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Uttarakhand: आंगनबाड़ी केंद्रों में पौष्टिक आहार के नाम पर पहुंचे सड़े अंडे, वीडियो वायरल, क्या आपको लगता है कि इस तरह की अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए?

देश के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण पोषण आहार योजना सरकार संचालित कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना और उन्हें दूध, अंडे समेत विभिन्न पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। हालांकि, हाल ही में रायपुर क्षेत्र के एक आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसने इस योजना की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सड़े अंडे के वायरल वीडियो से हड़कंप

दरअसल, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर रायपुर क्षेत्र के एक आंगनबाड़ी केंद्र में सड़े हुए और बदबूदार अंडे दिखाए गए हैं। बताया जा रहा है कि जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंडे लेने पहुंचीं, तो पेटी में रखे सभी अंडे खराब पाए गए, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने अंडे लेने से इनकार कर दिया। इस घटना का वीडियो वायरल होने से महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में खलबली मच गई है। इस वीडियो ने साफ कर दिया है कि जमीनी स्तर पर पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच में घोर लापरवाही बरती जा रही है।

विभागीय जिम्मेदारी और लापरवाही की पोल

प्रदेश में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्र महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के अंतर्गत आते हैं। इन केंद्रों में सभी गतिविधियों का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) के स्तर से किया जाता है। पोषण आहार की गुणवत्ता की जाँच और सुनिश्चित करना सीधे तौर पर डीपीओ की जिम्मेदारी होती है। लेकिन सड़े अंडे का वीडियो यह दर्शाता है कि अधिकारी अपनी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। निदेशालय ने इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए, जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। निदेशक बंशी लाल राणा ने स्पष्ट किया है कि पोषण आहार में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर उसे तत्काल वापस करने के निर्देश दिए गए हैं।

सप्लाई करने वाली कंपनी पर पर्दा

पोषण आहार की सप्लाई के लिए विभाग द्वारा टेंडर जारी किए जाते हैं और कंपनियों के साथ अनुबंध किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि विभाग के अधिकारी पोषण आहार की सप्लाई करने वाली कंपनी का नाम बताने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों की यह कार्यशैली सीधे तौर पर संदेह के घेरे में आती है। अनुबंध के समय पोषण आहार की सप्लाई को लेकर कठिन शर्तें लागू की जाती हैं और अनियमितता पाए जाने पर अनुबंध समाप्त करने का प्रावधान होता है, लेकिन कंपनी का नाम छिपाना अधिकारियों और सप्लायर के बीच मिलीभगत का संकेत देता है।

पूर्व में भी सामने आ चुकी है लापरवाही

यह कोई पहली घटना नहीं है जब आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार की गुणवत्ता पर सवाल उठे हों। इससे पहले दीपनगर क्षेत्र के एक आंगनबाड़ी केंद्र में एक्सपायरी दूध का मामला भी सामने आया था। उस समय भी अधिकारियों पर मिलीभगत कर कंपनी को बचाने और जांच को दबाने का आरोप लगा था। सड़े अंडे के इस नए वीडियो ने एक बार फिर विभागीय घोर लापरवाही और निगरानी तंत्र की विफलता पर से पर्दा उठा दिया है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है।

यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि बच्चों को कुपोषण से बचाने की महत्वपूर्ण योजना को सफल बनाने के लिए वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रिय निगरानी कितनी ज़रूरी है। क्या आपको लगता है कि इस तरह की अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए?

IPO बाजार में भूचाल: LG Electronics ने बजाज हाउसिंग का रिकॉर्ड तोड़ा, जानिए कब होगी लिस्टिंग!

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LG Electronics इंडिया लिमिटेड के ₹11,607 करोड़ के आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। सदस्यता (सब्सक्रिप्शन) के अंतिम दिन, निवेशकों ने ₹4.4 लाख करोड़ से अधिक की बोलियाँ लगाकर बीते 5 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह साल 2020 के बाद किसी भी IPO के लिए प्राप्त हुई सबसे बड़ी बोली राशि है। यह शानदार सब्सक्रिप्शन भारतीय शेयर बाजार में बदलते बाजार सेंटीमेंट और विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव को दर्शाता है, भले ही वैश्विक अनिश्चितताएँ अभी भी बनी हुई हैं।

LG Electronics के सब्सक्रिप्शन का अभूतपूर्व स्तर

इस IPO में विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया, जिसके चलते सब्सक्रिप्शन का स्तर अभूतपूर्व रहा:

  • ऑफर फॉर सेल वाले शेयर: 54.02 गुना सब्सक्राइब हुए।
  • संस्थागत निवेशकों (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा: 166.5 गुना (166.51 गुना) सब्सक्राइब हुआ। यह किसी ₹10,000 करोड़ के इश्यू के लिए इतना ज्यादा सब्सक्राइब होने का भी एक रिकॉर्ड है।
  • गैर-संस्थागत निवेशकों (HNI) की श्रेणी: 22.44 गुना सब्सक्राइब हुई।
  • खुदरा निवेशकों (RII) की श्रेणी: 3.5 गुना (3.54 गुना) सब्सक्राइब हुई।

टूटा बजाज हाउसिंग का रिकॉर्ड

LG Electronics इंडिया लिमिटेड के IPO ने सब्सक्रिप्शन के मामले में बजाज हाउसिंग फाइनेंस का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले, सितंबर 2024 में बजाज हाउसिंग फाइनेंस के ₹6,560 करोड़ के IPO को ₹3.24 लाख करोड़ की बोलियाँ मिली थीं, जो सबसे ज्यादा सब्सक्रिप्शन का रिकॉर्ड था। अन्य बड़े IPOs की तुलना में बोलियों का यह रिकॉर्ड इस प्रकार है:

कंपनीIPO वर्षबोली राशि (लाख करोड़ रु.)
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया20254.4+
बजाज हाउसिंग फाइनेंस20243.24
कोल इंडिया20102.36
टाटा टेक्नोलॉजीजनवंबर 20231.56
प्रीमियर एनर्जीज20241.48

IPO का मूल्य निर्धारण और जुटाई गई पूंजी

LG Electronics कंपनी ने इस IPO के लिए ₹1,080 से ₹1,140 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। इस प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग ₹77,400 करोड़ बैठता है। IPO से पहले, कंपनी ने एंकर निवेशकों से सफलतापूर्वक ₹3,475 करोड़ जुटाए थे।

आवंटन और लिस्टिंग की संभावित तिथि

LG Electronics के रिकॉर्ड तोड़ सब्सक्रिप्शन के बाद, निवेशकों के लिए IPO आवंटन की प्रक्रिया अब शुरू होगी।

  • आईपीओ शेयर आवंटन की उम्मीद: 10 अक्टूबर तक होने की संभावना है।
  • मार्केट में लिस्टिंग की संभावित तिथि: कंपनी के शेयर 14 अक्टूबर को बाजार में सूचीबद्ध (लिस्ट) होने की उम्मीद है।

Karwa Chauth 2025: निर्जला व्रत के बाद क्या खाएं? 4 हेल्दी टिप्स For Best Food

करवा चौथ 2025 इस वर्ष 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला (बिना पानी के) व्रत रखती हैं, जो शाम को चांद देखकर खोला जाता है। पूरा दिन खाली पेट रहने के बाद व्रत खोलते समय खान-पान का सही चुनाव करना बहुत ज़रूरी है, ताकि सेहत न बिगड़े और आपकी आस्था भी बनी रहे।

पूरे दिन के उपवास के बाद तुरंत गरिष्ठ (भारी) भोजन करने से पेट में कब्ज, एसिडिटी या ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, व्रत खोलते समय हल्के और हाइड्रेटिंग (पानी की कमी पूरी करने वाले) खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

व्रत खोलने के लिए ज़रूरी हैं ये 4 चीज़ें

तुरंत एनर्जी के लिए हैं ज़रूरी है खजूर (Dates)

व्रत खोलने की शुरुआत आप 1 या 2 खजूर खाकर कर सकती हैं।

  • फायदा: खजूर पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इनमें कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है। यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और पेट को हल्का महसूस कराता है।

Read Also: Karwa Chauth: उत्तराखंड में करवा चौथ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित, यहां देखिये आदेश

शरीर को हाइड्रेट करे नारियल पानी (Coconut Water)

पूरा दिन पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है।

  • फायदा: व्रत खोलने के बाद सबसे पहले नारियल पानी का सेवन करें। यह शरीर में हाइड्रेशन की कमी को दूर करता है और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है।

पाचन को रखे दुरुस्त, खाएं फल और दही (Fruits and Curd)

व्रत खोलने के तुरंत बाद भारी खाना खाने से बचना चाहिए।

  • फल: इसकी जगह आप अपनी पसंद के मौसमी फल जैसे केला, संतरा या सेब खा सकती हैं। फल पाचन में सहायक होते हैं और शरीर को फाइबर और विटामिन देते हैं।
  • दही: मीठा खाना शुभ माना जाता है, लेकिन ज़्यादा मीठा खाने से कुछ महिलाओं का शुगर लेवल बढ़ सकता है। ऐसे में मिठाई की जगह दही का सेवन करना फायदेमंद है। दही पेट को ठंडक देती है और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होने के कारण आंतों के स्वास्थ्य के लिए उत्तम है।

तेल-मसाले से करें परहेज (Avoid Oily and Spicy Food)

व्रत खोलने के तुरंत बाद तेल-मसाले वाला और तला हुआ खाना खाने से बचें।

  • कारण: खाली पेट पर तेल और मसाले भारी पड़ सकते हैं, जिससे कब्ज, एसिडिटी और ब्लोटिंग (पेट फूलना) की समस्या हो सकती है। व्रत खोलने के बाद, फलों और दही का सेवन करने के कुछ देर बाद ही हल्का और सादा अनाज (जैसे दाल-चावल, दलिया या खिचड़ी) लेना सबसे अच्छा होता है।

इन सरल और पौष्टिक चीजों का सेवन करके आप अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए करवा चौथ का व्रत सफलतापूर्वक खोल सकती हैं।

अस्वीकरण: इस सामग्री में दी गई सभी जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। खबर देवभूमि किसी भी प्रकार से इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है और पाठक से अनुरोध करता है कि किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

उत्तराखंड के शहरों के लिए ₹8,589 करोड़! CM धामी ने वित्त मंत्री से माँगा ‘स्टॉर्म ड्रेनेज’ फंड

नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट के साथ ही राज्य के विकास परियोजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने राज्य से संबंधित अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की और केंद्र से कई विकास परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया।

जीएसटी सुधारों पर शुभकामनाएँ और सहयोग के लिए आभार

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री को जीएसटी सुधारों के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएँ दीं और उत्तराखंड राज्य को वित्त मंत्रालय द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

शहरी जल निकासी प्रणाली (Urban Drainage System) के उन्नयन की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे नगरीय जल निकासी प्रणाली (Urban Drainage System) में सुधार और अपग्रेडेशन की तत्काल आवश्यकता है।

  • स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम: राज्य के सर्वाधिक बारिश से प्रभावित 10 जिलों के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के उन्नयन और सुधार हेतु ₹8,589.47 करोड़ की कुल अनुमानित लागत की डीपीआर तैयार की गई है।
  • अनुरोध: मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री से इन परियोजनाओं को ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना’ के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

बाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAPs) की शीघ्र स्वीकृति का आग्रह

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से उत्तराखंड राज्य के लिए लंबित बाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAPs) की शीघ्र स्वीकृति का भी अनुरोध किया।

  • स्वीकृत परियोजना: ‘उत्तराखंड क्लाइमेट रिज़िलीअन्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ को स्वीकृति मिल चुकी है।
  • लंबित प्रस्ताव: राज्य सरकार की ओर से केंद्र को भेजे गए अन्य दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव:
    • सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना: ₹850 करोड़
    • जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाने का प्रस्ताव: ₹800 करोड़

अतिरिक्त प्रमुख परियोजनाओं को भी शीघ्र मंज़ूरी देने का आग्रह

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व में मिले आश्वासन के क्रम में वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बाह्य सहायतित परियोजनाओं की सीलिंग के अतिरिक्त 4 अन्य प्रमुख परियोजनाओं को भी शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

परियोजना का नामअनुमानित लागत
जल एवं स्वच्छता नगरीय अवसंरचना विकास परियोजना₹2000 करोड़
डीआरआईपी -III₹424 करोड़
उत्तराखंड क्लाइमेट रेसिलिएंट इंट्रा स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन सिस्टम डेवलपमेंट₹3638 करोड़
उत्तराखंड पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन रिलायबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट₹1566 करोड़

मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ये सभी परियोजनाएँ राज्य के बुनियादी ढाँचे, जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा और सार्वजनिक सर्विस डिलीवरी व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करेंगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री का आश्वासन

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री धामी को राज्य के विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

Karwa Chauth: उत्तराखंड में करवा चौथ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित, यहां देखिये आदेश

उत्तराखंड शासन ने करवा चौथ के पर्व के उपलक्ष्य में, राज्य भर के शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों/शैक्षणिक संस्थानों/शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कर्मियों के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। यह निर्णय महिला कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण त्यौहार को मनाने की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।

अधिसूचना के अनुसार अवकाश की तिथि

जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, यह सार्वजनिक अवकाश दिनांक 10 अक्टूबर, 2025 (शुक्रवार) को रहेगा। यह छुट्टी विशेष रूप से उत्तराखंड राज्य के अधीन शासकीय/अशासकीय कार्यालयों/शैक्षणिक संस्थानों/शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कर्मियों के लिए मान्य होगी।

अधिसूचना संख्या: १५०२/XXXI(15)G/25-74(सा०)/2016 है, जो स्पष्ट करती है कि यह अवकाश केवल महिला कर्मचारियों पर लागू होगा, जिससे वे करवा चौथ का व्रत और पूजा विधिवत संपन्न कर सकें।

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शासन की ओर से पुष्टि

यह आदेश उत्तराखंड शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है और इस पर सचिव विनोद कुमार सुमन के डिजिटल हस्ताक्षर हैं, जिसकी तिथि 09 अक्टूबर, 2025 है।

सचिव विनोद कुमार सुमन द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिसूचना की प्रतिलिपि आवश्यक सूचना और कार्यवाही हेतु राज्यपाल, मुख्यमंत्री, समस्त प्रमुख सचिवों, नैनीताल उच्च न्यायालय, महालेखाकार और अन्य संबंधित विभागों/अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। इसमें महानिदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को यह सुनिश्चित करने का अनुरोध भी शामिल है कि इस अधिसूचना का आवश्यक प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों के माध्यम से किया जाए।

इस अवकाश का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देना है। यह राज्य सरकार की ओर से महिला कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है, जिससे उन्हें अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए रखे जाने वाले इस महत्वपूर्ण व्रत को सुगमता से पूरा करने का अवसर मिल सके।

करवा चौथ का पर्व उत्तर भारत में विवाहित महिलाओं के बीच अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहाँ वे अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

गुरुवार को बाल-नाखून क्यों नहीं काटने चाहिए? धार्मिक नहीं, ये है इसके पीछे का असली कारण!

भारतीय धर्म शास्त्रों में बृहस्पतिवार (गुरुवार) को बाल कटवाने, दाढ़ी बनवाने और नाखून काटने से मना किया गया है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी घरों में बुजुर्ग इसका सख्ती से पालन करते हैं। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? आइए, इसके पीछे छिपे धार्मिक विश्वास और वैज्ञानिक कारणों को समझते हैं:

भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का दिन

हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन सृष्टि के पालक भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है। यह दिन देव गुरु बृहस्पति का भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को बाल कटवाने, दाढ़ी बनवाने या नाखून काटने जैसे कार्य करने से भगवान विष्णु की कृपा कम हो जाती है। इसके अलावा, इससे बृहस्पति देव भी नाराज़ हो सकते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में आर्थिक समस्याएं, पारिवारिक कलह और अन्य बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

शुभता और शुद्धता का महत्व

हिंदू धर्म में गुरुवार को एक पवित्र, पूज्य और अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इस दिन धार्मिक कार्यों के लिए शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना आवश्यक माना जाता है। वहीं, शरीर से अलग हुए बाल और नाखून जैसे अवशेषों को अशुद्ध या अपवित्र कहा जाता है। मान्यता है कि गुरुवार के दिन इन्हें काटने या हटाने से शरीर की शुद्धता भंग हो जाती है, जो इस शुभ दिन की पवित्रता के विपरीत है।

नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मान्यता

एक मान्यता यह भी है कि गुरुवार को बाल और नाखून काटने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है या यह शरीर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। चूँकि गुरुवार को शुभ और पवित्र माना जाता है, इसलिए किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से बचने के लिए इन कार्यों को वर्जित किया गया है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संवेदनशीलता

धार्मिक कारणों के साथ-साथ गुरुवार को बाल और नाखून काटने की मनाही के पीछे वैज्ञानिक तर्क भी दिए जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर के नाखून उंगलियों के आगे के नाजुक हिस्सों का बचाव करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गुरुवार के दिन ब्रह्मांड से कई सूक्ष्म किरणें मानव शरीर के संवेदनशील अंगों (जैसे कि उंगलियों के अग्रभाग) पर विपरीत या प्रतिकूल असर डाल सकती हैं। इसलिए, इस दिन नाखून काटने से उन संवेदनशील हिस्सों का बचाव कम हो सकता है, जिससे मनाही की जाती है।

बुजुर्गों की परंपरा और मनाही

यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। आज भी घरों में बुजुर्ग सदस्य गुरुवार के दिन बाल कटवाने, दाढ़ी बनवाने और नाखून काटने से सख्ती से मना करते हैं। यह मनाही मुख्य रूप से धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है, जिसका उद्देश्य व्यक्ति को भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की कृपा से वंचित होने से बचाना है। यह परिवार की शुभता और समृद्धि को बनाए रखने की एक प्राचीन परंपरा है।

कुल मिलाकर, बृहस्पतिवार को बाल, दाढ़ी और नाखून न काटने की सलाह के पीछे मुख्य कारण धार्मिक आस्था है, जिसके अनुसार ऐसा करने से व्यक्ति के ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य में कमी आती है, क्योंकि यह दिन देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है।

अस्वीकरण: इस सामग्री में दी गई सभी जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। खबर देवभूमि किसी भी प्रकार से इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है और पाठक से अनुरोध करता है कि किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

CS आनंद बर्धन का बड़ा निर्देश: झुग्गी बस्तियों का होगा पुनः सर्वे, नवंबर 2025 तक मिलेगी ‘काठबंगला’ में छत!

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में प्रदेश की झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश में झुग्गियों का पुनः सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए, ताकि पुनर्विकास कार्यों को गति मिल सके।

पात्र लाभार्थियों के विनियमन और जिला स्तरीय समितियों पर ज़ोर

मुख्य सचिव बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी 1 एवं श्रेणी 2 के पात्र लोगों को स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों के सहयोग से अभियान चलाकर विनियमित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया तेज़ी से पूरी होनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने झुग्गियों के पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकों को तत्काल आयोजित करने का निर्देश दिया। इन बैठकों के निष्कर्षों के आधार पर, राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन भी शीघ्र किया जाएगा।

काठबंगला प्रोजेक्ट और निरंतर मॉनिटरिंग

बैठक में काठबंगला प्रोजेक्ट को लेकर एक महत्वपूर्ण समय सीमा निर्धारित की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट में निर्मित आवासों का आवंटन नवम्बर 2025 तक हर हाल में कर लिया जाए।

उन्होंने सचिव, शहरी विकास को इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए, ताकि आवंटन कार्य तय समय सीमा में पूरा हो सके।

संयुक्त बैठक द्वारा लिए जाएंगे महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय

मुख्य सचिव ने पुनर्विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए नीतिगत और प्रक्रियात्मक निर्णय लेने हेतु अधिकारियों को संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि भूमि चिन्हीकरण, आवंटन के लिए नियम निर्धारण, आंकलन, पात्रता मानदंड और डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार किए जाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) और नगर निगम एक संयुक्त बैठक लेकर निर्णय लें।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Top 5 Mantras of Maa Lakshmi: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 5 शक्तिशाली मंत्र

हिंदू धर्म में, माता लक्ष्मी को धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है। वे सृष्टि के पालनकर्ता, भगवान विष्णु की पत्नी हैं। समाज का हर वर्ग—व्यापारी, नेता, या गृहिणी—अपने जीवन में शांति, सुख और समृद्धि बनाए रखने के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा करता है। लक्ष्मी मंत्र वे पवित्र मंत्र हैं जो सीधे देवी लक्ष्मी को समर्पित हैं। यह माना जाता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा से इन मंत्रों का जाप करते हैं, उन्हें धन, शांति और सफलता मिलती है। ये मंत्र विशेष रूप से दिवाली जैसे शुभ अवसरों पर जपे जाते हैं।

शक्तिशाली लक्ष्मी मंत्र और उनके लाभ

माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए, विभिन्न उद्देश्यों के लिए कई शक्तिशाली मंत्र हैं। यहाँ 5 प्रमुख लक्ष्मी मंत्र दिए गए हैं:

1-लक्ष्मी बीज मंत्र (Lakshmi Beej Mantra)

  • मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
  • लाभ: इसे धन और समृद्धि को आकर्षित करने वाला मूल मंत्र माना जाता है। यह मंत्र आध्यात्मिक और भौतिक दोनों तरह की प्रचुरता लाता है।

2-महालक्ष्मी मंत्र (Maha Lakshmi Mantra)

  • मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः॥
  • लाभ: यह मंत्र कमल पर विराजमान महालक्ष्मी को समर्पित है। इसका जाप करने से भक्त पर देवी की कृपा बनी रहती है, जिससे जीवन में शांति और समृद्धि आती है।

3-लक्ष्मी गायत्री मंत्र (Lakshmi Gayatri Mantra)

  • मंत्र: ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
  • लाभ: यह मंत्र देवी लक्ष्मी को विष्णु पत्नी के रूप में पूजता है। यह जीवन की रुकावटों को दूर करने, ज्ञान और रचनात्मकता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

4-धन और समृद्धि के लिए लक्ष्मी मंत्र

  • मंत्र: “ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा”. 
  • यह मंत्र धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति दिलाता है. 
  • लाभ: देवी लक्ष्मी, भगवान विष्णु की पत्नी हैं और क्षीरसागर के मंथन से उत्पन्न हुईं। इन मंत्रों का नियमित जाप व्यावसायिक जीवन में शांति, स्थिरता और धन की प्राप्ति में मदद करता है।

5-दरिद्रता दूर करने के लिए महालक्ष्मी मंत्र

  • मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकं दारिद्र्य नाशय प्रचुर धनं देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
  • अर्थ: “हे महान देवी महालक्ष्मी, गरीबी दूर करने वाली, मुझे प्रचुर धन और समृद्धि का आशीर्वाद दें।”
  • लाभ: यह विशेष रूप से शक्तिशाली मंत्र है जो भक्तों को वित्तीय संघर्षों से उबरने में मदद करता है। यह सौभाग्य का आशीर्वाद देता है और व्यक्तिगत व व्यावसायिक जीवन में स्थिरता लाता है।

जप करने की विधि और शुभ अवसर

  • जप का समय: सुबह-सुबह, शुक्रवार को (जो देवी लक्ष्मी का दिन है), या दिवाली और पूर्णिमा की रात जैसे शुभ दिनों में भक्तिपूर्वक जप करना सर्वोत्तम है।
  • विशेष अनुष्ठान: दरिद्रता दूर करने वाले मंत्र का पारंपरिक रूप से 72 दिनों में सवा लाख बार जाप करने के बाद हवन अनुष्ठान करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान देवी लक्ष्मी की षोडशोपचार विधि (16 आहुतियां) से पूजा करनी चाहिए।
  • भक्ति और अनुशासन: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन मंत्रों का परिणाम व्यक्ति की आस्था और अनुशासन पर आधारित होता है, न कि वित्तीय लाभ की कोई गारंटी पर।

लक्ष्मी मंत्रों का जाप हिंदू धर्मग्रंथों में निहित एक आध्यात्मिक अभ्यास है। दैनिक अभ्यास में लक्ष्मी पूजा को शामिल करने से मन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता प्राप्त होती है। प्रत्येक मंत्र के अपने अनूठे लाभ हैं—प्रचुरता को आकर्षित करने से लेकर सद्भाव लाने तक। इन शक्तिशाली मंत्रों के माध्यम से भक्त माँ लक्ष्मी का आह्वान कर सकते हैं और उनके जीवन में धन, समृद्धि और सद्भाव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer) इस वेबसाइट पर साझा की गई सभी ज्योतिष संबंधी जानकारी, भविष्यवाणियां और समाचार केवल सामान्य मार्गदर्शन और मनोरंजन के उद्देश्य से हैं। कृपया ध्यान दें कि ज्योतिष की व्याख्या व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न हो सकती है, और इसे स्वास्थ्य, वित्त, कानूनी या किसी भी अन्य पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। हमेशा अपने महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय किसी योग्य पेशेवर (जैसे डॉक्टर, वित्तीय सलाहकार) या अपने विवेक का पालन करें।

UPI payment में आया ये बड़ा बदलाव, अब न PIN न OTP, ऐसे होगा भुगतान

डिजिटल पेमेंट सिस्टम (Digital Payment System) में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है, जो आपके ऑनलाइन लेन-देन के तरीके को हमेशा के लिए बदल देगा। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI payment) के लिए ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (On-Device Biometric Authentication) फीचर पेश किया है।

इसका सीधा मतलब यह है कि अब UPI से पेमेंट करने के लिए आपको हर बार 4 या 6 अंकों का PIN (पिन) डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय, आप अपने स्मार्टफोन की इनबिल्ट सिक्योरिटी का उपयोग करके – जैसे फिंगरप्रिंट स्कैन (UPI Fingerprint scan) या फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानना) – सीधे पेमेंट को कन्फर्म कर सकेंगे।

यह नया फीचर न केवल पेमेंट को सुपरफास्ट बनाएगा, बल्कि सुरक्षा और सुविधा के मामले में भी गेम चेंजर साबित होगा।

कैसे काम करेगा UPI का यह नया बायोमेट्रिक फीचर?

यह फीचर आपके स्मार्टफोन के मौजूदा सुरक्षा सिस्टम का उपयोग करेगा। इसे इस्तेमाल करने की प्रक्रिया बेहद सरल है:

  1. ऑप्ट-इन (Opt-in) करें: सबसे पहले, आपको अपने UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm, आदि) की सेटिंग्स में जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के विकल्प को एक्टिवेट (चालू) करना होगा।
  2. ट्रांजैक्शन कन्फर्म करें: जब आप किसी मर्चेंट को पेमेंट करेंगे या किसी दोस्त को पैसे भेजेंगे, तो ऐप आपको PIN डालने के बजाय, फिंगरप्रिंट सेंसर पर अपनी उंगली रखने या चेहरे को स्कैन करने का विकल्प देगा।
  3. क्रिप्टोग्राफिक वेरिफिकेशन: NPCI के अनुसार, हर एक पेमेंट को आपके बैंक द्वारा क्रिप्टोग्राफिक तरीके से वेरिफाई किया जाएगा, जिससे सुरक्षा का स्तर उच्चतम बना रहेगा।

यानी, अब पेमेंट की प्रक्रिया केवल दो सेकंड में पूरी हो जाएगी – स्कैन करो और हो गया!

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यूजर को मिलेगा पूरा कंट्रोल और प्राइवेसी

NPCI ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा पूरी तरह से ऑप्शनल (Optional) होगी। यह एक बड़ा राहत भरा कदम है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि:

  • विकल्प की आजादी: जो यूजर्स पुराने तरीके से UPI PIN डालकर पेमेंट करना जारी रखना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं।
  • तेज और आसान: जिन्हें बार-बार PIN डालने में परेशानी होती है, उनके लिए यह फीचर एक वरदान है, जो लेन-देन को और भी आसान बना देगा।
  • प्राइवेसी बनी रहेगी: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बायोमेट्रिक डेटा (Biometric Data) आपके मोबाइल डिवाइस से बाहर नहीं जाएगा। हर ट्रांजैक्शन डिवाइस-लेवल सिक्योरिटी और बैंक वेरिफिकेशन से होकर गुजरेगा, जिससे आपकी व्यक्तिगत गोपनीयता पूरी तरह से बनी रहेगी।

क्यों है यह फीचर गेम चेंजर? (UPI new feature)

वर्तमान में, भारत में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। ऐसे में, यह नया फीचर पेमेंट इकोसिस्टम को निम्नलिखित तरीके से प्रभावित करेगा:

पहलूपुराना सिस्टम (PIN)नया सिस्टम (बायोमेट्रिक)
सुविधाहर बार PIN डालना आवश्यकफिंगरप्रिंट/फेस स्कैन से तुरंत
स्पीडकुछ सेकंड का समय लगता हैमिलीसेकंड में पेमेंट कन्फर्म
भूलने की समस्याPIN भूलने पर ट्रांजैक्शन रुक सकता हैबायोमेट्रिक हमेशा उपलब्ध
सुरक्षाPIN लीक होने का जोखिमडिवाइस-लेवल सिक्योरिटी से मजबूत

UPI में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का आना यह संकेत देता है कि भारत का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा, स्पीड और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार विकसित हो रहा है। यह फीचर जल्द ही प्रमुख UPI ऐप्स में रोल आउट होने की उम्मीद है।

TVS Apache RTX 300: भारतीय एडवेंचर बाइक सेगमेंट में TVS का नया दांव, लॉन्च से पहले जानें सब कुछ!

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भारतीय मोटरसाइकिल बाजार में TVS मोटर कंपनी लगातार नए और अपडेटेड मॉडल्स के साथ अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। ऑर्बिटर और एनटॉर्क 150 जैसे स्कूटर्स से लेकर अपडेटेड RTR 310 जैसी परफॉर्मेंस बाइक्स तक, TVS ने हर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। अब कंपनी एक बिल्कुल नए और रोमांचक सेगमेंट में कदम रखने जा रही है – एडवेंचर टूरिंग! आगामी 15 अक्टूबर को TVS अपनी पहली एडवेंचर मोटरसाइकिल, Apache RTX 300 को भारतीय बाजार में लॉन्च करने के लिए तैयार है।

भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में कुछ समय के लिए झलक दिखाने और फिर उसे हटा लेने के बाद, Apache RTX 300 को लेकर उत्सुकता चरम पर है। आइए इस अपकमिंग एडवेंचर बाइक की खूबियों, फीचर्स और संभावित प्रतिद्वंद्वियों पर एक विस्तृत नज़र डालें।

डिजाइन और लुक: सेमी-फेयर्ड ADV का नया अंदाज

TVS Apache RTX 300 अपने डिजाइन के मामले में पारंपरिक एडवेंचर बाइक्स से थोड़ी अलग दिखती है। यह एक सेमी-फेयर्ड (Semi-Faired) बाइक है, जो इसे एक स्पोर्टी और मॉडर्न लुक देती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यह मुश्किल रास्तों पर चलने में सक्षम नहीं होगी। TVS ने इसे ऑफ-रोड क्षमताओं के लिए डिज़ाइन किया है।

  • ग्राउंड क्लियरेंस: Apache RTR 310 या RR 310 की तुलना में इसमें बेहतर ग्राउंड क्लियरेंस मिलेगा, जो इसे खराब सड़कों और ऑफ-रोड ट्रेल्स पर आसानी से चलने में मदद करेगा।
  • व्हील्स और टायर्स: इसमें 19 इंच के फ्रंट और 17 इंच के रियर अलॉय व्हील्स दिए जाएंगे, जिन पर फैट डुअल स्पोर्ट टायर लगे होंगे। ये टायर ऑन-रोड ग्रिप और ऑफ-रोड ट्रैक्शन दोनों के लिए उपयुक्त होंगे।
  • सस्पेंशन: फ्रंट में गोल्ड शेड फिनिश के साथ अपसाइड डाउन (USD) फॉर्क्स मिलेंगे, जो न केवल प्रीमियम दिखते हैं बल्कि बेहतर हैंडलिंग और डैम्पिंग भी प्रदान करते हैं। रियर में मोनोशॉक सस्पेंशन सेटअप होगा, जो राइड कम्फर्ट को बढ़ाएगा।

फीचर्स और सेफ्टी: मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस

TVS Apache RTX 300 को फीचर्स और सेफ्टी के मामले में भी काफी लोडेड होने की उम्मीद है।

  • ब्रेकिंग: इसमें फ्रंट और रियर, दोनों पहियों में सिंगल डिस्क ब्रेक सेटअप के साथ डुअल चैनल ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) मिलेगा, जो सुरक्षित ब्रेकिंग परफॉर्मेंस सुनिश्चित करेगा।
  • फ्रंट फेसिया: बाइक में एक आकर्षक फ्रंट फेसिया होगा, जिसमें लंबी विंडस्क्रीन दी जाएगी। यह न केवल स्टाइल को बढ़ाएगी बल्कि लंबी यात्राओं के दौरान राइडर को हवा से भी बचाएगी।
  • एडवेंचर ओरिएंटेड एक्सेसरीज: इसमें बीफी नकल गार्ड (Knuckle Guards), लगेज माउंटिंग पॉइंट्स (Luggage Mounting Points) और रियर लगेज रैक (Rear Luggage Rack) जैसी एडवेंचर-ओरिएंटेड खूबियां मिलेंगी, जो इसे टूरिंग के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाएंगी।
  • टेक फीचर्स: नई Apache RTR 310 से प्रेरित होकर, RTX 300 में डिजिटल TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा। इसके साथ ही ब्लूटूथ कनेक्टिविटी (Bluetooth Connectivity), SmartXonnect एप सपोर्ट, म्यूजिक कंट्रोल, और टर्न बाय टर्न नैविगेशन (Turn-by-Turn Navigation) जैसी कई स्मार्ट खूबियां भी इसमें शामिल होंगी।

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इंजन और परफॉर्मेंस: ब्रांड न्यू RT-XD4 इंजन

TVS Apache RTX 300 के दिल में TVS का बिल्कुल नया RT-XD4 इंजन धड़केगा।

  • इंजन टाइप: यह एक 300cc का DOHC (डबल ओवरहेड कैमशाफ्ट) 4 वॉल्व सिंगल सिलिंडर लिक्विड कूल्ड इंजन होगा।
  • पावर आउटपुट: यह इंजन 35 bhp की मैक्सिमम पावर और 28.5 न्यूटन मीटर (Nm) का पीक टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम होगा। ये आंकड़े इसे मिड-रेंज एडवेंचर सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।
  • गियरबॉक्स: पावर को सड़कों तक पहुंचाने के लिए इसमें 6 स्पीड गियरबॉक्स मिलेगा, जो हाईवे क्रूजिंग और ऑफ-रोड इस्तेमाल दोनों के लिए उपयुक्त होगा।

कीमत और मुकाबला: मिड-रेंज ADV सेगमेंट में कड़ी टक्कर

हाल ही में 350 सीसी से कम पावर वाली बाइक्स पर जीएसटी घटने के बाद, उम्मीद की जा रही है कि TVS Apache RTX 300 की कीमत काफी प्रतिस्पर्धी होगी। भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला कई लोकप्रिय एडवेंचर मोटरसाइकिलों से होगा, जिनमें:

  • रॉयल एनफील्ड हिमालयन (Royal Enfield Himalayan)
  • येज्दी एडवेंचर (Yezdi Adventure)
  • कावासाकी वर्सेस एक्स 300 (Kawasaki Versys-X 300)
  • हीरो एक्सपल्स 200 4वी (Hero Xpulse 200 4V) जैसी बाइक्स शामिल हैं।

TVS Apache RTX 300 इन स्थापित खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी खास डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और नए इंजन के दम पर एक मजबूत पहचान बनाने की कोशिश करेगी।

TVS Apache RTX 300 भारतीय एडवेंचर बाइक सेगमेंट में TVS का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उन राइडर्स को टारगेट करती है जो एक सक्षम, फीचर-लोडेड और स्टाइलिश एडवेंचर मोटरसाइकिल की तलाश में हैं, जो रोजमर्रा के कम्यूट के साथ-साथ लंबी यात्राओं और हल्के ऑफ-रोडिंग को भी आसानी से संभाल सके। 15 अक्टूबर को इसके आधिकारिक लॉन्च के बाद ही इसकी पूरी कीमत और अन्य विस्तृत जानकारी सामने आएगी।