देहरादून पुलिस ने बुधवार को हुए कार हादसे के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसके साथ ही हादसे का खुलासा भी कर दिया है।
कार चला रहा था युवक, बच्चा था बगल में
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने राजपुर रोड पर हुए कार हादसे के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी के मुताबिक जिस वक्त ये हादसा हुआ उस समय गाड़ी बाइस साल का एक युवक चला रहा था। कार में इसके साथ ही 12 साल का एक बच्चा भी मौजूद था। दोनों आपस में मामा-भांजा हैं।
पुलिसिया पूछताछ में पता चला है कि हादसे के वक्त कार की रफ्तार 70-75 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास थी। कार को चला रहे शख्स ने दावा किया है कि एक स्कूटी को बचाने के चक्कर में गाड़ी अनियंत्रित हो गई और चार लोगों को रौंदते हुए निकल गई।
चार घरों का बुझ गया चिराग
आपको बता दें कि बुधवार रात को राजपुर रोड पर एक मर्सिडीज़ कार ने चार व्यक्तियों को कुचल दिया था। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि दो लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद कार चालक कार को लेकर मौके से फरार हो गया था।
पुलिस ने तलाश ली थी मर्सिडीज कार
इस मामले में देहरादून पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शहर से बाहर जाने के सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी। इसी का नतीजा रहा कि कार चालक को भागने का मौका नहीं मिला और वो सहस्त्रधारा इलाके में एक खाली प्लाट में कार पार्क करके फरार हो गया।
देहरादून में बुधवार की रात चार लोगों की जान लेने वाली कार (Dehradun accident) बरामद हो गई है। ये कार सहस्त्रधारा में एक खाली प्लाट से मिली है। हालांकि कार सवार लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
मौत का होली खेलने वाली कार बरामद
देहरादून में बुधवार की रात खून की होली खेलने वाली मर्सिडीज कार बरामद हो गई है। पुलिस को ये कार सहस्त्रधारा इलाके में एक खाली प्लाट में मिली है। माना जा रहा है कि हादसे के बाद कार सवार ने ये कार पुलिस की चेकिंग के डर से इस खाली प्लॉट में खड़ी की और भाग निकला।
चंडीगढ़ से खरीदी थी कार
उधर पुलिस ने इस मामले में बेहद तेजी से कार्रवाई की है। पुलिस की एक टीम रात को ही दिल्ली निकल गई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि इस कार का मालिक चंडीगढ़ का है और हाल ही में इस कार को दिल्ली में सेकेंड ओनर को बेचा गया है। पुलिस ने इस टिप के बाद सीधे दिल्ली का रुख किया और डिटेल निकाल ली है। अब देहरादून पुलिस इस कार को खरीदने वाले की तलाश में लगी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चार लोगों की हुई थी मौत, दो घायल
आपको बता दें कि बुधवार की रात देहरादून के राजपुर रोड इलाके में एक मर्सिडीज कार ने छह लोगों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि दो लोग घायल हो गए थे।
देहरादून में एक बार फिर से तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। तेज रफ्तार कार की टक्कर से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे में दो व्यक्ति घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर पुलिस का आला अधिकारी पहुंचे हैं।
ऐसे हुआ हादसा, कार नहीं मौत आई
चश्मदीदों के मुताबिक बुधवार की रात लगभग आठ बजकर पच्चीस मिनट पर हरियाणा नंबर की एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार बेहद तेजी से राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर के सामने से गुजरी। इस दौरान कार ने वहां से गुजर रहे चार लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि ये चारों एक बाइक और एक स्कूटी पर बैठ कर जा रहे थे। कार ने दोनों वाहनों पर सवार चारों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और दूर तक घसीटते ले गई। इस हादसे में चारों की मौत हो गई। हादसे के बाद कार सवार कार के साथ फरार होने में कामयाब रहे।
पलक झपकते मौत दिखी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ये हादसा पलक झपकते हुआ। मर्सिडीज कार बेहद तेज गति से आई। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही कार ने दो वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया और घसीटते ले गई। यही नहीं कार ने पास में खड़ी स्कूटी में भी टक्कर मार दी। इस हादसे में जहां चार लोगों की मौत गई वहीं एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर लोग सन्न रह गए। लोगों ने आनन फानन में पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लिया और दून अस्पताल पहुंचाया।
IG और SSP मौके पर पहुंचे
भयावह हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद आईजी राजीव स्वरूप और एसएसपी अजय सिंह खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जाएजा लिया। अधिकारियों ने कार सवारों की तलाश के लिए नाकेबंदी कराई है।
Holika Dahan: ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि होलिका दहन के दिन होलिका की ही पूजा की जाती है लेकिन असल में होलिका दहन के दिन होला माता की आराधना करने की परंपरा है। होलिका और होला माता दोनों अलग-अलग हैं।
Holika Dahan 13 मार्च को
Holika Dahan इस साल 13 मार्च, दिन गुरुवार को होगा। होलिका दहन के दिन अग्नि प्रज्वलित कर उसकी परिक्रमा होती है और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। Holika Dahan के दिन जहां एक ओर होलिका जलाई जाती है तो वहीं, दूसरी ओर इस दिन होला माता की पूजा करने का भी विधान है।
ईश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में इस दिन होली जलाई जाती है। प्रतीक रूप से यह भी माना जाता है कि प्रह्लाद का अर्थ आनन्द होता है। बैर और उत्पीड़न की प्रतीक होलिका (जलाने की लकड़ी) जलती है और प्रेम तथा उल्लास का प्रतीक प्रह्लाद (आनंद) अक्षुण्ण रहता है।
कौन है होलिका?
होलिका हिरण्याक्ष एवं हिरण्यकसिपु नामक दैत्यों की बहन और कश्यप ऋषि और दिति की कन्या थी। जिसका जन्म जनपद- नगलाडांङा कासगंज के सोरों शूकरक्षेत्र नामक स्थान पर हुआ था। होलिका राक्षसी थी और भक्त प्रहलाद की बुआ थी।
Holika Dahan के दिन करें होला माता की पूजा
ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि Holika Dahan के दिन होलिका की ही पूजा की जाती है लेकिन असल में होलिका दहन के दिन होला माता की आराधना करने की परंपरा है। होलिका और होला माता दोनों अलग-अलग हैं। धार्मिक मान्यता है कि बिना होला माता की पूजा के होलिका दहन का पुण्य फल प्राप्त नहीं होता है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर कौन हैं होला माता और कैसे हुई इनकी उत्पत्ति एवं क्यों की जाती है होलिका दहन पर इनकी पूजा।
कौन हैं होला माता?
पौराणिक कथा के अनुसार, जब होलिका प्रहलाद को लेकर अग्नि में बैठी थीं तब उन्हें इस बात का तनिक भी ज्ञान नहीं था कि अग्नि से न जलने का जो वरदान उन्हें ब्रह्म देव से प्राप्त हुआ है वह शीघ्र ही खंडित होने वाला था।
जब उस चिता पर अग्नि लगाई गई जिसपर होलिका और प्रहलाद बैठे हुए थे, तब प्रहलाद तो श्री हरि विष्णु की भक्ति के कारण अग्नि के प्रचंड वेग से बच गए लेकिन होलिका को उस अग्नि ने पूर्णतः जलाकर भस्म कर दिया था।
शास्त्रों में वर्णित कथा के अनुसार, जब होलिका पूरी तरह से भस्म हुई तब उसकी नकारात्मकता अग्नि से बाहर आने लगी और लोगों को प्रभावित करने लगी जिसके बाद अग्नि देव ने अपनी एक ऊर्जा को प्रकट किया था।
उस सकारात्मक और तेजमयी ऊर्जा के प्रभाव से नकारात्मकता नष्ट होने लगी और लोगों में आध्यात्म बढ़ने लगा जिसके बाद उस ऊर्जा ने देवी रूप धारण किया। देवी रूप में आते ही उन्हें अग्नि से उत्पन्न होने के कारण अग्नि पुत्री कहा जाने लगा।
उसी समय ब्रह्म देव ने अग्नि पुत्री को नाम दिया होला जिसका अर्थ है होली की नकारात्मकताओं को नष्ट करने वाली। तभी से होलिका दहन के दिन होलिका माता की पूजा का विधान स्थापित हो गया। होलिका माता की पूजा से घर में धन-धान्य का वास बना रहता है।
Holika Dahan 2025 Do’s and Don’ts: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होली का पर्व मनाया जाता है, पहले होलिका दहन होता है और फिर रंगों वाली होली खेली जाती है। ये पर्व बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। होलिका दहन को छोटी होली कहकर भी संबोधित करते हैं।
ये पर्व 13 मार्च यानी कि गुरुवार को है जबकि 14 मार्च, शुक्रवार को रंगों वाली होली मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक इस बार जैसे ही पूर्णिमा शुरू होगी , वैसे ही भद्राकाल प्रारंभ हो जाएगा इसलिए होलिका दहन की पूजा का बहुत कम वक्त मिलेगा।
भद्रा काल का समय
आपको बता दें कि भद्रा काल गुरुवार सुबह 10.35 से लेकर रात 11: 35 तक है इसलिए होलिका दहन इसके बाद ही होगा, जिसके लिए समय काफी कम है। अक्सर पूजा करते वक्त भक्त अनजाने में गलतियां कर जाते हैं। इसलिए उन्हें पूजा का उतना फल नहीं मिलता है, जितना की मिलना चाहिए उल्टा बड़ा नुकसान हो जाता है। चलिए विस्तार से जानते हैं कि छोटी होली पर क्या करें और क्या ना करें।
(Holika Dahan 2025) क्या करें
होलिका दहन से पहले भगवान विष्णु, प्रह्लाद और होलिका की पूजा करें। अग्नि को तिलक, रोली, चावल और फूल चढ़ाएं। होलिका दहन उत्तर-पूर्व दिशा में करना शुभ माना जाता है इसलिए इस दिशा में पूजा करें। होलिका के लिए गोबर से बनी मूर्ति का उपयोग करें।
होलिका दहन के समय हल्दी, नारियल और नई फसल (जैसे गेहूं की बालियां) अग्नि में अर्पित करें।
होलिका दहन के बाद इसकी सात बार परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
क्या ना करें (Holika Dahan 2025)
होलिका दहन के समय स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
प्लास्टिक, रबर, केमिकल युक्त चीजें या मांसाहारी वस्तुएं अग्नि में न डालें।
होलिका दहन के दौरान क्रोध, झगड़ा और गाली-गलौज ना करें।
होलिका दहन के समय अग्नि जलाने के तुरंत बाद वहां से न हटें और पीठ न दिखाएं।
होलिका दहन करते वक्त करें इन मंत्रों का जाप (Holika Dahan 2025)
“असृक्पाभयभीतानां दुष्टानां पापनाशिनी। ( बुरी नजर से बचने के लिए)
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। khabardevbhoomi का यह लेख किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में ‘फिट उत्तराखंड’ अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन को निर्देशित किया कि सभी विभागों के साथ समन्वय कर इस अभियान के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिट उत्तराखंड अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और फिटनेस के प्रति जागरूक करना है, जिससे वे स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों को भी शामिल किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें।
योग, व्यायाम और खेल गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि फिट उत्तराखंड अभियान के तहत योग, व्यायाम और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही, स्कूल और कॉलेजों में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए ताकि युवा पीढ़ी शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय और स्वस्थ रह सके।
प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को आगे बढ़ाएगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटापा कम करने के लिए जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए और खाने में तेल का उपयोग कम करने की आदत डालनी चाहिए। ‘फिट उत्तराखंड’ अभियान के माध्यम से इस संदेश को प्रदेशभर में प्रसारित किया जाएगा।
जन-जन तक पहुंचेगा ‘फिट उत्तराखंड’ का संदेश
सरकार का लक्ष्य है कि फिट उत्तराखंड अभियान का संदेश प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचे। इस अभियान के तहत विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे आमजन अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल करने के लिए प्रेरित हों।
उत्तराखंड में खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर एक बार फिर फायरिंग हुई है। इस बार अज्ञात शूटरों ने फायरिंग की घटना को कैंप कार्यालय के बाहर अंजाम दिया। फायरिंग करते हुए आरोपी CCTV में कैद हो गए हैं। खानपुर विधायक के निजी सचिव ज़ुबैर काजमी ने सिविल लाइन कोतवाली में तहरीर दर्ज कराई है।
इस घटना को अज्ञात शूटरों ने 26 फरवरी की सुबह 3 बजे अंजाम दिया। सामने आए CCTV में बदमाश खानपुर विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय के बाहर लगे उनके फोटो पर कई राउंड फायरिंग करते हुए नजर आ रहा है।
नकाबपोश बदमाशों ने की फायरिंग, CCTV में दिखे
निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के दफ्तर पर फायरिंग करने वाले नकाबपोश बदमाश थे। CCTV में दो नकाबपोश हमलावर उमेश कुमार के कार्यालय पर गोलियां चलाते हुए नजर आ रहे हैं। उमेश कुमार की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद हरिद्वार पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। हरिद्वार SSP परमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि CCTV फुटेज में नजर आ रहे आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिय जाएगा। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
पूर्व बीजेपी विधायक प्रणव सिंह से है रंजिश
दरअसल खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और यहां के पूर्व बीजेपी विधायक प्रणव सिंह के बीच इन दिनों अदावत जारी है। इससे पहले 26 जनवरी को खानपुर विधानसभा से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर उनके घर और कार्यालय को निशाना था। प्रणव सिंह चैंपियन पूरे लाव-लश्कर के साथ उमेश कुमार के कार्यालय पहुंचे थे और दर्जनों राउंड फायरिंग की थी।
इस दौरान वहां पर मौजूद कर्मचारियों के साथ भी पूर्व विधायक ने मारपीट और गाली-गलौज की थी। बाद में यह मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा था, सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे। इस मामले में प्रणव सिंह फिलहाल जेल में बंद हैं।
राज्य सरकार का भू-कानून सुर्खियों में है। इसके सख्त प्रावधानों के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक जमीनों की लूट-खसोट पर नकेल कसने की उम्मीदें जगी है। अब सरकारी मशीनरी इन प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था बनाने में जुट गई है।
उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) संशोधन विधेयक 2025 को राज्य सरकार ने बजट सत्र के दौरान सदन में पेश किया था, जो घ्वनिमत से पारित हुआ है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के बाद राज्य सरकार का यह दूसरा बड़ा कदम है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में राज्य सरकार के खाते में यह अहम उपलब्धि जुड़ गई है, जिसके दूरगामी परिणाम आने भी तय माने जा रहे हैं।
भू-कानून में क्या खास, जिससे है आस
भू – कानून में छूट हुई खत्म, कडे़ इंतजाम
-कृषि व बागवानी के लिए साढे़ बारह एकड़ भूमि खरीदने की छूट से जमीनों के खुर्द-बुर्द होने की शिकायतों पर सरकार ने करारी चोट की है। राज्य की धामी सरकार ने हरिद्वार व उधम सिंह नगर को छोड़कर अन्य सभी 11 जिलों में इस छूट को पूरी तरह खत्म कर दिया है। यानी पर्वतीय जिलों में अब कृषि व बागवानी के लिए बाहरी व्यक्ति जमीन ही नहीं खरीद पाएगा। जिन दो जिलों हरिद्वार व उधमसिंहनगर में इस छूट को खत्म नहीं किया गया है, वहां पर भूमि खरीद की प्रक्रिया को कठिन बना दिया गया है। कृषि व बागवानी के लिए भूमि खरीद की अनुमति पहले डीएम स्तर से दे दी जाती थी। मगर अब इन दो जिलों में इसके लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, यह प्रावधान भी किया गया है कि कृषि व बागवानी के लिए भूमि खरीद का जो बाहरी व्यक्ति इच्छुक है, उसे संबंधित विभाग से आवश्यकता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराना होगा।
एक मौका, शपथपत्र जरूरी
भू-कानून नगर निकाय और छावनी परिषद क्षेत्रों में लागू नहीं किया गया है। बाहरी व्यक्ति यदि निकाय क्षेत्रों से बाहर आवास के लिए जमीन खरीदने का इच्छुक हो, तो उसके लिए भी प्रभावी व्यवस्था भू-कानून में कर दी गई है। ऐसा व्यक्ति सिर्फ एक बार ही जमीन खरीद पाएगा और उसका क्षेत्रफल 250 वर्ग मीटर तक ही होगा। इसके लिए उसे अनिवार्य रूप से शपथपत्र भी देना होगा।
भू कानून काउल्लंघन तो सख्त निगरानी
-भू-कानून में प्रावधान किया गया है कि नगर निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत भूमि का उपयोग निर्धारित भू-उपयोग के अनुरूप ही किया जाएगा। अन्यथा, कि स्थिति में संबंधित भूमि राज्य सरकार में निहित कर ली जाएगी। भूमि खरीद के लिए शपथपत्र की अनिवार्यता के पीछे यही मंशा है कि लूूट-खसोट न होने पाए। इसी तरह, पोर्टल के माध्यम से भूमि खरीद प्रक्रिया की निगरानी का प्रावधान रखा गया है। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों के लिए यह जरूरी किया गया है कि वह राजस्व परिषद और शासन को भूमि खरीद प्रक्रिया की नियमित रिपोर्टिग करेंगे।
जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भू-कानून लागू किया जा रहा है। जनभावनाएं जिस तरह के सख्त भू-कानून के पक्ष में थीं, उसी अनुरूप इसमें प्रावधान किए गए हैं। इस ऐतिहासिक कदम से उत्तराखंड के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहरों और नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो पाएगी। –
उत्तराखंड के रहने वाले तटरक्षक बल के महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल को तटरक्षक पदक (टीएम) से सम्मानित किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हे भारतीय तटरक्षक अलंकरण समारोह में सम्मानित किया है।
असाधारण वीरता के लिए मिला पदक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक अलंकरण समारोह में 25 फरवरी 2025 को उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल को तटरक्षक पदक (टीएम) से सम्मानित किया है । ये पदक तटरक्षक बल के उन कर्मियों को प्रदान किया जाता है, जो सेवा में असाधारण वीरता तथा विशिष्ट सेवा का प्रदर्शन करते हैं। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा में तटरक्षक बल के योगदान की सराहना की और उनकी निष्ठा एवं समर्पण की प्रशंसा की।
उत्तराखंड के रहने वाले हिमांशु नौटियाल
उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल मूलरूप से गाँव प्रकंडी, जिला- रूद्रप्रयाग, उत्तराखंड के निवासी हैं । उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल 14 जुलाई 1991 में भारतीय तटरक्षक में शामिल हुए थे। उन्होंने कोच्चि में भारतीय नौसेना पोत द्रोणाचार्य में गनरी और वेपन सिस्टम में पेशेवर विशेषज्ञता प्राप्त की है। अधिकारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी भाग लिया है और आईएमओ, लंदन में समुद्री सुरक्षा समिति (एमएससी) और समुद्री पर्यावरण प्रदूषण समिति (एमईपीसी) की बैठकों के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे हैं। उनके पास विशाल समुद्री अनुभव है और उन्होंने भारतीय तटरक्षक पोत संग्राम, समुद्र प्रहरी, अव्वैयार और होवरक्राफ्ट-182 जैसे विभिन्न प्रकार के जहाजों की कमान संभाली है। एसजीआरआर से शिक्षा प्राप्त करने वाले हिमांशु नौटियाल का मौजूदा वक्त में देहरादून में ही घर है।
अभूतपूर्व समर्पण का किया प्रदर्शन
उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल ने जिला कमांडर -11 (गोवा) के रूप में, अपने पेशेवर और प्रशासनिक कौशल के माध्यम से ताउक-ताए तूफान के दौरान 79 लोगों की जीवन बचाने के लिए खोज एवं बचाव प्रयासों का समन्वय किया । गोवा में स्टैंडिंग कमेटी ऑन डिफेंस (एससीओडी) की यात्रा और चार जहाजों का कमीशनिंग/लॉन्चिंग किया, जिसमें तटरक्षक में पहली वर्चुअल ई-कमीशनिंग शामिल है। अधिकारी ने कई भारतीय तटरक्षक अभियानों की सफलता के लिए अभूतपूर्व समर्पण का प्रदर्शन किया है।
टाटा समूह की कंपनी टाटा कैपिटल अपना आईपीओ लाने की तैयारी में है। इसे लेकर तैयारी पूरी हो गई है। टाटा कैपिटल के आईपीओ (TATA Capital IPO) को मंजूरी मिलते ही टाटा समूह के शेयरों में इजाफा देखा गया है।
TATA Capital IPO का ऐलान
लंबे समय से चल रहे टाटा समूह की कंपनी टाटा कैपिटल के आईपीओ का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। टाटा कैपिटल के आईपीओं को शुरुआती मंजूरी मिल गई है। टाटा कैपिटल ने बताया है कि उसने प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) की योजना को मंजूरी दे दी है। हालांकि टाटा कैपिटल का आईपीओ कब आएगा इसे लेकर अभी कोई तय तारीख नहीं बताई गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही तारीख का ऐलान किया जाएगा।
टाटा के बोर्ड ने कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों को राइट्स के आधार पर 15,004 करोड़ रुपये तक के शेयर जारी करने का फैसला लिया है। यह आईपीओ 2023 में टाटा टेक्नोलॉजी की बंपर लिस्टिंग के बाद टाटा ग्रुप की ओर से आने वाला पहला आईपीओ होगा।
TATA Capital IPO कब आएगा ?
टाटा ग्रुप का यह कदम आरबीआई की अनिवार्य आवश्यकता के अनुरूप है, जिसमें ‘अपर लेयर’ एनबीएफसी को अधिसूचित होने के तीन साल के भीतर यानी सितंबर 2025 तक सूचीबद्ध होना है। टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, जो जनवरी 2024 में टाटा कैपिटल के साथ विलय हो गई थी, नियामक की सूची में शामिल है। जाहिर है कि इसे सितंबर तक आईपीओ लाना ही पड़ेगा
टाटा संस ने खूब लगाया पैसा
टाटा संस ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों में टाटा कैपिटल लिमिटेड में 6,097 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2019 में 2,500 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2020 में 1,000 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2023 में 594 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2024 में 2,003 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इससे समूह की ऋण व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने की मंशा स्पष्ट होती है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस, जो आरबीआई की ‘अपर लेयर’ सूची में शामिल एक और कंपनी है। इसने भी 16 सितंबर को बाजार में कदम रखा और शानदार शुरुआत की. ट्रेडिंग सत्र के अंत में आईपीओ इश्यू प्राइस पर 135 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ अपर सर्किट को छू लिया था।
TATA Capital IPO की खबर से उछले शेयर
टाटा कैपिटल के आईपीओ का रास्ता साफ होने की खबर से ही शेयर बाजार में उछाल दिखने लगा और समूह की दूसरी कंपनी टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के स्टॉक सुबह के कारोबार में ही 8.24 फीसदी के उछाल पर ट्रेड करने लगे। कंपनी के स्टॉक का भाव भी एनएसई पर 6,230 रुपये तक पहुंच गया है।