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ICICI bank mimimum balance : आईसीआईसीआई वालों ने मिनिमम बैलेंस इतना बढ़ा दिया कि सुन कर दिमाग खराब हो जाएगा, नहीं रखा तो जुर्माना भी लगाएंगे

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ICICI bank mimimum balance : अगर आपका भी सेविंग अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक में है तो आपका दिमाग खराब होने वाला है। दरअसल आईसीआईसीआई बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस लीमिट ऐसी कर दी है कि ग्राहकों की तो जेब ढीली ही रहने वाली है।

मिनिमम बैंक बैलेंस लीमिट अब पचास हजार (Minimum balance must be 50000) :

जी, आपने ऊपर लिखी हुई लाइनों को बिल्कुल सही पढ़ा है। आईसीआईसीआई बैंक वालों ने अब महानगरों और शहरी इलाकों के ग्राहकों के लिए सेविंग बैंक अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस 50000 रुपए कर दिया है। पहले ये सीमा 10000 रुपए थी लेकिन बैंक ने अचानक ही इसे बढ़ा दिया है। ये नियम 1 अगस्त 2025 से लागू कर दिया है। मिनिमम बैलेंस अमाउंट न रखने पर ग्राहकों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

छोटे शहरों और गांवों में भी बढ़ाया

आईसीआईसीआई बैंक ने न सिर्फ बड़े शहरों बल्कि छोटे शहरों और गांवों में भी मिनिमम बैलेंस बढ़ा दिया है। अब छोटे शहरों में ग्राहकों को अपने खाते में कम से कम ₹25,000 रखने होंगे। यह लिमिट पहले ₹5000 थी। इसी तरह गांवों में भी मिनिमम बैलेंस ₹10,000 कर दिया गया है जो पहले ₹2500 था।

प्रवक्ता ने नहीं बताई वजह

ICICI बैंक के इस कदम के बाद सभी ये जानना चाहते हैं कि आखिर बैंक ने ऐसा कदम क्यों उठाया। वहीं बैंक के प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि बैंक ने मिनिमम बैलेंस इतना क्यों बढ़ाया है। ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे देश की GDP बढ़ेगी, अमीरों और गरीबों के बीच का फर्क भी बढ़ेगा। इसलिए ज्यादा से ज्यादा बैंक और फाइनेंस कंपनियां अमीर लोगों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश करेंगी। 

Uttarkashi disaster : इतने हजार लीटर डीजल रोजाना भेजा जाएगा धराली, रसोई गैस के सिलेंडर की भी होगी व्यवस्था

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उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली में राशन और डीजल की कोई कमी न हो इसके लिए शासन जुटा है। राज्य के होम सेक्रेटरी शैलेश बगोली ने निर्देश दिए हैं कि धराली में खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर और जेनरेटर्स के लिए डीजल की समुचित व्यवस्था कराई जाए।

गृह सचिव शैलेश बगोली ने लिया अपडेट, दिए निर्देश

धराली में चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों का उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली ने अपडेट लिया है। शाम करीब सात बजे के आसपास शैलेश बगोली राज्य के आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्या को कनेक्ट किया और उनसे आज से रेस्क्यू अभियान का अपडेट लिया है।

न हो कोई किल्लत

गृह सचिव शैलेश बगोली ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती को निर्देश दिए हैं कि धराली और हर्षिल में खाने पीने की किसी चीज की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। शैलेश बगोली ने धराली और हर्षिल में रोजाना दो हजार लीटर डीजल भेजने के साथ ही 20 से 25 रसोई गैस के सिलेंडर भेजने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराने को कहा है। चूंकि सड़क मार्ग अभी दुरुस्त नहीं है लिहाजा घोड़े और खच्चरों के जरिये आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

युद्ध स्तर पर जारी राहत कार्य, लगातार निकाले जा रहे लोग

सचिव गृह ने बताया कि शनिवार को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए गए। शनिवार को कुल 480 लोगों को हर्षिल तथा नेलांग से लाकर जौलीग्रांट, मातली तथा चिन्यालीसौंड से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि 06 अगस्त से 09 अगस्त के मध्य चार दिनों में 1126 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को यूकाडा तथा सेना के हेलीकॉप्टरों ने कुल 128 सॉर्टी की। इन चार दिनों में विभिन्न हेलीकॉप्टरों द्वारा कुल 257 सार्टी की गई हैं। साथ ही उन्होंने बीआरओ के अनुरोध पर धराली में जल पुलिस को सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जल्द से जल्द नाव भेजने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजद थे।

देहरादून में बैठकर नहीं चलेगा काम, सीएम धामी ने स्वास्थय सचिव को ग्राउंड जीरो पर उतारा

उत्तराखंड में आमतौर पर लोगों की शिकायत रहती है कि अफसर ग्राउंड जीरो पर नहीं आते हैं और देहरादून में एसी कमरों में ही बैठकर सारा काम निपटा देते हैं। शायद सीएम धामी भी आम जनता के इस दर्द को समझते हैं और यही वजह है कि न सिर्फ सीएम धामी खुद धराली आपदा में ग्राउंड जीरो पर डटे हैं बल्कि अधिकारियों को भी उतार रहे हैं। ऐसा ही कुछ शनिवार को हुआ जब सीएम के निर्देश पर स्वास्थ सचिव आर राजेश कुमार खुद धराली पहुंचे और स्वास्थ सेवाओं का जाएजा लिया।

धराली में ग्राउंड जीरो पर हेल्थ सेक्रेटरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार शनिवार को रक्षाबंधन के दिन सीधे ग्राउंड जीरो धराली पहुंचे। यहां उन्होंने आपदा प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों, SDRF, NDRF, ITBP और स्थानीय स्वयंसेवकों का उत्साह बढ़ाया। आपको बता दें कि शनिवार को 158 लोग चिन्यालीसौड़ और 170 लोग मातली हेलीपैड पर पहुंचे, जिनका स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए भेजा गया।

धराली पहुंचते ही माहौल भावुक हो गया, जब चिकित्सा स्टाफ व महिलाओं ने स्वास्थ्य सचिव को राखी बांधकर अपना स्नेह और विश्वास जताया। डॉ. राजेश कुमार ने सभी को आश्वासन दिया “स्वास्थ्य विभाग आपके साथ खड़ा है, ज़रूरत पड़ी तो चौबीसों घंटे यहां रहेंगे।”

जवानों के साथ लंच, बढ़ाया हौसला भी

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने SDRF, NDRF और ITBP के जवानों से मुलाकात कर उनके जज़्बे की सराहना की। उन्होंने SDRF जवानों के साथ दोपहर का भोजन किया और कहा कि कठिनतम परिस्थितियों में भी आपकी सेवा भावना अद्वितीय है।

घायलों को दिलाया भरोसा, मिलेगी बेहतर व्यवस्था

धराली में घायल और बीमार लोगों से मिलकर स्वास्थ्य सचिव ने भरोसा दिलाया कि सभी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तुरंत और निरंतर उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने भविष्य में इस क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य योजना तैयार करने की घोषणा की, ताकि आपदा जैसी परिस्थितियों में किसी को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना न पड़े।

राहत शिविरों का किया निरीक्षण, हेल्थ चेकअप भी देखा

धराली पहुंचने से पहले डॉ. आर. राजेश कुमार ने चिन्यालीसौड़ हेलीपैड और मातली स्थित ITBP राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां यात्रियों और आपदा प्रभावित लोगों से संवाद कर उनका हालचाल जाना। शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्थाओं को परखा और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान शिविर में मौजूद महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने भी उन्हें राखी बांधी। स्वास्थ्य सचिव ने कहा त्योहार पर अपने घर से दूर रहकर सेवा में जुटी हमारी टीम का यह समर्पण अविस्मरणीय है।

24 घंटे तैनात रहेंगी स्वास्थ्य टीमें

स्वास्थ्य विभाग ने चिन्यालीसौड़ से धराली तक विशेषज्ञ डॉक्टरों के नेतृत्व में कई स्वास्थ्य टीमों की तैनाती की है, जो लगातार 24 घंटे लोगों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार और सहायता में जुटी हैं। जिला चिकित्सालय में भी स्वास्थ्य सचिव ने आपदा में घायल मरीजों का हालचाल लिया और प्रमुख अधीक्षक को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कमी न रहे।

इस मौके पर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य गढ़वाल मंडल डॉ. सी.पी. त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत, राज्य नोडल अधिकारी डॉ बिमलेश जोशी, प्रमुख अधीक्षक डॉ. पी.एस. पोखरियाल, नोडल अधिकारी चिन्याली डॉ. विनोद कुकरेती एवं नोडल अधिकारी मातली डॉ. बी.एस. पांगती मौजूद रहे।

Uttarakhand disaster : धामी सरकार ने उठाया आपदा प्रभावितों के राशन का जिम्मा, टूटे घरों के लिए भी मिलेगी सहायता राशि

उत्तराखंड में आपदा प्रभावितों के लिए धामी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। सीएम धामी ने कहा है कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों (Uttarakhand disaster) को छह महीने तक का राशन देगी। इसके साथ ही आपदा में जिन लोगों के घरों में टूट फूट हुई या वो क्षतिग्रस्त हुए हैं उनके लिए सरकार की ओर से पांच लाख रुपए भी दिए जाएंगे।

धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 1000 लोगों को निकाला (Dharali rescue operation) :

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने की थी। खराब मौसम के बावजूद अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। जिसमें स्थानीय लोगों के साथ देश भर से आए तीर्थ यात्री भी शामिल हैं। घायलों को जिला अस्पताल, एम्स में भर्ती किया गया है। सभी को अच्छा इलाज मिले इसकी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया हर्षिल व धराली क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, दूध, राशन, कपड़े पहुंचाए गए हैं।

पॉवर हाउस भी चालू, मोबाइल कनेक्टिविटी भी सुधरी

मुख्यमंत्री ने बताया है कि हर्षिल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए उरेडा का पावर हाउस चालू किया गया है। यूपीसीएल द्वारा बिजली तारों की मरम्मत की जा रही है। मोबाइल कनेक्टीविटी को सुधार लिया गया है साथ ही 125 KV के दो जनरेटर सेट भी आपदा क्षेत्र में पहुंच गए हैं। हर्षिल क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविट को ठीक किया जा रहा है। गंगनानी में बेली ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। भूस्खलन की चपेट में आई सड़कों को भी जल्द ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया मंगलवार तक हर्षिल तक सड़क मार्ग को पूरी तरह ठीक करने की संभावन है। जिसके बाद अन्य कामों को भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

अब राशन का जिम्मा सरकार का, मिलेगी सहायता राशि भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के स्तर से प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया प्रभावित परिवारों को अगले 6 महीने का राशन राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा आपदा से जिन लोगों के मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उनके पुनर्वास/विस्थापन हेतु ₹ 5.00 लाख की तत्काल सहायता राशि जारी की जाएगी। उन्होंने बताया ग्राम वासियों के पुनर्वास के लिए सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जो प्रभावित हुए लोगो के पुनर्वास, विस्थापन एवं हानि का आंकलन करेगी। उन्होंने कहा आपदा से सेब के बगीचों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जाएगा।

सरकार करेगी पूरी मदद, केंद्र भी तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली के साथ ही प्रदेश के अन्य स्थानों में भी आपदा से तबाही हुई है। उन्होंने कहा पौड़ी के सैंजी और बांकुड़ा गांव में भी जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी राज्य सरकार के स्तर से ₹ 5 लाख तक भी सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा राज्य में जहां भी आपदा से हानि हुई है, उन्हें सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उनके ही नेतृत्व में केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

Instagram new features : इंस्टाग्राम ने रिपोस्टिंग समेत जोड़े ये नए फीचर्स, आपको दिखे या नहीं !

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Instagram पर Meta ने यूजर्स के लिए तीन नए फीचर्स जोड़ दिए हैं। इनमें से रिपोस्टिंग का फीचर (Instagram reposting feature) सबसे अधिक चर्चाओं में है। इसके साथ ही इंस्टग्राम ने कुछ और फीचर्स को भी जोड़ा है। आइए जानते हैं इंस्टाग्राम के नए फीचर्स के बारे में।

Instagram ने तीन नए फीचर किए लॉन्च

इंस्टाग्राम के नए फीचर्स (Instagram new features) इन दिनों चर्चाओं में हैं। इंस्टाग्राम ने तीन नए फीचर्स ऐप में जोड़े हैं। इनमें से पहला फीचर है लोकेशन शेयरिंग, दूसरा रिपोर्ट और तीसरा है इंस्टाग्राम रिपोस्ट। इंस्टाग्राम ने अपने ब्लाग पोस्ट में इन नए फीचर्स के बारे में जानकारी दी है।

Instagram reposting feature भी जोड़ा गया

इंस्टाग्राम पर नया रीपोस्ट फीचर पब्लिक रील्स और फीड पोस्ट पर काम करता है। एल्गोरिदम इस तरह काम करता है कि यह यूजर के दोस्तों और फ़ॉलोअर्स के फीड्स को रिक्मेंड करता है, जिन्हें भविष्य में देखने के लिए इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक अलग टैब के रूप में रिकॉर्ड किया जाता है।

हो सकता है कि आपको ये सुविधा लिंक्डइन से मिलती-जुलती है, क्योंकि यूजर स्क्रीन पर दिखाई देने वाले थॉट बबल में टाइप करके और सेव बटन दबाकर रीपोस्ट करते समय एक नोट भी जोड़ सकते हैं। कुछ टेक वेबसाइट्स रिपोर्ट के अनुसार, इंस्टाग्राम द्वारा जून में यूजर्स के लिए पोस्ट रीपोस्ट की क्षमता की टेस्टिंग के बाद हुआ है, फीचर को रोलआउट किया गया है।

लोकेशन शेयरिंग का ऑप्शन भी आया

इंस्टाग्राम ने अपने फॉलोअर्स के लिए एक ऑप्शन्ल फीचर को भी शुरू किया है जिससे वह अपनी एक्टिव लोकेशन अपने चुने हुए दोस्तों के साथ साझा कर सकते हैं. इस तरह का फीतर स्नैपचैट पर मिलने वाले एक्टिव लोकेशन जैसा ही है हालांकि, इंस्टाग्राम पर यूजर्स कभी भी इस फीचर को बंद कर सकते हैं। ये फीचर यूजर्स को दोस्तों के साथ-साथ क्रिएटर्स से भी जुड़ने की मौका देता है, जिससे यूजर्स को दोस्तों और क्रिएटर्स से जुड़े अपडेट्स मिलते रहते हैं।

मेटा के नए लोकेशन फीचर से खासतौर से माता-पिता को फायदा हुआ है, मैप पर लोकेशन-शेयरिंग एक्सपीरियंस के जरिए माता-पिता बच्चों पर कड़ी नजर रख सकते हैं। इंस्टाग्राम मैप आप लोगों को डीएम इनबॉक्स में सबसे ऊपर की ओर नजर आएगा, इस फीचर को सबसे पहले अमेरिका में शुरू किया गया है और अब कंपनी भविष्य में इसे बाकी देशों में भी शुरू करने की योजना बना रही है।

Uttarkashi Cloud Burst : उत्तरकाशी में बादल फटा, भारी तबाही, कई लोगों की मौत, कई लापता

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उत्तरकाशी में बादल फटा (Uttarkashi Cloud Burst) है। उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया और ये सैलाब अपने साथ सबकुछ बहा ले गया है। इस आपदा में भारी तबाही मची है। आपदा में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

खीरगंगा नदी में आया सैलाब, बहा ले गया सब

उत्तरकाशी के धराली लिए मंगलवार बेहद बुरा साबित हुआ है। इस गांव में मंगलवार को अमंगलकारी बाढ़ ने तबाही मचा दी है। दोपहर में धराली के ऊपर बादल फटने की घटना से खीरगंगा नदी में भारी मलबा आ गया। ये मलबा ऊफनाई खीरगंगा में तेजी से आया और कस्बे के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेता आगे बढ़ गया। इस हादसे में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। कई होमस्टे, घर, दुकाने ताश के पत्ते की तरह बह गए हैं।

वीडियो में दिखा भयावह मंजर, लोग भागे लेकिन…

उत्तरकाशी के धराली के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन्ही में से एक वीडियो बेहत भयावह है। इस वीडियो में कुछ लोग और एक गाड़ी सैलाब से बचने के लिए भागते दिख रहे हैं। हालांकि सैलाब इतनी तेजी से आ रहा है कि इन लोगों को बचने का मौका नहीं मिला और सैलाब उनके पीछे की बिल्डिंगों को तोड़ते हुए उनतक पहुंचा और बहा ले गया।

रेस्क्यू में लगी टीमें, हेल्पलाइन नंबर भी जारी

उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने की दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुःख प्रकट किया है। प्रधानमंत्री ने इस प्राकृतिक आपदा में हुए जन-धन की हानि पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की तथा घटना की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वहीं उत्तरकाशी प्रशासन ने धराली गांव में अत्यधिक अतिवृष्टि के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा निम्न हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं
01374222126, 222722 और 9456556431

Nagchandreshwar Mandir: वर्ष में एक दिन खुलता है उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर, जानिए इसका रहस्य और पौराणिक मान्यता

Nagchandreshwar Mandir: उज्जैन स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर अतिप्राचीन और अत्यंत रहस्यमयी स्थल है, जो साल में केवल एक दिन यानि नागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) पर ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुलता है। इस दिन आधी रात 12 बजे मंदिर के द्वार खोले जाते हैं और अगले 24 घंटों तक भक्तों को दर्शन की अनुमति होती है। इस बार मंदिर के पट 28 जुलाई की आधी रात 12 बजे खुलेंगे और 29 जुलाई की रात 12 बजे तक 24 घंटे खुले रहेंगे।

नागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन की धार्मिक धरोहर की एक अद्वितीय परंपरा है जहाँ वर्ष में केवल एक दिन भगवंत की विशेष मूर्ति दर्शनीय होती है। यह मंदिर श्रद्धा, पौराणिक कथाओं और प्रशासनिक व्यवस्था का संगम है जो भक्तों को गहन आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। इस दिन की महत्ता ना केवल धार्मिक बल्कि सांप्रदायिक एकता और भारतीय संस्कृति की जीवंतता को भी उजागर करती है।

Nagchandreshwar Mandir: पौराणिक मान्यता और मंदिर की स्थापना

मान्यता है कि सर्पराज तक्षक ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें अमरत्व का वरदान दिया और उसके बाद तक्षक उज्जैन के महाकाल मंदिर में निवास करने लगे, लेकिन बिना विघ्न के एकांत में रहने की इच्छा के कारण इस मंदिर को केवल एक दिन खुलने का निर्णय हुआ

परमार राजा भोज ने लगभग 1050 ईस्वी में इस मंदिर का निर्माण कराया था, और बाद में 1732 में महाराज राणोजी सिंधिया द्वारा इसका जीर्णोद्धार करवाया गया

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Nagchandreshwar Mandir की वास्तुकला व मूर्ति की खासियत

  • यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के तीसरी मंजिल पर स्थित है। नीचे महाकालेश्वर, बीच में ओंकारेश्वर, और ऊपर नागचंद्रेश्वर भगवान विराजित हैं।
  • यहाँ एक अद्वितीय 11वीं शताब्दी की मूर्ति स्थापित है जिसमें नागराज सर्प की फन पर शिव–पार्वती विराजमान हैं, साथ ही गणेश, कार्तिकेय, सूर्य–चंद्र की आकृतियाँ भी हैं।
  • कहा जाता है यह मूर्ति नेपाल से लाई गई थी और विश्व में इस तरह की प्रतिमा कहीं और नहीं है।

Nagchandreshwar Mandir: दर्शन प्रक्रिया और व्यवस्था

  • नाग पंचमी की रात 12 बजे से प्रशासन एवं पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से त्रिकाल पूजा-अर्चना के बाद दर्शन शुरू होते हैं, जो अगले 24 घंटों तक जारी रहते हैं ।
  • दूसरे दिन दोपहर 12 बजे जिला प्रशासन द्वारा विशेष पूजा होती है और शाम को महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा भी पूजा एवं आरती की जाती है।
  • दर्शनार्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थित कतार व्यवस्था, वरिष्ठ अधिकारी, सीसीटीवी कैमरे, और धार्मिक मार्गनिर्देशन जैसे प्रतिबन्ध लागू किए जाते हैं। अनुमानितः एक दिन में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करते हैं।

Nagchandreshwar Mandir: आस्था और धार्मिक महत्व

  • यह माना जाता है कि मंदिर में दर्शन करने से कालसर्प दोष, सर्पदोष, और पितृदोष से मुक्ति मिलती है। भक्तों को आत्मिक शांति, भय निवारण और जीवन के बाधाओं से राहत मिलती है।
  • श्रद्धालु इस दिन रात से जुटने लगते हैं ताकि मंदिर खुलते ही पहले दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकें। इस पवित्र अवसर को पाकर लोग अत्यंत भाग्यवान मानते हैं

Nagchandreshwar Mandir: दर्शन का समय-सारांश

आयोजनविवरण
मंदिर खुलने का समयनागपंचमी की रात 12 बजे
पूजा व्यवस्थात्रिकाल पूजा, जिला प्रशासन पूजा, समिति आरती
दर्शन अवधिखुलने के अगले 24 घंटे तक
भीड़ नियंत्रणप्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा बूथ, अलग मार्ग, सीसीटीवी
श्रद्धालुओं की संख्यालगभग 10 लाख
विशेष लाभ मान्यतासर्पदोष मोक्ष, मंगल अपेक्षाएं पूर्ण होना

Vivo V60 रिव्यू: क्या यह मिड-रेंज सेगमेंट का नया चैंपियन है?

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Vivo V60 को भारत में 12 से 19 अगस्त 2025 के बीच लॉन्च किया जाना तय है, और यह पहले से ही स्मार्टफोन बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है। Vivo की V सीरीज़ अपने कैमरा-केंद्रित फीचर्स और प्रीमियम डिज़ाइन के लिए जानी जाती है, और V60 कोई अपवाद नहीं है।

डिज़ाइन और बिल्ड क्वालिटी

  • पतला, प्रीमियम ग्लास-बैक डिज़ाइन
  • IP68/IP69 रेटिंग के साथ वाटर-डस्ट रेजिस्टेंट
  • फ्रेम फ्लैट एज के साथ आता है जो हाथ में पकड़ने में संतुलन देता है

डिस्प्ले अनुभव

  • 6.67‑इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले
  • 120Hz रिफ्रेश रेट और 1300 निट्स ब्राइटनेस
  • HDR10+ सपोर्ट के साथ विज़ुअल्स और वीडियो देखने का अनुभव बेहद शानदार

परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर

  • Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर, Android 16 आधारित OriginOS
  • हल्के गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए शानदार
  • OriginOS में नए AI फीचर्स, बेहतर एनिमेशन और स्मूद UI

कैमरा क्वालिटी

  • 50MP OIS प्राइमरी कैमरा, 50MP पेरिस्कोप ज़ूम, 8MP अल्ट्रा-वाइड
  • 50MP फ्रंट कैमरा से सेल्फी क्वालिटी लाजवाब
  • ZEISS ऑप्टिक्स और AI एडिटिंग टूल्स से प्रोफेशनल फोटोग्राफी अनुभव

बैटरी और चार्जिंग

  • 6,500mAh की बड़ी बैटरी
  • 90W फ्लैश चार्जिंग: लगभग 30 मिनट में 0 से 100%
  • रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट

क्या Vivo V60 बेहतर है?

फोन मॉडलप्रमुख फीचर्सकीमत (संभावित)
Vivo V6050MP कैमरा, Snapdragon 7 Gen 4, 6500mAh, OriginOS₹36,999 – ₹40,999
iQOO Z9 GTDimensity 9300, 6000mAh, 120Hz OLED₹34,999
Realme GT Neo 6Snapdragon 8s Gen 3, 100W चार्जिंग, 1.5K डिस्प्ले₹38,999
OnePlus Nord 4Snapdragon 7+ Gen 3, 5000mAh, 80W चार्जिंग₹37,499

जहां परफॉर्मेंस और UI में OnePlus या Realme थोड़ा बढ़त लेते हैं, वहीं Vivo V60 का कैमरा सेटअप और बैटरी लाइफ सबसे अलग खड़ा होता है।

लॉन्च ऑफर्स: क्या मिलेगी अतिरिक्त छूट?

Vivo V60 की लॉन्चिंग पर कंपनी कुछ आकर्षक ऑफर्स देने जा रही है:

बैंक ऑफर्स

  • HDFC, ICICI, SBI कार्ड पर ₹3,000 तक की छूट
  • नो-कॉस्ट EMI 6 से 12 महीनों तक
  • एक्सचेंज बोनस ₹4,000 तक पुराने फोन पर

बंडल डील्स

  • पहले 1 लाख खरीदारों को Vivo TWS Air फ्री
  • Vivo Smart Tracker पर 50% छूट

Pre-order Benefits

  • Vivo.com पर प्री-ऑर्डर करने पर ₹2,000 कूपन
  • एक साल की फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट सुविधा

भारत में उपलब्धता: कहां से खरीदें Vivo V60?

Vivo V60 की बिक्री भारत में कई प्लेटफार्मों पर उपलब्ध होगी:

प्लेटफॉर्मउपलब्धता स्थितिअतिरिक्त लाभ
Flipkartलॉन्च डे से उपलब्धSuperCoin कैशबैक
Amazon Indiaलॉन्च के दो दिन बादAmazon Pay छूट
Vivo इंडिया स्टोरप्री-ऑर्डर से हीएक्सक्लूसिव एक्सेसरीज डील
Croma, Reliance Digitalऑफलाइन रिटेल स्टोर्सइंस्टेंट कैशबैक व ऑफलाइन EMI

Vivo V60: कैमरा प्रेमियों और प्रीमियम लुक चाहने वालों के लिए परफेक्ट पैकेज

Vivo V60 उन उपयोगकर्ताओं के लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है जो बेहतरीन कैमरा, मजबूत बैटरी और स्लीक डिज़ाइन के साथ एक ब्रांडेड और भरोसेमंद स्मार्टफोन चाहते हैं।

लॉन्च ऑफर्स और बैंक डील्स इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। यदि आप अगला प्रीमियम मिड-रेंज फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Vivo V60 को आपकी सूची में जरूर होना चाहिए।

Hariyali Teej 2025: देहरादून के उमंग विहार में महिलाओं ने धूमधाम से मनाया तीज का पर्व

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Hariyali Teej 2025: देहरादून के उमंग विहार क्षेत्र में रविवार को महिलाओं ने तीज पर्व को बेहद शानदार तरीके से मनाया। हरियाली तीज का यह कार्यक्रम श्रीमती मीनाक्षी पोखरियाल के घर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को महिलाओं ने आपसी सामंजस्य व सहयोग से रोमांचक बना दिया।

पारंपरिक परिधान और गीतों से सजी तीज की शाम

देहरादून के उमंग विहार क्षेत्र में रविवार को महिलाओं ने पारंपरिक उल्लास के साथ Hariyali Teej का पर्व मनाया। यह आयोजन महिलाओं के उत्साह, एकता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रेम का प्रतीक बना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और पूरे उत्साह से इस पारंपरिक त्योहार को मनाया।

झूलों, गीतों और नृत्य ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत हरियाली तीज से जुड़ी परंपराओं के साथ हुई। महिलाओं ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान पहने और हाथों में मेहंदी रचाई। माहौल को और सुंदर बनाने के लिए विशेष रूप से झूले लगाए गए थे, जिन पर झूलती महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों की धुनों पर नृत्य किया।

गीत-संगीत और नृत्य की इस शाम में महिलाएं ‘सावन आया रे’ और ‘तीज की रुत आई’ जैसे लोकगीतों पर झूमती नजर आईं। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं और सामूहिक नृत्य में भाग लिया।

Hariyali Teej में खेल प्रतियोगिताओं का आनंद

Hariyali Teej 2025

कार्यक्रम में विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां भी रखी गईं। जैसे—म्यूजिकल गेम, माला प्रतियोगिता आदि। विजेताओं को आकर्षक टास्क भी दिए गए, जिससे महिलाओं का उत्साह और बढ़ गया और अपने टास्क को पूरा करने के लिए भरपूर हंसी-ठिठोली भी की गई।

Hariyali Teej: सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की पहल

कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती मीनाक्षी पोखरियाल ने बताया कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को आपस में जुड़ने और अपनी परंपराओं को संजोने का अवसर मिलता है।

इस आयोजन में सभी उम्र की महिलाओं ने हिस्सा लिया और दिनभर उल्लास का माहौल बना रहा। अंत में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद सभी ने मिलकर लिया।

महिलाओं की सहभागिता और संस्कृति के प्रति प्रेम दर्शाता है Hariyali Teej

तीज का पर्व देवी पार्वती तथा भगवान शिव के पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। तीज पर्व सुहागिनों के सौभाग्य, पति की लंबी उम्र, और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए व्रत और पूजा के रूप में मनाया जाता है।

तीज का यह कार्यक्रम उमंग विहार में महिलाओं की सहभागिता और संस्कृति के प्रति प्रेम को दर्शाता है। इस तरह के आयोजन न केवल त्योहारों को जीवंत बनाते हैं, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं।इस कार्यक्रम में देवीश्वरी ढौंढियाल, मीनाक्षी पोखरियाल, सुमन नौगई, आकांक्षा, देवकी, यशोदा, अर्चना, मेहरूबा आदि महिलाओं ने शिरकत की।

Jagdeep Dhankhad resigns : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा, बताई ये बड़ी वजह

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देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा (Jagdeep Dhankhad resigns) दे दिया है। जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजा है।

अचानक आया उपराष्ट्रपति का इस्तीफा

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपना इस्तीफा दे दिया। आज सुबह ही संसद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ है और उन्होंने संसद सत्र में हिस्सा लिया। इसके बाद रात को उनके इस्तीफे की खबर आई है। जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपति को संबोधित अपने पत्र में इस्तीफे का जिक्र किया है।

स्वास्थ कारणों का दिया हवाला

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में कहा, “डॉक्‍टरों की सलाह का मानते हुए और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए वह संविधान के अनुच्छेद 67(a) के तहत उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हूं।”

2022 में बने थे उपराष्ट्रपति

जगदीप धनखड़ ने 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने 6 अगस्त, 2022 को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था। जगदीप धनखड़ अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।

जगदीप धनखड़ ने जताया आभार

धनखड़ ने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं भारत के माननीय राष्ट्रपति को उनके अटूट समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे बीच बने सौहार्दपूर्ण कामकाजी संबंध के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।”
उन्होंने प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग अमूल्य रहा और उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत कुछ सीखा।

धनखड़ ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री के सहयोग और समर्थन अमूल्य रहे हैं, और मैंने अपने कार्यकाल के दौरान उनसे बहुत कुछ सीखा है।” उन्होंने संसद सदस्यों को भी धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें सभी सदस्यों से जो स्नेह, विश्वास और स्नेह मिला है, वह हमेशा उनकी यादों में बसा रहेगा।