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उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को बेस्ट बनाने की तैयारी, इस तारीख को हो सकता है शिलान्यास

उत्तराखंड में बनने वाले खेल विश्वविद्यालय को देश का सर्वश्रेष्ठ मॉडल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी है। सोमवार को खेल निदेशालय में अधिकारियों के साथ बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने खेल विश्वविद्यालय को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

करें अध्ययन, बनाएं बेस्ट मॉडल

बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि देश में जितने भी खेल विश्वविद्यालय स्थित हैं उन सभी का वर्किंग मॉडल, उनके कोर्स और स्टाफ स्ट्रक्चर का अध्ययन करके प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय का बेस्ट मॉडल तैयार किया जाए। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल विश्वविद्यालय में जितने पदों की आवश्यकता है इस बारे में शासन से जल्द अनुमति ली जाए । उन्होंने अधिकारियों को विश्वविद्यालय के कोर्सों को मान्यता दिलाने के लिए यूजीसी के साथ भी पत्राचार करने के निर्देश दिए। खेल मंत्री ने बताया कि खेल विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर केंद्रीय स्तर से वन विभाग की जो आपत्ति थी, उसका निवारण किया जा रहा है । उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में तेज कार्रवाई करने के निर्देश दिए जिससे आगामी 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया जा सके।

खिलाड़ियों को मिलेगा कैश प्राइज, तैयारी पूरी

खेल मंत्री ने बताया कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की नगद इनाम राशि के लिए शासन स्तर से 15 करोड़ रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। खिलाड़ियों से आवेदन मांगे गए हैं और आगामी राष्ट्रीय खेल दिवस पर ही विजेताओं को नगद इनाम राशि वितरित भी जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों के अलावा भी जिन खिलाड़ियों ने 1 जुलाई 2024 से 31 मार्च 2025 तक राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के लिए पदक जीते हैं उन्हें भी इसके साथ ही नगद इनाम राशि दी जानी है।

आउट ऑफ़ टर्न जॉब के लिए बनेंगे अधिसंख्य पद

राष्ट्रीय खेल अन्य राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न जॉब देने के लिए विभिन्न विभागों में अधिसंख्य पद सृजित करने की मांग की गई है। पहले शासन स्तर से यह कहा गया था कि वर्तमान में जो 57 पद रिक्त हैं पहले उन पर नियुक्ति कर ली जाए, लेकिन सोमवार की बैठक में यह तय हुआ कि सभी पात्र खिलाड़ियों को एक साथ नियुक्ति दी जानी है। इसलिए पहले अधिसंख्य पद सृर्जित करना जरूरी है। खेल मंत्री ने विशेष प्रमुख खेल सचिव को इस बारे में शासन की जल्द से जल्द अनुमति लेने के लिए निर्देशित किया। खेल विभाग शासन से 400 से अधिक अधिसंख्य पद चाहता है ताकि भविष्य में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तुरंत नियुक्ति देने में सुविधा रहे।

एक सप्ताह में जारी होगी प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत चुने गए युवा खिलाड़ियों को धनराशि का भुगतान एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा। बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उनके बैंक अकाउंट अपडेट किए जा रहे हैं। जल्द ही डीबीटी के माध्यम से खिलाड़ियों का पैसा जारी किया जाएगा।

कोविड से अटके लाभांश का राशन विक्रेताओं को जल्द होगा भुगतान, सरकार ने जारी किया बजट

उत्तराखंड के राशन विक्रेताओं के लिए खुशखबरी है। कोविड के समय से रुके हुए उनके लाभांश का भुगतान जल्द होने जा रहा है । सोमवार को शासन स्तर से इसके लिए 44 करोड रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी कर दी गई है।

कोविड से लटका था लाभांश भुगतान

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तथा आत्मनिर्भर भारत योजनान्तर्गत आवंटित खाद्यान्न पर अन्तर्राज्यीय परिवहन, लदाई धराई तथा सस्ता गल्ला विक्रेताओं के अतिरिक्त लाभांश की धनराशि का भुगतान नहीं हो पाया था। इसके लिए प्रदेश के राशन विक्रेता कई बार यह मांग उठा चुके थे। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि हाल ही में हमने राशन विक्रेता प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उन्हें जल्द इस लाभांश के भुगतान का भरोसा दिलाया था।
उन्होंने बताया कि भुगतान के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य आकस्मिकता निधि से 44,46,21,737.00 की स्वीकृति मिल गई है। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को जल्द ही बकाया लाभांश के भुगतान करने के निर्देश दे दिए हैं।

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, वन नेशन वन इलेक्शन के विरोध को बताया विकास विरोधी

देहरादून 23 मई। भाजपा ने वन नेशन वन इलेक्शन पर उत्तराखंड कांग्रेस की राय को दुर्भाग्यपूर्ण और विकास बाधित करने की सोच बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मे किये गए प्रयास ईमानदारी से होते तो यह विचार धरातल पर उतरता और चुनाव के चलते न विकास बाधित होता और न ही ला एंड ऑर्डर पर कोई फर्क पड़ता।

विकास विरोधी है कांग्रेस – मनवीर चौहान

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि आजादी के बाद इसी नीति में 4-4 सरकारें बनाने वाली पार्टी अब हार के डर से विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव के मुद्दे पर गठित जेपीसी के सामने उत्तराखंड भाजपा ने इस कदम के समर्थन में अपना मत स्पष्ट किया है। हमारा मानना है कि विकसित भारत निर्माण की गति तेज करने, चुनावी खर्च को घटाने, विकास कार्यों को निर्बाध करने, संसाधनों का दुरुपयोग रोकने तथा मतदाताओं को अधिक मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए यह अति आवश्यक कदम है।

एक साथ चुनाव भी नहीं लड़ सकती है कांग्रेस

उन्होंने इस मुद्दे पर कमेटी के माध्यम से सामने आई उत्तराखंड कांग्रेस की राय को स्वार्थ और नकारात्मक सोच से प्रेरित बताया। चौहान ने कहा कि यह बेहद अफसोसजनक और हैरान करने वाली बात है कि 1952 से लेकर 1965 तक देश में सभी चुनाव एक साथ चुनाव पर जीतने वाली कांग्रेस अब इसका विरोध कर रही है। दरअसल सच तो यह है कि कांग्रेस पार्टी ने स्वयं की स्थिति कमजोर होते देख, देश में जमकर अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया था। तब थोक में विपक्षी सरकारों को गिराया, जिसका नतीजा यह रहा कि यह व्यवस्था समाप्त हो गई। वहीं आज भी कांग्रेस के नेता जानते हैं कि उनके लिए पूरे देश में चुनाव जीतना तो दूर, एक साथ चुनाव लड़ना संभव भी नहीं है। यही वजह है कि खुद को सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी बताने वाली कांग्रेस, अब क्षेत्रीय पार्टियों के हितों की आड़ लेकर इस कदम का विरोध कर विकास को रोकना चाहती है।
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि धारा 370, श्री राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक, जीएसटी, नागरिकता संशोधन जैसे अविश्वसनीय कार्यों की तरह इस व्यवस्था को भी मोदी जी पुनर्स्थापित करके रहेंगे, चाहे विपक्ष लाख विरोध करे।

IPL 2025 : सनराइजर्स हैदराबाद ने आरसीबी को हराया, ईशान किशन की धुआंधार बल्लेबाजी

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लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए IPL 2025 के मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को सनराइजर्स हैदराबाद ने 42 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया है। इसके साथ ही बेंगलुरू का अंकतालिका में टॉप करने का सपना भी फिलहाल टूट गया है।

इकाना में चला सनराइजर्स के ईशान किशन का बल्ला

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का बल्ला चला। ईशान किशन ने नाबाद 94 रनों की पारी खेली। महज 48 गेंदों पर ईशान किशन ने 94 रन बनाए। ईशान किशन ने सात चौके और पांच छक्के लगाए। वहीं सनराइजर्स के अभिषेक शर्मा ने 17 गेंदों में 34 रनों की पारी खेली, क्लासेन ने 13 गेंद में 24 रन बनाए। अनिकेत वर्मा ने नौ गेंदों में ही 26 बना डाले। सनराइजर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 231 बनाए और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को जीत के लिए 232 रनों का लक्ष्य दिया।

आरसीबी का मध्यक्रम फ्लाप, 189 रनों पर सिमटे

लक्ष्य का पीछा करते हुए साल्ट शुरुआती ओवरों में संघर्ष कर रहे थे तो वहीं कोहली ने कमिंस , उनादकट और हर्षल पटेल के खिलाफ सहजता से चौके लगाये। साल्ट को अपना पहला चौका जड़ने के लिए पांचवें ओवर तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने अपनी पारी की नौवीं गेंद पर उनादकट के खिलाफ चौका जड़ पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। कोहली ने छठे ओवर में मलिंगा का स्वागत शानदार छक्के के साथ किया। साल्ट ने इसी ओवर में थर्ड मैच के ऊपर से छक्का लगाकर पावर प्ले में टीम को बिना किसी नुकसान के 72 रन तक पहुंचा दिया। हालांकि शुरुआती झटके लगने के बाद आरसीबी का मध्यक्रम भी बिखर गया और रन नहीं बना पाया। नतीजा ये हुआ कि आरसीबी 19.5 ओवरों में 189 रनों पर सिमट गई।

उत्तराखंड में मौसम को लेकर जारी हुआ ये पूर्वानुमान, देहरादून में आ सकती है बारिश

उत्तराखंड में मौसम में रह रह कर बदल रहा है। कभी बारिश का दौर आ रहा है तो कभी तापमान में तेजी देखी जा रही है। शनिवार के लिए मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी कर दिया है। एक बार फिर कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तराखंड में यहां बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, टिहरी, रुद्रप्रयाग के साथ ही पौड़ी में कुछ स्थानों पर तेज गर्जना के साथ बारिश आ सकती है। मौसम विभाग ने तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। चंपावत, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी के लिए यलो अलर्ट है। यहां कुछ इलाकों में तेज गर्जना के साथ बारिश आ सकती है।

मैदानी इलाकों बढ़ी गर्मी, देहरादून में ऐसा रहेगा मौसम

वहीं राज्य के मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। इन इलाकों में तेज गर्मी पड़ रही है और तापमान में इजाफा देखा जा रहा है। वहीं मौसम विभाग ने राजधानी देहरादून के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। राजधानी देहरादून में दिन में तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि शाम तक मौसम बदलने की संभावना है। शाम तक राजधानी के कुछ इलाकों में तेज आंधी देखने को मिल सकती है। कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।

उत्तराखंड में मौसम को लेकर जारी हुआ ये पूर्वानुमान, इन जिलों के लिए जारी हो गया अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज आज 23 मई शुक्रवार को बदला हुआ दिख सकता है। मौसम विभाग ने इस संबंध में पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के मैदानी से लेकर पहाड़ी इलाकों तक में आज मौसम में तब्दीली नजर आएगी।

उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम, जारी हुआ ये पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में मौसम को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के पर्वतीय इलाकों में फिर एक बार हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पिछले कुछ दिनों से रह रह कर पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। हालांकि गुरुवार को इसमें कुछ कमी देखी गई लेकिन शुक्रवार यानी फिर एक बार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि कुछ जिलों को लेकर मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है और अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर के कुछ इलाकों में तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है वहीं नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही तेज हवाएं और अंधड़ भी देखने को मिल सकती है।

मैदानी इलाकों में ऐसा रहेगा मौसम

वहीं मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के मैदानी इलाकों में भी तेज हवाओं और अंधड़ देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही हल्की बौछारें आ सकती हैं। राजधानी देहरादून की बात करें तो यहां हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि आमतौर पर मौसम शुष्क रहेगा।

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उत्तराखंड में द्वीतीय केदार मद्महेश्वर मंदिर के कपाट खुले, ऐसे कर सकते हैं आप भी दर्शन

पंचकेदारों में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट बुधवार 21 मई को शुभ मुहूर्त में पूरे विधि- विधान के साथ ऊं नम् शिवाय के उदघोष के साथ खुल गये हैं। इस अवसर पर तीन सौ से अधिक तीर्थयात्री तथा स्थानीय श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था।

चल विग्रह डोली मंदिर पहुंची

कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत साढे दस बजे से द्वार पूजा शुरू हो गयी थी इस दौरान भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली मंदिर प्रांगण में पहुंच गयी थी।

पूजा-अर्चना तथा विधि विधान पूर्वक साढे ग्यारह बजे पूर्वाह्न को श्री मद्महेश्वर जी के कपाट तीर्थयात्रियों हेतु दर्शनार्थ खोले गये कपाट खोलने  के बाद पुजारी शिवलिंग स्वामी ने भगवान मद्महेश्वर जी के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप दिया इसके साथ पहले  श्रद्धालुओं ने निर्वाण दर्शन तथा तत्पश्चात श्रृंगार दर्शन किये।  इससे पहले भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली ने भंडार एवं बर्तनों का निरीक्षण किया।कपाट खुलने के अवसर पर श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा तैयारियां की है।

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी शुभकामनाएं

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने  द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट खुलने पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है  आशा जताई कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान मद्महेश्वर जी के दर्शन को पहुंचेंगे।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं विजय कपरवाण सहित बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री मद्महेश्वर मंदिर  के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी  डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से श्री मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली बीते  रविवार 18 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में विराजमान हो गयी थी। सोमवार 19 मई को   चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव राकेश्वरी मंदिर रांसी प्रवास को पहुंची।  मंगलवार 20 मई द्वितीय पड़ाव गौंडार प्रवास किया तथा आज   बुद्धवार 21  मई सुबह  को श्री मद्महेश्वर मंदिर पहुंची। बुधवार 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11.30 बजे  द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट खुल गये है।

मद्महेश्वर कैसे पहुंचे ? How to reach Madmaheshwar ?

मद्महेश्वर मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में आता है। मद्महेश्वर पहुंचने के लिए आपको ऊखीमठ पहुंचना होगा। ऊखीमठ का निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है जो यहां से 181 किलोमीटर की दूरी पर है। आप ऋषिकेश से बस या कार के जरिए ऊखीमठ पहुंच सकते हैं। यहां से आप वाहन से रांसी गांव तक पहुंच सकते हैं। रांसी गांव के बाद पैदल ट्रैक करना होता है। तकरीबन 16 किलोमीटर का पैदल ट्रैक करके आप मद्महेश्वर मंदिर तक पहुंच सकते हैं। पैदल ट्रैक में बंटोली तक चलना आसान रहेगा लेकिन बंटोली से आगे आपको खड़ी चढ़ाई का सामना करना होता है।

मद्हेशवर कब जाएं, कहां रुकें ?

मद्महेश्वर मंदिर जाने के लिए आपको मई से सितंबर तक समय सही माना जाता है। हालांकि मद्महेश्वर जाने से पहले मौसम के बारे में पता कर लेने की सलाह दी जाती है। इस मंदिर के आसपास सीमित संख्या में ही रुकने की व्यवस्था है। कई लोग कैंपिंग भी करते हैं।

पंच केदार में से एक है मद्महेश्वर

मद्महेश्वर मंदिर भगवान शंकर को समर्पित है। ये मंदिर उत्तराखंड में स्थित पंच केदारों में से एक है। अन्य चार केदारों में केदारनाथ, रुद्रनाथ, तुंगनाथ और कल्पेश्वर हैं।

उत्तराखंड में मौसम का पूर्वानुमान जारी, आज भी बदला रहेगा मौसम

उत्तराखंड में मौसम आज भी बिगड़ा रहेगा। राज्य के अधिकतर पर्वतीय इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। 21 मई बुधवार को भी राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश से चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है।

पहाड़ों में मौसम को लेकर पूर्वानुमान जारी

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 22 मई गुरुवार को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश आ सकती है। इसके साथ ही बादलों की तेज गर्जना भी सुनने को मिल सकती है। गौरतलब है कि इन इलाकों में 21 मई को भी मौसम बिगड़ा रहा था और बारिश देखने को मिली थी।

मैदानी इलाकों में चलेंगी तेज हवाएं, बादल भी छाए रहेंगे

वहीं राज्य के मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके साथ ही कहीं कहीं तेज हवाओं और गर्जना के साथ हल्की बारिश की भी संभावना है।

राजधानी देहरादून में गुरुवार को आंशिक रुप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है। साथ ही, 40-50 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने के आसार है। ऐसे में लोगों को इस दौरान सतर्कता बरतने को कहा गया है। देहरादून का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

राजधानी में हुई झमाझम बारिश, गर्मी से मिली निजात

बुधवार 21 मई की शाम राजधानी देहरादून के अधिकांश इलाकों में आई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दे दी। देहरादून के आसमान पर सुबह से बादल छाए थे। इसके चलते लोगों को खासी उमस का सामना करना पड़ा। हालांकि शाम को अधिकांश इलाकों में आई झमाझम बारिश ने लोगों राहत दे दी। बारिश की वजह से देहरादून के तापमान में कमी दर्ज की गई।

चारधाम यात्रा में बढ़ी यात्रियों की संख्या, श्रद्धालुओं में नजर आ रहा उत्साह

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देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि चारधाम यात्रा सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से चल रही है। देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों में भी पर्यटकों की संख्या लगातार वृद्धि हो रही है।

सीजफायर के बाद तेज हुई बुकिंग, लौटी रौनक

सतपाल महाराज ने बताया कि भारत-पाक संघर्ष विराम के बाद अब हालात सामान्य होने पर एक बार पुनः चारधाम यात्रा को लेकर श्रृद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। सीजफायर के बाद अब एक फिर से चारधाम यात्रा को लेकर लोगों ने अपनी बुकिंग करवानी शुरू कर दी है। बुकिंग शुरू होने से टूर एवं ट्रेवेल्स इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी राहत मिली है। प्रयागराज से हरिद्वार, ऋषिकेश एवं देहरादून जाने वाली ट्रेनों में भी प्रतीक्षा सूची बढ़ गई है।

GMVN के गेस्ट हाउस में होने लगी बंपर बुकिंग

30 अप्रैल 2025 से प्रारम्भ हुई चारधाम यात्रा के पंजीकरण के तहत अभी तक ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के तहत 29 के लगभग यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। जबकि 8 लाख के लगभग श्रद्धालु अभी तक धामों में दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं। इसके अलावा जीएमवीएन के गेस्ट हाऊसों की बुकिंग के आधार पर कहा जा सकता है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब चारधाम का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 से शुरू हुई जीएमवीएन गेस्ट हॉउसों की ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के तहत अभी तक कुल 12,68,55,745 (बारह करोड़ अड़सठ लाख पचपन हजार सात सौ पैंतालीस) रुपये से अधिक की बुकिंग की जा चुकी है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा में दिख रहा उत्साह

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि आदि कैलाश व ओमपर्वत की यात्रा भी 02 मई 2025 से प्रारम्भ हो चुकी है। इसमें अब तक 3256 इनरलाईन परमिट जारी किये जा चुके हैं। जबकि 05 वर्षों के अंतराल के पश्चात कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून 2025 को दिल्ली से प्रारम्भ हो रही है। यात्रा में इस वर्ष कुल 250 यात्री प्रतिभाग कर सकेंगे। अंतिम बार यह यात्रा वर्ष 2019 में संचालित हुई थी। कोरोना महामारी के कारण इस यात्रा का संचालन नहीं हो सका।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा में 50-50 यात्रियों के कुल 05 दल जायेगें, प्रथम दल 10 जुलाई को लिपुलेख पास से होते हुए चीन में प्रवेश करेगा, अंतिम यात्रा दल 22 अगस्त को चीन से भारत लौटेगा। यात्रा का संचालन कुमायूँ मण्डल विकास निगम नैनीताल द्वारा किया जायेगा। इस बार यात्रा रूट टनकपुर से धारचूला होते हुए कैलाश मानसरोवर जायेगा तथा चौकोडी होते हुए अल्मोडा से वापसी करेगा, यात्रा हेतु यात्रियों का मेडिकल परीक्षण दिल्ली में ही किया जायेगा।

भारत से हारने की खुशी में मुनीर को पाक ने पहनाया हार: सतपाल महाराज

देहरादून। प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण,पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी एयर बेस और आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के साथ-साथ पाक को भारत से करारी शिकस्त मिली है। अपनी बर्बादी पर पर्दा डालने के लिए पाकिस्तान में भारत से मिली हार की खुशी में फील्ड मार्शल असीम मुनीर को हार पहनाकर पांच सितारा रैंक दूसरे फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोशन कर दिया। पाक की इस करतूत के बाद वह पूरी दुनिया में हास्य का पात्र बन गया है।

चर्तुथ राष्ट्र सिद्धांत की बात करे पाकिस्तान

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने पाक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने ‘द्वि-राष्ट्र सिद्धांत’ पर तंज़ कसते हुए कहा कि जिस प्रकार से पाकिस्तान में बलूचिस्तान, सिंध, पंजाब और पीओके के लोग स्वतंत्र होने की दशकों से मांग कर रहे हैं उसे देखते हुए पाक सेवा प्रमुख मुनीर को अब “चतुर्थ राष्ट्र सिद्धांत” की बात पर अमल करना चाहिए।

षडयंत्र की हवा निकाल दी

सतपाल महाराज ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि वह पाक स्थित आतंकी ठिकानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनायेगा, लेकिन जिस प्रकार से पाकिस्तान ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की असफल कोशिश की उससे सिद्ध हो गया है कि उसका इरादा हमारे रिहाइशी इलाकों पर हमला करने का था, परन्तु हमारी सेना ने पाक के नापाक एवं कुत्सित मंसूबों को भांप कर उसके षडयंत्र की हवा निकालकर रख दी।

उन्होंने कहा कि यह भारत अब पहले वाला भारत नहीं है। यह प्रधानमंत्री मोदी का भारत है, सशक्त सैन्य शक्ति सम्पन्न भारत है, आधुनिक तकनीकी से लैस एक शक्तिशाली और समृद्ध भारत है और यदि उसे कोई छेढ़ेगा तो वह उसे छोड़ेगा नहीं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने दुनिया को इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण दे दिया है।