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Rajvir Jawanda died: मशहूर पंजाबी सिंगर राजवीर जवंदा का 35 साल की उम्र में निधन, 11 दिन तक लड़ी जिंदगी की जंग

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मोहाली, पंजाब: पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री (Punjabi Music Industry) के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर पंजाबी सिंगर और एक्टर राजवीर जवंदा (Rajvir Jawanda) का 35 वर्ष की कम उम्र में निधन हो गया है। 27 सितंबर को हुए एक भयानक सड़क हादसे (Road Accident) के बाद वह पिछले 11 दिनों से मोहाली के फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital, Mohali) में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे, लेकिन अंततः आज, 8 अक्टूबर 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली।

हिमाचल प्रदेश में हुआ था भयानक एक्सीडेंट

राजवीर जवंदा 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश के बद्दी (Baddi, Himachal Pradesh) इलाके में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा तब हुआ जब उनकी मोटरसाइकिल (Motorcycle) अचानक सामने आए आवारा पशुओं से टकरा गई।

हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें गंभीर सिर और रीढ़ की चोटें आई थीं। शुरुआती इलाज के बाद उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां वह लगातार वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट पर थे। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि गंभीर चोटों के कारण हुए मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (Multiple Organ Failure) को उनकी मौत का कारण माना जा रहा है।

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कार्डियक अरेस्ट और गंभीर चोटों से थे जूझ रहे

सिंगर को पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) भी आया था, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई थी। पंजाबी इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी अस्पताल जाकर उनका हालचाल लिया था। हालांकि, तमाम प्रार्थनाओं और डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद राजवीर को बचाया नहीं जा सका।

पंजाबी म्यूजिक जगत में पसरा मातम

राजवीर जवंदा के निधन की खबर सुनते ही पूरे पंजाबी सिनेमा और म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस और कलाकार अपने प्रिय गायक को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

राजवीर जवंदा के टॉप 5 फेमस गाने

राजवीर जवंदा ने अपने करियर में कई सुपरहिट गाने दिए और अपनी दमदार आवाज से लाखों दिलों पर राज किया। उनके कुछ सबसे लोकप्रिय गाने ये रहे:

  1. कंगनी (Kangni)
  2. सरदारी (Sardari)
  3. सुरनेम (Surname)
  4. कमला (Kamla)
  5. जिंद जान (Jind Jaan) (फिल्म)

गाने के साथ-साथ उन्होंने ‘सुबेदार जोगिंदर सिंह’ (Subedar Joginder Singh) और ‘जिंद जान’ (Jind Jaan) जैसी फिल्मों में अभिनय भी किया था।

राजवीर जवंदा भले ही इतनी कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए हों, लेकिन उनकी आवाज और उनका संगीत हमेशा उनके फैंस के दिलों में ज़िंदा रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

Uttarakhand Weather: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश का अलर्ट; तापमान में आएगी और गिरावट

उत्तराखंड के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बरसात का मौसम बीत जाने के बावजूद भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश देखने को मिल रही है। पहाड़ों में हिमपात ने ठंडक को और बढ़ा दिया है। बीते सोमवार को केदारनाथ धाम और इसके ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई थी, जबकि मंगलवार को बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में भी सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया, जिसके चलते तापमान में अचानक गिरावट आई है और मौसम एकदम ठंडा हो गया है।

प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों के न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किए गए:

शहरन्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)
देहरादून17.6
पंतनगर20.6
मुक्तेश्वर7.9
नई टिहरी8.6

आगामी दिनों का पूर्वानुमान: भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के मुताबिक, आने वाले दो से तीन दिनों तक उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। आज (बुधवार) भी राज्य के कुछ जिलों में बारिश और साढ़े तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी होने की संभावना है।

उत्तराखंड में मौसम ने ली करवट, बर्फबारी और बारिश से बढ़ा ठंड का असर

पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा और 3500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा, राज्य के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने या वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की संभावना जताई गई है।

देहरादून का मौसम आज

राजधानी देहरादून की बात करें तो, आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम वर्षा के कुछ दौर हो सकते हैं। कुछ क्षेत्रों में एक या दो दौर भारी/तीव्र वर्षा होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गर्जन के साथ बिजली चमकने और झोंकेदार हवाएं चलने (40-50 कि.मी./घंटा) की भी संभावना है। देहरादून का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

उत्तराखंडः जानिए, देहरादून में कब होगा राष्ट्रीय रोलर स्केटिंग का अंतिम चयन ट्रायल! क्या हैं इसके नियम और पात्रता!

देहरादून में 25वीं उत्तराखंड रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया जाएगा। इसी के साथ ही 63वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन के ट्रायल का भी आयोजन किया जा रहा है। बता दें कि उत्तराखंड रोलर स्केटिंग एसोसिएशन (पंजीकृत) रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (RSFI) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक की उपस्थिति में 25वीं उत्तराखंड रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन करने जा रहा है। इसी के साथ, 63वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए राज्य के स्केटर्स का चयन ट्रायल भी आयोजित किया जाएगा। यह चयन रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 5 से 15 दिसंबर 2025 तक तमिलनाडु, केरल में आयोजित होने वाली 63वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए होगा।

चैंपियनशिप और चयन ट्रायल की तिथियां और स्थान

उत्तराखंड रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2025 और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन ट्रायल का आयोजन 8 और 9 नवंबर, 2025 को रोलर हॉकी रिंक, परेड ग्राउंड देहरादून में किया जाएगा।चयनित अभ्यर्थी राष्ट्रीय रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।

63वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता का विवरण

बता दें कि रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जा रही 63वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता 5 से 15 दिसंबर 2025 तक तमिलनाडु और केरल में होगी. इस चैंपियनशिप में स्पीड स्केटिंग, रोलर हॉकी, इनलाइन हॉकी, आर्टिस्टिक स्केटिंग, इनलाइन फ्रीस्टाइल, रोलर डर्बी और स्केटबोर्डिंग जैसी विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी । ये श्रेणियां रोलर स्केटिंग महासंघ द्वारा निर्धारित की गई हैं।

महत्वपूर्ण नियम और पात्रता

केवल राज्य चैंपियनशिप में मनोरंजनात्मक गतिविधियों की अनुमति होगी; चयन ट्रायल में नहीं ।

  • केवल RSFI पंजीकृत स्केटर्स ही चयन ट्रायल का हिस्सा बन सकते हैं, भले ही कोई भी स्केटर राज्य चैंपियनशिप में भाग ले रहा हो ।
  • इनलाइन स्केटर्स को RSFI के नियमों के अनुसार व्हील साइज़ का पालन करना होगा ।
  • चयन ट्रायल महासंघ के पर्यवेक्षक की उपस्थिति में आयोजित किए जाएंगे ।

पंजीकरण की अंतिम तिथियां

  • चैंपियनशिप और चयन ट्रेल्स के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 है।
  • RSFI 2025-26 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 नवंबर है।
  • इच्छुक स्केटर्स https://indiaskate.com/skaterbase25/ लिंक पर लॉगिन कर सकते हैं.
  • अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति 9837087779 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड होगा खत्म, राज्यपाल ने लगा दी मुहर

देहरादून। उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड अब इतिहास बनने जा रहा है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के लागू होने के बाद प्रदेश में संचालित सभी मदरसों को अब उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करनी होगी और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (उत्तराखंड बोर्ड) से संबद्धता लेनी होगी।

राज्य के लिए बड़ा कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्णय राज्य में शिक्षा व्यवस्था को समान और आधुनिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 सत्र से सभी अल्पसंख्यक विद्यालयों में राष्ट्रीय पाठ्यक्रम (NCF) और नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत शिक्षा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि “प्रदेश का हर बच्चा — चाहे वह किसी भी वर्ग या समुदाय का हो — समान शिक्षा और समान अवसरों के साथ आगे बढ़े।”

देश में पहला राज्य

इस निर्णय के साथ उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहाँ मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

करवा चौथ की पूजा में भूलकर भी न करें ये काम

करवा चौथ हिंदू महिलाओं के लिए खास पर्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती हैं। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं चांद देखकर अपना व्रत खोलती हैं। करवा चौथ की पूजा में कई विधियाँ होती हैं, लेकिन इन विधियों के बीच कुछ ऐसे महत्वपूर्ण पहलू होते हैं, जिन्हें सही तरीके से जानना और समझना आवश्यक है। इस आर्टिकल में हम करवा चौथ पूजा में क्या करें और क्या न करें, इस पर चर्चा करेंगे।

करवा चौथ पूजा में क्या करें:

व्रत की तैयारी करें :


करवा चौथ का व्रत संतान सुख, सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र के लिए होता है। व्रत का पालन करते समय पूरे दिन का शुद्ध और संतुलित आहार का ध्यान रखना आवश्यक है। सूर्योदय से पूर्व अपने स्नान और शुद्धता के बाद व्रत की शुरुआत करें। यह भी सुनिश्चित करें कि पूजा सामग्री पहले से तैयार हो, ताकि पूजा के समय कोई कमी न हो।

स्नान और शुद्धता:

पूजा में प्रवेश करने से पहले स्वच्छता का ध्यान रखें। स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। शुद्धता का पालन इस पूजा में विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है।

पूजा सामग्री एकत्रित करें:

करवा चौथ की पूजा में कुछ खास सामग्रियों की आवश्यकता होती है। इनमें :

एक करवा (कुंडली)

मिट्टी का दीपक

चांद के दर्शन के लिए एक छलनी

हल्दी, कुमकुम, रोली, चावल, पानी

मिष्ठान्न (सेंवई, फल, आदि)

एक सिक्का और कुछ रूपये (पेटी में रखने के लिए)

इन सभी सामग्रियों का ध्यान रखें ताकि पूजा में कोई कमी न हो।

पूजा विधि का पालन करें:


करवा चौथ की पूजा के दौरान सबसे पहले घर के पवित्र स्थान या पूजा स्थल पर दीपक जलाएं। फिर करवा रखें और उसकी पूजा करें। इसके बाद व्रत कथा सुनें या पढ़ें। यह पूजा विधि पवित्रता और श्रद्धा से की जानी चाहिए।

चंद्रमा के दर्शन करें:

पूजा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा चंद्रमा के दर्शन करना होता है। जब चांद उगता है, तो एक छलनी में चांद को देखकर अपनी प्रार्थना करें और फिर पति को पानी पिलाकर व्रत खोलें। यह एक खास परंपरा है, जिसमें महिला अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है।

अपने पति को सम्मान दें:

व्रत के दौरान, यह जरूरी है कि पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत किया जाए। पूजा के बाद पति से आशीर्वाद लें और वह भी अपनी पत्नी को आशीर्वाद दें। यह पारिवारिक सौहार्द और प्यार को बढ़ावा देता है।

करवा चौथ पूजा में क्या न करें:

बुरा विचार न रखें:
करवा चौथ का व्रत एक पवित्र कार्य है। इस दिन कोई भी नकारात्मक विचार रखना या किसी के प्रति द्वेष भावना रखना गलत है। इस दिन सकारात्मक सोच और अच्छे विचारों के साथ पूजा करनी चाहिए, ताकि जीवन में शांति और सुख बना रहे।

पूजा सामग्री में किसी प्रकार की कमी न रखें:
पूजा के दौरान किसी भी सामग्री की कमी न हो, इसका ध्यान रखें। पूजा विधि को पूरा करने के लिए आवश्यक सभी चीज़ों का होना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर कोई सामग्री उपलब्ध नहीं हो, तो इसे पूजा से पहले प्राप्त कर लें।

झगड़े और नकारात्मकता से दूर रहें:
इस खास दिन पर पारिवारिक शांति बनाए रखना जरूरी है। किसी भी प्रकार के झगड़े या मतभेदों से बचें। इस दिन के उद्देश्य को समझें और अच्छे रिश्तों को बढ़ावा देने का प्रयास करें।

झूठ बोलना या कोई धोखा देना:
करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के रिश्ते को और भी मजबूत करता है। इस दिन अपने रिश्ते में विश्वास बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अगर किसी भी कारण से आपको किसी से कोई कड़वी बात या झूठ बोलने का मन हो, तो उसे छोड़ दें।

महत्वपूर्ण बातें जो याद रखें:

धैर्य रखें: करवा चौथ का व्रत कठिन जरूर होता है, लेकिन इसे शांति और धैर्य से निभाना चाहिए। पूरे दिन बिना पानी के रहना एक परीक्षा जैसा होता है, लेकिन इसकी आस्था और श्रद्धा के साथ पूजा करना महत्वपूर्ण है।

सकारात्मक सोच: इस दिन का मुख्य उद्देश्य अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करना है। इसलिए इस दिन नकारात्मक सोच से बचें और अपने मन को शांति और आनंद से भरपूर रखें।

संतुलित आहार: व्रत के दौरान खुद को कमज़ोर महसूस करने से बचाने के लिए, सूर्योदय से पहले हल्का और पौष्टिक आहार ग्रहण करें। फल, सूखे मेवे और दूध का सेवन करें ताकि शरीर में पर्याप्त ऊर्जा बनी रहे।

दुर्भाग्यपूर्ण। देहरादून में थानाध्यक्ष ने शराब के नशे में वाहनों को मारी टक्कर, जागरुक जनता ने पकड़ा, अब उसी के थाने में मुकदमा दर्ज

देहरादून में पुलिस महकमे पर एक ऐसा दाग लगा है जिसने पूरी खाकी की छवि को ही दागदार कर दिया है। इस दाग को हटाने में पुलिस को लंबा वक्त लगेगा इसमें कोई दो राय नहीं है। बुधवार की रात देहरादून के राजपुर थाने के थानाध्यक्ष शैंकी कुमार ने शराब के नशे में कार चलाते हुए कई अन्य वाहनों को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद शैंकी कुमार को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है।

शराब के नशे में धुत था दरोगा

मिली जानकारी के मुताबिक राजपुर थाने के थानाध्यक्ष शैंकी कुमार बुधवार की रात शराब के नशे में तेजी से गाड़ी ड्राइव करते हुए राजपुर रोड से गुजर रहे थे। इसी नशे में शैंकी कुमार ने अपनी गाड़ी से वाहनों को टक्कर मारनी शुरू कर दी। एक वैगन आर कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद शैंकी कुमार ने एक थार एसयूवी को भी बेहद तेजी से टक्कर मारी। इससे थार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं शैंकी जिस गाड़ी में सवार थे उसके भी एअरबैग खुल गए।

निकलने की कोशिश लेकिन फंस गए

बताते हैं कि हादसे के बाद शैंकी कुमार ने वहां से निकलने की कोशिश की। हालांकि लोगों ने उसे पहचान भी लिया था और उसकी वीडियो भी बना ली थी लिहाजा थानाध्यक्ष वहां से भाग नहीं पाया। इसी दौरान जिन लोगों की कार क्षतिग्रस्त हुई थी उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची चीता युनिट ने शैंकी को अपनी बाइक पर बैठाकर निकालने की कोशिश की लेकिन वहां मौजूद जागरुक जनता पुलिसकर्मियों की कोशिश को भांप गई। लोगों ने चीता युनिट के साथ SHO को नहीं जाने दिया। इस दौरान वहां जमकर हंगामा होता रहा। बाद में पुलिस कर्मियों के समझाने पर लोग माने।

रात में ही हुआ सस्पेंड

इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सकते में डाल दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने रात में ही थानाध्यक्ष शैंकी कुमार का मेडिकल टेस्ट कराया। वहीं इस घटना पर एसएसपी अजय सिंह ने गंभीर रुख अपनाया है। एसएसपी ने रात में ही थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही नए थानाध्यक्ष की तैनाती भी कर दी।

सीएम धामी का बड़ा बयान, ‘युवाओं के लिए सिर झुका भी सकता हूं, कटा भी सकता हूं’, मदरसों को भी दे दिया अल्टीमेटम

UKSSSC पेपर लीक प्रकरण के बाद जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि युवा विरोधी सीएम के तौर पर बनाने की कोशिश की गई। उस छवि को सीएम धामी ने अपने दो प्रहारों में ही चूर – चूर कर दिया है। पहला प्रहार तब हुआ जब सीएम धामी खुद ही बेरोजगार युवाओं के धरना स्थल पर खुद ही पहुंच गए। इसके बाद अब सीएम धामी ने एक ऐसा बयान दे दिया जो अब चर्चाओं का विषय बन गया है। सीएम धामी ने अपने एक ताजा बयान में कहा है कि वो युवाओं के लिए सिर झुका भी सकते हैं और कटा भी सकते हैं।

आंदोलन की आड़ में सेंकी जा रही थी राजनीतिक रोटियां

एक कार्यक्रम में संवाद के दौरान सीएम धामी ने कहा कि हाल ही में एक नकल का मामला सामने आया था, प्रकरण की जानकारी मिलते ही हमारी सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरी परीक्षा की जांच के लिए SIT का गठन किया। परंतु कुछ लोग इस मामले की आड़ में हमारे युवाओं को ढाल बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश करने लगी और प्रदेश में अराजकता फैलाने के प्रयास किए जाने लगे। जो लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाते रहे हैं और न्यायालय के फैसलों को भी स्वीकार नहीं करते। वो लोग इस मामले में युवाओं को आगे कर सीबीआई जांच की मांग कर इस प्रकरण का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे।

पूर्व की सरकारों ने नकल को उद्योग बना दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, हमारे बच्चों को गर्मी और धूप में परेशान होता देख और इनके षडयंत्र को विफल करने के लिए, मैंने स्वयं कल वहाँ जाकर युवाओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच की अनुशंसा की जाएगी और उनकी सभी न्यायोचित माँगों को पूरा किया जाएगा। क्योंकि हमारी सरकार ने ही भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के पश्चात हमने बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया है जिन्होंने पूर्व की सरकारों के समय उत्तराखंड में नकल को एक उद्योग बना दिया था। ये सभी कदम हमारी सरकार ने युवाओं का भविष्य और हित सुनिश्चित करने के लिए ही उठाए हैं।

सिर झुका भी सकता हूं, कटा भी सकता हूं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हमारी सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हम किसी भी कीमत पर उनके सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को सफल नहीं होने देंगे। कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हम युवाओं के आगे या CBI जांच की मांग करने वालों के आगे झुक गए | ऐसे सभी लोगों को ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं, युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सर झुका भी सकता हूं और सर कटा भी सकता हूं।

500 से अधिक अवैध संरचनाएं हटाईं, मदरसों को अल्टीमेटम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है | राज्य में हमने ऑपरेशन कालनेमी चलाकर जहां हमने सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने वाले जेहादियों को पकड़ने का काम किया है | वहीं लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत, राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात वो सभी मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे।इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर अपने सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया।

Uttarakhand Weather Forecast : अगले 7 दिन भारी वर्षा और गरज के साथ बौछारें! बिजली गिरने की चेतावनी जारी

देहरादून, 30 सितंबर 2025 — भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के लिए अगले सात दिनों (30 सितंबर से 6 अक्टूबर) का ज़िला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है, जो पहाड़ी राज्य में मध्यम से भारी वर्षा और गरज के साथ बौछारों का संकेत देता है। यह पूर्वानुमान विशेष रूप से कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों मंडलों के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है, क्योंकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि कुछ ज़िलों में बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाएँ और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

कुमाऊँ मंडल में तेज़ी का दौर (30 सितंबर – 02 अक्टूबर)

पूर्वानुमान के अनुसार, शुरुआती तीन दिन नैनीताल, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जैसे कुमाऊँ मंडल के ज़िलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। 30 सितंबर को नैनीताल और अन्य ज़िलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 01 और 02 अक्टूबर को भी नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ ज़िलों में कई स्थानों पर मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।

गढ़वाल मंडल में हल्की वर्षा की संभावना

गढ़वाल मंडल के ज़िलों में भी वर्षा का दौर जारी रहेगा, लेकिन तीव्रता में थोड़ी भिन्नता देखने को मिलेगी। 30 सितंबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी ज़िलों में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की वर्षा होने की संभावना है। 01 और 02 अक्टूबर को देहरादून ज़िले सहित शेष गढ़वाल मंडल में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

मध्य सप्ताह में मौसम का मिज़ाज (03 – 04 अक्टूबर)

सप्ताह के मध्य में, 03 अक्टूबर को फिर से नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, देहरादून और शेष कुमाऊँ ज़िलों के कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके विपरीत, शेष गढ़वाल मंडल में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की वर्षा की संभावना है। 04 अक्टूबर को, गढ़वाल मंडल के ज़िलों में हल्की वर्षा जारी रहेगी, जबकि कुमाऊँ मंडल के कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा हो सकती है।

सप्ताहांत का पूर्वानुमान: व्यापक हल्की वर्षा

05 और 06 अक्टूबर को वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है, लेकिन यह अधिक व्यापक हो सकती है। 05 अक्टूबर को, कुमाऊँ मंडल के अनेक स्थानों और गढ़वाल मंडल के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके अगले दिन, 06 अक्टूबर को, कुमाऊँ मंडल के अधिकांश स्थानों पर तथा गढ़वाल मंडल के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने का अनुमान है।

किसानों और यात्रियों के लिए विशेष सलाह

IMD ने वर्षा और गरज के साथ बौछारों के दौरान बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कटाई और बुवाई से संबंधित कार्यों को मौसम को ध्यान में रखकर ही करें। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा कर रहे पर्यटकों और चार धाम यात्रियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने का ख़तरा बढ़ सकता है। ज़िला प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

UKSSSC पेपर लीक। सीएम धामी ने युवाओं को दिया भावुक संदेश, दोहराई ये बात

पिछले कुछ दिनों से UKSSSC पेपर लीक मामले में छात्रों की नाराजगी झेल रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आखिरकार युवाओं की नाराजगी दूर कर दी है। सीएम धामी ने पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं सोमवार को युवाओं से धरनास्थल पर मिलने के कुछ देर बाद सीएम धामी ने युवाओं के लिए एक भावपूर्ण संदेश भी लिखा है।

‘हर दिल तक पहुंचना मेरा दायित्व’

सीएम धामी ने अपनी इस पोस्ट में युवाओं को संबोधित किया है। इसके साथ ही अपनी प्राथमिकता और प्रतिबद्धता को भी दोहराया है। सीएम धामी ने अपने संदेश में लिखा है, ‘अलग राज्य का सपना हमारे शहीदों और आंदोलनकारियों ने इसलिए साकार किया था ताकि उत्तराखंड के हर बेटे-बेटी का जीवन बेहतर हो, किसी का अहित न हो।
आज जब हमारे कुछ बच्चे सड़कों पर हैं, तो मैं उन्हें यही कहना चाहता हूँ कि वे भी हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं।
प्रदेश का ‘मुख्य सेवक’ होने के नाते, हर आवाज़ को सुनना, हर पीड़ा को समझना और हर दिल तक पहुँचना मेरा दायित्व है। आंदोलन कर रहे युवा भी हमारे अपने हैं।
इसलिए हमारी सरकार वर्ष 2023 में देश का सबसे पहला सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई, पर जैसा हमेशा होता रहा है, कुछ लोग कानून का उल्लंघन करते हैं, ऐसे हाकमो और उनके हाकिमों को हम इस बार ऐसा सबक सिखाएंगे कि ऐसे लोग कभी भूल नहीं पाएंगे।
पर मैं अपने छात्रों को बता देना चाहता हूं कि किसी के साथ भेदभाव या मनभेद की भावना हमारे मन में कभी नहीं रही।
हम सब एक परिवार हैं और परिवार का उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों का कल्याण होता है।
मैं, सभी से आग्रह करता हूँ कि संवाद और विश्वास की राह पर आगे बढ़ें।
हम मिलकर उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को मिलकर पूर्ण करेंगे।’

UKSSSC पेपर लीक। धामी सरकार कराएगी CBI जांच, युवाओं के धरना स्थल पहुंच कर मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

UKSSSC पेपर लीक मामले में धामी सरकार ने बड़ा़ फैसला लिया है। धामी सरकार ने पेपर लीक मसले की CBI जांच कराने का फैसला लिया है। इस बात का ऐलान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद ही युवाओं के धरना स्थल पर पहुंच कर किया। सीएम धामी ने इसके साथ ही युवाओं पर लगे मुकदमों को भी वापस लेने का ऐलान किया है।

सीएम धामी अचानक पहुंचे परेड ग्राउंड, कर दिया सीबीआई जांच का ऐलान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को दोपहर विधानसभा से निकले और अचानक अपना काफिला परेड ग्राउंड की ओर मोड़ दिया। सीएम धामी बिना किसी पूर्व सूचना के आंदोलन कर रहे युवाओं के बीच पहुंच गए और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की गत सप्ताह आयोजित परीक्षा प्रकरण की सीबीआई जांच कराने पर सहमति दे दी है।
सीएम धामी ने यहां युवाओं को संबोधित किया। सीएम धामी ने कहा कि युवा इस त्योहारी सीजन में इतनी गर्मी के बीच आंदोलन कर रहे हैं, इससे खुद उन्हें भी अच्छा नहीं लग रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का एक ही संकल्प है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। विगत चार साल में सरकार ने इसी संकल्प के अनुसार काम किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वो जानते हैं कि उत्तराखंड के युवा और छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं। इसी आधार पर उनके पास जीवन के लिए खूबसूरत सपने होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसी परिस्थितियों को देखा है, छात्रों और युवाओं के बीच काम करते हुए, इसका अनुभव लिया है।
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी कहा कि विगत दिनों सामने आए प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी द्वारा की जा रही है। कमेटी ने काम भी शुरु किया है, लेकिन फिर भी युवा सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, इस कारण सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करेगी। इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी।

मन में न रहे कोई शंका

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो चाहते तो ये बातचीत कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन युवाओं के कष्ट को देखते हुए, उन्होंने खुद धरना स्थल पर आने का निर्णय लिया है, वो पूरी तरह युवाओं के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में पारदर्शी तरीके से 25 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां की है, इमसें कहीं कोई शिकायत नहीं आई है। सिर्फ एक प्रकरण में यह शिकायत आई है, इसलिए युवाओं के मन से हर तरह की शंका को मिटाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद़ध है। सीएम धामी ने कहा कि विगत सप्ताह भी जब युवा उनसे मिले थे तो उन्होंने तब ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार चाहती है कि युवाओं के मन में कोई अविश्वास, संदेह या शंका न रहे। इसलिए वो बिना किसी को बताए सीधे यहां परेड ग्राउंड में चले आए हैं।

मुकदमें वापस लेने का भी ऐलान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि युवाओं पर कहीं कोई मुकदमें दर्ज हुए हैँ तो उन्हें वापस लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतकाल के विकसित भारत में उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने, इसमें युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।