 की जगह पांच फीसदी वैट लगेगा।

धामी कैबिनेट ने राज्य में हरित उर्जा को प्रमोट करने का फैसला लिया है।

धराली आपदा प्रभावितों को मदद के लिए कैबिनेट ने स्थानीय काश्तकारों से सेब खरीदने का फैसला लिया है। कृषि विभाग धराली के काश्तकारों से 51 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सेब की खरीद करेगा।

राज्य सरकार ने संस्कृति विभाग के कलाकारों का भत्ता बढ़ाने का फैसला लिया है। कलाकारों का भत्ता तीन हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपए किया गया है।

नए भवन निर्माण करा रहे लोगों को राहत देते हुए सरकार ने लो रिस्क जोन में आने वाले भवनों के नक्शे अब आर्किटेक्ट स्तर से ही पास करने का फैसला लिया है। इसके लिए अब प्राधिकरण के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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बॉस और रेसा विभाग के ढांचा में परिवर्तन किया गया।

अब उपनल के कर्मियों के बजाय आउट सोर्स या ओपन मार्केट से लिया जाएगा।

सिंचाई और लोनिवि में वर्ग चार्ज के रूप में काम किया है चार्ज के रूप में किए गए काम को भी पेंशन में शामिल किया गया।

चिकित्सा विभाग के दो फैसले।

चिकित्सा स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के चार फैसले।

अटल आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजना में फैसला
दोनों में 100 प्रतिशत लाभ मिलेगा
गोल्डन कार्ड हाई ब्रीड मोड में चलेगा
125 करोड़ का बकाया राज्य सरकार करेगी

चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली में परिवर्तन

प्रोफेशर और एसोसिएट प्रोफेसर की सेवा सीमा की उम्र 50 से 62 वर्ष की गई

श्री नगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य वेतन दैनिक नियत वेतन प्रबन्धन समिति के माध्यम से जो कार्मिक रखे गए है इसके लिए ये मामला उप समिति को रेफर किया गया।

डॉक्टर्स ऐसे जो दुर्गम अति दुर्गम में काम कर रहे है उन्हें वेतन में 50 अतिरित भत्ता भी सरकार देगी।

कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए 4 नए पद बढ़ाए गए।

प्रेस क्लब की इमारत सूचना विभाग को ट्रांसफर होगी सूचना विभाग भवन बनाएगा।

तकनीकी प्रवृत्ति के स्टाफ को पहले उपनल से लिया जाता था लेकिन अब खुले बाजार या फिर आउटसोर्सिंग से लिया जाएगा।

वर्ग चार्ज कर्मचारियों के रूप में अगर काम किया है उसके बाद अगर वह परमानेंट हो गए हैं तो उन्हें पेंशन भुगतान की जाएगी।

चार घंटे धरने के बाद हरीश रावत की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, BJP ने बनाया है AI जेनेरेटेड वीडियो

हरीश रावत की शिकायत पर देहरादून पुलिस ने AI वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। देहरादून के नेहरु कॉलोनी थाने के बाहर हरीश रावत को लगभग चार घंटे तक धरना देना पड़ा तब कहीं जाकर पुलिस ने उनका मुकदमा दर्ज किया।

हरीश रावत ने बीजेपी के खिलाफ दी शिकायत

दरअसल हाल ही में उत्तराखंड बीजेपी (Uttarakhand BJP) ने अपने ऑफिशियल फेसबुक हैंडल से एक वीडियो शेयर किया था जिसमें एआई के जरिए हरीश रावत को दिखाया गया था। इस वीडियो में हरीश रावत को मुस्लिमों के साथ जोड़ा गया था। इसके साथ ही एक अन्य वीडियो भी एक अन्य फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया जिसमें उन्हे पाकिस्तान में जासूसी करते दिखाया गया है। इन वीडियोज के सामने आने के बाद हरीश रावत ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इन्ही वीडियोज के खिलाफ हरीश रावत शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।

चार घंटे देना पड़ा धरना, तब दर्ज हुई FIR

हरीश रावत को अपनी एआईआर दर्ज कराने के लिए थाने के बाहर ही चार घंटे तक धरना देना पड़ा, तब कहीं जाकर पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की। दरअसल पहले पुलिस अधिकारी हरीश रावत की शिकायत पत्र को लेकर उन्हे टालते रहे। उन्हे जांच करने और बाद में एफआईआर दर्ज करने की बात कहते रहे। हालांकि हरीश रावत और उनके समर्थकों ने थाने के सामने से तब तक हटने से इंकार कर दिया जबतक एफआईआर दर्ज न हो जाए। पुलिस वालों ने लगभग चार घंटे तक पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को थाने के बाहर इंतजार करा दिया। इसके बाद कहीं जाकर हरीश रावत की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ। हरीश रावत ने नामजद शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया।

साइबर क्राइम में भी की शिकायत, SP से भी मिले

मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने साइबर क्राइम में भी मुलाकात की। वही हरीश रावत ने इसके साथ ही एसएसपी ऑफिस में एसपी सिटी से भी मुलाकात की और अपनी बात रखी। हरीश रावत ने पुलिस से इस मामले में जल्द जल्द कार्रवाई की मांग की है।

दो दिन में पुलिस की पोल खुली, हरदा ने भी उठाए सवाल

देहरादून पुलिस की कार्यप्रणाली दो दिनों में सवालों के घेरे में आ गई। दरअसल दो दिन पहले ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के डालनवाला थाने का दौरा किया था और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि आम नागरिकों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो। सीएम के इस निर्देश के महज दो दिनों बाद ही एक पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने के सामने ही धरना देना पड़ गया।

UKSSSC Paper leak : CBI ने पेपर लीक मामले में दायर की चार्जशीट, इन लोगों को बनाया आरोपी

देहरादून। UKSSSC Paper leak मामले में CBI ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने पेपर लीक मामले में चार्जशीट दायर कर दी है। पेपर लीक में सीबीआई ने तीन लोगों को आरोपी बनाया है। इसके साथ ही पेपर लीक मामले में हाकिम सिंह की भूमिका भी जांची चा रही है।

चार्जशीट दायर, तीन को बनाया आरोपी

उत्तराखंड में बेहद चर्चा का विषय बने UKSSSC पेपर लीक मामले की जांच मिलने के बाद अब सीबीआई ने इस मसले पर अपनी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में सीबीआई ने तीन लोगों को आरोपी बनाया है। ये तीनों ही पहली नजर में पूरे पेपर लीक मामले से जुड़े हुए थे।

कौन हैं तीन आरोपी जिन्होंने किया पूरा खेल

जिन तीन लोगों खालिद, साबिया और सुमन के नाम आरोप पत्र में शामिल हैं। आपको बता दें कि यूके ट्रिपल एससी ने 21 सितंबर को स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कराई थी। हरिद्वार में आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज में परीक्षार्थी के तौर पर परीक्षा दे रहे खालिद ने यहीं से पेपर के कुछ अंश फोन पर अपनी बहन साबिया को भेजे। साबिया ने इसे अपनी परिचित और असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भेजा और हल करने के लिए कहा। हालांकि थोड़ी ही देर में ये पेपर इंटरनेट पर आ गया और हंगामा मच गया।

सरकार ने बनाई थी SIT, फिर CBI को सौंपा केस

इस मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला एसआईटी को सौंप दिया। एसआईटी ने तेजी दिखाते हुए इन्ही तीनों आरोपियों को निशाने पर ले लिया था। हालांकि युवाओं की मांग थी कि मामला सीबीआई को सौंपा जाए। इस मांग को लेकर युवाओं ने कई दिनों तक धरना भी दिया।इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हस्तक्षेप करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने पहले बेरोजगार युवाओं से मांग की कि वो अपना धरना खत्म कर दें। जब युवाओं ने धरना नहीं खत्म किया इसके बाद सीएम धामी खुद ही धरना स्थल पर पहुंचे और युवाओं की मांग मानने का ऐलान किया। इसके बाद ही सीएम धामी ने ये पूरा मामला सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया।

सुमन को पुलिस बना रही थी सरकारी गवाह

इस पूरे मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन की भूमिका शुरू से हैरान करने वाली रही। जब पेपर लीक का मामला सामने आया तो सुमन खुद पुलिस के पास पहुंच गई। पुलिस को उसने पेपर मिलेन के बारे में बताया और भेजने वाले के बारे में भी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने सुमन को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर ली थी। हालांकि सीबीआई के पास पहुंचते ही इस मामले में सुमन को भी आरोपी के तौर पर लिया गया है।

हाकिम सिंह भी है रडार पर

इस पूरे मामले में अभी हाकिम सिंह को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है। CBI से जुड़े सूत्र बताते हैं कि फिलहाल हाकम सिंह की भूमिका की जांच की जा रही है। अगर इस पेपर लीक मामले में उसकी संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

उत्तराखंड में पहली बार हो रही है जिलों की रैंकिंग, ये डिस्ट्रिक्ट आया पहले नंबर पर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में पहली बार जिलों में सतत विकास लक्ष्य (SDG) के तहत चिन्हित विकास के लक्ष्यों के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर मासिक रैंकिंग करने की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। शुरूआती मासिक रैंकिंग में जनपद चम्पावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सीएम धामी ने कहा है कि राज्य में एसडीजी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएम की पहल पर शुरू हुई रैंकिंग, 39 प्वाइंट्स पर हो रहा काम

मुख्यमंत्री द्वारा विकास के मोर्चे पर जिलों के प्रदर्शन के आकलन हेतु एसडीजी के संकेतकों की कसौटी पर रैंकिंग करने की हिदायत दी गई थी। जिसके अनुपालन में नियोजन विभाग के सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेस (सीपीपीजीजी) द्वारा एसडीजी की अवधारणा के अनुसार मासिक रूप से अनुश्रवण किए जाने योग्य चिन्हित संकेतकों की जनपदवार रैंकिंग शुरू की गई है। जिसके लिए सी.पी.पी.जी.जी. द्वारा इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर माह तक 11 सतत् विकास लक्ष्यों के कुल 39 संकेतकों का डाटा प्राप्त करते हुए समसामयिक लक्ष्यों के आधार पर पहली बार जिलों की रैंकिंग जारी कर दी गई है।

चंपावत ने मारी बाजी, बागेश्वर दूसरे नंबर पर

मासिक रैंकिग के आधार पर जनपद चम्पावत ने 96 अंक प्राप्त कर प्रथम, जनपद बागेश्वर ने 94 अंक प्राप्त कर द्वितीय तथा जनपद नैनीताल ने 92 अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। सी.पी.पी.जी.जी. के विशेष कार्याधिकारी अमित पुनेठा ने कहा है कि रैंकिंग में पिछड़े जनपदों से वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में सभी एस.डी.जी. में तय लक्ष्यों को प्राप्त कर करने की अपेक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि रैंकिंग के लिए चिन्हित 39 संकेतकों के अलावा आवश्यतानुसार समसामयिक लक्ष्यों के सापेक्ष योजनाओं का अनुश्रवण करने के लिए भविष्य में अन्य संकेतकों को भी शामिल किया जा सकता है।

प्रदेश में सतत विकास के लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त करने के लिए योजनाओं के बेहतर निर्माण के साथ ही उनके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रभावी एक्शन प्लान बनाया गया है। इससे हम आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार के साथ राज्य के समग्र विकास की संकल्पना को साकार करने में भी सफल हो सकेंगे। इसी के दृष्टिगत सभी विभागों एवं जिलाधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार एस.डी.जी. के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने हेतु कार्य करने की अपेक्षा की गई है। जिलों की पहली रैंंकंग में प्रथम स्थान पर रहने वाले चंपावत जिले सहित अच्छा प्रदर्शन करने वाले अन्य जिलों को बधाई। सभी जिले बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। जिन लक्ष्यों व इंडिकेटरों में हमें सुधार की आवश्यकता है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाय। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

देहरादून ब्रेकिंग : इस थाने में अचानक पहुंच गए सीएम धामी, गायब मिले थानेदार, अब होगी बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के औचक निरीक्षण में देहरादून के डालनवाला थाने की पोल खुल गई है। हालात ये हैं कि सीएम धामी के निरीक्षण के दौरान थानेदार ही ड्यूटी से गायब मिले। थाने में गंदगी और अव्यवस्थाएं देख धामी इतने नाराज हुए कि उन्होंने थानेदार को तुरंत ही लाइन हाजिर करने के निर्देश दे दिए।

अचानक देहरादून के डालनवाला थाने पहुंचे धामी

दरअसल शुक्रवार को शासन में बैठकों का दौर चला। इसके बाद जैसे ही सीएम धामी बैठकों से खाली हुए उन्होंने अपना काफिला देहरादून के डालनवाला थाने की ओर मोड़ दिया। धामी के औचक निरीक्षण के दौरान थानेदार ही ड्यूटी से गायब मिले। इस बात से सीएम धामी खासे नाराज हो गए। सीएम धामी ने ऑन द स्पॉट फैसला सुना दिया और एसएसपी अजय सिंह को निर्देश दे दिए कि थानेदार को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दें। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ताओं से सीधे मिले, ढिलाई पर कार्रवाई की चेतावनी

इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस स्टेशन में आए कई शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता नहीं बल्कि उत्तरदायित्व समझकर दर्ज किया जाए तथा उनका तत्काल, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर भी पहुंचे और वहां मौजूद महिला फरियादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

देखा FIR रजिस्टर

मुख्यमंत्री ने एफआईआर रजिस्टर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए दर्ज मामलों पर की गई कार्रवाई, फॉलोअप की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर का भी निरीक्षण कर कर्मियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

गंदगी और अव्यवस्था ने बिगाड़ा मूड

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने थाने में स्थित कारागार में गंदगी और अव्यवस्था पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल समुचित साफ-सफाई एवं मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव तथा अपराध नियंत्रण को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इन अभियानों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।

कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। जनसेवा में लापरवाही, अनुशासनहीनता या संवेदनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित में सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।” – सीएम धामी

धामी सरकार का मेगा अभियान, जन – जन के द्वार पहुंचने की कवायद, सीएम खुद कर रहे हैं निगरानी

उत्तराखंड की धामी सरकार अब राज्य और केंद्र सरकार का द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचाने की कवायद में लगी है। सीएम धामी की पहल पर सरकार ने इसके लिए 45 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया है। सीएम धामी ने अधिकारियों को कहा है कि ये तय किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सीएम ने की समीक्षा, चरणबद्ध हो आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में “प्रशासन गाँव की ओर अभियान” के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजन से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएँ और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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उन्होंने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का संचालन किया जाए तथा बड़ी न्याय पंचायतों में आवश्यकता अनुसार एक से अधिक शिविर आयोजित किए जाएँ। शिविरों में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी दी जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।

वंचितों की हो पहचान

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों के उपरान्त निकटवर्ती गांवों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर पात्र लाभार्थियों से आवेदन भरवाए जाएँ तथा योजनाओं से वंचित लोगों की पहचान कर कमियों को दूर किया जाए। शिविरों के आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और न्याय पंचायत के सभी निवासियों को कम से कम 3–4 दिन पूर्व सूचित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक शिविर में जिलाधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जबकि अन्य शिविरों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहें। नामित विभागों के अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करें।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की शिविरों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संगठनात्मक नेतृत्व और प्रतिनिधि नेतृत्व जनसमस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम का विधिवत पंजीकरण किया जाए, लाभार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यक्रमों की साप्ताहिक प्रगति आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।