Rajesh exports scam : राजेश एक्सपोर्ट्स घोटाला क्या है ? SEBI ने क्यों लगाया बैन ? क्या है LIC से कनेक्शन ?, पढ़िए पूरी जानकारी

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बिजनेस डेस्क: भारत के शेयर बाजार में राजेश एक्सपोर्ट्स घोटाले (Rajesh Exports scam) की गूंज है। पूरा बाजार इस कथित घोटाले से सहमा हुआ है। बाजार के जानकारों की माने तो इस कथित घोटाले के सामने आने के बाद अगले कुछ दिनों तक बाजार में असमंजस की हालत बनी रहेगी। राजेश एक्सपोर्ट्स के ऊपर बैन लगाए जाने के बाद ही एलआईसी LIC के शेयरों में भी मंदी आई है। दरअसल एलआईसी ने राजेश एक्सपोर्ट्स में पैसा लगा रखा है। आइए समझते हैं कि राजेश एक्सपोर्ट्स घोटाला क्या है और राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी ने बैन क्यों लगाया है ?

SEBI के कदम से दहला बाजार

भारतीय शेयर बाजार और कॉर्पोरेट जगत इस वक्त एक ऐसी खबर से दहल उठा है जिसने निवेशकों के पैरों तले जमीन खिसका दी है। देश की सबसे बड़ी सोना निर्यातक कंपनियों में से एक, Rajesh Export और इसके प्रमोटर राजेश मेहता पर मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए राजेश मेहता के शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने पर अगले 3 साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद गूगल पर Rajesh Export लगातार ट्रेंड कर रहा है।

क्या है राजेश एक्सपोर्ट्स का पूरा मामला ?

बाजार नियामक सेबी (SEBI) की शुरुआती जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। सेबी के मुताबिक, कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 से लेकर वित्त वर्ष 2025 के बीच अपने वित्तीय बही-खातों (Financial Accounts) में कथित तौर पर ₹15.15 लाख करोड़ की भारी हेराफेरी की है।

आरोप है कि Rajesh Export ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत और आकर्षक दिखाने के लिए अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। सेबी के 109 पन्नों के आदेश के अनुसार, कंपनी ने जो टर्नओवर दिखाया था, उसका लगभग 99.8% हिस्सा कथित रूप से भ्रामक या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया था।

सेबी की जांच में सामने आए 4 बड़े बिंदु:

  • विदेशी कंपनियों का मायाजाल: कंपनी ने दावा किया था कि उसका अधिकांश बिजनेस स्विट्जरलैंड स्थित सब्सिडियरी ‘वैलकैम्बी’ (Valcambi) और अन्य विदेशी इकाइयों से आता है। हालांकि, जांच में इन दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर पाया गया।
  • निजी ट्रेडिंग को बताया कंपनी का टर्नओवर: रिपोर्ट के अनुसार, प्रमोटर राजेश मेहता ने अपने पर्सनल अकाउंट से किए गए करीब ₹11,487 करोड़ के डेरिवेटिव सौदों को कंपनी की खरीद-बिक्री के रूप में दर्ज कर दिया था।
  • फंड डाइवर्जन का आरोप: रेगुलेटर ने कंपनी के पैसों को प्रमोटर से जुड़ी अन्य संस्थाओं में ट्रांसफर करने (गबन) के भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • डेटा छिपाने की कोशिश: फोरेंसिक ऑडिट के दौरान कंपनी प्रबंधन ने डेटा प्रोटेक्शन कानूनों की आड़ लेकर जरूरी दस्तावेज और वित्तीय डेटा शेयर करने से मना कर दिया था।

LIC और आम निवेशकों की अटकी सांसें

इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर Rajesh Export के शेयरों पर पड़ा है। जैसे ही यह खबर बाजार में फैली, स्टॉक में 5% का लोअर सर्किट लग गया और शेयर की कीमत गिरकर ₹103.92 के स्तर पर आ गई।

इस गिरावट से सबसे बड़ा झटका देश की दिग्गज सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) को लगा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, Rajesh Export में LIC की करीब 10.8% की बड़ी हिस्सेदारी है। एलआईसी के साथ-साथ देश के हजारों रिटेल निवेशकों (Retail Investors) की गाढ़ी कमाई भी इस स्टॉक में फंसी हुई है, जिससे निवेशकों में भारी चिंता का माहौल है।

कंपनी ने दी सफाई: “यह सिर्फ कम्युनिकेशन गैप है”

इस बड़े विवाद और सेबी की कार्रवाई पर Rajesh Export प्रबंधन और राजेश मेहता की ओर से भी बयान जारी किया गया है। कंपनी ने वित्तीय धोखाधड़ी और आंकड़ों की हेराफेरी के सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि यह पूरा मामला सेबी और उनके बीच केवल एक कम्युनिकेशन गैप‘ (बातचीत की कमी) की वजह से खड़ा हुआ है। वे जल्द ही नियामक के समक्ष सभी सही और पुख्ता दस्तावेज पेश कर अपनी स्थिति साफ करेंगे।

भारत का नया ‘सत्यम घोटाला’ है?

यदि सेबी की अंतिम जांच में ये आरोप शत-प्रतिशत सही साबित होते हैं, तो इसे भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जाएगा। फिलहाल बाजार के जानकारों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी आने वाले दिनों में अपने खातों को कैसे री-स्टेट (दुरुस्त) करती है और कोर्ट या सेबी से उसे क्या राहत मिलती है।

Rajesh Exports controversy in short

This downturn has hit India’s leading public insurance giant, LIC, pretty hard, with recent figures showing LIC holds about 10% in Rajesh Export. Amidst this major controversy and SEBI’s actions, the Rajesh Export management and Rajesh Mehta have issued statements, completely denying all allegations of financial fraud and data manipulation.

They insist this whole issue is just a result of a communication gap with SEBI and plan to present all the correct documents to clear things up soon. If SEBI’s final investigation substantiates these claims, it could be marked as one of the biggest financial scandals in Indian corporate history. Now, everyone’s watching closely to see how the company plans to rectify its accounts and if it gets any relief from the court or SEBI.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास में बनेगा 3 B garden, सीएम धामी ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (3B Garden) (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया गया। इस उद्यान का विकास मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परागण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। उद्यान के आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।

जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा

इस विशेष उद्यान के निर्माण से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा। साथ ही आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह उद्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को इस प्रकार के उद्यान के विकास करने के निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया था। उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी एवं पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।

परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं वृद्ध वृक्षों के समीप नवीन पौधों के रोपण का कार्य भी प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता तथा पया प्रजाति के पौधों का रोपण भी विगत वर्ष से किया जा रहा है, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक शोभा एवं विशिष्टता को बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने परिसर में संचालित पर्यावरणीय एवं जैव विविधता संवर्धन संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

CM Dhami news: अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए सीएम धामी, लेने लगे सीधे जनता से जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को अचानक ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण करने पहुंच गए। सीएम धामी (CM Dhami news) ने चारधाम यात्रा एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं से यात्रा का फीडबैक भी लिया।

रजिस्ट्रेशन के लिए न करना पड़े इंतजार

मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए की गई पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए की श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए इंतजार ना करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का निरीक्षण कर यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने को बात कही। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का “अतिथि देवो भव:” की भावना के साथ स्वागत करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

यात्रियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास एवं अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताया।

कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

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धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण की भी सराहना

ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण एवं महाभारत के प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है। उत्तर प्रदेश से आई कामिनी ने कहा कि “वह गुरुवार से अपनी चार धाम यात्रा शुरू करेंगी। आज सुबह उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। वह सुबह से ही ट्रांसिट कैंप में बैठी हैं, वहां कूलर, पंखे, पानी की पर्याप्त व्यवस्था है उन्होंने बताया साथ ही टीवी में रामायण चलने से उनका समय भी अच्छा बीत रहा है।”

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आए शुभम ने बताया कि “वो अपने 3 दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा से वापस ऋषिकेश लौटे आए हैं, आज सुबह से ही वह ट्रांजिट कैंप में हैं। उन्होंने अपनी यात्रा शुरू भी ट्रांसिट कैंप से की थी, जहां उन्हें सुविधा इतनी अच्छे लगी की वह लौटते समय भी यहां ठहरने के लिए आए हैं”। मध्य प्रदेश से आए ओमप्रकाश ने बताया कि वह भी सुबह ही ट्रांजिट कैंप पहुंचे हैं और आगे की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ट्रांजिट कैंप में ही अपना भोजन किया और स्वास्थ्य जांच करवाई। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।

स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा

ट्रांजिट कैंप परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निरंतर लंगर एवं नि:शुल्क भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। एक ओर जहाँ स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को भोजन की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कैंप परिसर में स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं स्वरोजगार से जुड़े सामान यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

HDFC Bank Crisis: HDFC Bank के शेयरों में भारी गिरावट, 45 करोड़ के इस भुगतान ने बढ़ाई आफत, MD-CEO भी रडार पर!

HDFC Bank Crisis: शेयर बाजार में आज बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी HDFC बैंक के निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। बुधवार के कारोबारी सत्र में बैंक के शेयर करीब 2 प्रतिशत तक टूट गए। इस भारी गिरावट के पीछे ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट है, जिसने बैंक के अंदरूनी कामकाज और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिससे देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक के शेयरों में खलबली मच गई।

क्या है 45 करोड़ का ‘इंटरेस्ट स्कैम’ मामला?

दरअसल, यह पूरा विवाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को किए गए 45 करोड़ रुपये के ब्याज भुगतान से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC बैंक ने MSRDC की जमा राशि पर ‘डिफरेंशियल इंटरेस्ट’ (अलग-अलग ब्याज) के रूप में यह भुगतान किया था।

लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि इस पैसे को सीधे ब्याज के तौर पर देने के बजाय, बैंक के मार्केटिंग विभाग के जरिए घुमाया गया। इस रकम को चार स्थानीय वेंडरों के माध्यम से ‘सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान’ में योगदान (Contribution) के रूप में दिखाया गया, जिसने आंतरिक ऑडिट में शक पैदा कर दिया।

MD और CEO शशिधर जगदीशन पर तय हुई जवाबदेही!

इस मामले में सबसे बड़ा झटका बैंक के शीर्ष प्रबंधन को लगा है। 12 मार्च को बैंक के बोर्ड की ऑडिट कमेटी ने इस पूरे लेन-देन पर सवाल उठाते हुए आंतरिक सतर्कता जांच (Internal Vigilance Inquiry) के आदेश दिए थे।

इस जांच की जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें कथित तौर पर बैंक के MD और CEO शशिधर जगदीशन समेत कई बेहद सीनियर अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। इस खबर के बाहर आते ही निवेशकों का भरोसा डगमगा गया और बाजार खुलते ही शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई।

पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती का ‘अचानक इस्तीफा’ और नैतिकता का सवाल

इस विवाद के तार बैंक के पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे से भी जुड़ रहे हैं। अतानु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

इस्तीफा देते वक्त उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और काम करने के तरीके (Practices) सामने आए हैं, जो उनके निजी मूल्यों और नैतिकता (Ethics) के मेल नहीं खाते। अब इस नई रिपोर्ट से साफ हो रहा है कि उनके इस्तीफे की असली वजह यही सतर्कता जांच थी।

शेयर बाजार में मची हलचल: 761 रुपये के पास पहुंचा भाव

इस निगेटिव खबर का असर आज HDFC बैंक के स्टॉक पर साफ देखा जा रहा है। दोपहर के कारोबारी सत्र में NSE पर शेयर 14.80 रुपये (1.90%) की गिरावट के साथ 764 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था।

आज के अहम आंकड़े:

  • दिन का हाई (High): ₹773.90
  • दिन का लो (Low): ₹761.25
  • ट्रेडिंग वॉल्यूम: खबर लिखे जाने तक 2.64 करोड़ से ज्यादा शेयरों का कारोबार हो चुका था।

निवेशकों की बढ़ी टेंशन: 1 साल में 20% से ज्यादा टूटा शेयर

HDFC बैंक का शेयर पिछले काफी समय से दबाव में है, और इस नए विवाद ने आग में घी का काम किया है। अगर इसके पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो निवेशकों को लगातार नुकसान उठाना पड़ा है:

समय सीमारिटर्न/गिरावट
पिछले 1 महीने में-3.49%
पिछले 3 महीने में-14.14%
इस साल अब तक (YTD)-23.10%
पिछले 1 साल में-20.87%
पिछले 3 साल में-5.68%

निवेशकों के लिए अब आगे क्या?

DISCLAIMER: बैंकिंग सेक्टर में कॉर्पोरेट गवर्नेंस या मैनेजमेंट से जुड़ी कोई भी निगेटिव खबर शेयर के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। जब तक HDFC बैंक प्रबंधन या RBI की तरफ से इस 45 करोड़ के मामले पर कोई आधिकारिक और स्पष्टीकरण बयान नहीं आता, तब तक इस स्टॉक में भारी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को ऐसे समय में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

IPL 2026 Playoffs: चार टीमें, चार मैच और एक ट्रॉफी; जानें कब, कहाँ और किसके बीच होगा ‘करो या मरो’ का मुकाबला

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IPL2026 का लीग चरण अब समाप्त हो चुका है और अब सभी की नजरें IPL Playoffs मुकाबलों पर टिकी हुई हैं। इस सीजन में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिसके बाद चार टीमों ने नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की की। अब खिताब की जंग और भी दिलचस्प होने वाली है, क्योंकि हर टीम ट्रॉफी जीतने के लिए पूरा जोर लगाएगी।

प्लेऑफ मुकाबलों का पूरा शेड्यूल सामने आ चुका है। आइए जानते हैं कब, कहाँ और किन टीमों के बीच खेले जाएंगे ये महामुकाबले।

Qualifier 1: 26 मई को RCB और GT में होगी भिड़ंत, विजेता सीधा फाइनल में

Playoffs का पहला मुकाबला यानी Qualifier 1- 26 मई, 2026 को खेला जाएगा। इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी।

  • समय: शाम 7:30 बजे से
  • स्थान: हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम (धर्मशाला)
  • खास बात: इस मुकाबले को जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में प्रवेश कर जाएगी, जबकि हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा।

Eliminator: 27 मई को SRH और RR के बीच ‘करो या मरो’ की जंग

इसके बाद 27 मई, 2026 को एलिमिनेटर मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीमें भिड़ेंगी। यह मैच न्यू चंडीगढ़ क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होगा।

नोट: एलिमिनेटर मैच हारने वाली टीम का सफर टूर्नामेंट में यहीं खत्म हो जाएगा और वह बाहर हो जाएगी। जबकि विजेता टीम को क्वालिफायर-2 खेलने का टिकट मिलेगा।

Qualifier 2: 29 मई को तय होगी फाइनल की दूसरी टीम

क्वालिफायर 2 मुकाबला 29 मई, 2026 को न्यू चंडीगढ़ क्रिकेट स्टेडियम में ही खेला जाएगा। इस मैच में क्वालिफायर 1 की हारने वाली टीम और एलिमिनेटर की विजेता टीम के बीच टक्कर होगी। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में जगह बनाएगी।

IPL 2026 Final: 31 मई को अहमदाबाद में सजेगा महामुकाबले का मंच

आईपीएल 2026 का ग्रैंड फिनाले 31 मई, 2026 को दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम, नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद) में खेला जाएगा। यहाँ क्वालिफायर 1 और क्वालिफायर 2 की विजेता टीमें चमचमाती ट्रॉफी के लिए एक-दूसरे से लोहा लेंगी।

एक नज़र में देखें आईपीएल 2026 प्लेऑफ का पूरा शेड्यूल (Table)

मुकाबलाटीमेंतारीख (2026)वेन्यू (स्थान)
क्वालीफायर 1रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) बनाम गुजरात टाइटंस (GT)26 मईधर्मशाला
एलिमिनेटरसनराइजर्स हैदराबाद (SRH) बनाम राजस्थान रॉयल्स (RR)27 मईन्यू चंडीगढ़
क्वालीफायर 2क्वालीफायर 1 की हारने वाली टीम बनाम एलिमिनेटर की विजेता29 मईन्यू चंडीगढ़
फाइनलक्वालीफायर 1 की विजेता बनाम क्वालीफायर 2 की विजेता31 मईअहमदाबाद

कड़ी टक्कर के बीच होगा ट्रॉफी का फैसला

फैंस को इस बार प्लेऑफ में कई बड़े खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। सभी चार टीमों के पास एक से बढ़कर एक मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं और यही वजह है कि आने वाले मुकाबले बेहद रोमांचक होने वाले हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए आईपीएल 2026 की ट्रॉफी अपने नाम करती है।

BREAKING: देहरादून के जिलाधिकारी बदले! IAS और PCS अफसरों के ताबड़तोड़ तबादले, देखें पूरी लिस्ट

देहरादून: उत्तराखंड शासन से आज की सबसे बड़ी और सनसनीखेज ख़बर सामने आ रही है । धामी सरकार ने शासन स्तर पर एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया है । 23 मई को जारी हुई इस नई ट्रांसफर लिस्ट ने पूरे महकमे में हलचल मचा दी है । आईएएस (IAS) और पीसीएस (PCS) अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भारी उलटफेर किया गया है । आइए जानते हैं किसे क्या नई जिम्मेदारी मिली है और कौन कहां भेजा गया है।

IAS ट्रांसफर: देहरादून के जिलाधिकारी बदले, आशीष चौहान को कमान!

सबसे बड़ा बदलाव राज्य की राजधानी देहरादून में देखने को मिला है। देहरादून DM सविन बंसल की जगह अब आईएएस आशीष चौहान (IAS 2012) को देहरादून का नया जिलाधिकारी (DM) और स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (C.E.O.) नियुक्त किया गया है ।

कई बड़े आईएएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल हुआ है:

  • सविन बंसल (IAS 2009): इन्हें गढ़वाल मण्डल, पौड़ी का नया आयुक्त (Commissioner) बनाया गया है ।
  • डा० रंजीत कुमार सिन्हा (IAS 2005): इन्हें सचिव-नागरिक उड्डयन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, आयुक्त-स्वास्थ्य और PD/UK Health System Development Project जैसी भारी-भरकम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ।
  • विनय शंकर पाण्डे (IAS 2007): इन्हें सचिव, नियोजन की जिम्मेदारी दी गई है ।
  • अपूर्वा पाण्डेय (IAS 2018): इन्हें बागेश्वर का नया जिलाधिकारी (DM) नियुक्त किया गया है ।
  • प्रतीक जैन (IAS 2018): इन्हें आयुक्त-कर और महानिरीक्षक निबन्धन का जिम्मा मिला है ।

PCS और सचिवालय सेवा के अफसरों में भी भारी उलटफेर

आईएएस ही नहीं, बल्कि राज्य सिविल सेवा (PCS) और सचिवालय सेवा के अधिकारियों की भी बड़े पैमाने पर ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है:

  • गिरधारी सिंह रावत (PCS): इन्हें अपर सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
  • इलागिरि (PCS): इन्हें निदेशक-दुग्ध विकास और निदेशक-महिला डेयरी बनाया गया है ।
  • सुन्दर लाल सेमवाल (PCS): अब अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग का कार्यभार संभालेंगे ।
  • महावीर सिंह चौहान (सचिवालय सेवा): इन्हें अपर सचिव, लोक निर्माण विभाग (PWD) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है ।
  • सुनील सिंह (सचिवालय सेवा): इन्हें अपर सचिव, गृह विभाग बनाया गया है ।

जिलों में भी बदले प्रशासनिक चेहरे (ADM और डिप्टी कलेक्टर)

प्रशासनिक कसावट लाने के लिए शासन ने फील्ड के अधिकारियों को भी इधर से उधर किया है:

  • फिन्चाराम (PCS): हरिद्वार के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) से हटाकर अब इन्हें अपर जिलाधिकारी, पौड़ी बनाया गया है ।
  • अनिल गर्व्याल (PCS): अपर जिलाधिकारी, पौड़ी से ट्रांसफर कर अब इन्हें परिवहन निगम का महाप्रबंधक बनाया गया है ।
  • जितेन्द्र कुमार (PCS): डिप्टी कलेक्टर, हरिद्वार से पदोन्नत/तबादला करते हुए इन्हें अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार की कमान दी गई है ।
  • योगेश मेहरा (PCS): डिप्टी कलेक्टर, देहरादून से अब डिप्टी कलेक्टर, हरिद्वार भेजे गए हैं ।
  • प्रमोद कुमार (PCS): डिप्टी कलेक्टर, नैनीताल से अब डिप्टी कलेक्टर, चम्पावत बनाए गए हैं ।

तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के आदेश

संयुक्त सचिव राजेंद्र सिंह पतियाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वर्तमान पदभार से तत्काल अवमुक्त होकर अपनी नई तैनाती के पदभार और विभाग को ग्रहण करेंगे । शासन ने सभी अधिकारियों को इसकी आख्या तुरंत उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं ।

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RBI Dividend to Government: RBI ने सरकार को दिए 2.86 लाख करोड़, आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?

RBI का Record Dividend क्या है?

Indian economy से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रिकॉर्ड ₹2,86,000 करोड़ (2.86 Lakh Crore) का सरप्लस ट्रांसफर यानी डिविडेंड देने का फैसला किया है। यह रकम इतनी बड़ी है कि इसने पिछले साल के ₹2.11 लाख करोड़ के रिकॉर्ड को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है।

लेकिन अक्सर जब ऐसी खबरें आती हैं, तो आम आदमी को लगता है कि यह तो सरकार और बैंक के बीच का मामला है, इससे हमारी जेब पर क्या असर पड़ेगा? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। देश के केंद्रीय बैंक से सरकार के खजाने में आने वाली इस भारी-भरकम रकम का सीधा कनेक्शन आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, आपकी EMI और रसोई के बजट से है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि RBI के इस Master stroke का Common Man पर क्या बड़ा असर पड़ेगा।

मंहगाई पर लगाम लगाने की कोशिश

इस रिकॉर्ड डिविडेंड का सबसे पहला और बड़ा असर देश में महंगाई (Inflation) पर देखने को मिल सकता है। जब सरकार के पास अपना खर्च चलाने के लिए खुद का पैसा (Revenue) कम होता है, तो वह मार्केट से भारी कर्ज लेती है। लेकिन अब सरकार को सीधे RBI से ₹2.86 लाख करोड़ का ‘बोनस’ मिल गया है।

इसका मतलब यह है कि सरकार को अब बाजार से ज्यादा उधारी नहीं लेनी पड़ेगी। जब सरकार मार्केट से कम लोन लेगी, तो बैंकों के पास प्राइवेट सेक्टर्स और आम जनता के लिए ज्यादा पैसा बचेगा। बाजार में पैसों का फ्लो (Liquidity) सही रहने से चीजों के दाम कंट्रोल में रहेंगे। अगर आप पिछले कुछ समय से दाल, तेल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों से परेशान थे, तो आने वाले दिनों में आपको थोड़ी राहत मिल सकती है।

EMI में राहत: Home Loan और Car Loan वाले ध्यान दें

अगर आपने होम लोन (Home Loan), कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है और आप हर महीने भारी-भरकम EMI चुका रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक गुड न्यूज़ साबित हो सकती है।

जब सरकार बाजार से कम कर्ज लेती है, तो सरकारी बॉन्ड यील्ड (Government Bond Yields) में गिरावट आती है। बैंकिंग भाषा में कहें तो इससे बैंकों के ऊपर ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ाने का प्रेशर पूरी तरह खत्म हो जाता है। इतना ही नहीं, अगर देश की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है, तो आने वाले समय में रिजर्व बैंक रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती भी कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो आपके फ्लोटिंग रेट वाले सभी लोन्स की EMI कम हो जाएगी, जिससे आपके बैंक अकाउंट से हर महीने कटने वाला पैसा बचेगा।

नए रोजगार के अवसर: Structural Development को मिलेगी रफ्तार

सरकार इस ₹2.86 लाख करोड़ रुपये का इस्तेमाल कहाँ करेगी? एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इस फंड का एक बड़ा हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) यानी देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगाएगी।

इसका सीधा मतलब है कि देश में नए नेशनल हाईवेज, एक्सप्रेसवे, रेलवे ट्रैक्स का मॉडर्नाइजेशन, नए एयरपोर्ट्स और बड़े-बड़े पुलों का निर्माण तेज हो जाएगा। जब कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी आती है, तो स्टील, सीमेंट और लेबर इंडस्ट्री को सीधे तौर पर बूस्ट मिलता है। ग्राउंड लेवल पर इस काम के शुरू होने से लाखों नए रोजगार (New Jobs) पैदा होते हैं। बेरोजगार युवाओं और इंजीनियर्स के लिए यह समय नए और बेहतर अवसर लेकर आ सकता है।

Tax में राहत और Welfare Schemes: Jan-Dhan और Subsidy का फायदा

चूंकि यह पैसा सरकार को बिना कोई नया टैक्स लगाए या बिना किसी ब्याज के मिला है, इसलिए सरकार का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) बहुत कम हो जाएगा। जब सरकार का घाटा कम होता है, तो उसके पास आम जनता को रियायतें देने की ताकत बढ़ जाती है।

इस अतिरिक्त बजट के दम पर सरकार आगामी मुख्य बजट में मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों को इनकम टैक्स (Income Tax Relief) में बड़ी राहत देने के बारे में सोच सकती है। इसके अलावा, सरकार गरीबों, किसानों और महिलाओं के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) जैसे- मुफ्त राशन योजना, उज्ज्वला योजना की सब्सिडी, या पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Nidhi) की रकम को और बढ़ा सकती है। यानी डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से यह पैसा घूमकर आम आदमी की जेब में ही पहुंचने वाला है।

Strong Economy का साइन

संक्षेप में कहें तो RBI द्वारा सरकार को दिया गया यह ₹2.86 लाख करोड़ का डिविडेंड भारत की मजबूत होती आर्थिक सेहत (Economic Health) का प्रतीक है। वैश्विक मंदी (Global Slowdown) के इस दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से खड़ी है।

एक आम नागरिक के तौर पर आपको इसका सीधा फायदा कम महंगाई, स्थिर या कम EMI, नए जॉब्स के अवसर और सरकारी योजनाओं में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर, यह फैसला देश के साथ-साथ आपकी और हमारी जेब के लिए भी एक बहुत बड़ा बूस्टर डोज साबित होने वाला है।

पंचतत्व में विलीन हुए जनरल खंडूरी, उपराष्ट्रपति और सीएम समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी नेता के साथ ही उनके समर्थक मौजूद रहे।

सुबह घर पहुंचे सीएम धामी, खुद दिया अर्थी को कांधा

इससे पहले बुधवार को सुबह देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देहरादून पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने परिवारजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बुधवार को पहले खंडूरी जी के डिफेंस कॉलोनी स्थित उनके आवास पहुंचे और अंतिम यात्रा की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। खंडूरी जी के आवास पर उनके अंतिम दर्शन के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय बलबीर रोड लाया गया। इस दौरान खंडूरी जी के बेटे मनीष खंडूरी और खुद सीएम धामी के साथ ही कई अन्य नेताओं ने बीसी खंडूरी की अर्थी को कंधा दिया।

बीसी खंडूरी को श्रद्धांजलि देते उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

बीजेपी कार्यालय में उमड़ा सैलाब

बलवीर रोड, देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में बड़ी संख्या में बीजेपी नेताओं ने अपने नेता के अंतिम दर्शन किए। इस दौरान बीजेपी के कई सांसद और विधायकों ने बीसी खंडूरी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

बीजेपी कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए उमड़े कार्यकर्ता

हरिद्वार में हुआ अंतिम संस्कार

बलबीर रोड स्थित बीजेपी कार्यालय से भुवन चंद्र खंडूरी का पार्थिव शरीर हरिद्वार स्थित खड़खड़ी घाट पर लाया गया। देहरादून से हरिद्वार तक खंडूरी जी की अंतिम यात्रा में वाहनों का लंबा काफिला चलता रहा। खड़खड़ी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ भुवन चंद्र खंडूरी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पंचतत्व में विलीन हुए भुवन चंद्र खंडूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी जी का संपूर्ण जीवन अनुशासन, सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने उत्तराखंड के विकास एवं जनसेवा में जो योगदान दिया, उसे यह प्रदेश सदैव याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

सीएम धामी ने दी बीसी खंडूरी को श्रद्धांजलि, राज्य और देश के लिए बताया अपूरणीय क्षति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित बसंत विहार में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जीवन में स्थापित किए उच्च आदर्श

छत्तीसगढ़ प्रवास से देहरादून पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री धामी सीधे स्वर्गीय भुवन चंद्र खण्डूरी के निवास पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्हें विनम्र नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूरी का जीवन अनुशासन, राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और जनकल्याण के मूल्यों का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाएं देने के पश्चात उन्होंने राजनीति और सार्वजनिक जीवन में भी उच्च आदर्श स्थापित किए।

पारदर्शी प्रशासन, दूरदर्शी निर्णय

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत आधार प्रदान करने में स्वर्गीय खण्डूरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य हित में अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए, जिनका लाभ आज भी प्रदेश वासियों को प्राप्त हो रहा है।

राज्य ही नहीं देश भी क्षति

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बीसी खण्डूरी की पुत्री विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी सहित अन्य परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षति केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश की अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री धामी ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

‘आज शब्द साथ नहीं दे रहे हैं…’, बीसी खंडूरी के निधन पर बेटी ऋतु खंडूरी का भावुक संदेश

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बीसी खंडूरी की मृत्यु पर उनकी बेटी और विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने अपने पिता को याद करते हुए एक भावुक पत्र लिखा है।

मैंने केवल पिता को नहीं खोया

ऋतु खंडूरी ने लिखा है, मैंने केवल अपने पिता को नहीं खोया, बल्कि अपने जीवन के सबसे बड़े संबल, मार्गदर्शक और उस व्यक्तित्व को विदा किया है जिसकी छाया में मैंने ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा तथा उत्तराखंड का अर्थ समझा।

मेजर जनरल (रि.) भुवन चंद्र खण्डूरी जी का जीवन किसी एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्पूर्ण समर्पण की एक जीवंत गाथा था। 1 अक्टूबर 1934 को प्रारम्भ हुई उनकी जीवन यात्रा भारतीय सेना के रणक्षेत्रों से लेकर लोकतंत्र के सर्वोच्च मंचों और उत्तराखंड की जनसेवा तक पहुँची, लेकिन हर भूमिका में उनकी पहचान एक ही रही—राष्ट्र प्रथम।

1954 में भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन प्राप्त करने के साथ उन्होंने मातृभूमि की सेवा का जो संकल्प लिया, उसे जीवन भर निभाया। उन्होंने 1962 के भारत–चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत–पाक युद्धों में देश के लिए अपना कर्तव्य निभाया। सीमाओं पर बिताए वे वर्ष केवल एक सैनिक के साहस की कहानी नहीं थे, बल्कि उन अनगिनत त्यागों की भी कहानी थे जो एक सैनिक का परिवार मौन रहकर करता है।

सेना में छत्तीस वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा

जब वे सीमा पर राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात रहते थे, तब परिवार ने भी उनके साथ एक अलग युद्ध जिया—प्रतीक्षा का, अनिश्चितता का और मौन चिंता का। हमारे बचपन के अनेक क्षण ऐसे रहे जब पिता का स्नेह पत्रों में मिलता था, उनकी उपस्थिति स्मृतियों और प्रतीक्षा में महसूस होती थी। लेकिन उन्होंने हमें कभी शिकायत नहीं, बल्कि गर्व करना सिखाया—कि राष्ट्रसेवा केवल सैनिक नहीं करता, उसका परिवार भी उस संकल्प का सहभागी होता है।

सेना में लगभग छत्तीस वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के दौरान उन्होंने नेतृत्व, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल स्थापित की कि 26 जनवरी 1982 को उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया। मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्होंने विश्राम का मार्ग नहीं चुना। 1991 में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर उन्होंने जनसेवा को अपना नया दायित्व बनाया।

गढ़वाल की जनता ने उन्हें बार-बार संसद भेजा और उन्होंने सांसद, केंद्रीय मंत्री तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा की। भारत सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते हुए उन्होंने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना और गोल्डन क्वाड्रिलेटरल जैसी ऐतिहासिक योजनाओं को गति दी, जिसने आधुनिक भारत की विकास यात्रा को नई दिशा दी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल सादगी, पारदर्शिता और सुशासन का पर्याय बना। मजबूत लोकायुक्त कानून, प्रशासनिक सुधार और जनहित को सर्वोच्च रखने का उनका आग्रह सदैव याद रखा जाएगा।

लेकिन मेरे लिए उनकी सबसे बड़ी पहचान किसी पद या सम्मान से नहीं थी।

‘वे मेरे पिता थे’…

वे मेरे पिता थे—कम बोलने वाले, लेकिन मूल्यों पर अडिग; कठोर दिखने वाले, लेकिन भीतर से अत्यंत संवेदनशील। उन्होंने हमें सिखाया कि जीवन में ईमानदारी सबसे बड़ी पूँजी है, और पद की गरिमा व्यक्ति के आचरण से बनती है। उनसे मैंने सीखा कि सार्वजनिक जीवन में निर्णय लोकप्रिय होने के लिए नहीं, सही होने के लिए लिए जाते हैं।

आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो समझ पाती हूँ कि राष्ट्र ने जिन उपलब्धियों और सेवाओं के लिए उन्हें सम्मान दिया, उनके पीछे एक ऐसा जीवन था जिसने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से अधिक कर्तव्य को चुना। परिवार ने भी उनका समय, उनकी उपस्थिति और जीवन के अनेक निजी क्षण राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित होते देखे, और यही त्याग हमारे लिए गर्व का आधार बना।

उनका जाना मेरे और हमारे पूरे परिवार के लिए एक ऐसी रिक्तता है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। फिर भी यह संतोष रहेगा कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज के प्रति ईमानदार दायित्व निभाते हुए जिया।

पिताजी, आपने हमें केवल जीवन नहीं दिया—जीवन जीने के मूल्य दिए। आपका अनुशासन, आपका साहस, आपकी सत्यनिष्ठा और आपकी सीख सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी।