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बड़ी खबर। देहरादून में पकड़ा गया घूसखोर दरोगा, एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ अरेस्ट

देहरादून में विजिलेंस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की टीम ने देहरादून में एक घूसखोर दरोगा को अरेस्ट किया है। ये दरोगा एक जमीन विवाद में से नाम हटाने के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत ले रहा था।

जमीन विवाद से नाम हटाने के नाम पर मांगे पांच लाख

विजिलेंस को शिकायत मिली कि देहरादून की आईएसबीटी चौकी के इंजार्च देवेंद्र खुगशाल एक जमीन मामले की जांच कर रहे हैं। शिकायत करने वाले ने विजिलेंस को बताया कि उसके दोस्त व अन्य तीन लोगों के खिलाफ जावेद नाम के व्यक्ति ने बजांरावाला, देहरादून में भूमि विवाद से सम्बन्धित एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है। इस मामले की जांच आईएसबीटी चौकी इंचार्ज देवेश खुगशाल कर रहे हैं।

शिकायत में बताया गया कि दरोगा देवेश खुगशाल जमीन मामले में गैंगस्टर एक्ट लगाकर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं और इसे रोकने के लिए पांच लाख रुपए की डिमांड कर रहे हैं।

विजिलेंस ने ट्रैप में फंसाया

इस सूचना के बाद विजिलेंस के अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए। उन्होंने पहले अपने स्तर से जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद विजिलेंस ने अपना ट्रैप लगाना शुरू किया। टीम ने नियम अनुसार कार्यवाही करते हुए चौकी प्रभारी आईएसबीटी थाना पटेलनगर देहरादून उपनिरीक्षक देवेन्द्र खुगशाल, को पीड़ित से एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

विजिलेंस की टीम को मिलेगा नकद इनाम

निदेशक सतर्कता वी मुरूगेसन ने बताया है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।साथ ही ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी।

आप भी कर सकते हैं शिकायत

वही यदि कोई राज्य के सरकारी विभागों में नियुक्त अधिकारी,कर्मचारी,अपने पद पर कार्य के सम्पादन में किसी प्रकार का दबाव बनाकर रिश्वत की मांग करता है और उसके द्वारा आय से अधिक अवैध सम्पत्ति अर्जित की गयी हो, तो इस सम्बन्ध में सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हैल्पलाइन नम्बर-1064 ओर Whatsapp हैल्पलाईन नम्बर 9456592300 पर सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में निर्भीक होकर सूचना दे सकते हैं।

PM Modi address to nation : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की ये है खास बातें, पाकिस्तान के साथ ही दुनिया को दिया ये बड़ा संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई की रात 8 बजे देश को संबोधित किया (PM Modi address to nation )। यह भाषण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और भारत-पाकिस्तान के बीच 51 घंटे पहले हुए युद्धविराम के बाद आया, जिसमें भारत ने पाकिस्तान में घुसकर 100 से ज्यादा खूंखार आतंकियों को ढेर किया। पीएम मोदी के संबोधन से साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ स्थगित हुआ है। इसके साथ ही पीएम ने साफ किया है कि भारत किसी न्यूक्लियर ब्लैकमेल के सामने नहीं झुकेगा। पीएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि अब खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा।

पीएम मोदी के भाषण की खास बातें – (PM Modi speech important points) :

  • हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिे असीम शौर्य का प्रदर्शन किया। मैं उनकी वीरता,साहस और पराक्रम को आज समर्पित करता हूं हमारे देश की हर माता-बहन और बेटी को।
  • हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन किया। मैं उनकी वीरता,साहस और पराक्रम को आज समर्पित करता हूं हमारे देश की हर माता-बहन और बेटी को।
  • 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने जो बर्बरता दिखाई थी, उसने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे निर्दोष मासूमों को उनके परिवार के सामने, बच्चों के सामने बेरहमी से मार डालना ये आतंक का बहुत वीभत्स चेहरा है। यह देश के सद्भाव को तोड़ने की घिनौनी कोशिश भी थी। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से ये पीड़ा बहुत बड़ी थी।
  • इस आतंकी हमले के बाद सारा राष्ट्र हर नागरिक हर समाज हर वर्ग हर राजनीतिक दल एक स्वर में आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए उठ खड़ा हुआ।
  • हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए भारत की सेनाओं को पूरी छूट दे दी। आज हर आतंकी आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है।

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम नहीं

पीेएम मोदी ने कहा कि, ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम नहीं, देश के कोटि-कोटि लोगों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है। 6 मई की देर रहा 7 मई की सुबह पूरी दुनिया ने इस प्रतिज्ञा को परिणाम में बदलते देखा है। भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों, ट्रेनिंग सेंटर पर सटीक प्रहार किया। आतंकवादियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है। लेकिन जब देश एकजुट होता है, नेशन फर्स्ट की भावना से भरा होता है, राष्ट्र सर्वोपरि होता है तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं। परिणाम लाकर दिखाए जाते हैं।

  • जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला बोला, भारत के ड्रोंस ने हमला बोला तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं, हौसला भी थर्रा गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकानें एक प्रकार से ग्लोबल टेररिज्म की यूनिवर्सिटीज रही हैं। दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं चाहे 9/11हो चाहे लंदन ट्यूब बॉम्बिंग हो या फिर भारत में बड़े आतंकी हमले हों, उन सबके तार इन्हीं आतंक के ठिकानों से जुड़ते रहे हैं। आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, इसलिए भारत ने आतंक के ये हेडक्वार्टर्स उजाड़ दिए। इन हमलों में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है।
  • आतंक के बहुत सारे आका बीते ढाई तीन दशकों से खुलेआम पाकिस्तान में घूम रहे थे। जो भारत के खिलाफ साजिशें करते थे। उन्हें भारत ने एक झटके में खत्म कर दिया। साथियों भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घोर निराशा में घिर गया था। हताशा में घिर गया था। बौखला गया था। इसी बौखलाहट में उसने एक और दुस्साहस किया, आतंक पर भारत की कार्रवाई का साथ देने की बजाय पाकिस्तान ने भारत पर ही हमला करना शुरू कर दिया।

पाकिस्तान के DGMO ने किया भारत से संपर्क

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने हमारे गुरुद्वारों, घरों, मंदिरों और स्कूलों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया लेकिन इसमें भी पाकिस्तान खुद बेनकाब हो गया। दुनिया ने देखा कैसे पाकिस्तान के ड्रोन, मिसाइलें भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया। भारत के ड्रोंस, मिसाइलों ने सटीकता के साथ हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिस पर बहुत घमंड था। पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था। भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा, पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा रहा था और बुरी तरह पिटने के बाद किसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्र्क्चर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा चुके थे, आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था, आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था। जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई, जब ये कहा गया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा, जब भारत ने उस पर विचार किया। मैं फिर दोहरा रहा हूं हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों को जवाबी कार्रवाई को सिर्फ स्थगित किया है, आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे कि वो आगे क्या रवैया अपनाता है। भारत की एयरफोर्स, आर्मी और नौ सेना, बीएसएफ, अर्धसैनिक बल अलर्ट पर हैं। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के बाद ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति है।

हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ हम सभी का एकजुट रहना, हमारी एकता सबसे बड़ी शक्ति है। निश्चित तौर पर ये युग युद्ध का नहीं है, लेकिन ये युग आतंकवाद का भी नहीं है। टेररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एक बेहतर दुनिया की गारंटी है। पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार जिस तरह आतंकवाद को खाद पानी दे रहे हैं, वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा। पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा, इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है। भारत का मत एकदम स्पष्ट है, टेरर और टॉक एकसाथ नहीं हो सकते हैं, टेरर और ट्रेड एकसाथ नहीं चल सकते। पानी और खून भी एकसाथ नहीं बह सकता। विश्व समुदाय से भी कहूंगा हमारी घोषित नीति रही है कि अगर पाकिस्तान से बात होगी तो टेररिज्म पर ही होगी, अगर बात होगी तो पीओके पर ही होगी। देशवासियों आज बुद्ध पूर्णिमा है, भगवान बुद्ध ने हमें शांति का रास्ता दिखाया है। शांति का मार्ग भी शक्ति से होकर जाता है। मानवता शांति और समृद्धि की तरफ बढ़े, हर भारतीय शांति से जी सके, विकसित भारत के सपने को पूरा कर सके, इसके लिए भारत का शक्तिशाली होना जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर इस शक्ति का इस्तेमाल भी जरूरी है। पिछले कुछ दिनों में भारत ने यही किया है। मैं एक बार फिर भारत की सेना और सशस्त्र बलों को सैल्यूट करता हूं। हम भारतवासी का हौसला, एकजुटता, संकल्प को नमन करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत माता की जय।

उत्तराखंड से बड़ी खबर, बड़े पैमाने पर IAS और PCS अफसरों के ट्रांसफर, देखिए किसे क्या मिला…

उत्तराखंड में फिर एक बार बड़े पैमाने पर सरकारी अधिकारियों के तबादले हुए हैं। शासन ने कई IAS और PCS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। कई सचिव स्तर के अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है।

इन IAS अफसरों के हुए तबादले, देखिए किसे क्या मिला

PCS अफसरों के भी हुए तबादले

Triyugi Narayan temple wedding : आम लोगों के साथ ही चर्चित हस्तियों भी ले रहीं त्रियुगीनारायण में सात फेरे

उत्तराखंड अब तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर पूरे देश और साथ ही दुनिया में अपनी पहचान बनाता जा रहा है। न सिर्फ देश के आम लोग बल्कि कई चर्चित हस्तियां और दुनिया के अलग अलग देशों से भी लोग उत्तराखंड में शादी के लिए पहुंच रहे हैं। इन्ही वेडिंग डेस्टिनेशन में से एक है त्रियुगीनारायण मंदिर (Triyugi Narayan temple wedding)। यहां हर साल होनी वाली शादियों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है।

हर महीने 100 से अधिक हो रहीं शादियां

रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित, शिव- पार्वती का विवाहस्थल त्रिजुगीनारायण वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है। जहां देश विदेश से लोग सनातन परम्पराओं के अनुसार विवाह करने के लिए पहुंच रहे हैं। शादियों के सीजन में अब यहां हर महीने 100 से अधिक शादियां हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई मौकों पर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उत्तराखंड की ब्रांडिंग कर चुके हैं। इसका असर, त्रिजुगीनारायण मंदिर में साफ तौर पर नजर आ रहा है। जहां लोग देश विदेश से डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंच रहे हें। इससे यहां होटल कारोबारियों से लेकर पंडे पुजारियों, वेडिंग प्लानर, मांगल टीमों और ढोल दमौ वादकों सहित कई अन्य लोगों को काम मिल रहा है।

विदेशों से भी आ रहे लोग, त्रियुगीनारायण में ले रहे फेरे

क्षेत्र की वेडिंग प्लानर रंजना रावत के मुताबिक, 07 से 09 मई के बीच सिंगापुर में कार्यरत भारतीय मूल की डॉक्टर प्राची, यहां शादी करने के लिए पहुंच रही है। इसके लिए उन्होने जीएमवीएन टीआरएच बुक किया हुआ है। उन्होंने बताया कि इस साल अप्रैल माह तक ही यहां करीब पांच सौ शादियां हो चुकी हैं, जबकि 2024 में कुल छह सौ शादियां ही हुई थी। उन्होंने बताया कि अब तक यहां इसरो के एक वैज्ञानिक, अभिनेत्री चित्रा शुक्ला, कविता कौशिक, निकिता शर्मा, गायक हंसराज रघुवंशी, यूट्यूबर आदर्श सुयाल, गढ़वाली लोकगायक सौरभ मैठाणी के साथ ही कई, जानी मानी हस्तियां सात फेरे ले चुके हैं।

त्रियुगीनारायण में शादी से पहले पंजीकरण जरूरी

मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि यहां सनातन मतावलंबियों का विवाह वैदिक परंपराओं के अनुसार सम्पन्न होता है, इसके लिए पहले से रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। साथ ही माता-पिता या अभिभावकों की मौजूदगी में ही विवाह समपन्न होता है। उन्होने बताया कि सात फेरों के लिए मंदिर परिसर में ही वेदी बनाई गई है, इसके बाद अखंड ज्योति के साथ पग फेरा लिया जाता है। इसके अलावा अन्य सभी आयोजन, नजदीकी होटल और रिजॉर्ट में सम्पन्न किए जाते हैं। सीतापुर तक के होटल में अन्य विवाह समारोह भी स्थानीय पुजारियों द्वारा सम्पन्न कराए जाते हैं, इसके लिए दक्षिणा की दरें तय की गई हैं।

बेहद खास है त्रिजुगीनारायण मंदिर का महत्व

त्रिजुगीनारायण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। स्वयं भगवान विष्णु ने इस विवाह में देवी पार्वती के भाई (कन्यादानकर्ता) का कर्तव्य निभाया था। मंदिर प्रांगण में एक पवित्र अखंड अग्नि है, मान्यता है कि शिव पार्वती ने इसी अग्नि के सात फेरे लिए थे। मंदिर की बनावट केदारनाथ मंदिर से मिलती-जुलती है।।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद, उत्तराखंड में देश विदेश के लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। सरकार उत्तराखंड में डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। - सीएम पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड में अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां, सीएम धामी की अमित शाह के साथ मीटिंग

भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव के बीच उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। सीएम धामी ने शासन और प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने ये निर्देश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई मीटिंग के बाद दिए हैं। इसके साथ ही चार धाम यात्रा में भी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त किया जा रहा है।

गृह मंत्री ने ली मीटिंग, दिए निर्देश

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ वर्चुअल बैठक की है। इस बैठक के बाद सीएम धामी ने राज्य के अफसरों के साथ एक हाईलेवल मीटिंग की है। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे राज्य के सभी क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम किए जाएं, सीमांत क्षेत्रों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में चारधाम यात्रा चल रही है, जिसमें लाखों तीर्थयात्री प्रतिभाग कर रहे हैं, इसलिए यात्रा मार्ग सहित चारों धामों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कई राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठान हैं, इन संस्थानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सीएम के निर्देश, रहो अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए जिला और तहसील स्तर पर खाद्यान सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखी जाए। अस्पतालों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए अलर्ट रखा जाए। सभी आवश्यक दवाओं का पूर्ण प्रबंध किया जाय। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा दल और स्वयंसेवी संस्थाओं को बचाव और राहत कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को भी सही सूचनाओं के साथ सतर्क किया जाए, साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाए कि जन सामान्य के पास हर तरह से सही और प्रमाणित सूचनाएं ही पहुंचे, ताकि वो अफवाह से दूर रह सकें। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती की जाए। सोशल मीडिया के माध्यम से इस पर लगातार निगरानी रखी जाए।

छुट्टियां नहीं मिलेंगी, सीएम का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़ते हुए, कार्मिकों के अवकाश मंजूर न किए जाएं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि शासन – प्रशासन हर तरह से मदद के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बल उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विशेष आभार व्यक्त किया है।

भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एअर स्ट्राइक, पहलगाम हमले का बदला लिया

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भारत ने पहलगाम हमले का बदला ले लिया है। भारत ने एअर स्ट्राइक कर पाकिस्तान में बने आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया है।

रात में दागी मिसाइलें, कर दिया ‘न्याय’

भारतीय सेनाओं ने रात 1.30 पर एयर स्ट्राइक्स को शुरू किया। फाइटर जेट्स ने रात 1.30 पर उड़ान भरी और इसके कुछ ही मिनटों बाद पीओके और पाकिस्तान के कई इलाकों में मिसाइलें दाग दीं। इस एअर स्ट्राइक के बाद भारत के फाइटर जेट्स वापस सुरक्षित अपने बेस पर लौट आए।

रात लगभग 1.45 पर भारतीय सेना के आधिकारिक हैंडल से इस एअर स्ट्राइक की पुष्टि कर दी गई। सेना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘न्याय किया गया है. जय हिंद.’

हमले के संबंध में पीआईबी ने बयान जारी कर बताया कि भारत ने पहलगाम हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान और पीओके में स्ट्राइक की हैं. इस हमले में सिर्फ टेरर लोकेशंस को टारगेट किया गया, और किसी भी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है।

एअर स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा ‘Justice is Served. Jai Hind!’

भारत ने फिर ‘घुस कर मारा’

भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंक के नौ ठिकानों पर मिसाइलें गिराईं हैं। कुल 24 हमले किए गए हैं। पाकिस्तान की सेना ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। जिन नौ टेरर लोकेशंस को भारतीय सेनाओं ने निशाना बनाया वहां से आतंकियों को ट्रेनिंग मुहैया कराई जाती थी। इसके साथ ही जैश और लश्कर जैसे संगठनों का भी ये लोकेशंस अहम ठिकाना थीं।

जिन 9 ठिकानों पर भारतीय वायुसेना ने अटैक किया है, वो निम्नलिखित हैं –

पहली बार बता कर हमला

भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में संभवत पहली बार ऐसा हुआ है कि  भारतीय सेना ने बता कर एअर स्ट्राइक की। दरअसल भारतीय सेना ने एअर स्ट्राइक से पहले एक्स पर अपने अधिकारिक हैंडल @ADG PI-INDIAN ARMY से रात 1 बजकर 28 मिनट पर एक पोस्ट किया, जिसमें लिखा था, ”स्ट्राइक के लिए तैयार, जीत के लिए ही बने हैं” (Ready to Strike, Trained to Win) भारतीय सेना ने इसे संस्कृत में भी लिखा, “प्रहाराय सन्निहिताः, जयाय प्रशिक्षिताः” यानी ”वार करने को तत्पर, विजय हेतु” । ये पोस्ट अब वायरल हो गया है। इससे पहले भारतीय सेना ने पिछले दो ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ (2016) और ‘एयर स्ट्राइक’ (2019) में ऐसे किसी पोस्ट के जरिए हमले की जानकारी नहीं दी थी।

सीएम धामी का एक और बड़ा कदम, देवभूमि के स्कूलों में बच्चे पढ़ेंगे भगवत गीता

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सीएम धामी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को राज्य के स्कूलों में बच्चों को भगवत गीता पढ़ाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने मंगलवार को इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्कूलों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अगल दस सालों के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए हैं।

बच्चे करेंगे भगवत गीता का अध्ययन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूलों में बच्चों को पाठ्यचर्या में श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन भी कराया जाए। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का अगले 10 सालों के स्पष्ट प्लान पर कार्य किया जाए। शिक्षा विभाग द्वारा दिसम्बर 2026 तक शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों का रजतोत्सव कलेण्डर बनाया जाए। बरसात शुरू होने से पहले राज्य के सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए और स्कूल के रास्तों और पुलों की स्थिति के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी देखा जाए।

अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का करें अध्ययन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलस्टर विद्यालयों में आवसीय हॉस्टल की सुविधा के लिए अन्य राज्यों की बैस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर प्रस्ताव बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों को आवसीय हॉस्टल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। पहले चरण में प्रत्येक जनपद में एक-एक आवासीय हॉस्टल बनाया जाए। 559 कलस्टर विद्यालयों के 15 किमी के अन्तर्गत छात्र-छात्राओं की परिवहन व्यवस्था के लिए जल्द प्रस्ताव बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

समय पर मिले किताबें, NCC और NSS को मिले बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर साल बच्चों को पाठ्य-पुस्तकें समय पर मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में ट्रासंफर की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता रहे, इसके लिए सभी पहलुओं का गहनता से अध्ययन कर प्रस्ताव बनाया जाए। जनपद, मण्डल और राज्य स्तरीय कैडर में सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाए। स्कूलों में एनसीसी और एन.एस.एस को बढ़ावा दिया जाए, जिन स्कूलों में अभी इनकी सुविधा नहीं हैं, चरणबद्ध तरीके से स्कूलों का चयन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए राज्य के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से सी.एस.आर फण्ड के तहत सहयोग के लिए अनुरोध भी किया जाए।

जर्जर स्कूलों की मरम्मत हो तेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों में मरम्मत के कार्यों में तेजी लाई जाए। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों की सुरक्षा से सबंधित किसी भी मामले में लापरवाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में छात्रों की क्षमता के अनुसार पूर्ण उपलब्धता हो, इसके लिए प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए आवश्यक संसाधनों में कोई कमी नहीं होने दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। बच्चों को नैतिक शिक्षा, पर्यावरणीय शिक्षा, राज्य की सांस्कृतिक विरासत, महानुभावों का उल्लेख, क्षेत्रीय आवश्यकताओं के हिसाब से कौशल विकास, स्वास्थ्य शिक्षा, लोककथा, लोक साहित्य, संगीत और कला को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।

बाबा केदार के दर्शन के लिए इस बार टोकन सिस्टम, पैदल यात्रियों के लिए रेन शेल्टर भी बढ़ाए

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो चुकी है। सभी चारों धामों के कपाट खुल चुके हैं। इन धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। हालांकि सबसे अधिक श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। ऐसे में इस बार सरकार ने केदारनाथ दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में इजाफा किया है।

केदारनाथ में टोकन सिस्टम से यात्रियों को हो रही सुविधा

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में इस बार भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। बाबा केदार के दर्शनों के लिए लगने वाली भीड़ की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर प्रशासन ने इस साल टोकन प्रणाली लागू की है। इस टोकन सिस्टम से यात्रियों को आसानी से बाबा के दर्शन हो रहे हैं।
देहरादून से केदारनाथ आए शुभ कुमार ने कहा कि टोकन व्यवस्था से भीड़ काबू में रही जिससे वे आसानी से दर्शन कर पाए। छत्तीसगढ़ से आई डॉ. दीपिका ने बताया कि टोकन व्यवस्था होने से उन्हें सुबह से लाइन में नहीं लगना पड़ा और निर्धारित टाइम स्लॉट पर वे आसानी से दर्शन कर पाए। गाजियाबाद और मुरादाबाद से आए श्रद्दालुओं ने भी टोकन व्यवस्था पर प्रशासन की तारीफ की।

केदारपुरी घूमने का भी मिल रहा मौका

जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन बाबा केदारनाथ के दर्शनों के देश दुनिया से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का यात्रा अनुभव सुखद एवं सुगम बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में मंदिर परिसर के प्रवेश से पहले ही हेलीपैड के समीप टोकन सिस्टम लगाया गया है, ताकि दर्शनों से पहले ही यात्री को उसके नंबर की जानकारी मिल जाए, इस बीच यात्री केदारपुरी घूम सकेंगे।

पैदल मार्ग पर रेन शेल्टर, फ्री वाईफाई भी

स्थानीय प्रशासन ने इस बार पैदल मार्ग से केदारनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी सुविधाओं में इजाफा किया है। इसी के तहत श्रद्धालुओं को बारिश से बचाने के लिए रेन शेल्टर बनाए गए हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार रेन शेल्टर की संख्या में खासा इजाफा किया गया है। इससे बारिश के दौरान यात्री भीगने से बच रहे हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार उन्हे फ्री वाईफाई की सुविधा भी दी है।

भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक ने धामी सरकार की योजनाओं को बताया कारगर, पहाड़ों में रुकने लगा पलायन

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उत्तराखंड के पूर्व दर्जा मंत्री एवं भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक शुक्रवार को भतरौज खान पहुंचे जहां पर रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल ने उके साथ जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

युवाओं को मिल रहा लाभ

पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक का रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल ने शाल पहनाकर एवं बाबा नीम करौली की फोटो देकर उन्हें सम्मानित किया।दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान सरकार की तमाम योजनाओं पर चर्चा हुई। इस अवसर पर रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को स्वरोजगार की ओर बढ़ा रही है जिस क्रम में होमस्टे, प्राचीन भवनों को होमस्टे के रूप में संचालित करने का प्रचलन बड़ा है।कोरोना काल के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन बढ़ गया था। इस तरह के स्वरोजगार होमस्टे आदि पलायन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि आज बड़े गर्व का अवसर है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सफल नेतृत्व में लगातार युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया जा रहा है।पौराणिक शैली के खंडहर हो रहे भवनों को ही होमस्टे में कन्वर्ट करने,अपने होम स्टे संचालित करने जैसे अनेक स्वरोजगारों के लिए सरकार युवाओं को सहायता भी उपलब्ध करा रही है।

धामी सरकार की योजनाएं बनी सहारा

बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि आज पहाड़ में ऐसे अनेक उदाहरण है जिसमें युवाओं ने पुराने खंडहर हो रहे भवनों को होमस्टे के रूप में संचालित करके एक मुकाम हासिल किया है।उन्होंने कहा कि इस तरह के स्वरोजगार से जहां एक और युवा स्वयं में सक्षम हो सकेंगे वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों से हो रही पलायन में भी कमी आएगी।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार नए विकास के आयाम स्थापित कर रही है।चाहे युवाओं को रोजगार देने की बात हो चाहे पलायन रोकने की बात हो सरकार हर क्षेत्र में सराहनीय प्रयास कर रही है।उन्होंने रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा अपनी विधानसभा में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए काफी प्रयास किया जा रहे हैं।जिसका जीता जागता उदाहरण रानीखेत विधानसभा में चल रहे अनेकों होमस्टे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल के बाद रानीखेत के विधायक ने अपनी विधानसभा के लोगों के रोजगार के लिए काफी प्रयास किया तथा इसमें भाजपा सरकार तथा मुख्यमंत्री के द्वारा विशेष सहयोग दिया गया।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सदैव युवाओं के हितों में युवाओं के स्वरोजगार के लिए प्रयास कर रही है जिसका लाभ युवाओं ने बढ़ चलकर लेना चाहिए।

नैनीताल में टू व्हीलर पार्किंग को लेकर आया ये बड़ा अपडेट, सतपाल महाराज ने समझी लोगों की पीड़ा, दिया ये आदेश

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नैनीताल में टू व्हीलर पार्किंग को लेकर बड़ी खबर है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने स्थानीय लोगों की परेशानी को समझते हुए स्थानीय अधिकारियों को टू व्हीलर पार्किंग के लिए स्थान निश्चित करने के आदेश दिए हैं।

मंत्री ने समझी लोगों की परेशानी, दिए ये निर्देश

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने नैनीताल भ्रमण के दौरान दो पहिया वाहन चालक की समस्या का संज्ञान लेते हुए हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि उनके लिए वाहन पार्किंग का स्थान निर्धारित किया जाये।

दरअसल सतपाल महाराज के नैनीताल भ्रमण के दौरान दो पहिया वाहन चालकों ने उन्हें बताया कि शहर में व्यापारिक प्रतिष्ठानों से कोई सामान लेने या दवा की दुकानों पर दवा खरीदने के लिए कोई व्यक्ति 5 मिनट के लिए भी सड़क के किनारे पर अपना वाहन खड़ा करता है तो उसका वाहन यातायात पुलिस द्वारा लॉक कर दिया जाता है। उनका कहना था कि शहर में कोई भी ऐसा स्थान नहीं है जहां वह अपना दो पहिया वाहन खड़ा कर सकें। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अधिकारियों को तुरंत दिए निर्देश

कैबिनेट मंत्री महाराज ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि उनके लिए वाहन पार्किंग का स्थान निर्धारित किया जाये और जब तक पार्किंग का स्थान निर्धारित नहीं होता तब तक दुपहिया वाहन चालकों को छूट देते हुए उनके लिए समय सीमा या उचित स्थान पार्किंग हेतु उपलब्ध करवाया जाए ताकि लोग अपने दोपहिया वाहनों को खड़ा कर दुकानों से आवश्यक वस्तुएं खरीद सके।