इंटरनेट पर आया 150+ से अधिक मुफ्त कैलकुलेटर का नया ठिकाना: All Free Calculators

आज के डिजिटल युग में हमें हर छोटी-बड़ी गणना के लिए किसी न किसी ऑनलाइन टूल या मोबाइल ऐप की आवश्यकता पड़ती है। चाहे वह बैंक से होम लोन लेने से पहले मासिक ईएमआई (EMI) का हिसाब लगाना हो, अपने निवेश पर मिलने वाले रिटर्न (SIP) की गणना करनी हो, रोजाना के व्यापार में जीएसटी (GST) जोड़ना हो या फिर स्वास्थ्य की निगरानी के लिए बीएमआई (BMI) चेक करना हो।

अक्सर इन कामों के लिए जब हम इंटरनेट पर सर्च करते हैं, तो हमारे सामने ऐसी वेबसाइट्स आती हैं जो विज्ञापनों से भरी होती हैं, जहां पहले साइन-अप या ईमेल रजिस्टर करने को कहा जाता है, या फिर कुछ बुनियादी सुविधाओं के बाद पैसे मांग लिए जाते हैं।

इसी समस्या का समाधान करने और यूजर्स को एक क्लीन, तेज और पूरी तरह से मुफ्त अनुभव देने के लिए All Free Calculators की शुरुआत की गई है।

all free calculators

क्या है All Free Calculators?

All Free Calculators (allfreecalculators.com) एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां एक ही छत के नीचे 150 से अधिक डिजिटल कैलकुलेटर और कनवर्टर उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपको कोई रजिस्ट्रेशन या लॉग-इन नहीं करना पड़ता और यह पूरी तरह से मुफ्त है।

वेबसाइट को मुख्य रूप से 13 उपयोगी श्रेणियों में बांटा गया है:

  1. फाइनेंस (वित्त) कैलकुलेटर: यहाँ आप घर, कार या पर्सनल लोन के लिए EMI Calculator का उपयोग कर अपनी मासिक किस्तों की सटीक गणना कर सकते हैं।
  2. निवेश (Investment) कैलकुलेटर: यदि आप म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो SIP Calculator के जरिए देख सकते हैं कि समय के साथ आपका पैसा कितना बढ़ेगा।
  3. टैक्स और व्यापार कैलकुलेटर: कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए GST Calculator और इनकम टैक्स कैलकुलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
  4. स्वास्थ्य (Health) कैलकुलेटर: फिटनेस के शौकीनों के लिए बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI Calculator, कैलोरी बर्न और बॉडी फैट मापने के टूल्स दिए गए हैं।
  5. शिक्षा और दैनिक टूल्स: छात्रों के लिए जीपीए/सीजीपीए (GPA) कैलकुलेटर और आम लोगों के लिए Age Calculator (उम्र की गणना) जैसे आसान टूल्स मौजूद हैं।

प्राइवेसी (गोपनीयता) का रखा गया है पूरा ध्यान

इंटरनेट पर सुरक्षा एक बहुत बड़ा मुद्दा है। कई कैलकुलेटर वेबसाइट आपके द्वारा दर्ज की गई वित्तीय जानकारी (जैसे आपकी सैलरी या लोन राशि) को अपने सर्वर पर स्टोर कर लेती हैं।

इस मामले में All Free Calculators पूरी तरह से सुरक्षित है। यह टूल ‘क्लाइंट-साइड’ तकनीक पर काम करता है। इसका मतलब है कि आप जो भी नंबर या डेटा दर्ज करते हैं, उसकी गणना सीधे आपके अपने कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउज़र में होती है। कोई भी डेटा किसी बाहरी सर्वर पर नहीं भेजा जाता, जिससे आपकी गोपनीयता 100% सुरक्षित रहती है।

मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर सुपरफास्ट

इस वेबसाइट को बिना किसी भारी फ्रेमवर्क के केवल शुद्ध HTML, CSS और जावास्क्रिप्ट की मदद से बेहद हल्का और सुरक्षित बनाया गया है। यही कारण है कि कमजोर इंटरनेट कनेक्शन या मोबाइल डेटा पर भी यह वेबसाइट पलक झपकते ही खुल जाती है। इसका इंटरफ़ेस बेहद सरल और क्लीन है, जिससे कोई भी व्यक्ति बिना किसी तकनीकी ज्ञान के इसका इस्तेमाल कर सकता है।

यदि आप भी विज्ञापनों से परेशान हुए बिना और बिना किसी शुल्क के अपनी दैनिक गणनाएं करना चाहते हैं, तो आज ही allfreecalculators.com पर जाकर इसका लाभ उठा सकते हैं।

देहरादून में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप के बाद हंगामा, बजरंग दल ने की तोड़फोड़

देहरादून के कोतवाली इलाके में नाबालिग लड़की से कथित दुर्व्यवहार के आरोप के बाद गुरुवार को माहौल अचानक गर्मा गया। घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग आरोपी के प्रतिष्ठान के बाहर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नाराज लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ भी की है।

नाबालिग मुस्लिम किशोर पर आरोप

मिली जानकारी के मुताबिक एक मुस्लिम परिवार के घर पर एक हिंदू परिवार किराए पर रहता है। हिंदू परिवार के घर में 14 साल की एक किशोरी है। आरोप है कि मकान मालिक के नाबालिग भांजे ने गुरुवार को किशोरी को जबरन घर की दूसरी मंजिल पर बने बाथरूम में खसीटा और उसके साथ दुष्कर्म किया।

यही नहीं नाबालिग किशोर ने किशोरी को धमकी दी कि अगर किसी को इस बारे में बताया तो जान से मार देगा। इस घटना की खबर मिलते ही इलाके में हंगामा हो गया।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का हंगामा, तोड़फोड़

घटना की सूचना मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया। वहीं बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपी किशोर के परिवार की सौंदर्य प्रसाधन की दुकान में तोड़फोड़ कर दी और सारा सामान निकाल कर सड़क पर फेंक दिया।

वहीं पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी किशोर को संरक्षण में ले लिया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। वहीं तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस बल को सतर्क रखा गया है।

उत्तराखंड : धामी कैबिनेट के फैसले पढ़िए विस्तार से, इन प्रस्तावों को मिल गई मंजूरी

सचिवालय में गुरुवार को धामी कैबिनेट की बैठक हुई है। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की। इस बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। आइए जानते हैं धामी कैबिनेट के फैसले (Dhami cabinet) विस्तार से।

पायलट परियोजना को मंजूरी

  1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रीमण्डल ने दी अनुमति।

पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उच्च आनुवंशिकी के पशु शीघ्रता से उत्पादित हो। इस दृष्टि से प्रदेश में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना प्रस्तावित की गई, जिसे मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई।

  1. चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर कैबिनेट ने लगाई मोहर।

राज्य सरकार ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों (अश्ववंशीय पशुओं) के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि खुद वहन करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामियों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी। इस पर मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

बिटुमिन का इस्टीमेट होगा रिवाइज

  1. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18.08. 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् सम्बन्धी शासनादेश संख्या 139, दिनांक 24.11.2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञाप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को सन्निरीक्षा (Document Verification) के दौरान एक बार के लिए अनुमन्य किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।
  2. बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों हेतु अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में मंत्रिमण्डल ने दी सहमति।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडेक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के फलस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01-04-2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किये जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुये, दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिये मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (price adjustment) किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने पर मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई है।

होलोग्राम शुल्क का होगा विस्थापन

  1. आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से सम्बन्धित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अन्तर्गत वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत उक्त अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित किए गए होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।
  2. Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine के संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 पद सृजित किए जाने हेतु त्रीमण्डल ने दी स्वीकृति।

राज्य के प्राकृतिक उत्पादों यथा-ऑयल्स/एक्स्ट्रैक्ट एवं अन्य प्रकार के सगन्ध/हर्बल/ फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों में मिलावट की जांच उपरान्त सिंथेटिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के मध्य प्रमाणिकता को सिद्ध करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को बढ़ावा दिए जाने के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में कृषकों/उद्योगों/संस्थानों से क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine से की जानी है। इस मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 विशेषज्ञ पद (Project Scientist-III, Senior Project Associate, Project Associate-II, 02 Technical Assistant) सृजित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई स्वीकृति।

उपनल में समान कार्य, समान वेतन मामले में कट ऑफ डेट बदली

  1. उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किया जाना अतिआवश्यक है, जिससे उत्तराखण्ड राज्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टिकोण से अपना स्थान बना सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिस हेतु अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अतिआवश्यक है। उक्त रैली में कुल 120 से अधिक एन्ट्री को शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चौम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किये जाने को लेकर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गई।
  2. मा. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.04.2026 के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि (12.11.2018) को संशोधित कर मा. सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक 15.10.2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।
  3. ‘उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026‘ के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

मा. सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.10.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023 में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त न कर दिया गया हो, में संशोधन हेतु उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति प्रदान की गई।

  1. उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में अधीनस्थ कारागारों हेतु कारापाल के कुल 14 पद सृजित हैं, जो स्थायी उप कारापालों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले पद हैं। वर्तमान में कारागार विभाग में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जेल कारागार कार्यपालक अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1980) अनुकूलन उपान्तरण आदेश, 2002 लागू है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात कारागार विभाग में पृथक से कारापाल सेवा नियमावली को प्रख्यापित नहीं किया गया है। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गयी।

  1. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की सहमति।

राज्य में संस्कृत विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने, पाठ्यक्रम निर्धारण एवं परीक्षा संचालन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् को विधि द्वारा गठित संस्था के रूप में स्थापित करने के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा अधिनियम, 2014 प्रख्यापित किया गया। उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विनियमावली, 2023 प्रख्यापित की गयी, जिसमें कतिपय संशोधन/परिर्वतन के दृष्टिगत उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल सहमति प्रदान की गई।

  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल ने सहमति प्रदान की।
  2. राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में लम्बित बिलों के भुगतान के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेगी।

वर्षों से लंबित‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनाए जाने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

उत्तराखंड में चलेगी हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन, मेरठ से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक होगा विस्तार

उत्तराखंड के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। उत्तराखंड में जल्द ही हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (RRTS) का संचालन होने वाला है। यूपी के मेरठ के मोदीनगर से लेकर उत्तराखंड में ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक इस ट्रेन का विस्तार करने की योजना पर काम चल रहा है। जल्द ही इस परियोजना की डीपीआर के लिए सर्वे हो गया। इस परियोजना के पूरा होने से उत्तराखंड की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी।

उत्तराखंड में चलेगी हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन, बनी सहमति

दरअसल इसी साल के फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था।

इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है।

मोदीपुरम से मुजफ्फरनगर, फिर रुड़की – हरिद्वार तक

प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा।

दिल्ली से ऋषिकेश का सफर होगा आसान

इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

सीएम धामी बोले, कनेक्टिविटी को मिलेगी नई दिशा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों

देहरादून के विकासनगर में बीजेपी नेता की हत्या के बाद हंगामा, आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, आखिर कैसे बिगड़ी बात ?

देहरादून के विकासनगर के बैरागीवाला गांव में शनिवार शाम हुई बीजेपी नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। हिंदू संगठनों ने बीजेपी नेता की हत्या के बाद जमकर हंगामा किया। इसी बीच पुलिस ने आरोपियों के घर और दुकान को बुलडोजर से गिरा दिया है। हालांकि इसके बाद भी इलाके में भारी तनाव की खबरें हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

खेत में पानी लगाने के विवाद से पुरानी रंजिश को मिली हवा

मिली जानकारी के मुताबिक देहरादून के सहसपुर थाना इलाके के बैरागीवाला गांव में विनोद कश्यप और कुछ अन्य लोगों के बीच खेत में पानी लगाने के मसले पर एक ताजा विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी रंजिश रही है। खेत में पानी लगाने के ताजा विवाद ने उस रंजिश को हवा दे दी। इसी विवाद में विनोद कश्यप के घर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया और लाठी – डंडों के साथ ही हथौड़ों का भी उपयोग किया।

इस हमले में विनोद कश्यप की मौत हो गई जबकि उसके दो अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हे अस्पताल में एडमिट कराया गया है।

अलग – अलग समुदायों के होने के चलते फैला तनाव

विनोद कश्यप बीजेपी से जुड़े हुए थे और स्थानीय हिंदूवादी संगठनों के साथ सक्रियता से जुड़े हुए थे। जैसे ही विनोद की हत्या की खबर विनोद के जानने वालों को मिली वो उत्तेजित हो गए। चूंकि हत्यारे दूसरे समुदाय से थे लिहाजा ये गुस्सा जल्द ही उग्र रूप ले गया। हालात बेहद तेजी से बिगड़े और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता और नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया।

आक्रोशित हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन, नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस से आरोपियों के इंकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग होने लगी। इसी बीच इलाके के बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मृतक कार्यकर्ता को इंसाफ दिलाने की मांग शुरू कर दी।

रात में ही की तोड़फोड़ की कोशिश

बताते हैं कि भीड़ ने रात में आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हे कामयाब नहीं होने दिया। भारी तनाव को देखते हुए आसपास के इलाकों से पुलिस बल को इलाके में तैनात किया गया था। इस दौरान बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पुलिस से कई बार नोंकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ने संयम से काम लिया।

सुबह होते ही बिगड़े हालात

सुबह होते ही बैरागीवाला में हालात तेजी से बिगड़े। रात भर से आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की एक नहीं सुनी और वो आरोपी के घर तोड़फोड़ और आगजनी में सफल हो गए। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने उन्हे रोकने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। इसी बीच हिंदूवादी संगठन के लोगों ने अपने स्तर से बुलडोजर भी मंगवा लिया और आरोपियों के घर गिराने पहुंच गए। बीजेपी विधायक भी इस दौरान बुलडोजर के आगे चलते हुए देखे गए। वो मीडिया को बाइट भी देते रहे। पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी नोकझोंक के वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुए।

पुलिस का बुलडोजर एक्शन

हिंदूवादी संगठनों के भारी दबाव को देखते हुए पुलिस ने रविवार कोअपना बुलडोजर मंगवा कर एक आरोपी के घर की चाहरदीवारी गिरा दी। इस दौरान उसके घर के पास खड़े एक ट्रैक्टर को भी फूंकने की कोशिश की गई। इसके बाद पुलिस ने एक अन्य आरोपी की दो दुकानों पर भी बुलडोजर चला दिया। हालांकि इसके बाद भी हिंदूवादी संगठन शांत नहीं हुए और अपने बुलडोजर से पूरा घर नेस्तानाबूद करने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने किसी तरह उन्हे रोका।

परिजनों ने पंचनामे के लिए रख दी शर्त

बताते हैं कि पुलिस ने बुलडोजर कार्रवाई के बाद विनोद के परिजनों से शरीर का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा। हालांकि मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही उनके मकान और अन्य प्रतिष्ठान पूरी तरह बुलडोजर से गिराए जाने की मांग पर अड़े रहे। लिहाजा बाद में पुलिस ने फिर एक बार आरोपियों के घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। वहीं पुलिस ने एक दर्जन से अधिक आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इनमें से चार को गिरफ्तार भी कर लिया। इसके बाद भी लोग शांत होने को तैयार नहीं थे। रविवार की शाम हिंदूवादी संगठनों ने कुछ देर के लिए चकराता रोड भी जाम कर दी जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

सीएम धामी का सख्त संदेश

इस पूरी घटना के सामने आने के बाद सीएम धामी ने सख्त संदेश दिया है। सीएम धामी ने साफ शब्दों में कहा है कि ऐसी घटना को अंजाम देने वाली किसी सूरत में बचेंगे नहीं। धामी ने कहा है कि इस घटना को अंजाम देने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि फिर कोई ऐसा करने की सोचेगा नहीं।

चार गिरफ्तार, कई फरार

सहसपुर के बैरागीवाला गांव में हुई इस घटना में 12 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। इनके नाम हैं – रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम , आदिल, शमून, सलमान, जावेद, इंतजार। पुलिस ने इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया है।

पर्यावरणविद जगदीश बाबला पर आधारित अभिनंदन ग्रंथ का लोकार्पण, 50 साल का सेवाकाल पूर्ण होने पर हुआ सम्मान

विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ पर्यावरण सप्ताह के समापन अवसर पर देहरादून में हिमालय पर्यावरण सोसायटी द्वारा दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में पर्यावरणविद जगदीश बाबला का सम्मान समारोह एवं उनके अभिनंदन ग्रंथ लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विगत पांच दशकों से पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय पर्यावरणविद् जगदीश बाबला के 50 वर्षीय सेवाकाल पूर्ण होने पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित अभिनंदन ग्रंथ “हर दिल अजीज – जगदीश बाबला” के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण किया गया।

स्वच्छता का लें संकल्प

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय कर्नल अजय कोठियाल, KC, SC, VSM, राज्यमंत्री, सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार, कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार पद्माकांत शर्मा ‘प्रभात’, विशिष्ट अतिथि प्रो. बी.के. जोशी, श्रीमती कमला पंत तथा जगदीश बाबला द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर पर्यावरणविद् जगदीश बाबला ने अपने संबोधन में कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, आंगन एवं आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो संपूर्ण समाज और विश्व स्वतः ही स्वच्छ एवं स्वस्थ बन सकता है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में चर्चित युवा कथक कलाकार आरुषि क्षेत्री द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इसके उपरांत दिल्ली से पधारे कथक कलाकार आर्यव आनंद ने अपनी उत्कृष्ट कथक प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का अभिनंदन किया।

जनआंदोलन से बनेगी बात

संस्था के महासचिव रोहित कोचगवे ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए संस्था की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। संस्था के अध्यक्ष श्री जगदीश बाबला ने हिमालय पर्यावरण सोसायटी की दीर्घ पर्यावरणीय एवं सामाजिक यात्रा का परिचय दिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र पालीवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

वक्ताओं ने कहा कि जगदीश बाबला का जीवन सेवा, समर्पण एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के समाज और पर्यावरण के लिए निरंतर कार्य किए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।

जगदीश बाबला के लगाए पौधे आज छायादार वृक्ष

हिमालय पर्यावरण सोसायटी पिछले पाँच दशकों से पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था द्वारा देहरादून की तिब्बती कॉलोनी, हिंदी भवन परिसर, प्रेस क्लब, आशियाना परिसर, सहस्रधारा, चारणगांव, चकराता रोड सहित अनेक स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाए गए। वर्षों पूर्व लगाए गए पौधे आज विशाल एवं छायादार वृक्षों के रूप में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जगदीश बाबला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर इससे पूर्व वर्ष 1994 एवं 2001 में भी अभिनंदन स्मारिकाओं का प्रकाशन किया जा चुका है। वर्ष 1994 में ठाकुर वीर सिंह भंडारी के सानिध्य में अनेक सामाजिक संस्थाओं द्वारा उनका सामूहिक अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली अनेक विभूतियों को “उत्तराखण्ड श्रेष्ठ सम्मान – 2026” से सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद्, पत्रकार, समाजसेवी, पर्यावरण प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन भारती मिश्रा ने किया। अंत में संस्था अध्यक्ष जगदीश बाबला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

जसपाल राणा कौन थे ?, कैसे बने वंडर किड से गोल्डन ब्वॉय, शूटिंग में देश को दिलाई नई पहचान

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देश के दिग्गज निशानेबाज और पद्मश्री से सम्मानित जसपाल राणा का निधन हो गया है। वो 49 वर्ष के थे। हाल ही में म्यूनिख से एक शूटिंग प्रतिस्पर्धा से लौटते समय उन्हे सीने में दर्द की शिकायत हुई थी जिसके बाद उन्हे अस्पताल में एडमिट कराया गया था। इलाज के दौरान ही जसपाल राणा की मौत हो गई।

जसपाल राणा कौन थे ? कैसे बने वंडर किड से गोल्डन ब्वॉय

भारत में जब भी निशानेबाजी के खेल का जिक्र होगा हर बार जसपाल राणा की चर्चा गोल्डन ब्वॉय के रूप में होगी। जसपाल राणा शूटिंग के खेल से संबंधित थे।

जसपाल राणा ने भारत में निशानेबाजी के खेल को नई पहचान और ऊंचाई दी । 1900 और 2000 के दशक में जसपाल राणा ने अपने शूटिंग पिस्टल से दुनिया में भारत का परचम लहरा दिया था। जसपाल राणा न सिर्फ एक बेहतर निशानेबाज थे बल्कि वो एक बेहतरीन कोच भी बने। उनकी कोचिंग में भारत को ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मिले।

जसपाल राणा का जीवन परिचय –

  • पूरा नाम: जसपाल राणा
  • जन्म तिथि: 28 जून 1976
  • जन्म स्थान: उत्तरकाशी, उत्तराखंड
  • खेल विधा: पिस्तौल निशानेबाजी (25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल, 10 मीटर एयर पिस्टल)
  • प्रसिद्ध उपनाम: गोल्डन बॉय
  • प्रमुख शिष्य: मनु भाकर, सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला
  • निधन: 12 जून 2026 (उम्र 49 वर्ष)

जसपाल राणा का प्रारंभिक जीवन और परिचय

जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुआ था। उनके पिता नारायण सिंह राणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में एक अधिकारी थे। जसपाल को निशानेबाजी विरासत में मिली थी। उनके पिता ही उनके पहले कोच बने और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने जसपाल के हाथों में पिस्तौल और राइफल थमा दी थी। शुरुआत में उन्होंने दोनों हथियारों से अभ्यास किया, लेकिन बाद में उन्होंने पिस्तौल शूटिंग को अपना मुख्य करियर चुना और इसी में महारत हासिल की।

जसपाल राणा – वंडर किड से गोल्डन ब्वॉय तक का सफर

जसपाल राणा एक ‘वंडर किड’ (अद्भुत प्रतिभा) थे। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में डेब्यू किया और रजत पदक जीतकर सबको चौंका दिया। जसपाल राणा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 1994 में आया। इटली के मिलान में आयोजित 46वीं विश्व शूटिंग चैंपियनशिप (जूनियर वर्ग) में उन्होंने ‘स्टैंडर्ड पिस्टल’ स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड स्कोर (569/600) के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस जीत ने उन्हें रातों-रात भारतीय खेलों का नया सितारा बना दिया।

कॉमनवेल्थ खेलों में कमाल, एशियाई खेलों में चार गोल्ड

जसपाल राणा कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) के इतिहास में भारत के सबसे सफल एथलीटों में से एक रहे हैं, जिन्होंने विभिन्न राष्ट्रमंडल खेलों में 9 स्वर्ण सहित कुल 15 पदक जीते। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों (Asian Games) में भी 4 स्वर्ण पदक जीतकर एशिया में अपनी बादशाहत साबित की।

जसपाल राणा को मिले सम्मान और पुरस्कार

  • खेल के मैदान पर देश का मान बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च खेल पुरस्कारों से नवाजा:
  • अर्जुन पुरस्कार (1994): महज 18 साल की उम्र में उनकी असाधारण खेल प्रतिभा के लिए मिला।
  • पद्मश्री (2002): भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया।
  • द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020): बतौर कोच भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बने एक बेहतरीन कोच

सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद जसपाल राणा ने साल 2012 से कोचिंग की कमान संभाली। उन्होंने भारत के जूनियर राष्ट्रीय कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया कि देश को वर्ल्ड-क्लास शूटरों की एक पूरी फौज मिल गई।

उनकी सबसे बड़ी कामयाबी मनु भाकर (Manu Bhaker) को तराशना रही। जसपाल राणा के मार्गदर्शन और उनकी कड़ी ट्रेनिंग की बदौलत ही मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रचते हुए दो कांस्य पदक जीते। मनु भाकर ने खुद कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी सफलता का श्रेय ‘जसपाल सर’ के कड़े अनुशासन और मार्गदर्शन को दिया है। मनु के अलावा उन्होंने सौरभ चौधरी और अनीश भानवाला जैसे दिग्गजों को भी कोचिंग दी।

Jaspal Rana death: एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता शूटर जसपाल राणा का निधन

देश के दिग्गज शूटर और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन (Jaspal Rana death) हो गया है। उन्हे म्यूनिख से दिल्ली की फ्लाइट में असहज महसूस करने के बाद मैक्स अस्पताल में एडमिट कराया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

फ्लाइट में असहज महसूस करते रहे जसपाल राणा

मिली जानकारी के अनुसार जसपाल राणा हाल ही में ISSF वर्ल्ड कप में शामिल होने के लिए भारतीय शूटिंग टीम के साथ म्यूनिख गए थे। भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन के बाद म्यूनिख से दिल्ली वापस लौट रही थी। इसी टीम के साथ जसपाल राणा भी मौजूद थे। जसपाल राणा ने फ्लाइट में ही कुछ असहज होने की शिकायत की थी। इसके बाद दिल्ली में फ्लाइट लैंड होते ही उन्हे मैक्स अस्पताल में एडमिट कराया गया।

जसपाल राणा ने डाक्टरों से छाती में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उन्हे एडमिट किया गया और स्टंट डालने की प्रक्रिया की लेकिन इसके बावजूद उन्हे बचाया नहीं जा सका।

जसपाल राणा : भारत के ‘गोल्डन बॉय’ और महान शूटिंग कोच की कहानी

भारतीय खेलों के इतिहास में जब भी निशानेबाजी (Shooting) का जिक्र होगा, जसपाल राणा (Jaspal Rana) का नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। 1990 और 2000 के दशक में अपनी अचूक पिस्तौल से दुनिया भर में भारत का परचम लहराने वाले जसपाल राणा ने न सिर्फ बतौर खिलाड़ी देश को गौरवान्वित किया, बल्कि एक महान कोच के रूप में भारत को कई ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय चैंपियन भी दिए।

1. जसपाल राणा: एक नजर में (Quick Bio)

  • पूरा नाम: जसपाल राणा
  • जन्म तिथि: 28 जून 1976
  • जन्म स्थान: उत्तरकाशी, उत्तराखंड
  • खेल विधा: पिस्तौल निशानेबाजी (25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल, 10 मीटर एयर पिस्टल)
  • प्रसिद्ध उपनाम: गोल्डन बॉय
  • प्रमुख शिष्य: मनु भाकर, सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला
  • निधन: 12 जून 2026 (उम्र 49 वर्ष)

2. प्रारंभिक जीवन और परिचय (Early Life)

जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुआ था। उनके पिता नारायण सिंह राणा इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में एक अधिकारी थे। जसपाल को निशानेबाजी विरासत में मिली थी। उनके पिता ही उनके पहले कोच बने और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने जसपाल के हाथों में पिस्तौल और राइफल थमा दी थी।

शुरुआत में उन्होंने दोनों हथियारों से अभ्यास किया, लेकिन बाद में उन्होंने पिस्तौल शूटिंग को अपना मुख्य करियर चुना और इसी में महारत हासिल की।

3. शानदार खेल करियर (The Golden Career)

जसपाल राणा एक ‘वंडर किड’ (अद्भुत प्रतिभा) थे। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में डेब्यू किया और रजत पदक जीतकर सबको चौंका दिया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहली बड़ी गूंज (1994)

जसपाल राणा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 1994 में आया। इटली के मिलान में आयोजित 46वीं विश्व शूटिंग चैंपियनशिप (जूनियर वर्ग) में उन्होंने ‘स्टैंडर्ड पिस्टल’ स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड स्कोर (569/600) के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस जीत ने उन्हें रातों-रात भारतीय खेलों का नया सितारा बना दिया।

राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में दबदबा

जसपाल राणा कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) के इतिहास में भारत के सबसे सफल एथलीटों में से एक रहे हैं, जिन्होंने विभिन्न राष्ट्रमंडल खेलों में 9 स्वर्ण सहित कुल 15 पदक जीते। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों (Asian Games) में भी 4 स्वर्ण पदक जीतकर एशिया में अपनी बादशाहत साबित की।

4. जसपाल राणा की प्रमुख उपलब्धियां और पदक (Major Achievements)

जसपाल राणा ने अपने करियर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 600 से अधिक पदक जीते। उनके मुख्य पदक इस प्रकार हैं:

प्रतियोगिता (Event)स्वर्ण (Gold)रजत (Silver)कांस्य (Bronze)कुल पदक
राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games)94215
एशियाई खेल (Asian Games)4217
विश्व शूटिंग चैंपियनशिप (World Championship – Jr)1001

5. पुरस्कार और सम्मान (Awards & Honors)

खेल के मैदान पर देश का मान बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च खेल पुरस्कारों से नवाजा:

  • अर्जुन पुरस्कार (1994): महज 18 साल की उम्र में उनकी असाधारण खेल प्रतिभा के लिए मिला।
  • पद्मश्री (2002): भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया।
  • द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020): बतौर कोच भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

6. ‘द्रोणाचार्य’ के रूप में दूसरा जीवन: मनु भाकर के मेंटर

सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद जसपाल राणा ने साल 2012 से कोचिंग की कमान संभाली। उन्होंने भारत के जूनियर राष्ट्रीय कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया कि देश को वर्ल्ड-क्लास शूटरों की एक पूरी फौज मिल गई।

उनकी सबसे बड़ी कामयाबी मनु भाकर (Manu Bhaker) को तराशना रही। जसपाल राणा के मार्गदर्शन और उनकी कड़ी ट्रेनिंग की बदौलत ही मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रचते हुए दो कांस्य पदक जीते। मनु भाकर ने खुद कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी सफलता का श्रेय ‘जसपाल सर’ के कड़े अनुशासन और मार्गदर्शन को दिया है। मनु के अलावा उन्होंने सौरभ चौधरी और अनीश भानवाला जैसे दिग्गजों को भी कोचिंग दी।

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उत्तराखंड से संस्कृत को मिलेगी नई पहचान, सचिव दीपक कुमार नई पहल में जुटे

उत्तराखण्ड संस्कृत को नई पहचान देने में लगा हुआ है। शासन के सचिव संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन, उत्तराखंड शासन दीपक कुमार के नेतृत्व में 1 से 3 जून 2026 के मध्य नई दिल्ली में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में संस्कृत शिक्षा के संवर्धन, भारतीय ज्ञान परम्परा के वैश्विक प्रसार तथा नवीन शैक्षिक परियोजनाओं के साथ-साथ कार्यक्रम क्रियान्वयन पर भी व्यापक चर्चा हुई।

शुरू होंगे संस्कृत के सर्टिफिकेट कोर्स

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की महानिदेशक के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार द्वारा भारतीय संस्कृति, कर्मकाण्ड, ज्योतिष, जन्मपत्रिका निर्माण तथा भारतीय ज्ञान परम्परा जैसे विषयों पर षाण्मासिक के साथ-साथ त्रैमासिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी तैयार किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा तथा इनके वैश्विक प्रचार-प्रसार एवं नामांकन में ICCR सहयोग प्रदान करेगा। इससे संस्कृत में देश-विदेश में रोज़गार की संभावना को बल मिलेगा. साथ ही विदेश मंत्रालय के ICCR डीवीजन के सहयोग से 20-21 दिसम्बर 2026 को हरिद्वार संस्कृत विश्वविद्यालय में विश्व ध्यान दिवस के आयोजन का भी निर्णय लिया गया।

विदेशों में रोजगार के अवसर तलाशेंगे

विदेश मंत्रालय के साथ हुई बैठक में संस्कृत के विद्वानों एवं शिक्षकों को विदेशों में रोज़गार अवसर उपलब्ध कराने तथा संस्कृत में रचित वैश्विक महत्व की पुस्तकों के विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हेतु सहयोग प्रदान करने पर विचार-विमर्श किया गया।

AI का भी करेंगे प्रयोग

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित परियोजनाओं को भारत AI मिशन के अंतर्गत प्रस्तुत करने तथा संस्कृत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

संस्कृति मंत्रालय में विश्वविद्यालय की ओर से राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आधारित एक महत्वपूर्ण शोध-परियोजना आर्थिक सहायता हेतु प्रस्तुत की गई। साथ ही उत्तराखंड के संस्कृत के मूर्धन्य आचार्य पंडित दिनेश जोशी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से हरिद्वार में एक विश्वव्यापी गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा.

शिक्षा मंत्रालय के साथ बैठक में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद, देहरादून को डिजिटाइज करने के विषय पर सकारात्मक चर्चा हुई।

संस्कृत शिक्षण केन्द्र स्थापित करने की टटोली संभावनाएं

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के साथ हुई बैठक में उत्तराखण्ड में संस्कृत शिक्षा के विस्तार, पुस्तकालय विकास योजनाओं तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संस्कृत शिक्षण केन्द्र स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने के साथ-साथ संस्कृत ग्राम सुदृढीकरण एवं पायलट आधारित किसी एक जनपद को संस्कृत आच्छादित करने का सुझाव दिया गया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उपलब्ध छात्रवृत्तियों एवं शोधवृत्तियों के संबंध में भी आवश्यक जानकारी साझा की गई।

दिल्ली विस उपाध्यक्ष से मुलाकात

इसके अतिरिक्त दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मोहन सिंह बिष्ट के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान उत्तराखण्ड एवं दिल्ली के मध्य संस्कृत शिक्षा के प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान सचिव दीपक कुमार के साथ उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ प्रकाश चंद्र पंत व डॉ सुमन प्रसाद भट्ट एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सुनील जोशी भी उपस्थित थे। दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष महोदय ने उत्तराखण्ड में संस्कृत शिक्षा के विकास हेतु हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

उत्तराखंड में चली तबादला एक्सप्रेस, कई अफसरों के पदभार बदले गए, यहां देखिए पूरी लिस्ट

उत्तराखंड में सरकार ने फिर एक बार तबादला एक्सप्रेस चला दी है। शासन स्तर पर कई पुलिस अफसरों के तबादले किए गए हैं।

देखिए तबादलों की पूरी लिस्ट

अधिकारी का नामवर्तमान पद/तैनातीहटाया गया पद (Removed)नया पद (Added)
श्रीमती विम्मी सचदेवापुलिस महानिरीक्षक, P&Mपुलिस महानिरीक्षक, P&Mपुलिस महानिरीक्षक, पुलिस दूरसंचार/फायर सर्विस
श्रीमती रिद्धिम अग्रवालपुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीतालपुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीतालपुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था / CCTNS / SCRB
कृष्ण कुमार वी.के.पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचारपुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचारपुलिस महानिरीक्षक, यातायात / जी.आर.पी.
नीलेश आनन्द भरणेपुलिस महानिरीक्षक, Cyber Crime/STF/ANTF/PAC, निदेशक FSL, सचिव पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्डपुलिस महानिरीक्षक, PAC एवं सचिव पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्डकोई नई तैनाती अंकित नहीं
अनन्त शंकर ताकवालेपुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण, राज्य मानवाधिकार आयोगपुलिस महानिरीक्षक, CID
सुनील कुमार मीणाpolice महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था / CCTNS / SCRBपुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था / CCTNS / SCRBपुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, PAC / सचिव पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड
योगेन्द्र सिंह रावतपुलिस महानिरीक्षक, कुम्भ मेला-2027, हरिद्वारपुलिस महानिरीक्षक, SDRF
निवेदिता कुकरेती कुमारपुलिस महानिरीक्षक, SDRFपुलिस महानिरीक्षक, SDRFपुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र, नैनीताल
बृजेन्द्रजीत सिंहपुलिस महानिरीक्षक (प्रतिक्षारत), पुलिस मुख्यालयपुलिस महानिरीक्षक, मुख्यालय / P&M

प्रत्यूष सिंह को हरिद्वार भेजा

वहीं सरकार ने प्रत्यूष सिंह को हरिद्वार विकास प्राधिकरण का सचिव तैनात किया गया है। गोपाल राम बिनवाल को रुड़की नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है। वहीं अभी तक रुड़की नगर निगम के नगर आयुक्त का पद संभाल रहे राकेश तिवारी को देहरादून का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हे एमडीडीए में संयुक्त सचिव का पद भी दिया गया है।