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UKSSSC नकल प्रकरण: 21 सितंबर परीक्षा विवाद; जांच रिपोर्ट CM धामी के पास, जल्द होगा फैसला

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा 21 सितंबर, 2025 को आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने आज अपनी अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी है। आयोग की अध्यक्षता उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी ने की।

अल्प समय में जनसुनवाई के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोग ने अत्यंत अल्प समय में अधिक से अधिक जनसुनवाई की है और अभ्यर्थियों तथा संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर यह महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार की है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस रिपोर्ट का गंभीरता से परीक्षण करेगी और जल्द ही अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णायक फैसला लेगी।

पहले ही हो चुकी है CBI जांच की संस्तुति

मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि अनियमितता के इस पूरे प्रकरण की पूरी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पहले ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की संस्तुति कर चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और बढ़ाएगा।

परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने पर सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में आयोजित होने वाली किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितता की कोई गुंजाइश न बचे।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की परीक्षा प्रणाली पर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास बना रहे और किसी भी कीमत पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न हो।

LG Electronics IPO Allotment Status: आज होगा शेयरों का अलॉटमेंट, जानें स्टेटस चेक करने का तरीका

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LG Electronics India के बहुचर्चित प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) को निवेशकों से मिली ज़बरदस्त प्रतिक्रिया के बाद अब सभी की निगाहें शेयरों के अलॉटमेंट पर टिकी हुई हैं। यह आईपीओ 54 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था, जो निवेशकों के जबरदस्त उत्साह को दर्शाता है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, आज, शुक्रवार (अक्टूबर 10, 2025) को शेयरों के अलॉटमेंट को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का आईपीओ 7 अक्टूबर को खुला था और 9 अक्टूबर, 2025 को बंद हुआ।

कुल 54 गुना सब्सक्राइब हुआ LG Electronics IPO

LG Electronics IPO के पब्लिक ऑफर को निवेशकों का अभूतपूर्व समर्थन मिला। स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, यह आईपीओ कुल 54 गुना सब्सक्राइब हुआ।

  • क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए आरक्षित हिस्सा 166.51 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ।
  • गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) का हिस्सा 22.44 गुना सब्सक्राइब हुआ।
  • खुदरा निवेशकों (Retail Investors) का हिस्सा 3.55 गुना सब्सक्राइब हुआ।

BSE और NSE पर अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

जिन निवेशकों ने आईपीओ के लिए आवेदन किया है, वे विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अपने अलॉटमेंट स्टेटस की जांच कर सकते हैं।

1. BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) की वेबसाइट पर:

  1. सबसे पहले BSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  2. https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx
  3. ‘Issue Type’ में ‘Equity’ को चुनें।
  4. ‘Issue Name’ में ‘LG Electronics India Limited’ या संबंधित नाम को सेलेक्ट करें।
  5. अपना एप्लिकेशन नंबर या PAN नंबर दर्ज करें।
  6. इसके बाद ‘Search’ या ‘Submit’ पर क्लिक करें।
  7. आपकी स्क्रीन पर अलॉटमेंट की स्थिति दिखाई देगी।

2. NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) की वेबसाइट पर:

  1. सबसे पहले NSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर IPO अलॉटमेंट वेरिफिकेशन स्टेटस पेज पर जाएं।
  2. https://www.nseindia.com/invest/check-trades-bids-verify-ipo-bids
  3. ‘Equity and SME IPO bids’ या ‘Click to view the Allotment Status’ के विकल्प को चुनें।
  4. ‘Select Symbol’ में ‘LGEINDIA’ या संबंधित नाम को चुनें।
  5. अपना PAN और एप्लिकेशन नंबर डालें।
  6. ‘Submit’ पर क्लिक करें।
  7. आपको तुरंत स्टेटस दिख जाएगा।

3. रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर:

इस इश्यू के लिए रजिस्ट्रार Kfin Technologies है। नीचे दिए लिंक पर जाकर direct check कर सकते हैं allotment status

https://ipostatus.kfintech.com

  1. सबसे पहले Kfin Technologies की वेबसाइट पर जाएं।
  2. ‘Select IPO’ में ‘LG Electronics Limited’ या संबंधित नाम चुनें।
  3. एप्लिकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या PAN में से कोई एक ऑप्शन चुनें।
  4. चुने गए ऑप्शन के अनुसार डिटेल भरें।
  5. कैप्चा कोड डालकर ‘Submit’ पर क्लिक करें।
  6. आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखने लगेगा।

LG Electronics IPO GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम)

ग्रे मार्केट में LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों का प्रदर्शन शानदार बना हुआ है। शुक्रवार को इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ऊँचाई पर ट्रेड कर रहा था।

  • शुक्रवार को, LG Electronics India का शेयर ग्रे मार्केट में अपने इश्यू प्राइस (₹1,140) से ₹365 अधिक के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था।
  • इसका तात्पर्य है कि आईपीओ की अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹1,505 प्रति शेयर ($1,140 + ₹365) हो सकती है।
  • यह प्रीमियम, इश्यू प्राइस के मुकाबले 32% से अधिक के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है, जो निवेशकों के लिए मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद जगाता है।

आगे क्या?

अलॉटमेंट पूरा होने के बाद, जिन निवेशकों को शेयर आवंटित किए जाएंगे, उनके डीमैट अकाउंट में 13 अक्टूबर, 2025 को शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। वहीं, जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी 13 अक्टूबर, 2025 के आस-पास शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 14 अक्टूबर, 2025 को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

CM धामी ने धर्मपत्नी के साथ उत्साह से मनाया करवा चौथ; प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ करवा चौथ का पवित्र पर्व पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। मुख्यमंत्री दंपति ने इस अवसर पर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।

विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर उनसे आशीर्वाद लिया। यह पर्व पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। गीता धामी ने दिन भर व्रत रखने के बाद रात्रि के समय चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित किया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विधि-विधानपूर्वक व्रत का समापन किया।

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मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को बधाई

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को करवा चौथ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “करवा चौथ भारतीय नारी की अटूट आस्था, प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक पर्व है।

सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखता है यह पर्व

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह पर्व पारिवारिक जीवन में विश्वास, प्रेम और एकता के सूत्र को और अधिक मजबूत करता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में नारी के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित करते हुए कहा कि करवा चौथ जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक जीवन की सुंदर परंपरा को जीवंत रखते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने दून में IASSI के 24वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून विश्वविद्यालय, देहरादून में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस (IASSI) के 24वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया।

सामाजिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वार्षिक अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में देश-विदेश के प्रख्यात विद्वान समाज कल्याण, अर्थशास्त्र, रोजगार, उद्योग, कृषि, तकनीकी, पर्यावरण और नगरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा कि इस चिंतन-मंथन से सामाजिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जन-जन के कल्याण के लिए ठोस एवं व्यवहारिक उपायों का संकलन हो सकेगा।

‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र पर कार्य

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि पिछले 11 वर्षों में अनेक जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक वर्ग के कल्याण की दिशा में संकल्पपूर्वक प्रयास किए गए हैं, जिसका लाभ करोड़ों नागरिकों को मिल रहा है।

उत्तराखंड में सामाजिक न्याय और सतत विकास

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने और सभी पेंशन योजनाओं में त्रैमासिक के बजाय मासिक भुगतान की शुरुआत की गई है, जिससे प्रदेश में सामाजिक न्याय स्थापित हुआ है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास के लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से जुटी है।

कौशल और तकनीकी विकास के लिए साझेदारी

सीएम धामी ने बताया कि राज्य में समग्र विकास के लिए प्रमुख संस्थाओं से सहयोग लिया जा रहा है:

  • टाटा ट्रस्ट के सहयोग से जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को सशक्त किया जा रहा है।
  • नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, आईएएसएसआई के अध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी सहित अन्य विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

दुर्घटना में दिवंगत उपनल कर्मियों के परिवारों को धामी सरकार की बड़ी मदद, ₹50 लाख के चेक सौंपे

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में उपनल (UPNL – Uttarakhand Purva Sainik Kalyan Nigam Ltd.) के माध्यम से कार्यरत रहे तीन दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए। यह सहायता राशि राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत दी गई है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कोई भी राशि किसी अपने के खोने के दुःख को कम नहीं कर सकती, लेकिन यह कठिन समय में परिवारों को आर्थिक सहारा देने में सहायक होगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के साथ ही, मुश्किल परिस्थितियों में उनके परिवारों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

दिवंगत कार्मिकों को श्रद्धांजलि और आर्थिक संबल

सहायता राशि प्राप्त करने वाले कार्मिकों का विवरण इस प्रकार है, जिनकी सड़क दुर्घटनाओं में असामयिक मृत्यु हो गई थी:

  • बृजेश कुमार: उपनल के माध्यम से विद्युत वितरण खण्ड, जसपुर में तैनात थे, जिनकी मृत्यु जनवरी 2025 में हुई थी।
  • तसलीम: ब्रिडकुल देहरादून में कार्यरत थे, जिनकी मृत्यु नवम्बर 2024 में हुई थी।
  • संजीव कुमार: उपनल के माध्यम से विद्युत वितरण खण्ड हरिद्वार में तैनात थे, जिनकी मृत्यु फरवरी 2025 में हुई थी।

कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज: सुरक्षा कवच की नई पहल

मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर, उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सरकारी, अर्द्धसरकारी और उपनल कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी कदम उठाया है। कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज के तहत विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और बीमा लाभ प्रदान करने के लिए राज्य सरकार और विभिन्न बैंकों के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत ही, दुर्घटना में कार्मिक की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को यह बड़ी सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने उपनल कर्मचारियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पंजाब नेशनल बैंक का विशेष आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों में अनेक नवाचार कर रही है और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिससे उन्हें बीमा और अन्य सुरक्षा मिल सके।

karva chauth ki kahani 2025 : यहां पढ़िए क्या है करवा चौथ की कहानी ? कब सुने ये कथा, पूजा मुहूर्त और विधि

करवा चौथ का पावन पर्व हर सुहागिन महिला के लिए सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक दिन होता है। यह दिन न सिर्फ पति की लंबी उम्र और सलामती के लिए रखा जाता है, बल्कि यह दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और खुशहाली का प्रतीक भी है। इस दिन महिलाएँ निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं।

आइए, जानते हैं करवा चौथ 2025 की सही पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, और सबसे ज़रूरी, वह पावन व्रत कथा जिसे सुने बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है।

करवा चौथ कथा 2025: कथा पढ़ने का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ की कथा और पूजा हमेशा शुभ मुहूर्त में ही की जानी चाहिए ताकि व्रत का पूरा फल प्राप्त हो सके।

विवरणसमय
करवा चौथ 2025 की तिथि10 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)
पूजा का शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth Puja Time)शाम 05:57 PM से 07:11 PM तक (लगभग 1 घंटा 14 मिनट)
चंद्रोदय का समयचंद्र दर्शन का समय हर शहर में भिन्न हो सकता है।

याद रखें: इसी शुभ मुहूर्त में आपको करवा चौथ की कथा (karwa chauth ki kahani) पढ़नी चाहिए और माँ गौरी, भगवान शिव, गणेश जी और चंद्रमा की विधिवत पूजा करनी चाहिए।

करवा चौथ की कथा: कैसे मिला अखंड सौभाग्य?

हर सुहागिन महिला करवा चौथ की शाम पूजा के दौरान यह व्रत कथा (Kahani) ज़रूर सुनती-सुनाती हैं। यह कथा बताती है कि सच्ची श्रद्धा और नियम से किए गए व्रत का फल कितना शक्तिशाली होता है।

साहूकार की बेटी की कहानी

प्राचीनकाल में एक धर्मात्मा साहूकार था, जिसके सात लाडले पुत्र और एक अत्यंत प्रिय पुत्री थी। पुत्री का विवाह होने के बाद, जब कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि आई, तो उसने अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा।

दिनभर व्रत रखने के बाद, सूर्यास्त होते ही उसे ज़ोरों की भूख लगने लगी। सात भाइयों की लाडली बहन का यह मुरझाया चेहरा उनके भाइयों से देखा नहीं गया। वे अपनी बहन से चंद्रोदय से पहले ही भोजन करने का आग्रह करने लगे, लेकिन वह अपने व्रत पर अटल रही और बोली कि जब तक चंद्रमा नहीं निकलेंगे, वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेगी।

भाइयों का छल और व्रत भंग

बहन की पीड़ा देखकर भाइयों ने एक षड्यंत्र (Chal) रचा। उन्होंने पीपल के वृक्ष के पीछे एक दीपक जलाया और दूर से अपनी बहन से कहा— “देखो! बहन, चंद्रमा निकल आया है। जल्दी उठो और अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करो।”

भोली बहन भाइयों के इस छल को समझ नहीं पाई। उसने उस नकली चाँद को ही असली मानकर अर्घ्य दिया और अपना व्रत खोल लिया।

व्रत भंग होते ही उसका पति मृत्यु को प्राप्त हो गया! वह रोने-चिल्लाने लगी। उसी समय, देवलोक की देवी इन्द्राणी (इंद्र की पत्नी) अपनी देवदासियों के साथ वहाँ से गुज़र रही थीं। कन्या का विलाप सुनकर वह उसके पास आईं और उससे रोने का कारण पूछा।

इंद्रानी का समाधान

कन्या ने उन्हें सारी बात बताई कि कैसे उसने भाइयों के कहने पर समय से पहले ही भोजन कर लिया। तब इन्द्राणी ने कहा, “बेटी, तुमने चंद्रोदय से पहले ही अन्न-जल ग्रहण करके करवा चौथ के व्रत के नियम को तोड़ा है। इसी कारण तुम्हारे पति का यह हाल हुआ है।”

इन्द्राणी ने उसे समाधान बताते हुए कहा, “अब अगर तुम अपने मृत पति की सेवा करती हुई, अगले बारह महीनों तक हर चतुर्थी का व्रत विधि-विधान से रखोगी, और फिर करवा चौथ के दिन नियमपूर्वक भगवान शिव, माँ गौरी, गणेश जी और चंद्रमा की पूजा करके चंद्र उदय के बाद अर्घ्य देकर अन्न-जल ग्रहण करोगी, तो तुम्हारे पति अवश्य जीवित हो उठेंगे।”

व्रत का फल

साहूकार की पुत्री ने इन्द्राणी की बात पर विश्वास किया और ठीक वैसा ही किया। उसने पूरी श्रद्धा और निष्ठा से सभी चौथ और करवा चौथ का व्रत किया।

इस व्रत के प्रभाव से उसका मृत पति जीवित हो उठा!

Karwa Chauth Vrat Mahima

यह करवा चौथ की कहानी हमें सिखाती है कि यह व्रत केवल एक नियम नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण का प्रतीक है। हर सुहागिन महिला को यह कथा सुननी चाहिए और व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि जो भी महिला करवा चौथ का व्रत विधि-विधान से रखती है, उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और उसका दांपत्य जीवन हमेशा सुखमय बना रहता है।

इस कथा को लिखने में हमने भरसक कोशिश की है कि कोई गलती न हो।

UPCL की बोर्ड बैठक: मुख्य सचिव ने दिए विजिलेंस मैकेनिज्म और ERP लागू करने के निर्देश

देहरादून। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) की 125वीं बोर्ड बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने पावर कॉर्पोरेशनों की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया, साथ ही बोर्ड संरचना और प्रोजेक्ट प्रबंधन को लेकर कई अहम निर्देश दिए।

UPCL बोर्ड में तकनीकी एवं वित्तीय विशेषज्ञों को शामिल करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने UPCL के बोर्ड को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड में सचिव वित्त को शामिल करने का निर्देश दिया, ताकि वित्तीय पहलुओं पर बेहतर मार्गदर्शन मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तकनीकी पृष्ठभूमि के एक व्यक्ति को भी बोर्ड में शामिल किए जाने की आवश्यकता बताई, जिससे तकनीकी निर्णय अधिक सुदृढ़ हो सकें।

बजट प्रक्रिया में तेजी और लागत नियंत्रण पर जोर

वित्तीय प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए, मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अगले वित्तीय वर्ष के बजट को फरवरी-मार्च तक अनिवार्य रूप से बोर्ड से स्वीकृत करा लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट्स की लागत को लगातार कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए। प्रोजेक्ट्स के लिए सस्ते ऋण प्राप्त करने हेतु वित्त उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों से सतत संपर्क बनाए रखने पर भी उन्होंने जोर दिया।

तीनों कार्पोरेशनों में विजिलेंस मैकेनिज्म और ERP लागू होगा

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने तीनों पावर कार्पोरेशनों (UPCL, UJVNL और PITCUL) में विजिलेंस मैकेनिज्म तैयार किए जाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सचिव विजिलेंस के साथ बैठक कर यह तंत्र शीघ्र ही विकसित किया जाए।

UPCL को 1 जनवरी, 2026 से एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो कार्यों को डिजिटली एकीकृत करेगा।

त्रैमासिक समीक्षा और तकनीकी प्रयोग पर सतर्कता

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि तीनों कार्पोरेशनों में त्रैमासिक प्रदर्शन की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि इससे अल्पकालिक लक्ष्यों पर प्रगति का आकलन होगा और सुधार के क्षेत्रों को चिन्हित कर अगली तिमाही के लिए नए उद्देश्य निर्धारित किए जा सकेंगे।

नई तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने सतर्कता बरतने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी नई तकनीक का उपयोग करने से पहले एक या दो स्थानों पर अनिवार्य रूप से प्रयोग कर लिया जाए, ताकि उसके कम सफल या असफल होने पर बड़े नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने सभी कार्पोरेशनों को पेशेवर दृष्टिकोण अपनाने और प्रोजेक्ट्स शुरू करने से पहले उनका तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता (Techno-Economic Feasibility) परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने की बात भी कही।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, स्वतंत्र निदेशक पराग गुप्ता, बी.पी. पाण्डेय, एमडी यूपीसीएल अनिल यादव, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल एवं एमडी पिटकुल पी.सी. ध्यानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

PAC की तैनाती, CCTV कंट्रोल; गृह सचिव ने दी सुगम यातायात को ‘पहली प्राथमिकता’

देहरादून। आगामी त्यौहारों के मद्देनज़र राज्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से आज गृह सचिव, शैलेश बगोली की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और यातायात निदेशालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

सचिव शैलेश बगोली ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि त्यौहारों के दौरान बाज़ारों, धार्मिक स्थलों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएँ। उन्होंने कहा कि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, जिसके लिए अधिकारी स्वयं फील्ड पर रहकर स्थिति की निगरानी करें और यातायात संचालन को सुव्यवस्थित बनाएँ।

यातायात नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती

बैठक में देहरादून की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। तय किया गया है कि यातायात नियंत्रण हेतु IRB या PAC की एक कंपनी तैनात की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यातायात प्रबंधन में सहयोग के लिए होमगार्ड और पीआरडी कर्मियों की सेवाएँ भी ली जाएँगी। शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले चौराहों और स्थलों की पहचान कर वहाँ पर्याप्त संख्या में यातायात कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

तकनीकी नियंत्रण और अंतर-विभागीय समन्वय

सचिव शैलेश बगोली ने निर्देश दिया कि सभी ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे तत्काल पुलिस विभाग के नियंत्रण में लाए जाएँ, जिससे त्वरित निगरानी और कार्रवाई संभव हो सके। यातायात निदेशालय को निर्देश दिए गए कि विशेषज्ञों की सेवाएँ लेकर एक प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए और नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी, परिवहन जैसे अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

दीर्घकालिक योजना और आपातकालीन मार्ग

शैलेश बगोली ने निदेशालय को मानव संसाधन, तकनीकी साधन और आधारभूत संरचना के दृष्टिकोण से मजबूत करने की बात कही, ताकि दीर्घकालिक योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। इसके अलावा, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि त्यौहारों के दौरान एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के मार्ग हर समय सुगम और अवरोध-मुक्त रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आगामी त्यौहारों के मद्देनज़र जनता की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू यातायात प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी पहुंचे बद्रीनाथ धाम, ₹10 करोड़ दान देकर CM धामी के कार्यों को सराहा

चमोली: देश के प्रमुख उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी आज उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुँचे। दोनों धामों में पहुँचकर, उन्होंने विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की और देश तथा समाज की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

सीएम के विकास कार्यों की सराहना

दर्शन के उपरांत मुकेश अंबानी का पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। उन्हें पहाड़ी टोपी भेंट की गई और तुलसी माला पहनाई गई। इस अवसर पर मुकेश अंबानी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहे चारधाम यात्रा प्रबंधन, तीर्थयात्रियों के लिए बढ़ाई गई सुविधाओं, और राज्य में जारी विकास कार्यों की हृदय से सराहना की।

अटूट आस्था और दोगुनी दान राशि

अंबानी परिवार की भगवान बद्रीविशाल और बाबा केदारनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा जगजाहिर है। परिवार के सदस्य हर साल इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए आते हैं और दान करते हैं। इस वर्ष अपनी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, मुकेश अंबानी ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को कुल ₹10 करोड़ की दान राशि प्रदान की है। यह राशि पिछले वर्षों की अपेक्षा दोगुनी है, जो धामों के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाती है।

मददान राशि (इस वर्ष)उपयोग
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC)₹10 करोड़धामों का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालु सुविधाओं का विस्तार, धार्मिक धरोहरों का संरक्षण

मंदिर समिति ने व्यक्त किया आभार

बता दें कि मंदिर समिति ने मुकेश अंबानी के इस उदार योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने व्यक्तिगत रूप से अंबानी का धन्यवाद करते हुए यह विश्वास प्रकट किया कि भविष्य में भी उनका सहयोग इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने भगवान बद्रीविशाल और बाबा केदारनाथ से प्रार्थना की है कि अंबानी परिवार दीर्घायु रहे और सदैव जन-कल्याण व सेवा की भावना से प्रेरित होकर समाजहित में योगदान देता रहे।

श्री हेमकुंट साहिब और श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद, टूटा रिकॉर्ड, 2.75 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चमोली: हिमालय की गोद में 15 हजार फीट से अधिक ऊँचाई पर स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंट साहिब और पौराणिक श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट आज दोपहर 1:30 बजे विधिवत रूप से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद करने की यह प्रक्रिया पूर्ण धार्मिक विधि-विधान और अपार श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुई।

आस्था का अटूट संगम

यह धार्मिक स्थल केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि हिन्दू-सिख आस्था के अटूट संगम का प्रतीक है। समुद्र तल से अत्यधिक ऊँचाई पर स्थित होने के बावजूद, हर वर्ष यहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं, जो उनकी गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता है।

इस वर्ष टूटा रिकॉर्ड

इस साल 25 मई से शुरू हुई श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस पूरे यात्रा सीजन के दौरान 2 लाख 75 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री हेमकुंट साहिब के दर्शन किए। यह संख्या इस पवित्र स्थल के प्रति भक्तों के बढ़ते प्रेम और समर्पण की कहानी कहती है।

कपाट बंदी की प्रक्रिया

कपाट बंद होने के इस विशेष अवसर पर, गोविंद धाम (घांघरिया) से लगभग चार हजार श्रद्धालु पवित्र स्थल पहुँचे।

  • धार्मिक आयोजन: इस दौरान अमृतसरी रागी जत्थे द्वारा शबद कीर्तन और सुखमणि साहिब पाठ का आयोजन किया गया।
  • अंतिम अरदास: धार्मिक अनुष्ठानों के बाद, अंतिम अरदास की गई, जिसके उपरांत हेमकुंट साहिब के कपाट बंद कर दिए गए।

दिव्य नज़ारा और सेना का शौर्य

कपाट बंदी के इस भावुक और दिव्य पल के दौरान, आसमान में बादलों के बीच झांकती धूप और बर्फ से ढकी सप्तश्रृंग घाटी का मनोहारी नज़ारा इस क्षण को और भी अधिक अलौकिक बना रहा था। इस मौके पर सेना के बैंड की मधुर धुनों ने पूरे क्षेत्र को शौर्य और भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर कर दिया। अब यह पवित्र स्थल अगले यात्रा सीजन के लिए छह माह तक बर्फ की चादर में रहेगा।