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Nikay Chunav 2024: उत्तराखंड में 23 को मतदान, जानें इस बार बैलेट पेपर में क्या है खास बात!

Nikay Chunav: प्रचार के आखिरी दिन सभी पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंकी। प्रदेश में 23 जनवरी को होने वाले निकाय चुनाव के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी सभाओं, रैलियों को प्रतिबंधित कर दिया है। अब आज प्रत्याशी केवल मतदाता के घर तक पहुंचकर वोट मांगेंगे।

Nikay Chunav: 30.29 लाख मतदाता करेंगे अपने वोट का इस्तेमाल

100 नगर निकायों के लिए 23 जनवरी को मतदान होना है। इस बार मैदान में 5 हजार 405 प्रत्याशी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। 30.29 लाख मतदाता अपने मत का इस्तेमाल कर छोटी सरकार चुनेंगे।

Nikay Chunav: बैलेट पेपर में क्या है खास

इस बार निकाय चुनाव में होने वाले मतदान में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार बैलेट पेपर में भी नोटा मतदान का ऑप्शन दिया है।

23 जनवरी को मतपेटियों में कैद होगा 5405 प्रत्याशियों का भाग्य

23 जनवरी को मतदान के बाद 5405 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में कैद हो जाएगा। 11 नगर निगमों में मेयर की कुर्सी के लिए 72 प्रत्याशी मैदान में हैं। 89 नगर पालिका और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों के लिए 445 प्रत्याशी और सभी निकायों में पार्षद-वार्ड सदस्य के पदों के लिए 4888 प्रत्याशी मैदान में हैं।

Uttarakhand Weather: बर्फबारी के बाद आज निकली धूप ने दी राहत, शीतलहर करेगी परेशान, जानिए कैसा रहेगा अगले दिनों का मौसम

Uttarakhand Weather: लगातार पिछले दिनों से खराब मौसम के कारण आम जन-जीवन फले ही सुस्त था पर पहाड़ों की बर्फबारी से सौलानियों के चेहरे खिले थे। फिलहाल आज खिली धूप से लोगों ने सर्द मौसम से कुछ निजात पाई है। अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम आइए जानते हैं।

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उत्तराखंड में आने वाले दिनों में पर्वतीय जिलों में मौसम साफ रहेगा। जबकि, मैदानी इलाकों में कोहरा छाने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 13 जनवरी से पर्वतीय जिलों में मौसम साफ रहेगा। जबकि, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में कोहरा छाए रहने के आसार हैं।

Uttarakhand Weather: यहां जारी हुआ कोहरे का यलो अलर्ट

रविवार के मौसम की बात करें तो मैदानी इलाकों में कोहरा छाने से शीतलहर परेशान करेगी। वहीं, पहाड़ाें में तेज गर्जन के साथ बिजली चमकने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, देहरादून समेत नैनीताल, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी और चम्पावत में बिजली चमकने के साथ तेज गर्जन होने की संभावना है।

वहीं, शनिवार को दून में दिन भर बादल छाए रहे। शाम के समय शीतलहर चलने से ठिठुरन बढ़ गई। हालांकि, तापमान में कोई खास असर नहीं पड़ा। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक के साथ 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री बढ़ोतरी के साथ 7.2 डिग्री दर्ज किया गया।

Uttarakhand Weather: छह डिग्री गिरा पारा, बढ़ी ठिठुरन

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते ठिठुरन बढ़ गई। हालांकि, रात के न्यूनतम तापमान में इजाफा होने से ठंड से थोड़ी राहत जरूर मिली। देहरादून जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई और निचले इलाकों में रविवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।

राजस्व प्राप्ति में पिछड़े विभागों को मुख्य सचिव की चेतावनी, मंथन करें

उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राजस्व प्राप्ति में पिछड़ रहे विभागों को चेतावनी दी है। मुख्य सचिव ने कहा है कि ऐसे विभागों को मंथन और समीक्षा करनी चाहिए। वहीं सीएस ने राज्य के अधिकारियों को 25-26 के लिए राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य को समय से पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।

समय से पूरा करने की हिदायत

शुक्रवार को सीएस राधा रतूड़ी ने देहरादून स्थित सचिवालय में विभागों के साथ वर्ष 2025-26 हेतु राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य निर्धारित किये जाने तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व अवशेष राजस्व प्राप्ति को समय से पूरा करने के सम्बन्ध समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्यों को ससमय पूरा करने की हिदायत दी है।

मंथन करें विभाग

सीएस राधा रतूड़ी ने राजस्व लक्ष्य प्राप्ति में अपेक्षाकृत पीछे रहने वाले विभागों को आन्तरिक समीक्षा एवं मंथन के निर्देश दिए हैं ताकि वे अपने राजस्व में समयबद्धता से वृद्धि के प्रयास कर सके। मुख्य सचिव ने वन विभाग को राज्य के समान परिस्थिति वाले अन्य देशों एवं राज्यों के अध्ययन के निर्देश दिए हैं ताकि वन विभाग की राजस्व वृद्धि की संभावनाओं पर कार्य किया जा सके। एसजीएसटी के डाटा शेयरिंग के सम्बन्ध में सीएस ने सभी विभागों के लिए आईटीडीए को अगले वित्तीय वर्ष से पूर्व एक समेकित आईटी सोल्यूशन विकसित कर आरम्भ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के सचिवों को अगले बजट के प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करते हुए ससमय भेजने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड। हाईकोर्ट ने डांटा तो सरकार ने इस अधिकारी को किया सस्पेंड

हाईकोर्ट के सख्त रवैए और कड़ी टिप्पणी के अब आखिरकार धामी सरकार भी जाग गई है। धामी सरकार ने बागेश्वर के जिला खनन अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है। वहां नए खनन अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी है। खनन में लगीं सभी मशीनें सीज की जाएंगी। सरकार ने खड़िया खनन के लिए नई एसओपी भी जारी कर दी है।

हाईकोर्ट ने अपनाना सख्त रुख

हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले की तहसील कांडा के कई गांवों में खड़िया खनन की वजह से आई दरारों के मामले में स्वतः संज्ञान लेने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने खनन में अनियमितता को लेकर सख्त रुख अपनाया। हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के क्रम में डीएम बागेश्वर, जिला खान अधिकारी सहित अन्य अधिकारी कोर्ट में पेश हुए।

कोर्ट ने डांटा तो हुआ सस्पेंशन

कोर्ट ने अधिकारियों को फटकारते हुए खान अधिकारी को तुरंत सस्पेंड करने की जरूरत बताई। इस पर सरकार ने तत्काल अमल करते हुए वागेश्वर के जिला खनन अधिकारी को सस्पेंड कर दिया। हाईकोर्ट के मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने बताया कि सरकार ने बृहस्पतिवार शाम को खनन अधिकारी को सस्पेंड कर वहां नए खनन अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। रावत ने बताया कि सरकार ने खनन के लिए नई एसओपी भी जारी कर दी है।

मशीनों को करें सीज, रिपोर्ट कोर्ट में दें

एसपी शुक्रवार तक खनन में लगी सभी मशीनों को सीज करें और अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। पूर्व तिथि को मामले को गंभीर पाते हुए कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट का आकलन करके निदेशक खनन व सचिव औद्योगिक विकास व डीएम बागेश्वर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए थे। कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट के तहत खड़िया खनन करने वालों ने वनभूमि के साथ सरकारी भूमि में भी नियम विरुद्ध खनन किया हुआ है। इससे पहाड़ी दरकने लगी है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री के बेटे के खिलाफ मामला दर्ज, ये है मामला

उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल के बेटे पियूष अग्रवाल के खिलाफ वन विभाग ने मुकदमा दर्ज किया है। दरअसल, निजी नाप भूमि पर रिजॉर्ट निर्माण के लिए संरक्षित प्रजाति के पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। मामले में वन विभाग ने पीयूष अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

खैर के पेड़ काट डाले

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नीलकंठ मार्ग पर खैर खाल में 26 पेड़ काटे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 24 पेड़ छूट प्रजाति के थे जबकि दो पेड़ संरक्षित प्रजाति के हैं। जांच में खैर के दो पेड़ काटे जाने पर लालढांग रेंज द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया है। इस भूमि पर बिना अनुमति के सड़क भी काटे जाने का आरोप है। यहां कई दिनों तक बिना अनुमति के जेसीबी मशीन चलती रही। जिस पर राजस्व उपनिरीक्षक ने मौके पर पहुंच कर तीन बार कार्य भी रुकवाया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रसूखदार की भूमि होने के कारण तहसील प्रशासन ने कभी सख्त कदम नहीं उठाया।

‘जुर्माना भरा जाएगा’

वहीं इस संबंध में पीयूष अग्रवाल ने अखबार को दिए बयान में कहा है कि “मुझे इस विषय की जानकारी आपसे ही मिली है। हम डीएफओ के पास कटान की अनुमति लेने गए थे। हमें बताया गया कि प्रक्रिया बदल दी गई है, पहले तहसीलदार व पटवारी की रिपोर्ट लगेगी। हमने दोनों से अनुमति ली, अनुमति की रिपोर्ट भी हमारे पास है। पटवारी ने मौका-मुआयना कर रिपोर्ट भेज दी थी। मुझे नहीं लगता कि वहां ऐसा कुछ हुआ होगा, अगर हुआ भी होगा तो नियमानुसार जुर्माना भरा जाएगा।”

उधर डीएफओ कोटद्वार आकाश गंगवार के मुताबिक बिना अनुमति संरक्षित प्रजाति के दो पेड़ काटे गए हैं। पेड़ों की गणना नपत करके भूस्वामी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसमें कार्रवाई गतिमान है।

सीएम धामी ने खटीमा को दी नए स्टेडियम की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के चकरपुर में बने नवनिर्मित स्टेडियम को राज्य की जनता को समपर्ति कर दिया है। स्टेडियम के उद्घाटन के मौके पर सीएम धामी ने सभी क्षेत्रवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि, 2017 में खटीमा के विधायक के रूप में उन्होंने इस स्टेडियम की घोषणा की थी। हालांकि, कई बाधाओं के चलते उनके विधायक रहते हुए इस स्टेडियम का कार्य पूर्ण नहीं हो सका था। लेकिन प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उन्हें इसका शुभारंभ करने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा ये स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को खेल का मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और उसके माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खटीमा सहित पूरे राज्य का गौरव बढ़ा सकेंगे।

खेलों के प्रति बढ़ेगी रुचि

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। जहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, वालीबॉल, कबड्डी जैसे खेलों के मैदानों का निर्माण कराया गया है, साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने के लिए हॉस्टल और इनडोर कार्यक्रमों के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल का भी निर्माण किया गया है। नए स्टेडियम में आगामी राष्ट्रीय खेलों की मलखंभ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा मिलेगा।

नई पहचान बना रहा भारत

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा प्रदेश में नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा तथा खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी किया जा रहा है।

धामी सरकार ने उठाए कई कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही राज्य में एक खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित करने जा रहे हैं, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। आगामी 28 जनवरी से हमारे राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इस बार, हम राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित कर रहे हैं।

खटीमा से शुरू की जनसेवा की यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा।  मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से वादा करते हुए कहा कि इस बार के राष्ट्रीय खेल न केवल ऐतिहासिक होंगे, बल्कि खेलों के क्षेत्र में उत्तराखंड की साख को विश्वस्तरीय रूप देने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है, यहीं से उन्होंने अपनी जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव उनके दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नए हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण कार्य, खटीमा को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य जैसे अनेकों कार्य इस क्षेत्र में हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एवं खटीमा क्षेत्र के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के अपने विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रही है।

सीएम धामी ने आवास में लगाया ट्यूलिप, परिजन भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में अपने पारिवारिक सदस्यों संग विभिन्न प्रजातियों के ट्यूलिप बल्ब का रोपण किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में फूलों की बहुत अधिक मांग बनी रहती है जिससे प्रदेश में भी पुष्प उत्पादन से स्वरोजगार अर्जित करने की बहुत अधिक संभावना है। अतः किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ पुष्प उत्पादन की व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री आवास परिसर में उन्होंने विभिन्न बागवानी कार्यों का भी निरीक्षण किया तथा फूलों की विभिन्न प्रजातियों के कार्यों का अवलोकन कर ऐसे प्रयासों की सराहना की।

उत्तराखंड में मौसम। बारिश – बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी, इस दिन के लिए रहिए अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर से मौसम बदलने जा रहा है. मौसम विभाग ने अगले 5 जनवरी से पहाड़ों पर हल्की बरसात और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है. जबकि तीन और चार जनवरी को मौसम शुष्क रहने वाला है.राज्य के ऊंचे इलाकों में मौसम विभाग ने बर्फबारी की संभावना जताई है. इससे जहां तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, मौसम विभाग के अनुसार 5 जनवरी से मौसम करवट लेगा जो 7 जनवरी तक बना रहेगा 2500 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले पर्वतीय जिलों में बर्फबारी होने की संभावना है.

फिलहाल शुष्क रहेगा मौसम

गौर हो कि मौसम विभाग ने फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की भविष्यवाणी की है. वहीं राजधानी देहरादून में आसमान साफ रहने की संभावना जताई है. साथ ही कुछ स्थानों पर कोहरा छाने का अंदेशा जताया है.देहरादून में अधिकतम तापमान 23°C के लगभग रहने की संभावना जताई है. वहीं शुक्रवार को हल्द्वानी और उसके आसपास का तापमान न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस से अधिकतम 15 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया. इसके अलावा तराई के क्षेत्र में कोहरे और शीतलहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शीतलहर के चलते ठिठुरन बढ़ गई है. ठंड के चलते लोग घरों में रहने की मजबूर हैं.

उत्तराखंड में पंच केदार, जहां शिव का है वास, ऐसे करिए यात्रा

पंच केदार – उत्तराखंड की दिव्य धरोहर

उत्तराखंड की हिमालय की गोद में बसे पंच केदार, भगवान शिव के पांच पवित्र मंदिरों का समूह है। ये मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यहाँ की यात्रा श्रद्धा, साहस, और प्रकृति के प्रेम से भरी होती है। आइए इन मंदिरों के दिव्य अनुभव को और करीब से जानें।

1. केदारनाथ – शिव का परम धाम

केदारनाथ, पंच केदार में सबसे प्रमुख और विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। समुद्र तल से 3,583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित, यह मंदिर बर्फ से ढकी चोटियों के बीच एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। मान्यता है कि पांडवों के पापों से बचने के लिए भगवान शिव ने यहाँ भैंसे का रूप धारण किया था। केदारनाथ का शांत और आध्यात्मिक वातावरण हर यात्री के दिल को छू जाता है।

2. तुंगनाथ – सबसे ऊँचा शिव मंदिर

तुंगनाथ, दुनिया का सबसे ऊँचाई पर स्थित शिव मंदिर है, जो समुद्र तल से 3,680 मीटर ऊपर है। यहाँ भगवान शिव की बाहुओं की पूजा की जाती है। यह स्थान ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान है। चंद्रशिला ट्रेक का अनुभव और तुंगनाथ का शांत वातावरण एक अनमोल यादगार बनाता है।

3. रुद्रनाथ – शिव का मुख दर्शन

रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव के मुख की पूजा का स्थान है। यह मंदिर समुद्र तल से 2,286 मीटर की ऊँचाई पर घने जंगलों और बर्फीली चोटियों के बीच स्थित है। कठिन रास्तों के बावजूद, यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति हर कष्ट को भुला देती है।

4. मध्यमहेश्वर – शिव के नाभि रूप की पूजा

मध्यमहेश्वर मंदिर, जहाँ भगवान शिव के नाभि और पेट की पूजा होती है, समुद्र तल से 3,289 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुँचने का रास्ता हरे-भरे जंगलों और खूबसूरत पहाड़ों से होकर गुजरता है। यहाँ की यात्रा आपके शरीर और आत्मा दोनों को ऊर्जा से भर देती है।

5. कल्पेश्वर – शिव की जटाओं का निवास

कल्पेश्वर, पंच केदार में सबसे छोटा और सबसे सुलभ मंदिर है। यह मंदिर उरगम घाटी में स्थित है और भगवान शिव की जटाओं को समर्पित है। यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जो सालभर खुला रहता है। यहाँ की यात्रा आपको आध्यात्मिकता और प्रकृति के करीब ले आती है।

पंच केदार की यात्रा का अनुभव

पंच केदार की यात्रा केवल धार्मिक नहीं है, यह आत्मा को शांत करने और प्रकृति से जुड़ने का एक अनूठा अनुभव है।

  • आध्यात्मिकता का अहसास: हर मंदिर का वातावरण एक अलग ऊर्जा और शांति का अनुभव कराता है।
  • प्रकृति की गोद में: हिमालय के अद्भुत नज़ारे, बर्फ से ढके पहाड़, और हरे-भरे जंगल आपकी हर यात्रा को यादगार बनाते हैं।
  • साहसिक यात्रा: पंच केदार तक पहुँचने के लिए कठिन ट्रेकिंग करनी पड़ती है, जो रोमांच और धैर्य का अनुभव कराती है।

यात्रा के लिए टिप्स

  1. सही समय चुनें: मई से अक्टूबर का समय यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त है। सर्दियों में अधिकांश मंदिर बर्फबारी के कारण बंद रहते हैं।
  2. तैयारी जरूरी है: ऊँचाई और ट्रेकिंग के लिए शारीरिक रूप से तैयार रहें।
  3. जरूरी सामान साथ रखें: गर्म कपड़े, मजबूत जूते, और हल्का भोजन साथ ले जाएँ।

ध्यान रहे

पंच केदार की यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मा और प्रकृति का मिलन है। यहाँ की हर चोटी, हर मंदिर, और हर रास्ता आपको शिव की शक्ति और हिमालय की सुंदरता का अनुभव कराता है। यह यात्रा आपकी आत्मा को शांति और जीवन को नई ऊर्जा से भर देती है।

राजीव महर्षि की मेहनत रंग लाई, कांग्रेस ने इस बागी को मनाया

देहरादून नगर निगम के वार्ड संख्या 61 से कांग्रेस टिकट के इच्छुक परितोष सिंह ने नगर निगम चुनाव में पार्टी द्वारा अधिकृत की गई प्रत्याशी श्रीमती अपूर्वा रतूड़ी का समर्थन करते हुए अपना नामांकन वापिस ले लिया है।

राजीव महर्षि की मेहनत रंग लाई

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष करण महरा ने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को निकाय चुनाव में पार्टी की एकजुटता का दायित्व सौंपा है और वरिष्ठ नेता तथा प्रदेश के मुख्य मीडिया समन्वयक राजीव महर्षि ने इसी संदर्भ में वार्ड 61 से पार्टी टिकट के इच्छुक परितोष सिंह को उनके परिवार की पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा का हवाला दिया गया था, जिसे परितोष सिंह ने बिना देर किए स्वीकार करते हुए पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार का समर्थन करने की घोषणा की गई। महर्षि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण महरा के आह्वान पर पार्टीजनों को एकजुट करने के मिशन में जुटे हैं।


गौरतलब है कि युवा नेता परितोष सिंह ने बड़े पैमाने पर नगर निगम चुनाव के लिए तैयार की गई थी और वार्ड के हर कोने में उन्होंने जनसंपर्क साध कर मतदाताओं को अपने पक्ष में जुटाया गया था। उन्होंने सभी समर्थकों से पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन करने की अपील की है।

परंपरा का किया सम्मान

इस मौके पर राजीव महर्षि ने परितोष सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवा नेता ने कांग्रेस परम्परा का सम्मान किया है, पार्टी उन्हें यथोचित सम्मान देगी और वक्त आने पर इससे बेहतर अवसर प्रदान करेगी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि युवा वर्ग का पार्टी के प्रति समर्पण यह दर्शाता है कि लोग अपनी विचारधारा पर दृढ़ हैं और आसन्न चुनाव में पार्टी का लक्ष्य प्राप्त करने की पुरजोर कोशिश कर सफलता प्राप्त करेंगे।इस मौक पर पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा,पूर्व राज्य मंत्री अजय सिंह जी,उपेन्द्र थापली, प्रदेश उत्तराखंड सोशल मीडिया सचिव विकास नेगी, गीता राम जयसवाल, सचिन त्रिवेदी, विशाल,अंकित डोभाल अमन पाल मोहित यादव वैभव पंवार सौरव जलाल शुभम् कटारिया पंकज सोलियाल वार्ड 61 तरला आमवाला के अन्य निवासी उपस्थित रहे|