होम ब्लॉग पेज 45

Uttarakhand weather news : उत्तराखंड में मौसम को लेकर ये पूर्वानुमान जारी, यहां के लिए अलर्ट जारी

उत्तराखंड में मौसम बदलने लगा है। मानसून से पहले ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। राज्य के अधिकतर पर्वतीय इलाकों में मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के चलने का अनुमान है।

पहाड़ों में बदलेगा मौसम, होगी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के पर्वतीय इलाकों में मौसम बदलेगा। बुधवार 21 मई को राज्य के अधिकांश पर्वतीय इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। चार धामों में भी बारिश के आसार हैं। केदारनाथ और आसपास के इलाकों में बारिश हो रही है। इसके चलते स्थानीय प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। श्रद्धालुओं को भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और चमोली में तेज गर्जना के साथ बारिश का पूर्वानुमान है।

पहाड़ों में रह रह कर हो रही बारिश और बूंदाबांदी के चलते मौसम सुहावना बना हुआ है। अधिकांश पर्वतीय इलाकों में रात का तापमान सामान्य से कम हो रहा है जिसके चलते हल्की ठंड का एहसास भी हो रहा है।

मैदानी इलाकों में चलेगी तेज हवाएं

उधर राज्य के मैदानी इलाकों में मौसम कुछ हद तक बदलेगा। अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही मैदानी इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

रोजाना 33 रुपए की बचत आपको बनाएगी करोड़पति, करने होंगे ये स्टेप्स फॉलो

अगर आप अगले कुछ सालों में एक करोड़ का कार्पस खड़ा करने के बारे में प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए रोजाना की एक छोटी बचत काफी कारगर साबित हो सकती है। रोजाना महज 33 रुपए या फिर महीने की एक हजार रुपए की बचत करके और उसे सही फंड में इंवेस्ट करके आप एक करोड़ रुपए तक का फंड बना सकते हैं। आज आपको बताएंगे कि कैसे आप महज एक हजार की SIP करके एक करोड़ रुपए का फंड बना सकते हैं।

1000 रुपए की SIP से एक करोड़ का फंड कैसे तैयार करें?

आज की महंगाई भरी दुनिया में 1 करोड़ रुपए का फंड बनाना एक बड़ी बात लग सकती है, लेकिन अगर आप लंबे समय तक अनुशासित निवेश करते हैं, तो यह लक्ष्य पूरी तरह से संभव है। महज़ 1000 रुपए की मासिक SIP से भी आप करोड़पति बन सकते हैं, बशर्ते आपके पास समय, धैर्य और सही रणनीति हो। हालांकि इससे पहले कि आगे बढ़ें आइए समझते हैं आखिर SIP क्या है ?

क्या है SIP (Systematic Investment Plan)?

SIP यानी Systematic Investment Plan एक तरीका है जिससे आप म्यूचुअल फंड में हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। यह आपको शेयर बाजार की अस्थिरता से बचाते हुए लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा देता है। SIP छोटे निवेशकों के लिए एक बेहतरीन निवेश टूल के तौर पर देखा जाता है जो एक बार में बड़ी पूंजी निवेश नहीं कर सकते हैं।

1000 की SIP से कितना समय लगेगा 1 करोड़ बनाने में?

1000 रुपए प्रति माह की SIP से एक करोड़ रुपए का फंड बनाने में लगने वाला समय पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपको कितने प्रतिशत रिटर्न मिल रहे हैं। नीचे दी गई टेबल से यह स्पष्ट होगा:

मासिक निवेश (₹)औसत वार्षिक रिटर्न (%)एक करोड़ बनने में समय (वर्ष)
₹100012%लगभग 35 वर्ष
₹100015%लगभग 30 वर्ष
₹100018%लगभग 26 वर्ष

जैसा कि देखा जा सकता है, अगर आप 1000 रुपए की फिक्स्ड SIP करते हैं तो करोड़पति बनने में 25 साल तक लग सकते हैं। इस तरह देखें तो ये युवाओं के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है लेकिन अगर आपकी उम्र 35 वर्ष से ऊपर है तो आप ये लक्ष्य स्टेप अप एसआईपी के जरिए जल्दी पा सकते हैं। आइए समझते हैं कि Step-up SIP क्या है ?

Step-up SIP: निवेश को हर साल बढ़ाएं

Step-up SIP यानी आप हर साल अपनी SIP राशि थोड़ी-थोड़ी बढ़ाते रहें। मान लीजिए आप हर साल अपनी SIP को 500 रुपए से बढ़ाते हैं, तो आपका करोड़पति बनने का समय काफी कम हो सकता है।

उदाहरण के तौर पर:

प्रारंभिक SIP (₹)हर साल वृद्धि (₹)रिटर्न (%)एक करोड़ बनने में समय (वर्ष)
₹1000₹50012%21 साल
₹1000₹100012%17 साल
₹1000₹100015%15 साल

Step-up SIP से आपका निवेश धीरे-धीरे बढ़ता है, जिससे आपको कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा मिलता है और आप जल्दी लक्ष्य तक पहुंचते हैं।

फंड का चुनाव: कहां करें निवेश?

1000 रुपए की SIP के लिए आप निम्नलिखित कैटेगरी में निवेश कर सकते हैं:

  1. Equity Mutual Funds – Long term के लिए बेहतर रिटर्न (12–18%) की संभावना।
  2. Index Funds – कम खर्च और स्थिर प्रदर्शन।
  3. Flexi Cap Funds – छोटे, मझोले और बड़े कंपनियों में निवेश का संतुलन।
  4. ELSS (Tax Saving Funds) – टैक्स छूट के साथ लंबी अवधि का निवेश।

एक करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचने की रणनीति

  1. जल्दी शुरुआत करें – जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना बेहतर रिटर्न मिलेगा।
  2. लंबी अवधि के लिए निवेश करें – कंपाउंडिंग का पूरा लाभ उठाएं।
  3. SIP में बढ़ोतरी करें (Step-up) – जैसे-जैसे आमदनी बढ़े, निवेश भी बढ़ाएं।
  4. सही फंड चुनें – स्थिर और भरोसेमंद फंड में निवेश करें।
  5. भावनाओं को नियंत्रित रखें – बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं।

जरूरी बात जिसका ध्यान रखें

1000 रुपए जैसी छोटी रकम से भी आप करोड़पति बन सकते हैं, बस आपको समय, संयम और सही प्लानिंग की ज़रूरत है। Step-up SIP अपनाकर आप इस प्रक्रिया को तेज़ कर सकते हैं और 15–20 वर्षों में ही अपने सपनों का फंड बना सकते हैं।


योजना का नामश्रेणीन्यूनतम SIP राशि5 वर्ष का रिटर्न
Motilal Oswal Mid Cap FundMid Cap₹50033.27%
Nippon India Small Cap FundSmall Cap₹10035.11%
ICICI Prudential Bluechip FundLarge Cap₹100024.8%
DSP ELSS Tax Saver FundELSS₹50027.2%

नोट – ये जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से एकत्र करते हुए आपके ज्ञान को और बेहतर बनाने के लिए दी गई है। किसी भी फंड में निवेश के लिए ये ब्लाग आपको प्रेरित नहीं करता है। निवेश से पूर्व किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सनी देओल से मिले उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ बंशीधर तिवारी, बॉर्डर – 2 के सेट पर हुई सकारात्मक चर्चा

देहरादून, 20 मई। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने मंगलवार को देहरादून के हल्दूवाला स्थित बॉर्डर – 2 के सेट पर सुप्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल और निर्देशक अनुराग सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर उनके साथ परिषद के संयुक्त सीईओ डॉ. नितिन उपाध्याय भी मौजूद थे। मुलाक़ात के दौरान उत्तराखंड की फिल्म नीति, लोकेशन विविधता और राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे समर्थन पर सार्थक चर्चा हुई।

देश की सबसे प्रगतिशील नीतियों में से एक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बनी उत्तराखंड की वर्तमान फिल्म नीति को देश की सबसे प्रगतिशील नीतियों में एक माना जा रहा है, जहां फिल्म निर्माताओं को समय से शूटिंग की अनुमति, प्रशासनिक सहयोग और स्थानीय संसाधनों की सहज उपलब्धता मिलती है। श्री तिवारी ने बताया कि यहां फिल्म यूनिट को जिस तरह का सकारात्मक और सहज वातावरण मिल रहा है, वह प्रदेश को फिल्म निर्माण की दृष्टि से एक सशक्त गंतव्य बनाता है। सनी देओल भी इस दौरान काफी सहज और उत्साहित नज़र आए।

बॉर्डर 2 की बात करें तो यह फिल्म जेपी दत्ता, निधि दत्ता और टी-सीरीज़ के प्रोडक्शन में बन रही है, जिसकी शूटिंग फरवरी से देहरादून में चल रही है। केसरी फेम अनुराग सिंह इसके निर्देशक हैं और इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे प्रमुख कलाकार शामिल हैं।

कश्मीर के गांव का लगा है भव्य सेट

फ़िल्म के प्रोड्यूसर बिनोय गांधी ने बताया कि फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है और इसके लिए देहरादून के हल्दूवाला क्षेत्र में कश्मीर के एक गांव का भव्य सेट बनाया गया है। सेट निर्माण की शुरुआत पिछले साल नवंबर में हुई थी। फिल्म में युद्ध के सीन, टैंक और सेना के मूवमेंट जैसे दृश्य शामिल हैं और इसका विजुअल प्रजेंटेशन VFX के लिहाज़ से भी बेहद महत्वपूर्ण है। फिल्म के आर्ट डायरेक्टर मयूर शर्मा हैं और एक्शन डायरेक्शन की जिम्मेदारी रवि वर्मा निभा रहे हैं, जो पहले जाट जैसी फिल्मों में भी अपने काम के लिए सराहे जा चुके हैं। इस प्रोजेक्ट से रोज़ाना लगभग 350 स्थानीय लोगों को काम मिल रहा है।

उत्तराखंड में चल रही कई फिल्मों की शूटिंग

फिल्म बॉर्डर 2 के अलावा इस समय उत्तराखंड में कई प्रमुख फिल्मों की शूटिंग चल रही है। तनु वेड्स मनु फेम निर्माता विनोद बच्चन की फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 की शूटिंग देहरादून में हो रही है, जिसमें अविनाश तिवारी और 12वीं फेल फेम एक्ट्रेस मेधा शंकर मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके साथ गोविंद नामदेव और सुधीर पांडे जैसे अनुभवी कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। वहीं, अन्नू कपूर, पवन मल्होत्रा और बिजेंद्र काला अभिनीत कॉमेडी सटायर ‘उत्तर दा पुत्तर’ की शूटिंग देहरादून और ऋषिकेश में चल रही है।

उत्तराखंडी सिनेमा को प्रोत्साहन देने के तहत इन दिनों गढ़वाली भाषा की तीन फिल्में—मारचा, तेरी माया और नमक—की शूटिंग क्रमशः देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी में हो रही है। राज्य सरकार की पहल से इन फिल्मों को स्थानीय लोकसंस्कृति, परंपरा और बोली के साथ तकनीकी संसाधनों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई दिशा और पहचान मिल रही है।

शूटिंग करने वालों की लिस्ट लंबी

वहीं, बीते कुछ समय में उत्तराखंड में कई उल्लेखनीय हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें ‘विकी विद्या का वो वाला वीडियो’, ‘तिकड़म’, ‘दो पत्ती’, ‘पुतुल’, ‘रौतू का राज’, ‘तन्वी द ग्रेट’, ‘पास्ट टेंस’, ‘केसरी 2’ और ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ प्रमुख हैं। वर्ष 2024 -25 में उत्तराखंड सरकार द्वारा 225 शूटिंग अनुमतियाँ जारी की गईं ।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद लगातार राज्य को एक आकर्षक फिल्म निर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है, जहां संस्कृति, प्रकृति, तकनीक और प्रशासनिक सहयोग का संगम फिल्म निर्माताओं को विशेष अनुभव प्रदान करता है.

मंत्री रेखा आर्या ने निकाली तिरंगा शौर्य यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर को बताया दुनिया के सैन्य इतिहास में मील का पत्थर

अल्मोड़ा के सोमेश्वर में मंगलवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा निकाली। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नेतृत्व में यह यात्रा उनके सोमेश्वर आवास से शुरु होकर आजाद हिंद फौज के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय हुकम सिंह बोरा के स्मृति स्मारक तक निकाली गई।

सैन्य इतिहास में मील का पत्थर

इस अवसर को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी दुनिया के सैन्य इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है जिसनें एक परमाणु हथियार रखने वाले दुश्मन देश में 100 किलोमीटर अंदर तक जाकर आतंकवादी ठिकानों को इतनी सटीकता से निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की यह बहुत बड़ी सफलता है और इस पर हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि हम आतंकवाद को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और जो भी आतंकी हमारे देश की बहन बेटियों के सिंदूर को उजाड़ने का कुत्सित प्रयास करेगा, हमारी सेनाएं उसे घर में घुसकर मिट्टी में मिला देंगी।

यात्रा में पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए और रास्ते में लोगों ने फूल बरसा कर यात्रा का जोरदार स्वागत किया।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, मंडल अध्यक्ष जगदीश डंगवाल, गणेश जलाल, दीपक सिंह बोरा, हरीश परिहार, भुवन जोशी, राजेंद्र, अंजलि जोशी, पुष्कर मेहता, खड़क सिंह नेगी, राजेंद्र पांडे, नवीन चंद्र पांडे आदि उपस्थित रहे।

सड़क नवीनीकरण का भी किया शिलान्यास

मंगलवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में बागेश्वर-सोमेश्वर-द्वाराहट -रानीखेत मोटर मार्ग के नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास किया। यह कार्य बिन्ता-सोमेश्वर-गिरीछीना प्रभाग के 30 km से 34 km और 45 से 48 km तक किया जाना है और इसकी अनुमानित लागत लगभग 189.22 लाख रुपए रहेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुगमता रहे।

Jyoti Malhotra Youtuber : ज्योति मल्होत्रा का यूट्यूब से पाकिस्तान के लिए जासूसी तक का सफर, हैरान करने वाली कहानी आई सामने

0

हरियाणा के हिसार की रहने वाली ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra Youtuber) कुछ समय पहले तक एक सामान्य यूट्यूबर थीं, जो देश-विदेश की सैर करती थीं और यात्रा से जुड़े वीडियो अपने यूट्यूब चैनल Travel with Jo पर साझा करती थीं। उनका चैनल धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा था। सुंदर दृश्यों, मुस्कराते चेहरे और यात्राओं की रोमांचक कहानियों के बीच उन्होंने हजारों फॉलोअर्स का दिल जीता। लेकिन अब वही चेहरा राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर है, और वजह है—देशद्रोह और जासूसी का आरोप।

ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तान से संपर्क और जासूसी के आरोप

16 मई 2025 को ज्योति मल्होत्रा को हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों की एक संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। उन पर आरोप है कि वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत के संवेदनशील इलाकों की जानकारी जुटा रही थीं। जांच में पता चला कि वे हाल ही में कश्मीर और लद्दाख जैसे सामरिक दृष्टि से अहम इलाकों में घूमी थीं और उन्होंने वहाँ के कई महत्वपूर्ण स्थानों की वीडियो रिकॉर्डिंग की थी।

इतना ही नहीं, उनके पाकिस्तान उच्चायोग के कुछ कर्मचारियों से व्यक्तिगत मेल-जोल और संपर्क में रहने की बात भी सामने आई है। खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि यह ‘यात्रा व्लॉगिंग’ की आड़ में जानबूझकर की गई जासूसी थी, जो दुश्मन देश के इशारों पर की जा रही थी।

गिरफ्तारी के बाद की जांच

गिरफ्तारी के बाद ज्योति मल्होत्रा से NIA, IB और मिलिट्री इंटेलिजेंस जैसी एजेंसियों ने कई चरणों में पूछताछ की। एजेंसियों को शक है कि ज्योति ने सोशल मीडिया की ताकत का इस्तेमाल कर सेना की गतिविधियों, सीमावर्ती क्षेत्रों के हालात और सामरिक जानकारी को रिकॉर्ड कर पाकिस्तान तक पहुँचाया। यह एक ऐसा मामला है जिसमें डिजिटल माध्यम और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच के रिश्ते को गंभीरता से समझने की जरूरत है।

अभी तक की जानकारी के मुताबिक ज्योति को पहले भी पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों से गुप्त डिनर पर जाते देखा गया था। एजेंसियों ने उनके पास से कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ और विदेशी संपर्कों की जानकारी भी बरामद की है, जिसकी फोरेंसिक जांच जारी है।

Jyoti Malhotra income

ज्योति का यूट्यूब चैनल “Travel with Jo” खासा लोकप्रिय था। चैनल पर 35,000 से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं, और उनके कुछ वीडियो पर लाखों व्यूज़ आए हैं। SocialBlade जैसे प्लेटफॉर्म के अनुसार, ज्योति की अनुमानित मासिक आय $40 से $639 (यानी करीब ₹3,000 से ₹50,000) के बीच थी। इसके अलावा, इंस्टाग्राम पर भी उनके 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जिससे उन्हें ब्रांड प्रमोशन और सहयोग से भी अतिरिक्त कमाई होती थी।

हालांकि ये आमदनी कोई बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या यही कमाई किसी खुफिया नेटवर्क से जुड़ने का कारण बनी? या फिर उसके पीछे कोई और बड़ी योजना थी?

सामान्य परिवार से आती हैं ज्योति मल्होत्रा

ज्योति मल्होत्रा एक सामान्य परिवार से आती हैं। हालांकि उनके परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। वे मूल रूप से हरियाणा के हिसार से हैं और कई सालों से ट्रैवल ब्लॉगिंग में सक्रिय थीं। उनके करीबी बताते हैं कि वे शुरू से ही बेहद महत्वाकांक्षी थीं और देश-विदेश घूमने का जुनून रखती थीं।

पाकिस्तानी अधिकारी से थे नजदीकी संबंध, सोशल मीडिया पर सामने आई कहानी

ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तान के एक अधिकारी से नजदीकी संबंध होने की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसियों को शक है कि ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात दानिश खान से बेहद करीब से जुड़ी हुई थी। दानिश को हाल ही में भारत से निष्कासित किया गया था। इस पाकिस्तानी अधिकारी के साथ ज्योति की मुलाकातें और उनके बीच की बातचीत, जो सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए हुई, अब जांच के दायरे में हैं।

ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद, जांच एजेंसियों ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स, यात्रा विवरण और पाकिस्तान यात्रा के दौरान के वीडियो की गहनता से जांच की है। इन वीडियोज़ में वह पाकिस्तान में विभिन्न स्थानों का दौरा करती हुई दिखाई देती हैं, जिनमें लाहौर और कटास राज मंदिर शामिल हैं। इन यात्राओं के दौरान उनके पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क और बातचीत की जानकारी भी सामने आई है।

ज्योति मल्होत्रा का क्या होगा ?

ज्योति मल्होत्रा अभी पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है। उन पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें देशद्रोह, आपराधिक साजिश और विदेशी ताकतों के साथ सांठगांठ शामिल हैं। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें कड़ी सजा हो सकती है।

Uttarakhand weather alert : उत्तराखंड में मौसम को लेकर जारी हुआ ये पूर्वानुमान

उत्तराखंड में मौसम (Uttarakhand weather) बदल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के पर्वतीय इलाकों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि मैदानी इलाकों में अभी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है।

पर्वतीय इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वहीं कई स्थानों पर तेज हवाएं जिनकी गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है चल सकती हैं। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने राज्य के मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है। हालांकि कई स्थानों पर आसमान में बादल छाए रहेंगे।

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से गर्मी बढ़ी है ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर मैदानी इलाकों में गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।

राजधानी देहरादून में तापमान बढ़ा

राजधानी देहरादून के मौसम के बारे में पूर्वानुमान है कि 20 मई को आसमान में बादल छाए रहेंगे हालांकि बारिश की संभावना नहीं है।

देहरादून में तापमान में इजाफा देखा जा रहा है। सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. टिहरी का अधिकतम तापमान 25.8 और न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा 14.1 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि, पंतनगर का अधिकतम तापमान 36.2 और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उत्तराखंड में मानसून कब आएगा, जारी हुआ ये पूर्वानुमान

उत्तराखंड में मानसून कब आएगा इसे लेकर भी पूर्वानुमान लगाया गया है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक केरल में मानसून की दस्तक 27 मई के आसपास होने जा रही है। ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि उत्तराखंड में मानसून 15 मई से 20 मई के बीच कभी भी दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून सीजन अच्छा रहेगा और औसत से अधिक बारिश होने की संभावना है।

10 हजार की रिश्वत के साथ रुड़की में पेशकार गिरफ्तार, टोल फ्री नंबर 1064 पर की गई थी शिकायत

भ्रष्टाचार के विरुद्ध धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कड़ी कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रुड़की अपर तहसील कार्यालय में तैनात पेशकार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई उस शिकायत के आधार पर की गई, जो टोल फ्री नंबर 1064 पर दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने अवगत कराया कि उसकी बहन की कृषि भूमि से संबंधित वाद न्यायालय तहसीलदार, रुड़की में लंबित है।

21 अप्रैल को उसने पुनः सुनवाई के लिए एक रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था, जिसके निस्तारण के एवज में अपर तहसीलदार रुड़की के पेशकार रोहित निवासी मकान संख्या 273, ग्राम कस्बा रुड़की, हरिद्वार द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। सतर्कता टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को ट्रैप ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया।

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी दृढ़ता से कार्य कर रही है। पिछले एक माह में ही पांच से अधिक रिश्वतखोर कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है, जबकि पिछले तीन वर्षों में 150 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

भ्रष्टाचार के प्रति सीएम धामी की इस सख्ती से साफ है कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए भ्रष्टाचारियों पर कड़ा प्रहार कर रही है। आरोपी के खिलाफ जांच, गिरफ्तारी और सस्पेंशन हर तरह से सर्जिकल स्ट्राइक की जा रही है।

उत्तराखंड को जल्द मिलेगा खेल विश्वविद्यालय, खेल मंत्री रेखा आर्या ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के लिए कवायद तेज़ कर दी है. खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसके लिए मुख्य सचिव को एक पत्र लिखा है.

प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में आगामी राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने की तैयारी में जुटी है। और इसे ही सुनिश्चित करने के लिए खेल मंत्री रेखा आर्या ने मुख्य सचिव को यह पत्र लिखा है।

बता दें कि प्रदेश में पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणाओं में शामिल है और इसके विधेयक को संशोधन के बाद राज्यपाल पहले ही अधिसूचित कर चुके हैं। हल्द्वानी के गौलापार खेल परिसर में विश्वविद्यालय की स्थापना की जानी है। लेकिन इसमें कुछ बिंदुओं पर राज्य सरकार के प्रस्ताव पर वन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय ने आपत्ति जताई है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने इस बारे में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि वह अपनी देखरेख में वन विभाग के राज्य और केंद्र के अधिकारियों की बैठक जल्द से जल्द आयोजित करें और इन आपत्तियों को निस्तारित कराएं। पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करने को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने पत्र में इसके अलावा 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने और पदक विजेताओं को नकद इनाम धनराशि दिए जाने के मामलों में भी त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

आदि कैलाश पहुंचे जेपी नड्डा, जवानों से की मुलाकात, ऑपरेशन सिंदूर के लिए सेना के शौर्य को किया सलाम

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने आदि कैलाश ओम पर्वत के दर्शन किए हैं। इस दौरान जेपी नड्डा ने सेना, आई.टी.बी.पी तथा एस.एस.बी के जवानों से मुलाकात कर सीमा क्षेत्र की सुरक्षा हेतु तैनात हथियारों व उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने यहां तैनात भारतीय सेना, एसएसबी, आईटीबीपी के वीर जवानों से मुलाकात की।

पारंपरिक वेशभूषा में दिखे जेपी नड्डा

जेपी नड्डा के गूंजी पहुंचने पर स्थानीय लोगों द्वारा रंग संस्कृति की पगड़ी पहनाकर पारंपरिक ढंग से उनका स्वागत किया गया। इसके पश्चात् केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा आर्मी गेस्ट हाउस पहुंचें, जहां उन्होंने सेना, आई.टी.बी.पी तथा एस.एस.बी के जवानों से मुलाकात कर सीमा क्षेत्र की सुरक्षा हेतु तैनात हथियारों व उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने यहां तैनात भारतीय सेना, एसएसबी, आईटीबीपी के वीर जवानों से मुलाकात की।

जेपी नड्डा ने जवानों से की मुलाकात

इसके बाद उन्होंने जवानों के साथ बातचीत की और दुर्गम परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करने के उनके अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश इन वीर जवानों के त्याग और बलिदान का सम्मान करता है और उनकी कर्तव्यनिष्ठा पर गर्व करता है। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, आप सभी देश की सुरक्षा के प्रहरी हैं। आपकी वीरता और निष्ठा के कारण ही देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से और पूरे देश की ओर से आपको ऑपरेशन सिंदूर की सफलता हेतु आपको आपकी उत्कृष्ट सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं। उन्होंने जवानों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता और समर्थन का आश्वासन दिया। जेपी नड्डा ने इस दौरान नाबी गांव के लोगों को भी संबोधित किया।

पिथौरागढ़ के डीएम विनोद गोस्वामी ने जनपद के विभिन्न विभागों से संबंधित वाइब्रेंट विलेज के अंतर्गत गतिमान योजनाओं एवं प्रस्तावित कार्यक्रमों की पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने जनपद के सभी विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले वाइब्रेट विलेज की जानकारी देते हुए ,पर्यटन विभाग द्वारा जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु चलाई जा रही योजनाओं एवं आदि कैलाश, ओम पर्वत यात्रा हेतु व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी। स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी , पीएमजीएसवाई धारचूला एवं मुनस्यारी द्वारा प्रस्तावित सड़क मार्गों स्थानीय उत्पादों से रोजगार की उपलब्धता के विषय में भी नड्डा को जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आईटीबीपी और क्षेत्रीय पशुपालकों को सहयोग प्रदान करने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल राज्य सरकार एवं आईटीबीपी में मध्य शुरू की गयी है। इस योजना के अर्न्तगत पिथौरागढ़ जिले में आईटीबीपी को ताजा, उच्च गुणवत्ता वाली पोल्ट्री एवं MOH (goat meat or sheep meat) की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना में सहकारी समितियां और किसान उत्पादक संगठन आईटीबीपी को खाद्य पदार्थ की आपूर्ति में शामिल है।

आदि कैलाश में जेपी नड्डा ने की पूजा

इसके बाद जेपी नड्डा द्वारा पवित्र आदि कैलाश क्षेत्र के दर्शन कर आदि कैलाश एवं पार्वती कुंड के निकट विराजमान भगवान शिव के मंदिर में पहुंचकर पूर्ण विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना की और देश वासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व की प्रशंसा करते हुए इसे अद्वितीय बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश के पवित्र क्षेत्र के भ्रमण के पश्चात, इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही में वृद्धि हुई है। इस बढ़ी हुई गतिविधि ने स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न किए हैं, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा ने इस क्षेत्र की आध्यात्मिक महत्ता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने के साथ ही साहसिक और आध्यात्मिक पर्यटन के एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में इस क्षेत्र की पहचान को भी मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले कुछ वर्षों में आदि कैलाश और इसके आसपास के क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों और भक्तों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, इसके पश्चात् उन्होंने ज्योलिंगकांग स्थित त्रिशूल के समीप मंदिर के दर्शन किए एवं यहां सेना के जवानों के साथ वार्ता कर उनका हौसला बढ़ाया।

इस दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, दुग्ध एवं पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, उपजिलाधिकारी धारचूला मंजीत सिंह, आर्मी, आईटीबीपी, एस एस बी के अधिकारियों सहित संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

उत्तराखंड धामी कैबिनेट : महिलाओं के लिए बड़ी योजना का ऐलान, रजिस्ट्री कराना अब ऐसे हुआ आसान

उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। धामी कैबिनेट ने महिलाओं के लिए नई योजना का ऐलान किया है वहीं राज्य में तीर्थाटन और रोपवे से जुड़े प्रस्तावों पर भी अपनी मुहर लगा दी है। इसके साथ ही ग्रीन सेस की दरों में भी इजाफा करने का ऐलान किया गया है। आइए देखते हैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई धामी कैबिनेट की बैठक में क्या क्या फैसले लिए गए हैं –

धामी कैबिनेट के फैसले, उर्जा क्षेत्र को बेहतर बनाने की कोशिश

  • उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० में सुधार हेतु मैकेंजी इंडिया द्वारा दिये गये सुझावों पर विभाग द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजना को कैबिनेट द्वारा दी गई मंजूरी।

उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की वित्तीय और परिचालन स्थिति में सुधार करने के लिए एक विस्तृत परिवर्तन योजना तैयार की गई है। इस योजना का उद्देश्य वितरण और ट्रांसमिशन नुकसान को कम करना, बिजली खरीद लागत को अनुकूलित करना और पूंजी निवेश के माध्यम से कंपनी के प्रदर्शन को मजबूत करना है। यह परिवर्तन योजना यू.पी.सी.एल. की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगी और इसे एक कुशल और लाभकारी संगठन के रूप में स्थापित करेगी।

इस योजना के चार प्रमुख उद्देश्य हैं। सबसे पहले यू.पी.सी.एल. की वित्तीय स्थिति को स्थिर और मजबूत करना है, जो इसके लगभग 5,000 करोड रूपये के बकाया को कम करने और पिछले छह वर्षों में हुए लगातार घाटे को समाप्त करने पर केन्द्रित है। दूसरा उद्देश्य वित्तरण और ट्रांसमिशन नुकसान को कम करना है, जो वर्तमान में हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे क्षेत्रों में उच्चतर स्तर पर है। इसमें ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और बुनियादी ढाँचे के उन्नयन से हानियों में कमी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। तीसरा उपभोक्ताओं को बेहतर बनाना है, ताकि उपभोक्ता, संतोष में वृद्धि और संग्रह दक्षता में सुधार हो सके। अंत में हरित ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देना, जिससे लागत प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा समाधान प्राप्त हो सके। ये सभी उद्देश्य यू.पी.सी.एल. को उनके ऊर्जा क्षेत्र का एक विश्वसनीय और कुशल स्तंभ बनाने में सहायक होंगे।

  • मुख्यमंत्री राहत कोष नियमावली-2013 के नियम सं0-6 के उपनियम-4 में संशोधन किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

मुख्यमंत्री राहत कोष नियमावली-2013 के नियम सं०-6 के उपनियम-4 जिसमें मुख्यमंत्री राहत कोष में प्राप्त धनराशि इस निमित्त खोले गये राष्ट्रीयकृत बैंक के खातों में जमा किये जाने का प्राविधान है, में संशोधन करते हुए राष्ट्रीयकृत बैंक के स्थान पर अनुसूचित वाणिज्य बैंक किया गया है। उक्त संशोधन करने पर मुख्यमंत्री राहत कोष जिसका वित्त पोषण दान के रूप में प्राप्त धनराशि से किया जाता है, में प्राप्त धनराशि जिसका तात्कालिक उपयोग न हो. को प्रतिस्पर्धी सौदे सुनिश्चित करते हुए कैपेबल फिक्स डिपोजिट के रूप में विनियोजित कर अधिकतम ब्याज प्राप्त किया जा सके। इस निर्णय को कैबिनेट द्वारा मंजूरी प्रदान की गई।

खुलेंगे नए और बड़े पोल्ट्री फार्म, कैबिनेट ने दी मंजूरी

  • धामी कैबिनेट ने उत्तराखण्ड कुक्कुट विकास नीति-2025 को दी मंजूरी।

राज्य में 15444 लाख अण्डों एवं 395 लाख कि०ग्रा० पोल्ट्री मीट की प्रतिवर्ष कमी को, दूर करने के लिए उत्तराखण्ड कुक्कुट विकास नीति-2025 प्रस्तावित है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कुछ निवेशकों द्वारा राज्य में पोल्ट्री सेक्टर में निवेश करने की इच्छा जतायी गयी। उद्यमिता को बढ़ावा देने और राज्य को पोल्ट्री क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए उक्त नीति में पोल्ट्री आधारित इकाईयों के विकास को प्रोत्साहित किया गया है। इस नीति में कॉमर्शियल लेयर फार्म एवं बॉयलर पैरेंट फार्म की स्थापना की जानी है जिसे कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है।

उक्त नीति से राज्य में लगभग रू0 85 करोड़ का निजी निवेश प्राप्त होगा। कुल रू0 29.09 करोड का अनुदान प्रस्तावित है। उक्त नीति अगले 05 वर्ष तक के लिए प्रस्तावित होगी। प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय निवासियों को रोजगार दिया जाना प्रस्तावित है। उक्त नीति को प्रख्यापित किये जाने के बाद उत्तराखण्ड से पलायन रूकेगा तथा राज्य को लगभग 50 लाख प्रति वर्ष जी०एस०टी० की प्राप्ति होगी। प्रतिवर्ष लगभग 32 करोड़ अण्डों एवं 32 लाख टन मीट का उत्पादन होगा। इससे उत्तराखण्ड में अण्डों एवं मीट का आयात नहीं करना पड़ेगा। उक्त नीति से राज्य में लगभग 1000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष तथा लगभग 3500 व्यक्तियों को अप्रत्यक्ष रूप में रोजगार प्राप्त होगा।

  • निराश्रित गोवंश हेतु गोसदनों के निर्माण एवं उनके भरण-पोषण हेतु नीति के संबंध में कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है कि निराश्रित गोवंश हेतु गोसदनों / गोशालाओं की स्थापना / सुविधाए संबंधी निर्माण कार्य सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के अंतर्गत करवाया जायेगा। इस हेतु एकीकृत बजट की व्यवस्था पशुपालन विभाग के सम्बन्धित मानक मद में की जायेगी। इसी प्रकार वर्तमान प्रचलित व्यवस्था के अंतर्गत उक्त गोसदनों में निराश्रित गोवंश के भरण पोषण हेतु बजट की व्यवस्था पशुपालन विभाग के संगत मदो में करते हुए उसे सम्बन्धित जिलाधिकारी के निवर्तन पर रखा जायेगा।

निराश्रित गोवंश को भरण पोषण हेतु दिये जाने वाले अनुदान एवं उनके लिये निर्मित होने वाले गोशालाओं के लिये बजट आवंटन हेतु पशुपालन विभाग नोडल विभाग होगा। इस हेतु बजट की व्यवस्था पशुपालन विभाग के संगत मानक मदों में की जायेगी।

नगर निकायों द्वारा संचालित कांजी हाउस के संचालन एवं उससे सम्बन्धित व्ययों के संबंध में पशुपालन विभाग का दायित्व मात्र निराश्रित गोवंश के चिकित्सकीय उपचार तक सीमित होगा तथा कांजी हाउसों का संचालन पूर्व की भांति नगर निकायों द्वारा ही किया जायेगा।

एक करोड़ तक की लागत वाले गोसदनों के निर्माण कार्य की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति हेतु संबंधित जिलाधिकारी अधिकृत होंगे।

पांच करोड़ तक के सभी आगणनों / प्रस्तावों की जिला स्तरीय टी०ए०सी० द्वारा अनिवार्य रूप से जॉच की जायेगी। रू0 01 करोड़ से अधिक के आगणनों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति शासन स्तर पर गठित समिति के माध्यम से यथाप्रक्रिया प्रदान की जायेगी।

सम्बन्धित जिलाधिकारी द्वारा निराश्रित गोवंश हेतु गोशाला का निर्माण पशुपालन विभाग द्वार। निर्धारित मानकीकृत डिजाइन / लागत के आधार पर कराया जायेगा। मानक आगणन 50 पशुओं हेतु रू0 46.00 लाख एवं 100 पशुओं हेतु रू0 66.00 लाख निर्धारित किया गया है।

05-उत्तराखण्ड प्रान्तीय राजस्व सेवा (कर) (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को दी गई मंजूरी।

  • राज्य कर विभाग, उत्तराखण्ड की आवश्यकता एवं राजस्व संवर्धन हेतु राज्य कर विभाग, उत्तराखण्ड के विभागीय संरचनात्मक ढाँचे के पुनर्गठन के क्रम में कतिपय विभागीय पदों में वृद्धि एवं पूर्व सृजित संयुक्त आयुक्त के पद के स्थान पर नवीन पदों यथा संयुक्त आयुक्त, ग्रेड-2 तथा संयुक्त आयुक्त, ग्रेड-1 का सृजन किया गया है।

उक्त विभागीय पुनर्गठन के दृष्टिगत् राज्य कर विभाग, उत्तराखण्ड के अधिकारियों के सेवा सम्बन्धी मामलों के सरल निस्तारण हेतु वर्तमान में प्रचलित उत्तराखण्ड प्रान्तीय राजस्व सेवा (कर) नियमावली, 2016 के कतिपय नियमों में संशोधनों के उपरान्त उत्तराखण्ड प्रान्तीय राजस्व सेवा (कर) (प्रथम संशोधन) नियमावली, 2025 को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

स्ट्रीट चिल्ड्रेन का पुर्नवास की कवायद, कैबिनेट ने पास किया प्रस्ताव

  • 06-उत्तराखण्ड किशोर न्याय निधि नियमावली 2024 के तहत किशोर न्याय निधि के संचालन हेतु दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने एवं किशोर न्याय निधि में उपलब्ध बजट का उपयोग कैसे किया जायेगा तथा अन्य निजी या गैर सरकारी संस्था तथा जिन जिन स्तरों से निधि में अनुदान प्राप्त होगा उसके उपयोग के सम्बन्ध में दिशा- निर्देश निर्गत किये जाने हेतु नियमावली गठन किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

मा0 सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सड़क पर रहने वाले बच्चा (स्ट्रीट चिल्डेन) के पुर्नवास के संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं अन्य विभागों के सहयोग से मॉडल नीति / पुर्नवास नीति अर्थात् स्ट्रीट चिल्ड्रेन पॉलिसी बनाई जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

Follow us on Facebook – https://www.facebook.com/Khabardevbhoomi/

धामी कैबिनेट की बड़ी पहल, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का मौका

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। योजना का मुख्य उद्देश्य एकल (निराश्रित) / परित्यक्ता / विधवा महिलाओं को उनके निवास स्थान / गाँव / क्षेत्र में ही रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहित करना, व उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करते हुए उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार करना है।

  • मा० मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में सम्मिलित कार्यक्रमों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उददेश्य से कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के नियंत्रणाधीन सचिवालय स्तर पर कार्यक्रम क्रियान्वयन प्रकोष्ठ का गठन किया गया, जिसमें सचिव, कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, उक्त प्रकोष्ठ के पदेन मुख्य समन्वयक हैं। मुख्य समन्वयक को कार्यक्रम क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के विभागाध्यक्ष घोषित करते हुए उत्तराखण्ड वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-1 वित्तीय अधिकारों का प्रतिनिधायन, वर्ष 2018 की अध्याय 4 परिशिष्ट-1 की सूची में अग्रेत्तर सम्मिलित किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म उद्यम को संविलियन कर बैंक ऋण सहबद्ध मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 लागू किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। योजनावधि में 50 हजार से अधिक लाभार्थियों को स्वरोजगार से सम्बद्ध करते हुये अधिकाधिक रोजगार/सहायक रोजगार सृजित किये जाने का लक्ष्य है। विनिर्माणक उद्यम में रू0 25.00 लाख लागत तक सेवा तथा व्यापार (ट्रेडिंग) एवं अन्य व्यवसाय में रु० 10.00 लाख लागत तक और सूक्ष्म गतिविधि/परियोजना में रू0 2.00 लाख लागत तक की परियोजना सम्मिलित की जायेंगी। पूर्व स्थापित इकाई के विस्तारीकरण हेतु लाभार्थी योजनान्तर्गत्त प्रावधानित व्यवस्थानुरूप पात्र होंगे।


जनपद वर्गीकरण के आधार एवं स्वीकृत परियोजना लागत के सापेक्ष 15 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक उपादान (मार्जिन मनी) सहायता के साथ ही भौगोलिक बूस्टर, सामाजिक बूस्टर एवं उत्पाद बूस्टर के रूप में उक्त में से किसी एक श्रेणी में 5 प्रतिशत अतिरिक्त उपादान (मार्जिन मनी) सहायता प्रदान की जायेगी।

रोपवे का काम होगा तेज, टेक्निकल पार्टनर की होगी नियुक्ति

  • तपोवन (ऋषिकेश) से कुन्जापुरी (नरेन्द्रनगर) रोप-वे परियोजना की तकनीकी, ऑपरेशन एवं मेन्टेनेंश के फर्म का चयन किये जाने का निर्णय।

राज्य की भौगोलिक परिस्थिति एवं पर्यटकों की निरंतर संख्या वृद्धि तथा सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रोप-वे परियोजनाओं का शीघ्र निर्माण किया जाना आवश्यक है। राज्य में रोप-वे परियोजना के निर्माण हेतु सक्षम तकनीकी परामर्शदाता के साथ एम०ओ०यू० निष्पादन किया जाना प्रस्तावित है। तद्क्रम में मजबूत सुरक्षा मापदण्डों के आधार पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की दो सर्वाेच्च फर्म 1-Doppelmayr एवं 2-HTI Group से सम्पर्क किया गया। एच.टी.आई. ग्रुप के अन्तर्गत तीन फर्म Leitner, Bartholet एवं Porma हैं। प्रतिउत्तर में मात्र एक फर्म Bartholet द्वारा प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान की गयी है। मूल उपकरण निर्माता फर्म Bartholet राज्य के तकनीकी परामर्शदाता के रूप में एम०ओ०यू० के तहत स्वयं के खर्च पर तकनीकी आर्थिक अध्ययन कर डी.पी.आर. तैयार करेगा। अतः राज्य में चिन्हित रोप-वे परियोजनाओं में से फर्म Bartholet को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में तपोवन (ऋषिकेश) से कुन्जापुरी (नरेन्द्रनगर) रोप-वे परियोजना हेतु राज्य सरकार के तकनीकी परामर्शदाता के रूप में एम०ओ०यू० निष्पादन किये जाने की अनुमति प्रदान की गयी है।

  • राज्य में रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु एस०पी०वी० (UTTARAKHAND ROPEWAYS DEVELOPMENT LIMITED) के गठन के संबंध में लिया गया निर्णय।

राज्य में पर्यटकों की संख्या वृद्धि एवं राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत आवागमन को सुगम सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाये जाने हेतु राज्य में विभिन्न स्थलों पर रोपवे विकसित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में पर्यटन विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राज्य में चिन्हित सभी रोपवे परियोजनाओं को विकसित किये जाने के दृष्टिगत एन०एच०एल०एम०एल० (नेशनल हाइवेज लोजिस्टिक्स मैनेजमेन्ट लिमिटेड) को प्रोमोटर के रूप में अधिकृत किया गया है। पर्यटन विभाग तथा एन०एच०एल०एम०एल० भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में परियोजनाओं का क्रियान्वयन निजी निवेशक के माध्यम क से पी०पी०पी० मोड (डी०बी०एफ०ओ०टी० एवं एच०ए०एम० मॉडल) के आधार पर किया जाना है। रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु उत्तराखण्ड राज्य सरकार एवं एन०एच०एल०एम०एल० के मध्य एस०पी०वी० (UTTARAKHAND ROPEWAYS DEVELOPMENT LIMITED) के गठन की अनुमति प्रदान की गयी है।

फायर क्लियरेंस के मानकों में बदलाव

राज्य में उद्योगों एवं अन्य प्रतिष्ठानों हेतु 12 मीटर से कम ऊँचाई, परंतु 500 वर्ग मीटर से अधिक आच्छादित क्षेत्रफल एवं 12 मीटर से कम ऊँचाई, परंतु 500 वर्ग मीटर से कम आच्छादित क्षेत्रफल वाले लो राइज एवं मिक्स ऑक्यूपेन्सी भवनों की अग्निसुरक्षा व्यवस्था हेतु सामान्य ढांचागत व्यवस्था तथा नेशनल बिल्डिंग कोड में प्रावधानित अग्निसुरक्षा के मानकों में संशोधन के सम्बन्ध में लिया गया निर्णय।

राज्य में उद्योगों एवं अन्य प्रतिष्ठानों हेतु 12 मीटर से कम ऊँचाई, परंतु 500 वर्ग मीटर से अधिक आच्छादित क्षेत्रफल एवं 12 मीटर से कम ऊँचाई, परंतु 500 वर्ग मीटर से कम आच्छादित क्षेत्रफल वाले लो राइज एवं मिक्स ऑक्यूपेन्सी भवनों के इच्छुक आवेदकों को अग्निसुरक्षा व्यवस्था अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गमन में आ रही कठिनाइयों को दृष्टिगत रखते हुये अग्निसुरक्षा हेतु सामान्य ढांचागत व्यवस्था तथा नेशनल बिल्डिंग कोड में प्रावधानित अग्नि सुरक्षा उपकरणों के मानकों में उत्तर प्रदेश राज्य की तर्ज पर उत्तराखण्ड राज्य के परिप्रेक्ष्य में आवश्यक संशोधन किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

  • पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अन्तर्गत राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन एवं परियोजना प्रबन्धन इकाई, स्वजल में सृजित पदों की पूर्व वेतनमान सहित वर्षानुवर्ष कार्याेत्तर निरंतरता एवं इसमें नियोजित कार्मिकों को वेतन / मानदेय आदि का भुगतान के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यों को पूर्ण करने हेतु राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन को औपचारिक रूप से कार्यदायी इकाई घोषित करने की कार्याेत्तर स्वीकृति प्रदान कर राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन तथा परियोजना प्रबन्धन इकाई स्वजल में सुजित पदों की पूर्व वेतनमान सहित वर्षानुवर्ष कार्याेत्तर निरंतरता दिनांक 01.03.2021 से दिनांक 31.03.2026 तक विस्तारित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन एवं परियोजना प्रबन्धन इकाई, स्वजल में नियोजित कार्मिकों को दिनांक 01.03.2020 से पूर्व में दिये जा रहे वेतन/मानदेय के अनुरूप वेतन/मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के द्वारा किया जाने का निर्णय लिया गया है।

उत्तराखंड में वर्चुअल रजिस्ट्री की राह खुली, कैबिनेट ने पास किया प्रस्ताव

उत्तराखण्ड राज्य में लेखपत्रों के निबंधन की प्रक्रिया में वर्चुअल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पंजीकरण की कार्यवाही में कार्यान्वयन किये जाने के सम्बन्ध में लिया गया निर्णय।

स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के कार्यालयों में लेखपत्र के साथ उपस्थित होकर पंजीकरण करने की व्यवस्था अद्यतन विद्यमान है। पंजीकरण के उपरांत स्कैन्ड कॉपी मुद्रित कर कार्यालयों में अनुरक्षित की जाती है तथा मूल लेखपत्र पक्षकार को प्राप्त करना होता है।

उक्त व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत करते हुए लेखपत्रों के निबंधन की प्रक्रिया में चरणबद्ध तरीके से सुधार किया जा रहा है। तकनीकी उन्नयन के अंतर्गत पेपरलेस रजिस्ट्रेशन तथा आधार ऑथेंटिकेशन एवं वर्चुअल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया गतिमान है। उक्त व्यवस्था को अपनाये जाने हेतु संशोधन नियमावली को दी गई मंजूरी।

उक्त प्रक्रिया के अस्तित्व में आने के पश्चात पक्षकार अपने ही स्थान से लेखपत्र को तैयार कर आनलाइन लिंक के माध्यम से प्रस्तुत कर सकेंगें एवं स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान ऑनलाईन माध्यम से कर पायेंगे। पक्षकार उप निबंधक कार्यालय में उपस्थित होकर / वीडियो के.वाई.सी. के माध्यम से सत्यापन कर एवं विलेख में वर्णित तथ्यों का परीक्षण करने के उपरांत विलेखों के पंजीकरण की कार्यवाही को ई-साईन के माध्यम से पूर्ण करेंगें तत्पश्चात व्हाट्सएप व ई-मेल के माध्यम से तत्काल पक्षकार को दस्तावेज का प्रेषण किया जायेगा। उक्त प्रक्रिया को आधार प्रमाणीकरण से अंर्तसम्बन्धित किया जाने से जनसुविधा के साथ-साथ छद्म प्रतिरुपण / धोखाधड़ी से मुक्ति मिलेगी। उक्त के परिणामस्वरूप पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

  • वित्त विभाग की अधिसूचना सं0-27057/2023, दिनांक 07 नवम्बर, 2023 में उल्लिखित अधिसूचित पदों का तात्पर्य चयन आयोगों द्वारा प्राप्त अधियाचनों के क्रम में भर्ती संबंधी विज्ञप्ति जारी किये जाने से है। अंतः विभिन्न चयन आयोगों तथा विभागीय स्तर पर किये जाने वाले चयन के संबंध में जारी विज्ञप्ति तिथि (दि० 01. अक्टूबर, 2005) के आधार पर चयनित कार्मिको को पुरानी अथवा नवीन पेंशन योजना में सम्मिलित किये जाने के लिए एक बार का विकल्प दिये जाने का निर्णय।
  • उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा विभाग (अप्राविधिक और अराजपत्रित) सेवा नियमावली, 2008 में पुस्तकालयाध्यक्ष पद हेतु निर्धारित अनिवार्य अर्हता से उच्चतर योग्यताधारी (बी.लिब. / एम.लिब.) अभ्यर्थियों के चयन / नियुक्ति के सम्बन्ध में निर्णय।
  • उच्च शिक्षा विभाग की तरह प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत पुस्तकालयाध्यक्ष पद पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग / उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा पूर्व में आयोजित परीक्षा में उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा विभाग (अप्राविधिक और अराजपत्रित) सेवा नियमावली, 2008 में विहित अनिवार्य अर्हता से उच्चतर बी०लिब० / एम०लिब० योग्यताधारी अभ्यर्थियों के चयन/नियुक्ति के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखंड में ग्रीन सेस की दरों में इजाफा

  • उत्तराखण्ड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम के अधीन मोटर यान पर ग्रीन सेस की निर्धारित दरों में वृद्धि के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम एवं नियमावली, 2003 के अन्तर्गत वर्तमान में प्रवेश उपकर तथा ग्रीन सेस की दरों को सम्मिलित करते हुए उत्तराखण्ड राज्य में पंजीकृत एवं राज्य में प्रवेश करने वाले अन्य राज्य के व्यवसायिक एवं निजी वाहनों हेतु ग्रीन सेस की दरें निर्धारित की गयी हैं। प्रवेश उपकर की दरें वर्ष 2017 में निर्धारित की गयी थी, जिसके पश्चात उक्त दरों में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। वर्ष 2017 से मुद्रा स्फीति में लगभग 28-30 प्रतिशत की वृद्धि होने के दृष्टिगत दरों में वृद्धि की गयी है, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। राज्य में अन्य राज्यों के वाहनों द्वारा प्रवेश करने पर ग्रीन उपकर की वसूली फास्टैग के माध्यम से की जायेगी।

  • उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा, महत्वपूर्ण मेलों आदि के सुव्यवस्थित संचालन हेतु उत्तराखण्ड धर्मस्व एवं तीर्थाटन परिषद् गठन के सम्बन्ध में निर्णय।

तीर्थाटन इस क्षेत्र की एक प्रमुख पर्यटन विधा रही है, जिसमें चारधाम यात्रा, नन्दादेवी राजजात यात्रा एवं आदि कैलाश यात्रा आदि कुछ प्रमुख घार्मिक यात्रायें हैं। वर्तमान समय में बेहतर परिवहन व्यवस्था, सड़क, रेल एवं वायु सेवा की सुलभता के कारण इन यात्राओं / मेलों में तीर्थयात्रियों/श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुये प्रमुख धार्मिक यात्राओं / मेलों के उचित प्रबन्धन हेतु एक पृथक नियंत्रण एवं प्रबन्धन इकाई की आवश्यकता को मध्यनजर रखते हुये धार्मिक यात्राओं एवं मेलों के लिए निम्न उद्देश्यों सहित उत्तराखण्ड धर्मस्व एवं तीर्थाटन परिषद् गठन किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

इसके तहत धार्मिक यात्राओं एवं मेलों हेतु समुचित प्रबन्धन एवं संचालन। धार्मिक यात्राओं एवं मेलों हेतु बेहतर मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं का सृजन, सुद्धीकरण तथा रखरखाव आदि करना तथा धार्मिक यात्राओं एवं मेलों को सहज, सुगम, सुरक्षित एवं सुखद बनाया जाना है।

उक्त परिषद के माध्यम से चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, पूर्णागिरी यात्रा एवं नन्दादेवी राजजात यात्रा आच्छादित होगी। उक्त परिषद हेतु पृथक से बजट प्राविधान भी किया गया है।

धामी कैबिनेट ने ऑपरेशन सिंदूर पर किया केंद्र का अभिनंदन

मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना, प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्रालय का अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया।

मंत्रिपरिषद के प्रस्ताव में कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और रणनीतिक कौशल की सफलता को दर्शाता है, यह सैन्य अभियान भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और आत्मबल का उदाहरण बनकर उभरा है।

मंत्रिपरिषद द्वारा विश्वास व्यक्त किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जो भारत की सैन्य गौरवगाथा में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित होगा।

मंत्रिपरिषद के इस अभिनंदन प्रस्ताव को केन्द्र सरकार और रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा ताकि उत्तराखण्ड राज्य की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया जा सके।