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IGAS BAGWAL 2025: उत्तराखंड की ‘बूढ़ी दिवाली’ का अनोखा उल्लास, जानिए क्यों दिवाली के 11 दिन बाद मनता है यह महापर्व?

IGAS BAGWAL शनिवार, 1 नवंबर 2025 को देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर पारंपरिक लोकपर्व ‘इगास बग्वाल’ (IGAS BAGWAL 2025) की धूम मचेगी। इसे बूढ़ी दिवाली या इगास दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। दिवाली के ठीक 11 दिन बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को मनाया जाने वाला यह त्योहार, न सिर्फ उत्तराखंड की संस्कृति का गौरव है, बल्कि शौर्य और सामुदायिक एकता का प्रतीक भी है।

इस दिन राज्य सरकार ने भी राजकीय अवकाश घोषित किया है ताकि प्रवासी उत्तराखंडी भी अपने गांवों में लौटकर अपनी जड़ों से जुड़ सकें और इस खास लोकपर्व को पूरे उत्साह के साथ मना सकें।

आखिर क्यों मनाई जाती है दिवाली के 11 दिन बाद ‘इगास’ (IGAS BAGWAL)?

इगास बग्वाल (IGAS BAGWAL) मनाने के पीछे दो प्रमुख लोक-मान्यताएं प्रचलित हैं, जो इस पर्व को खास बनाती हैं:

1. भगवान राम की वापसी की देरी से मिली खबर

पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर और लंका पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटे, तो पूरे देश में दीपोत्सव मनाया गया। लेकिन उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में राम के आगमन की खबर 11 दिन बाद, यानी कार्तिक शुक्ल एकादशी को पहुंची। इस देरी के कारण, यहां के लोगों ने 11वें दिन अपने तरीके से खुशियां मनाईं और दीये जलाए, जिसे बूढ़ी दिवाली कहा जाने लगा।

2. वीर माधो सिंह भंडारी का विजयोत्सव

एक अन्य ऐतिहासिक कहानी गढ़वाल के महान सेनापति वीर माधो सिंह भंडारी से जुड़ी है। कहा जाता है कि लगभग 400 साल पहले, वे राजा महीपति शाह की सेना का नेतृत्व करते हुए तिब्बत के युद्ध में गए थे। दिवाली के समय उनकी सेना घर नहीं लौट पाई। लोगों ने मान लिया था कि सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए होंगे, इसलिए किसी ने दिवाली नहीं मनाई।

Read Also: उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन: पहाड़ों के बेहतरीन स्वाद का अनोखा संगम

लेकिन दिवाली के ठीक 11वें दिन, वीर माधो सिंह भंडारी अपनी सेना के साथ युद्ध जीतकर विजयी होकर वापस लौटे। उनकी इस जीत और सुरक्षित वापसी की खुशी में, पूरे गढ़वाल क्षेत्र में दीये जलाकर भव्य उत्सव मनाया गया। तभी से इस दिन को इगास बग्वाल यानी ‘विजयोत्सव’ के रूप में भी मनाया जाता है।

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इगास बग्वाल (IGAS BAGWAL) कैसे मनाया जाता है?

इगास (IGAS BAGWAL) का त्योहार आस्था, लोक संगीत और पारंपरिक खेलों का जीवंत संगम है।

  1. भैलो खेलने की अनूठी परंपरा: IGAS BAGWAL पर्व का मुख्य आकर्षण है ‘भैलो’ खेलने का रिवाज। भैलो चीड़, भीमल या भांगजीरे की सूखी लकड़ियों का गट्ठर होता है, जिसे रस्सी से बांधा जाता है। शाम को देवी-देवताओं की पूजा के बाद, ग्रामीण इस गट्ठर को जलाकर रस्सी से घुमाते हैं, जिससे आग के शानदार गोले हवा में घूमते हुए नज़र आते हैं। यह भैलो खेलना खुशहाली, समृद्धि और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
  2. लोकगीत और नृत्य: IGAS BAGWAL के दिन पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय लोग ढोल-दमाऊ की थाप पर ‘छोलिया’, ‘झुमैलो’ और ‘चांचरी’ जैसे लोक नृत्य करते हैं। ‘भैलो रे भैलो’ और वीरता की गाथाएं सुनाने वाले लोकगीत पूरे पहाड़ी अंचल में गूंजते हैं।
  3. पशुधन का सम्मान: इगास (IGAS BAGWAL) के दिन गायों और बैलों को विशेष सम्मान दिया जाता है। उन्हें नहलाकर, उनके सींगों पर तेल लगाकर और मालाएं पहनाकर उनकी पूजा की जाती है।
  4. पारंपरिक पकवान: घरों में विशेष पहाड़ी व्यंजन, जैसे अरसा, पूड़ी, स्वले, खीर और अन्य पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं, जिन्हें आपस में बांटा जाता है।

इगास बग्वाल सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह उत्तराखंड की ‘देवभूमि’ और ‘वीरभूमि’ की पहचान है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, पूर्वजों का सम्मान करने और लोक-संस्कृति को संजोकर रखने का संदेश देता है।

तो इस 1 नवंबर 2025 को, आप भी अपनी इस अनूठी ‘बूढ़ी दिवाली’ के रंग में रंगने के लिए तैयार हो जाइए!

Bill Lao Inam Pao: CM धामी ने निकाले मेगा लकी ड्रॉ, चुने गए 1888 विजेता, 2 लोगों ने जीती इलेक्ट्रिक कार

Bill Lao Inam Pao (देहरादून): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह का शानदार शुभारंभ करते हुए शुक्रवार को सचिवालय में राज्य कर विभाग, उत्तराखंड द्वारा आयोजित ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ योजना के अंतर्गत मेगा लकी ड्रॉ निकाला। इस कार्यक्रम में कुल 1888 लकी ड्रॉ विजेता चुने गए।

Bill Lao Inam Pao: नैनीताल की सोनिया और टिहरी के जसपाल रावत ने जीती इलेक्ट्रिक कार, बने प्रथम विजेता

मेगा लकी ड्रॉ के प्रथम विजेताओं के रूप में नैनीताल जनपद की सोनिया और टिहरी जनपद के जसपाल रावत ने एक-एक इलेक्ट्रिक कार जीती। मुख्यमंत्री ने दोनों विजेताओं से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।

योजना ने बढ़ाया राजस्व और कर अनुपालन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि ‘बिल लाओ, ईनाम पाओ’ (Bill Lao Inam Pao) योजना राज्य में जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस नवाचार ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना और ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में शुरू की गई इस योजना के माध्यम से जनभागीदारी को कर प्रणाली से सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि Bill Lao Inam Pao योजना के तहत 6 लाख 50 हजार बिलों के माध्यम से 263 करोड़ रुपये का लेनदेन लोगों द्वारा अपलोड किया गया। इससे व्यापारी वर्ग में कर अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा मिला है और राज्य की राजस्व प्राप्ति में निरंतर वृद्धि दर्ज हुई है।

उपभोक्ता जागरूकता व जनभागीदारी का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि Bill Lao Inam Pao योजना आज एक ओर जहां उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बन चुकी है, वहीं साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के माध्यम से व्यवसायियों को भी सहूलियत मिली है।

व्यापार तंत्र को कुशल व पारदर्शी बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापार तंत्र को और अधिक कुशल व पारदर्शी बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भ्रष्टाचार मुक्त व भयमुक्त वातावरण में आज व्यापारी वर्ग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और नवाचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “वार्षिक व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन में नवाचार, संसाधनों के मितव्ययी उपयोग और नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया।

पुरस्कारों की भरमार

मेगा लकी ड्रॉ में विजेताओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए:

पुरस्कारविजेताओं की संख्या
इलेक्ट्रिक कार2
कार16
ई-स्कूटर20
मोटरसाइकिल50
लैपटॉप100
स्मार्ट टीवी200
टैब500
माइक्रोवेव एवं अन्य पुरस्कार1000
कुल विजेता1888

मुख्यमंत्री की जनता से अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि प्रत्येक खरीदारी पर बिल अवश्य मांगें और लेनदेन को पारदर्शी बनाकर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, आयुक्त राज्य कर सोनिका सहित उद्योग व्यापार समूह और टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा राज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

OPD Timing Change: रामनगर समेत पूरे नैनीताल जिले के सरकारी अस्पतालों के समय में हुआ बदलाव

OPD Timing Change: उत्तराखंड के कुछ सरकारी अस्पतालों के खुलने का समय अब बदल गया है। बता दें कि अब अस्पताल एक घंटा देरी से खुलेंगे और देरी से बंद होंगे। बताया जा रहा है कि यह बदलाव सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी लागू होगा। यहां पढ़िये नई और पुरानी OPD Timing क्या है।

OPD Timing बदलने का कारण और मुख्य बातें

  • सर्दियों के कारण सरकारी अस्पतालों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव।
  • नैनीताल जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी लागू होगा।
  • नई समय सारणी 1 नवंबर से 31 मार्च तक रहेगी प्रभावी।

ठंड के चलते बदला OPD Timing, एक घंटा देरी से खुलेंगे अस्पताल

सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ, नैनीताल जिले (जिसमें रामनगर भी शामिल है) के सरकारी अस्पतालों के समय में परिवर्तन किया गया है। अब सरकारी अस्पताल एक घंटा देरी से खुलेंगे और एक घंटा देरी से बंद होंगे।

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बताया जा रहा है कि यह बदलाव जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर भी लागू होगा।

पुरानी और नई समय सारणी

सरकारी अस्पतालों के लिए गर्मी और सर्दी के मौसम में अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है:

विवरणगर्मी का समय (1 अप्रैल से 31 अक्टूबर)सर्दी का समय (1 नवंबर से 31 मार्च)
ओपीडी का समयसुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तकसुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक

कब से कब तक लागू?

नई समय सारणी 1 नवंबर (शनिवार) से शुरू होकर 31 मार्च तक प्रभावी रहेगी। इस संबंध में सभी अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब मरीजों को देखने के लिए ओपीडी सुबह 9 बजे से 3 बजे तक खुली रहेगी।

Unity March: CM DHAMI ने दिलाई ‘नशा मुक्त’ उत्तराखंड की शपथ, सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि

Unity March: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। देहरादून स्थित घंटाघर में उनकी मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद उन्होंने ‘एकता पदयात्रा’ का शुभारंभ किया और उसमें प्रतिभाग भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड की शपथ दिलाई।

Unity March: अदम्य साहस और राष्ट्र समर्पण को नमन

मुख्यमंत्री धामी ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र समर्पण की भावना के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।

560 से अधिक रियासतों को जोड़ा: अखंड भारत का निर्माण

मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के जीवन को देश की एकता और अखंडता को समर्पित बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सरदार पटेल ने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।

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वर्ष 2014 से ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में जयंती

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे महापुरुष के योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

16 नवंबर तक Unity March वॉकथॉन: जन-जागरूकता का अभियान

राज्य में राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि:

  • राज्यभर में 16 नवंबर तक प्रत्येक जिले के तीन स्थानों पर Unity March वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
  • प्रत्येक आयोजन स्थल पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा होगी।
  • इन पदयात्राओं के साथ नशा मुक्त भारत, एक पेड़ मां के नाम तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे जन-जागरूकता अभियानों को भी जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस Unity March वॉकथॉन को भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने का माध्यम बताया।

युवाओं से आह्वान: एक भारत श्रेष्ठ भारत

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन और सेवा की भावना प्रबल होगी।

उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से एकजुट होकर इस संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

पिथौरागढ़: CM Dhami ने किया सहकारिता मेले का शुभारंभ, पिथौरागढ़ को ₹85.14 करोड़ का तोहफा

CM Dhami ने बुधवार को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025” के उपलक्ष्य में पिथौरागढ़ में आयोजित सहकारिता मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर CM Dhami ने जनपद की 85.14 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 23.16 करोड़ रुपये की लागत के शिलान्यास और 61.98 करोड़ रुपये के लोकार्पण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश की सहकारिता क्षेत्र में उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ भी साझा कीं।

सहकारिता से आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त-CM Dhami

CM Dhami ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि लोकार्पित और शिलान्यास की गई योजनाएँ पिथौरागढ़ के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। CM Dhami ने सहकारिता की परंपरा को भारत में प्राचीन बताते हुए कहा कि यह परस्पर सहयोग द्वारा स्वावलंबी बनाने का प्रयास है।

“अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025”

संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया है, जिसका उद्देश्य वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देकर सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना है।

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सहकारिता मंत्रालय और “सहकार से समृद्धि”

  • देश में “सहकार से समृद्धि” के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन का निर्णय लिया।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार कर रहा है।

सहकारिता क्षेत्र में उत्तराखंड की प्रमुख उपलब्धियाँ

CM Dhami ने कहा कि उत्तराखंड सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है:

  • कंप्यूटरीकरण: देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य उत्तराखंड से प्रारंभ हुआ था, और आज प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण हो चुका है।
  • जन औषधि केंद्र: राज्य की 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जो ग्रामीण जनता को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध करा रही हैं।
  • कॉमन सर्विस सेंटर: 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।
  • राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस: राज्य की 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड हो चुका है।
  • नई समितियों का गठन: फरवरी 2023 से अब तक 800 नई पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ एवं 116 मत्स्य समितियाँ गठित की गई हैं।

किसानों और ग्रामीण जनता के लिए प्रमुख योजनाएँ

  • मिलेट मिशन योजना: उत्तराखंड सहकारी संघ द्वारा किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए इस वर्ष मण्डुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है।
  • दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना: इस योजना के तहत किसानों और स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन और फूलों की खेती जैसे कृषि कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।
  • ब्याजमुक्त फसली ऋण: सहकारी समितियों के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को 1 लाख रुपये का ब्याजमुक्त फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • बढ़ता भरोसा: प्रदेश के सहकारी बैंकों में आज 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।
  • महिला सशक्तिकरण (लखपति दीदी): सहकारी समितियों के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है, जिसमें प्रदेश की 1 लाख 70 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

पिथौरागढ़ में गतिमान प्रमुख विकास कार्य

CM Dhami ने बताया कि पिथौरागढ़ में अनेक बड़े विकास कार्य गतिमान हैं:

  • मेडिकल कॉलेज: 750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
  • स्पोर्ट्स कॉलेज: 34 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है।
  • स्टेडियम और बस स्टेशन: विकासखंड बेरीनाग में एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण भी कराया जा रहा है।
  • सड़क और कनेक्टिविटी: क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य गतिमान है।
  • हवाई संपर्क: पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ा गया है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

CM Dhami का सीमांत गांव मिलम दौरा: जवानों से मुलाकात, इनडोर स्टेडियम समेत की 3 बड़ी घोषणाएँ

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के CM Dhami ने बुधवार को पिथौरागढ़ जिले के सुदूर सीमांत गांव मिलम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों से मुलाकात की और सीमांत क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने जवानों के राष्ट्रसेवा के जज्बे को सलाम किया और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

देश की सुरक्षा में जवानों का अतुलनीय योगदान: CM Dhami

CM Dhami ने मिलम में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों से मुलाकात कर उनके साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवान जिस निष्ठा और समर्पण भाव से राष्ट्रसेवा कर रहे हैं, वह अतुलनीय है। CM Dhami ने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में जवानों का योगदान अमूल्य है और उनका अनुशासन, परिश्रम तथा देशभक्ति सभी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

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ग्रामीणों से संवाद और ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ पर चर्चा

अपने दौरे के दौरान, CM Dhami ने सीमांत क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों से भी गहन संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से उनके क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की।CM Dhami ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

CM Dhami ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत सीमांत क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने, स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तेजी से जारी हैं। उन्होंने सीमा क्षेत्र के नागरिकों के सहयोग और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया।

सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्धता और घोषणाएं

CM Dhami ने प्रदेश सरकार की सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि सीमाओं पर निवास करने वाले नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

CM Dhami ने सीमांत क्षेत्र के विकास के लिए कीं ये महत्वपूर्ण घोषणाएं

  1. जोहार क्लब, मुनस्यारी: जोहार क्लब मुनस्यारी में एक इनडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
  2. ग्राम मिलम: ग्राम मिलम स्थित नन्दा देवी मंदिर का सौन्दर्यीकरण कार्य कराया जाएगा।
  3. ग्राम बिल्जू: ग्राम बिल्जू में सामुदायिक मिलन केन्द्र का निर्माण कार्य किया जाएगा।

उत्तराखंड: ‘लेखक गाँव’ में जल्द होगा ‘स्पर्श महोत्सव’ का आगाज़, 60 से अधिक देशों के जुटेंगे साहित्यकार

उत्तराखंड (देहरादून): देवभूमि उत्तराखंड की पावन वादियों में स्थित ‘लेखक गाँव’ आगामी 3 से 5 नवम्बर, 2025 तक एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय आयोजन, स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 का केंद्र बनने जा रहा है। यह त्रि-दिवसीय महोत्सव भारतीय साहित्य, संस्कृति, कला और हिंदी भाषा के वैश्विक प्रसार को समर्पित होगा, जिसमें 60 से अधिक देशों के साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, पर्यावरणविद् और युवा रचनाकार भाग लेंगे।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार में पूर्व शिक्षा मंत्री, तथा लेखक गाँव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के संरक्षण एवं स्पर्श हिमालय फाउंडेशन के तत्वावधान में यह आयोजन संपन्न होगा। डॉ. निशंक ने इसे भारत की आत्मा, संस्कृति और सृजन का वैश्विक उत्सव बताया।

उद्घाटन सत्र: भारतीयता का वैश्विक विस्तार (3 नवम्बर, 2025)

महोत्सव का भव्य उद्घाटन 3 नवम्बर, 2025 को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा किया जाएगा।

  • विषय: “भारतीय साहित्य, संस्कृति और कला का वैश्विक विस्तार”।
  • कला एवं संस्कृति: सुप्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर सहित अनेक विभूतियां कार्यक्रम में अपनी मनमोहक प्रस्तुतियाँ देंगी।
  • विज्ञान और प्रकृति का संगम: इसी शाम नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण एवं अनुसंधान विज्ञान संस्थान (ARIES) द्वारा विशेष NIGHT WATCH का आयोजन होगा, जहाँ प्रतिभागी हिमालय की गोद में तारामंडल के अद्भुत नजारों का आनंद लेंगे।

द्वितीय दिवस: हिंदी को विश्वभाषा बनाने का संकल्प (4 नवम्बर, 2025)

द्वितीय दिवस पर मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम पृथ्वीराज सिंह रूपन (GCSK), केंद्रीय संसदीय कार्य एवं संस्कृति मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति रहेगी।

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  • मुख्य विषय: “हिंदी को विश्वभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने का संकल्प”, “भारतीयता का सांस्कृतिक दर्शन” और “नवोदित लेखकों की नई दृष्टि”।
  • युवा मंच: युवा रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए विशेष मंच प्रदान किया जाएगा।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: शाम को दून सांस्कृतिक स्कूल, झाझरा (देहरादून) के आदिवासी छात्र-छात्राएँ लोकनृत्य और पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति देंगे, जिसके बाद स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, देहरादून के नाट्य विभाग द्वारा एक उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी।

समापन एवं सम्मान समारोह (5 नवम्बर, 2025)

महोत्सव का समापन 5 नवम्बर, 2025 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) की गरिमामयी उपस्थिति में होगा।

  • सम्मान: साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, पर्यावरण और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा।
  • कला सत्र: समापन दिवस पर आयोजित कला सत्र में पद्मभूषण सुप्रसिद्ध चित्रकार जतीन दास, ख्यात छायाकार त्रिलोक कपूर और बहुआयामी कलाकार आदित्य नारायण अपनी सृजनात्मक दृष्टि से इस सत्र को समृद्ध करेंगे।

लेखक गाँव: अटल जी के स्वप्न का साकार रूप

देहरादून स्थित “लेखक गाँव” पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वप्न का साकार रूप है, जिसे डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने दृष्टिकोण और समर्पण से मूर्त किया है। यहाँ नालंदा पुस्तकालय, शोध केंद्र, सृजन कुटीरें और सांस्कृतिक सभागार भारतीय परंपरा और आधुनिक चिंतन का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं।

महोत्सव का उद्देश्य

डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने स्पष्ट किया कि महोत्सव का उद्देश्य भारतीय साहित्य, संस्कृति और कला की इस दिव्य ज्योति को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाना, हिंदी को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करना और नवोदित लेखकों को सृजन का सशक्त मंच प्रदान करना है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए सृजनशीलता, भारतीयता और आत्मगौरव की नई प्रेरणा प्रदान करेगा।

Cyclone Montha: ‘मोंथा’ का कहर: आंध्र प्रदेश से ओडिशा तक भारी बारिश, इन राज्यों में 72 घंटे का Red Alert

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चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Montha) ने देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल दिया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद यह खतरनाक चक्रवाती तूफान अब कमजोर होकर सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल गया है और जल्द ही इसके गहरे दबाव (Depression) में बदलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के बाद यह तूफान अब ओडिशा की ओर बढ़ गया है।

चक्रवात ‘Montha’ की वर्तमान स्थिति और प्रभाव

आंध्र प्रदेश में तबाही मचाने के बाद, ‘मोंथा’ के असर से देश के कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा, तेलंगाना, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश जारी है।

आईएमडी (IMD) का 31 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 29, 30 और 31 अक्टूबर को Montha के चलते भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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1. पश्चिम भारत पर Montha का असर

  • प्रभावित राज्य: महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण और गोवा।
  • मौसम की स्थिति: 29 से 31 अक्टूबर तक कई जगहों पर भारी बारिश, साथ ही कुछ जिलों में हल्की बारिश, तेज़ हवाएं, आंधी और बिजली गरजने का अलर्ट

2. दक्षिण भारत पर Montha का असर

  • प्रभावित राज्य: केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु।
  • मौसम की स्थिति: 29 से 31 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश की संभावना।

3. पूर्वोत्तर भारत पर असर

  • प्रभावित राज्य: मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम और नागालैंड।
  • मौसम की स्थिति: अगले 3 दिनों (29-31 अक्टूबर) तक जमकर बादल बरसने का अलर्ट।

4. मध्य और पूर्वी भारत

  • प्रभावित राज्य: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान-निकोबार।
  • मौसम की स्थिति: 29, 30 और 31 अक्टूबर को झमाझम बारिश की संभावना। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज़ हवाएं और आंधी का भी अनुमान है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी ‘Montha’ के कारण बदला मौसम का मिजाज

उत्तर प्रदेश: राज्य में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में 29, 30 और 31 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान: राजस्थान के पूर्वी जिलों में 29 और 30 अक्टूबर को तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 नवंबर को एक नया मौसम प्रणाली (System) सक्रिय होगा, जिससे राजस्थान के कई जिलों में फिर से बारिश शुरू हो सकती है।

UPSC Student Murder Case: ब्लैकमेलिंग का खुलासा, लिव-इन पार्टनर गिरफ्तार

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहे 32 वर्षीय अभ्यर्थी रामकेश मीणा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। मृतक के फ्लैट से बरामद हार्ड डिस्क में 15 से अधिक महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि मीणा कई महिलाओं को ब्लैकमेल कर रहा था। यह हाई-प्रोफाइल केस अब ब्लैकमेलिंग और प्रतिशोध की एक जटिल कहानी बन गया है।

आग का हादसा नहीं, सुनियोजित कत्ल

UPSC Student रामकेश मीणा का जला हुआ शव 6 अक्टूबर को तिमारपुर के गांधी विहार स्थित उसके फ्लैट में मिला था। प्रारंभिक रूप से इसे एसी ब्लास्ट से लगी आग का हादसा माना गया था। हालांकि, विस्तृत जांच और मृतक के कजिन द्वारा व्यक्त किए गए संदेह ने पुलिस को गहराई से जांच करने के लिए प्रेरित किया, जिसमें पता चला कि यह सुनियोजित हत्या थी।

UPSC Student के कत्ल की साजिश फॉरेंसिक छात्र ने रची थी

पुलिस जांच में सामने आया कि UPSC Student मीणा की हत्या की साजिश उसी की 21 वर्षीय लिव-इन पार्टनर, अमृता चौहान, ने रची थी। अमृता स्वयं फॉरेंसिक साइंस की छात्रा है। उसने अपने पूर्व प्रेमी और एक अन्य साथी के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमृता को तब गुस्सा आया जब उसे पता चला कि UPSC Student मीणा चोरी-छिपे उसके आपत्तिजनक वीडियो बना रहा था और ब्लैकमेलिंग के लिए उन्हें डिलीट करने से मना कर रहा था।

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‘क्राइम शो’ से प्रेरित होकर रची गई योजना

चौंकाने वाला पहलू यह है कि युवती ने अपने अपराध को छिपाने के लिए अपनी फॉरेंसिक जानकारी और क्राइम शो से सीखी गई तकनीकों का इस्तेमाल किया। उसने पूरी योजना इस तरह से बनाई थी ताकि यह लगे कि मौत गैस सिलेंडर फटने से लगी आग के कारण हुई है।

हत्या का तरीका: गला घोंटा, शव जलाया और सिलेंडर ब्लास्ट

5 अक्टूबर की रात अमृता अपने पूर्व प्रेमी (जो एक LPG गैस एजेंसी चलाता है) और एक तीसरे साथी के साथ UPSC Student मीणा के फ्लैट पर पहुंची।

  1. हत्या: तीनों ने मिलकर UPSC Student मीणा को पीटा और मोबाइल चार्जर की तार से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
  2. सबूत मिटाना: सबूत मिटाने के लिए, उन्होंने शव पर तेल, घी और शराब डालकर आग लगा दी।
  3. हादसे का रूप: उन्होंने कमरे में गैस सिलेंडर का रेगुलेटर खोल दिया और लाइटर से आग लगा दी। सिलेंडर को जानबूझकर शव के सिर के पास रखा गया था ताकि फटने पर यह लगे कि आग का कारण सिलेंडर था। करीब एक घंटे बाद आग फैल गई और सिलेंडर फटने से शव पूरी तरह जल गया।

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हार्ड डिस्क में मिले 15से ज्यादा महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो

सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने तीनों आरोपियों को मुरादाबाद में ट्रेस कर गिरफ्तार किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग और अपराध में इस्तेमाल अन्य सामान बरामद किए हैं।

सबसे बड़ा खुलासा हार्ड डिस्क से हुआ, जिसमें 15 से ज्यादा महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि UPSC Student रामकेश मीणा इन महिलाओं को भी ब्लैकमेल करता था।

आगे की जांच

क्राइम ब्रांच अब साइबर और डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से इन सभी महिलाओं की पहचान कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हार्ड डिस्क की फोरेंसिक जांच चल रही है और अंतिम पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। यह मामला अब प्रतिशोध, ब्लैकमेलिंग और फॉरेंसिक चालों की वजह से दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी जांच का विषय बन गया है।

CM धामी ने नगला तराई से पूर्णागिरि मेले के लिए 6 मोबाइल टॉयलेट वैन को दिखाई हरी झंडी

खटीमा: उत्तराखंड के CM धामी ने खटीमा स्थित अपने निजी आवास, नगला तराई से 06 मोबाइल टॉयलेट वैन (Mobile Toilet Vans) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी पूर्णागिरि मेले में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छता (Sanitation) और जन स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।

CSR पहल के तहत प्रदान की गई वैन

यह महत्वपूर्ण पहल CM धामी की प्रेरणा से रेकिट (Reckitt) और प्लान इंडिया (Plan India) संस्थाओं के सहयोग से साकार हुई है। रेकिट संस्था ने अपनी CSR पहल के तहत ये मोबाइल टॉयलेट वैन जिला प्रशासन चंपावत को विशेष रूप से पूर्णागिरि मेले के लिए उपलब्ध कराई हैं।

वैनों की विशिष्टता

फ्लैग ऑफ की गई इन छह वैनों में श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। प्रत्येक वैन में आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं:

  • इन छह वैनों में कुल चार महिला शौचालय (Toilets for Women) और चार पुरुष शौचालय (Toilets for Men) की व्यवस्था है।
  • इसके अतिरिक्त, इनमें दो चेंजिंग रूम (Changing Rooms) भी शामिल हैं, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए उपयोगी होंगे।

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मेले में स्वच्छता को मिलेगा बढ़ावा-CM धामी

पूर्णागिरि मेला उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन को देखते हुए, ये मोबाइल टॉयलेट वैन मेले क्षेत्र में सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने और जन स्वास्थ्य मानकों को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

मोबाइल टॉयलेट वैन के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इनमें अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी (DM) नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दिवेश शाशनी, और एडीएम (ADM) कस्तूभ मिश्रा शामिल थे।