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Uttarakhand Breaking News : सीएम धामी का बड़ा ऐलान, उत्तराखंड में विदेशी घुसपैठियों के खिलाफ चलेगा अभियान, मददगार भी निशाने पर

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उत्तराखंड में सीएम धामी ने बड़ा ऐलान कर दिया है। सीएम ने राज्य में विदेशी घुसपैठियों की पहचान के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अब ऐसे विदेशी घुसपैठियों की मदद करने वालों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होगी।

विदेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान, धामी सख्त

गुरुवार को देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस संगोष्ठी में सीएम धामी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने पुलिस विभाग को राज्य में गैर कानूनी तौर पर फर्जी प्रमाण पत्रों (फर्जी आधार कार्ड आदि ) के आधार पर रह रहे विदेशी घुसपैठिये के खिलाफ प्रशासन के साथ मिलकर एक व्यापक ड्राइव चलाकर तत्काल कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऐसे घुसपैठियों को फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में सहायता करने वाले लोगों के विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

ड्रग्स माफिया के खिलाफ हो सख्त कार्यवाही

इस मीटिंग में सीएम धामी ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की हिदायत देते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट किया कि राज्यवासियों का भरोसा बनाए रखना हमारी शीर्ष प्राथमिकता हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि उत्तराखण्ड पुलिस को आम जनमानस के साथ मित्रवत व्यवहार बनाए रखते हुए अपराधियों में भय का प्रकोप भी बनाए रखना हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनियाभर में उत्तराखण्ड की पहचान शान्तिपूर्ण राज्य की हैं लेकिन पुलिस प्रशासन को सर्तक रहना होगा कि अपराधिक तत्व इसे अपनी सुरक्षित पनाहगाह ना समझे तथा राज्य की शान्तिपूर्ण छवि का दुरूपयोग ना कर पाए। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस को अपनी कार्य संस्कृति में जरूरी बदलाव करते हुए जनता से संवाद बनाना होगा। उन्होंने सभी एसएसपी व एसपी को थानों में जनसुनवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि आम आदमी को तत्काल न्याय मिल सके।

कैंची धाम में 10 दिन में बने हेलीपैड

राज्य स्तरीय पुलिस संगोष्ठी के अवसर पर पुलिस मुख्यालय में लगभग तीन घण्टे से अधिक चली मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महानिदेशक से लेकर सभी एसपी-एसएसपी से उनके विभाग की स्थिति का अपडेट लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल एसएसपी से कैंची धाम की पार्किंग एवं ट्रैफिक व्यवस्था का अपडेट लेते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को कैंची धाम में अगले 10 दिन के भीतर हैलीपेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने कहा वे स्वयं 10 दिन बाद इस हैलीपेड में पहुंचेगे। उन्होंने कैंची धाम में पार्किंग एवं अन्य पर्यटन विकास कार्यों के प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

साइबर अपराधों पर भी सीएम धामी सख्त

साइबर अपराधों के मामले में विलम्ब से एफआईआर दर्ज होने के मामलों पर सख्ती से संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साइबर मामलों में अभी तक हुई रिपोर्टिंग एव कार्यवाहियों की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने इन मामलों में तत्काल कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएम ने साइबर क्राइम के सम्बन्ध में जन जागरूकता एवं अवेयनेस कैम्पेन चलाने के भी निर्देश दिए हैं।

पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश

पुलिस विभाग को सभी स्तरों पर कार्य संस्कृति में सुधार की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि थाना स्तर पर यदि कोई पुलिस कार्मिक जमीनों के प्रकरण सहित अन्य अवैध कार्यवाही में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए कोई स्थान नही हैं।

सीएम धामी ने पुलिस कार्मिकों की सुविधाओं के लिए थानों के आसपास ही आवासीय सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए हैं। उन्होंने थानों के आधुनिकीकरण की कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

विशेषरूप से देहरादून में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की रिपोर्ट तलब करते हुए लेते हुए सीएम धामी ने पूरे प्रदेश में सीसीटीवी की आवश्यकताओं के आंकलन की जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव गृह एव डीजीपी को ऊधमसिंह नगर में प्रस्तावित फाॅरसेनिक लैब की स्थापना के सम्बन्ध में तत्काल भारत सरकार से प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी एसएसपी एवं एसपी से उनके द्वारा गोद लिए गए थानों की स्थिति में भी जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि गोद लिए थानों की स्थिति पर निरन्तर निरीक्षण करते हुए सुधार कार्य जारी रखे।

पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को नैनीताल में अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था एवं शटल सेवा आरम्भ करने के सम्बन्ध में तत्काल परिवहन विभाग के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान अधिकारी ट्रेफिक व्यवस्था व पार्किंग व्यवस्था में ऐसा बेहतरीन माॅडल स्थापित करे ताकि उनकी व्यवस्था बेस्ट प्रेक्टिसेज में मानी जाए तथा अन्य राज्यों द्वारा भी अपनायी जाए।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन सीजन एवं चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों सहित अन्य सभी प्रकार की डाटा के संग्रह की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि नीति नियोजन एवं अन्य रणनीति बनाने में सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसका व्यवस्थित संग्रहण जरूरी है। उन्होंने चारधाम मार्गों सहित सभी महत्वपूर्ण मार्गों में आगे के रूट पर ट्रैफिक की व्यवस्था की जानकारी के लिए डिस्पले बोर्ड एवं एसएमएस की व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में खेलों को बढ़ावा देने की कवायद, सीएम धामी ने दे दिया ये बड़ा आदेश

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उत्तराखंड में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई कवायद शुरू कर दी है। सीएम धामी ने राज्य में की समस्त विधानसभाओं में विधायक खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि इससे खिलाड़ियों को एक मंच के साथ ही नई प्रतिभाओं को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।

ई कल्चर को पी कल्चर में बदलने की कोशिश

गुरुवार को सचिवालय में युवा कल्याण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक ली है। इस बैठक में सीएम धामी ने बड़ा संदेश दिया है। सीएम ने अधिकारियों को आह्वान किया है कि युवाओं में बढ़ते ई-कल्चर ( इलेक्ट्रॉनिक संस्कृति) को पी-कल्चर ( प्ले ग्राउंड संस्कृति) में बदला जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को खेलों से जोड़ा जाए। युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें साहसिक खेल गतिविधियों का प्रशिक्षण, सेना, अर्द्धसेना और पुलिस बलों में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण दिया जाए। उनके बेहतर भविष्य के लिए परामर्श केंद्र स्थापित कर उन्हें, शिक्षा, रोजगार और अन्य पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाए। युवाओं में नशे की प्रवृति को रोकने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम किये जाए।

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का हो रखरखाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की समस्त खेल परिसंपत्तियों को अधिकतम उपयोग में लाने के साथ ही उनके रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के सभी बहुद्देशीय हॉल में खेल गतिविधियों के साथ ही स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित होती रहे। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अच्छे प्रशिक्षण के साथ ही अधिकतम सुविधा देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव को गेम चेंजर योजनाओं की नियमित समीक्षा के भी निर्देश दिए। सीएस पूर्व से चल रही योजनाओं में सुधार के लिए बनाई गई कार्ययोजना की अपने स्तर से समीक्षा करेंगे। जिससे योजनाओं को बेहतर तरीके से धरातल पर क्रियान्वयन किया जाएगा और पात्र व्यक्तियों को अधिकतम लाभ मिलेगा।

उत्तराखंड में सड़कों के नाम बदलने का नया नियम जारी, अब करना होगा ये काम

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उत्तराखंड में अब सड़कों के नाम बदलना आसान नहीं होगा। सरकार ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया को और सख्त बना दिया है। अब उत्तराखंड में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने के लिए शासन की अनुमति लेनी होगी।

बिना अनुमति नहीं बदलेगा नाम

उत्तराखंड में अब नगर निकायों के अन्तर्गत सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों के नाम परिवर्तन किये जाने के लिये शासन की अनुमति लेनी जरूरी होगी। इस संबंध में अपर सचिव शहरी विकास गौरव कुमार ने राज्य के सभी नगर आयुक्तों, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दे दिया है।

इस पत्र में स्पष्ट किया गया है, कि कतिपय निकायों द्वारा शासन की अनुमति प्राप्त किये बिना सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों के नाम परिवर्तित किये जा रहे हैं। अब स्थानीय निकायों द्वारा सडकों एवं सार्वजनिक स्थानों के नाम परिवर्तित किये जाने सम्बन्धी प्रस्तावों पर शासन की अनुमति प्राप्त की जाए तथा शासन की अनुमति के बाद ही नाम परिवर्तन कार्यवाही की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

हो चुकी है किरकिरी

दरअसल हाल ही में राज्य में कुल 17 स्थानों के नाम बदलने का आदेश जारी किया था। इसमें देहरादून का मियांवाला का नाम भी शामिल था। मियांवाला का नाम रामजीवाला करने का ऐलान किया गया था। इसके बाद मियांवाला इलाके के लोगों ने विरोध किया और मुख्यमंत्री से नाम न बदले जाने का अनुरोध किया। इसके बाद सीएम के हस्तक्षेप के बाद मियांवाला का नाम यथावत रखा गया। हालांकि इसी विवाद ने सरकार की किरकिरी करा दी थी। सरकार को किरकिरी से बचाने के लिए खुद सीएम को आगे आना पड़ा तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।

उत्तराखंड के बच्चों ने जीता गोल्ड मेडल, धामी ने मिलकर बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में स्कूल गेम्स फेड़रेशन ऑफ इण्डिया से सम्बद्ध विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित 35वें राष्ट्रीय खेलकूद टेबल टेनिस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाली सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज ज्योतिर्मठ चमोली के छात्रों की टीम ने भेंट की।

सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने विजेता टीम के सदस्य छात्रों को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं छात्रों में अनुशासन की भावना के साथ शारीरिक व मानसिक स्वस्थता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक छात्र खेलों के प्रति जागरुक होकर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी बनें, इसके लिये राज्य की खेल नीति तैयार की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर रतनगढ़ राजस्थान में आयोजित 35वें राष्ट्रीय खेल कूद टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 14 छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक तथा टी.टी. कोच विजय कुमार अग्रवाल सीनियर वेटरन खिलाडी देवेन्द्र कांडपाल आदि उपस्थित थे।

प्रतियोगी छात्रों में केशव चौहान, प्रियांशु नेगी, अनमोल, शार्दुल नेगी, सिद्धार्थ नेगी, समीर, शौर्य भट्ट, आयुष राणा तथा छात्राओं में अदिति नेगी, जोया पंवार, खुशी नेगी, विभूति चौहान, दिया, एवं अंशिका नेगी शामिल थी।

ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल परियोजना : उत्तराखंड में बनी देश की सबसे लंबी रेल सुरंग, इतिहास में दर्ज हुई तारीख

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भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग का बुधवार को सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू हो गया है। ये सुरंग उत्तराखंड में ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत देवप्रयाग सौड से जानसु तक बनाई गई है। इस सुरंग के ब्रेकथू के मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे।

देश की लंबी रेल सुरंग का ब्रेक थू

उत्तराखंड के साथ ही पूरे भारत के रेल इतिहास के लिए 16 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक रहा है। 16 अप्रैल को भारतीय रेल की सबसे लंबी रेल सुरंग का ब्रेक थू किया गया है। रेल विकास निगम लिमिटेड ने ये उपलब्धि हासिल की है। देवप्रयाग सौड से जानसु तक ये रेल सुरंग बन कर तैयार हो गई है।

मील का पत्थर साबित होगी ये सुरंग

केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सुरंग के सफल ब्रेकथ्रू पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों को बधाई दी। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है और जल्द ही इस रेल लाइन पर संचालन शुरू होने की उम्मीद है। यह परियोजना राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह (देवप्रयाग सौड़ से जनासु तक) 14.57 किलोमीटर लंबी रेलवे सुरंग उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि पूरे भारत में सबसे लंबी सुरंग है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पहल पर यह पहली बार है जब देश के पहाड़ी इलाकों में रेल सुरंग बनाने के लिए टीबीएम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

ऐसी है देश की लंबी रेल सुरंग

यह रेल सुरंग उत्तराखंड की 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना से जुड़ी है। यह रेल परियोजना 105 किलोमीटर तक सुरंग के अंदर बनी है। इसमें ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक कुल 16 सुरंगे हैं। 9.11 मीटर व्यास वाली सिंगल-शील्ड रॉक टीबीएम के जरिए इस टनल का निर्माण किया गया है। ये सुरंग तकरीबन 14 किलोमीटर लंबी है और ये देवप्रयाग सौड को जानसु से कनेक्ट कर रही है।

ऐतिहासिक उपलब्धि पर सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सुरंग उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में एक अहम भूमिका निभाएगी। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई गति देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा और गति मिली है। देवप्रयाग-सोड़ से श्रीनगर जनासु तक की यह सुरंग तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि है और यह दिखाती है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हम विकास के कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे भी हो चुका है जल्द ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

धामी कैबिनेट बैठक में हुआ ये बड़ा फैसला, पहाड़ के किसानों की बदलेगी किस्मत, स्कूली बच्चों के लिए भी हुआ बड़ा ऐलान

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उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। कैबिनेट ने जहां राज्य में सेब, कीवी, मोटे अनाज और ड्रैगन फ्रूट की खेती करने पर 80 फीसदी तक सब्सिडी देने का ऐलान कर दिया है वहीं राज्य से सरकरारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी धामी सरकार ने बड़ी घोषणा की है।

धामी कैबिनेट बैठक के फैसले, खेती किसानी की चर्चा

उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य में खेती किसानी को नई दिशा देने के लिए कमर कस ली है। राज्य में पहली बार बाजार की मांग पर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। सोमवार को सचिवालय में हुई धामी कैबिनेट की बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। इसमें खेती को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसला लिया गया है।

धामी कैबिनेट बैठक में मंजूर हुई कीवी नीति के तहत सरकार ने राज्य में 2030-32 तक 3300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 33 हजार मीट्रिक टन कीवी का उत्पादन करने का लक्ष्य बनाया है। वर्तमान में 682 हेक्टेयर में 381 मीट्रिक टन कीवी का उत्पादन हो रहा है। नीति के तहत 50 से 70 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत सॉर्टिंग व ग्रेडिंग इकाई स्थापित करने के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। वहीं, सेब की तुड़ाई के बाद प्रबंधन योजना को मंजूरी दी गई है।

उत्तराखंड में होगी ड्रैगन फ्रूट की खेती, मिलेगी सब्सिडी

कैबिनेट ने ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत एक एकड़ में ड्रैगन की खेती पर आठ लाख रुपये की लागत आएगी। इसके लिए योजना में 80 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

मोटा अनाज नीति पर भी मुहर लगाई

कैबिनेट उत्तराखंड राज्य मोटा अनाज नीति पर मुहर लगा दी है। नीति में चयनित मोटे अनाज के बीज और जैव उर्वरक, जैव कीटनाशक, जिंक, सूक्ष्म पोषक तत्व पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। पहले चरण में 2025-26 से 2027-28 तक चयनित 24 विकासखंडों में 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर, दूसरे चरण में वर्ष 2028-29 से 2030-31 तक 44 विकासखंडों में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में मोटे अनाज की खेती होगी।


सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए की घोषणा

प्रदेश के सरकारी और अशासकीय स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ रहे 10 लाख छात्रों को मुफ्त कॉपियां मिलेंगी। कैबिनेट ने प्रस्ताव में मुहर लगा दी है। बता दें कि अब तक इन बच्चों को प्रदेश में मुफ्त किताबें देने का ही प्रावधान था।

अब DM को मिलेंगे और अधिकार

कैबिनेट ने आपदा प्रबंधन के तहत कराए जाने वाले कार्यों में जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए हैं। आपदा आने पर राहत और बचाव कार्यों में जिलाधिकारी को अब एक करोड़ रुपये तक खर्च करने का अधिकार होगा। जिलाधिकारियों को अभी तक 20 लाख रुपये तक का अधिकार था। इसी तरह आपदा से निपटने को मंडलायुक्त के वित्तीय अधिकार एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है।

धामी कैबिनेट के फैसले, इन पर भी लगी मुहर

  • यूसर्क का यूकॉस्ट में विलय को मंजूरी, नाम यूकॉस्ट रहेगा।
  • लेखा विभाग के सभी कर्मचारी लेखा एवं हकदारी के अधीन आएंगे।
  • हर जिले में संस्कृत गांव के लिए प्रति माह 20 हजार रुपये मानदेय पर प्रशिक्षक रखेंगे।
  • यूएसनगर जिले के सिरौली कलां की नगर पालिका बनाने को मंजूरी।
  • उत्तराखंड आवास विकास परिषद के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी।
  • मेगा औद्योगिक नीति को जून तक बढ़ाने को मंजूरी।
  • उत्तराखंड संस्कृत विवि के लिए यूजीसी के अधिनियम लागू।
  • उत्तराखंड प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण नियमावली में संशोधन को मंजूरी।
  • रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अब प्रमोटर्स से सड़क पार्क आदि का क्षेत्र ले सकेगी, एग्रीमेंट में स्टांप शुल्क में 10 हजार की छूट।
  • देहरादून में रिस्पना पुल के किनारे शिखर फॉल से मोथरोवाला तक बाढ़ क्षेत्र अधिसूचित करने को मंजूरी।
  • सिंचाई विभाग में वैज्ञानिक संवर्ग में प्रतिरूप सहायक का वेतन 1900 से बढ़ाकर 2400 रुपये को मंजूरी।
  • सिंचाई विभाग में नलकूप मिस्त्री से जेई के पद पर पदोन्नति के 24% पदों के लिए अर्हता डिप्लोमा के बजाय आईटीआई होगी।
  • यूसीसी के तहत स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन विभाग के सब रजिस्ट्रार अब वसीयत के साथ शादी व तलाक के रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत होंगे।
  • सीवर सफाई के दौरान मृत, दिव्यांग होने वालों के बच्चों को भी समाज कल्याण विभाग छात्रवृत्ति देगा।
  • आईटीडीए के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी, पद 45 से 54 हुए।
  • खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग में औषधि आयुक्त को औषधि नियंत्रक किया।
  • पैक्स के कैडर सचिव की सेवाओं के लिए उत्तराखंड बहुउद्देश्यीय कर्मचारी सेवा नियमावली मंजूर।
  • पंचम विधानसभा के सत्रावसान को दे दी गई है मंजूरी।
  • यूएसनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए एयरपोर्ट अथारिटी को 11 हेक्टेयर जमीन निशुल्क मिलेगी।
  • विश्व बैंक पोषित अद्धनगरीय क्षेत्रों की पेयजल योजना का खर्च 1042 करोड़ किया।

राजजात यात्रा : लोकउत्सव के रूप में होगा आयोजन, सीएम धामी कर रहे निगरानी

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2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा को लोक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। स्थानीय लोगों की यात्रा में अधिकतम सहभागिता हो और सरकार सहयोगी की भूमिका में रहे। नन्दा देवी राजजात यात्रा से संबंधित अभिलेखों को संरक्षित किया जाएगा। यात्रा के अभिलेखों को लिखने एवं उनका संरक्षण गढ़वाल एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय की मदद से किया जाएगा। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नन्दा राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में दिए।

उत्तराखंड की धरोहर है नंदा राजजात यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा उत्तराखंड की धरोहर है। उन्होंने अधिकारियों को नन्दा देवी राजजात यात्रा का देश विदेश में व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी संपूर्ण विश्व में नन्दा देवी राजजात यात्रा को पहुंचाया जाएगा, साथ ही उन्हें इस यात्रा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इस यात्रा के माध्यम से विदेशों से भी उत्तराखंड को जोड़ते हुए इसे ऐतिहासिक रूप देना है। उन्होंने कहा कि राजजात यात्रा में उत्तराखंड की संस्कृति, परम्परा, वेशभूषा, वाद्य यंत्रों की छाप दिखनी चाहिए। इसके लिए संस्कृति विभाग को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग लोक कलाकारों के लिए इस प्रकार की व्यवस्था बनाए जिससे उनको लगातार भुगतान हो।

लिए जाएंं सबके सुझाव, बेहतर हो संचालन

मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को यात्रा से जुड़े हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझाव को भी कार्ययोजना में शामिल करने की बात कही। जिससे बेहतर तरीके से यात्रा का संचालन हो। उन्होंने कहा कि यात्रा का मार्ग उच्च हिमालयी क्षेत्र और संवेदनशील है। यात्रा में बेहतर भीड़ प्रबंधन, पर्यावरण की दृष्टि से आपदा प्रबंधन, सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए एसओपी बनाई जाए। यात्रा मार्ग के साथ ही वैकल्पिक मार्गो का चिन्हीकरण और सुधार, आबादी वाले गांव में छोटी छोटी पार्किंग, पेयजल, शौचालय, इको टेंट कॉलोनी, गाड़- गदेरो का सौंदर्यीकरण, विद्युत आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्ग में बेहतर नेटवर्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग में अस्थाई और स्थाई कार्यों को चिन्हित करते हुए स्थाई संरचनाओं की एक माह के भीतर शासकीय स्वीकृति प्रदान कराते हुए कार्य शुरू कराने के भी निर्देश दिए। आपदा विभाग को भू स्खलन वाले क्षेत्रों के चिन्हीकरण के साथ ही आवश्यतानुसार मार्ग में पर्याप्त मात्रा में जेसीबी, पोकलैंड के साथ ही ऑपरेटर तैनात रखने के भी निर्देश दिए।

IPL 2025: दिल्ली कैपिटल्स की लगातार चौथी जीत, RCB को 6 विकेट से हराया

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आईपीएल 2025 के रोमांचक सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 6 विकेट से हराकर अपनी लगातार चौथी जीत दर्ज की। कप्तान केएल राहुल ने बल्ले से कमाल दिखाते हुए नाबाद 93 रन बनाकर मैच का पासा पलट दिया।


🔴 RCB की पारी – अच्छी शुरुआत, धीमा अंत

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी RCB की टीम ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन मिडिल ऑर्डर की नाकामी और कुलदीप यादव की कसी हुई गेंदबाज़ी के चलते टीम 20 ओवर में 163/7 पर सिमट गई।

🔹 टिम डेविड ने 20 गेंदों में 41 रन की तेज़ पारी खेली
🔹 विराट कोहली और रजत पाटीदार ने क्रमशः 22 और 25 रन बनाए
🔹 DC के गेंदबाज़ों ने डेथ ओवर्स में रन रोके


🔵 DC की पारी – राहुल की क्लासिक पारी

दिल्ली की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही, और टीम ने पावरप्ले में जल्दी 4 विकेट गंवा दिए। लेकिन केएल राहुल की शानदार कप्तानी पारी और ट्रिस्टन स्टब्स की मदद से टीम ने 13 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।

🔹 केएल राहुल – नाबाद 93 रन, 57 गेंदों में
🔹 ट्रिस्टन स्टब्स – नाबाद 38 रन, 21 गेंदों में
🔹 दोनों ने मिलकर 100+ रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की


🌟 प्लेयर ऑफ द मैच – केएल राहुल

असाधारण संयम और क्लासिक शॉट्स के साथ राहुल ने नाबाद 93 रन बनाकर मैच को एकतरफा बना दिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।


📊 RCB vs DC Scoreboard (मैच 24, IPL 2025)

टीमस्कोरओवर
RCB163/720 ओवर
DC164/417.5 ओवर

🔸 RCB बल्लेबाज़ी

बल्लेबाज़रन (गेंद)
टिम डेविड41 (20)
रजत पाटीदार25 (23)
विराट कोहली22 (17)

🔸 DC गेंदबाज़ी

गेंदबाज़विकेट
कुलदीप यादव2 विकेट
विप्रज निगम2 विकेट
मोहित शर्मा1 विकेट

🔸 DC बल्लेबाज़ी

बल्लेबाज़रन (गेंद)
केएल राहुल93* (57)
ट्रिस्टन स्टब्स38* (21)

🔸 RCB गेंदबाज़ी

गेंदबाज़विकेट
यश दयाल1 विकेट
भुवनेश्वर कुमार1 विकेट

📈 पॉइंट्स टेबल पर असर

इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने खुद को टॉप-2 में मज़बूती से बनाए रखा है। वहीं RCB को लगातार हारों से उबरने के लिए टीम कॉम्बिनेशन पर फिर से काम करना होगा।

उत्तराखंड में पुराने कुओं को लेकर धामी सरकार ने बनाया ये नया प्लान, दिए निर्देश

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उत्तराखंड में पुराने कुओं को लेकर धामी सरकार ने प्लान बनाया है। सीएम धामी ने ऐसे दशकों पुराने कुओं के जीर्णोधार के निर्देश दिए हैं। अब इन कुओं की देखरेख की जाएगी और इन्हे पुनर्जीवित किया जाएगा।

बरसात से पहले उत्तराखंड के कुओं की हो सफाई

कुएं प्राचीन काल से गांवों से लेकर शहरों में तक मीठे और साफ पानी के स्रोत रहे हैं, कुंए धार्मिंक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण होते हैं, कई जगह कुंए एतिहासिक घटनाओं के भी गवाह हैं। लेकिन समय के साथ जलापूर्ति की व्यवस्था बदलने से कुंओं का उपयोग घटता चला गया, वर्तमान में कई जगह कुएं अतिक्रमण या उपेक्षा के शिकार हो चुके हैं। लेकिन अब प्रदेश सरकार एक बार फिर कुओं का रख -रखाव करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरसात से पहले कुओं की व्यापक सफाई करते हुए, इन्हें पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए कुओं की साफ सफाई करते हुए, पुनर्जीवित किया जाएगा।

सारा के तहत जलस्रोतों को बचाने का प्रयास

प्रदेश सरकार गेम चेंजर योजना के तहत स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) के जरिए, जल स्रोतों के संरक्षण का प्रयास कर रही है। जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत कुल 6350 क्रिटिकल – सूखे जल स्रोतों को चिन्हित करते हुए, पेयजल और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण 929 स्रोतों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज के लिए 297 रिचार्ज शॉफ्ट निर्मित किए जा चुके हैं। गत वर्ष विभिन्न जल संचय और संग्रहण संरचनाओं के निर्माण से 3.21 मिलियन घन मीटर वर्षा जल रिचार्ज किया गया।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया था आग्रह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर दिए अपने भाषण में राज्यवासियों से अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के अभियानों को गति देने का आग्रह व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उत्तराखंड में अपने नौलों धारों को पूजने की परंपरा रही है,प्रदेश सरकार इसी क्रम में कुओं को भी संरक्षित करने का अभियान शुरू करने जा रही है।

कुंए हमारी सभ्यता के अहम अंग रहे हैं। शहरों से लेकर गांवों तक कई प्राचीन कुंए हैं। हमारा प्रयास है कि इन्हें फिर प्रयोग में लाया जाए, इससे जल संरक्षण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वच्छ जल के प्राकृतिक स्रोत भी संरक्षित हो सकेंगे। पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में गिरावट, राष्ट्रीय औसत से भी हुई कम

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उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड गिरावट हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार ने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। सरकार की ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही हैं। सीएम धामी ने कहा कि ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे।

उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाना है …

समस्त राज्यवासियों का आह्वाहन करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मनाने के साथ ही अपने प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान दे, तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।

आने वाली हैं कई बड़ी जिम्मेदारियां

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के प्रोत्साहन से राज्य में आदि कैलाश एवं शीत कालीन यात्रा को नई गति मिली है। राज्य सरकार पर वर्ष 2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की बड़ी जिम्मेदारी है।

तीन साल में हासिल की कईं उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विगत 3 वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उत्तराखण्ड में लिए जा रहे निर्णय देश के लिए आदर्श बन रहे हैं ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह बड़े गर्व का विषय है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। अभी हाल ही में, हमारे यहां आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मेडल लाकर देशभर में 7वा स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने में सफलता प्राप्त की है।

UCC ने देश के सामने प्रस्तुत किया आदर्श

सीएम धामी ने कहा कि हमने उत्तराखंड में सबसे पहले समान नागरिक सहिंता लागू करके, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद , लव जिहाद और थूक जेहाद के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं रसूखदार भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाने से हम पीछे नहीं हटे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।

तेजी से बदल रहे हैं परिदृश्य

सीएम ने कहा कि आज रोजगार के परिदृश्य तेज़ी से बदल रहे हैं। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, साथ ही स्टार्टअप की सहायता हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की भी व्यवस्था की गई है। हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें। उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा नहीं, बल्कि प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो, जहाँ हमारे गांव आत्मनिर्भर हों और तकनीकी संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो। ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र के साथ हमारी सांस्कृतिक पहचान और भी समृद्ध बने ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उस पर गर्व करें। हमारी सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है| इस मौके पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, डायरेक्टर एसओए रवि भटनागर प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक उपस्थित थे।