होम ब्लॉग पेज 42

राजजात यात्रा के मैप पर आएगा कुरुड़ व देवराला, सतपाल महाराज से मिला प्रतिनिधिमंडल

देहरादून। मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ मंदिर विकासखंड नंदानगर बड़ी नंदाजात-2026 आयोजन समिति का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेकर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोकनिर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज से उनके निजी आवास पर मिला।

निभाई जाती है परंपरा

मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ मंदिर विकासखंड नंदानगर बड़ी नंदाजात-2026 आयोजन समिति का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को अपनी समस्याओं को लेकर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोकनिर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज से उनके सर्कुलर रोड स्थित निजी आवास पर मिला। प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें बताया कि शासन द्वारा नंदादेवी राजजात यात्रा-2026 का आयोजन सुनिश्चित किया गया है जिसमें राजा के प्रतिनिधि कांस्वा के कुंवर लोग इस परंपरा के तहत अपनी कुल देवी श्री नंदादेवी सिद्धपीठ कुरुड़ की डोली में पूजा और मनौती भेंट करने के लिए नौटी से चलकर नंदकेसरी में अपनी पूजा और मनौती भेंट करते हैं और कुरुड़ के गौड, ब्राह्मण बधाण के पुजारियों के हाथों से पूजा अर्चना होती है जो की एक पौराणिक परंपरा है। प्रतिवर्ष नंदादेवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ से छोटी जात (लोकजात) व 12 वर्ष बाद बड़ी जात (राजजात) का आयोजन होता है।

सिद्धपीठ कुरुड़ और देवराला को करें अंकित

प्रतिनिधि मंडल ने धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज को अवगत करवाया कि हिमालयी महाकुंभ की तर्ज पर आयोजित इस राजजात में राजा की कुलदेवी सिद्धपीठ कुरुड़ व देवराला को मुख्य पड़ाव व राजजात के मानचित्र पर अंकित नहीं किया गया है। इसलिए इन पड़ावों को भी राजजात यात्रा मानचित्र में शामिल किया जाये। सतपाल महाराज प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पूरे मामले का परीक्षण करवाने के बाद इसका समाधान करने का प्रयास किया जायेगा।

प्रतिनिधि मंडल में “मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ मंदिर विकासखंड नंदानगर बड़ी नंदाजात 2026 आयोजन समिति” के धनीराम गौड़, प्रकाश चंद गौड़, जनार्दन प्रसाद गौड़, राकेश चंद्र गौड़, अशोक प्रसाद गौड़, विपुल मैंदोली, जगत सिंह नेगी, रघुनाथ फरस्वाण, सुनील कोठियाल, मनीष नेगी, दीपक पंत, गंभीर रावत और विजेंद्र रावत शामिल थे।

उत्तराखंड में बड़ा हादसा, अलकनंदा नदी में गिरी बस, एक की मौत, कई लापता

उत्तराखंड में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हुआ है। रुदप्रयाग के घोलतीर इलाके में यात्रियों की एक बस अलकनंदा नदी में गिर गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। सभी यात्री बद्रीनाथ दर्शन के लिए जा रहे थे।

बद्रीनाथ दर्शन के लिए निकले थे यात्री

मिली जानकारी के मुताबिक ये हादसा रुद्रप्रयाग के घोलतीर के पास हुआ। एक मिनी बस (वाहन संख्या UK08 PA 7444) अलकनंदा नदी में जा गिरी। ये सभी गुजरात और राजस्थान के यात्री सवार थे। ये सभी यात्री केदारनाथ दर्शन के बाद कल रुद्रप्रयाग में रुके थे। इसके बाद ये सभी आज सुबह बद्रीनाथ के लिए निकले थे। इसी दौरान ये हादसा हो गया।

ट्रक ने मारी टक्कर, नदी में गिरी बस

बताया जा रहा है कि ये हादसा बस और ट्रक की टक्कर के बाद हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक मिनी बस को एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद मिनी बस अनियंत्रित होकर नदी में गिरने लगी। हालांकि इसी दौरान कुछ लोग बस से छिटककर बाहर आ गिरे। रुद्रप्रयाग प्रशासन के मुताबिक बस में वाहन चालक समेत कुल बीस लोग सवार थे। इनमें से हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि आठ लोग घायल हैं। वहीं हादसे के बाद से 10 लोग लापता चल रहे हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

उफनाई हुई है अलकनंदा नदी, रेस्क्यू में मुश्किल

लगातार बारिश के चलते अलकनंदा नदी उफनाई हुई है। हालात ये हैं कि नदी में गिरने के बाद बस दिखना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में राहत बचाव कार्यों में लगे जवानों मुश्किल आ रही है।

उत्तराखंड पंचायत चुनाव की तारीख का ऐलान, लग गई आचार संहिता, देखिए पूरा चुनावी कार्यक्रम

उत्तराखंड में पंचायत चुनाव का ऐलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीखों की भी घोषणा कर दी है। इसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लग गई है। आपको बता दें कि हरिद्वार को छोड़कर सभी 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने हैं।

उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की घोषणा

शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने पंचायत चुनावों की तारीखों की घोषणा की। इसके साथ ही पूरा चुनावी कार्यक्रम भी बताया है।आयोग के मुताबिक राज्य में पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था किस तरह से होगी ये तय कर लिया गया है। 19 जून को ओबीसी आऱक्षण तय हो गया इसके बाद अब चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी गई है।

पंचातय चुनाव के लिए इस दिन शुरू होगा नामांकन

पंचायतों में आरक्षण की स्थिती कुछ दिनों पहले साफ हो गई थी। इसके बाद 19 जून को सचिव पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना जारी की। इसके बाद अ आयोग ने अधिसूचना जारी दी। अब 23 जून को जिलाधिकारी अपने अपने जिलों में अधिसूचना जारी करेंगे।

  • पंचायत चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 25 जून से 28 जून तक सुबह 8 बजे से 4 बजे तक चलेगी।
  • 29 जून से 01 जुलाई तक नामांकन पत्रों की जांच होगी
  • 02 जुलाई को नाम वापसी
  • पहले चरण के लिए 03 जुलाई को चुनाव चिह्न का आंवटन
  • 08 जुलाई को दूसरे चरण के लिए चुनाव चिह्न का आंवटन
  • 10 जुलाई को पहले चरण का मतदान
  • 15 जुलाई को दूसरे चरण का मतदान
  • 19 जुलाई को मतगणना औ परिणाम

उत्तराखंड में आचार संहिता लागू

चुनावों के ऐलान के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। इस बार 4,56,793 नए मतदाता चुनाव प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं, जो पिछले बार की तुलना में 10.5% की बढ़ोतरी दर्शाता है। कुल 66 हजार से अधिक पदों के लिए मतदान होना है। चुनाव प्रक्रिया के संचालन में 95 हजार अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे, जिनमें 35,700 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। 5600 वाहन इस पूरी प्रक्रिया में लगाए जाएंगे। चुनाव पर्यवेक्षण के लिए 55 सामान्य प्रेक्षक और 12 आरक्षित प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। 

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पहुंचे हरिद्वार, डबल लॉक में रखी ईवीएम्स का किया निरीक्षण

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बीवीआरसी पुरूषोत्तम ने मंगलवार को हरिद्वार स्थित वेयर हाउस पहुंचकर त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डबल लॉक में रखी गई ईवीएम्स का निरीक्षण किया और अन्य व्यवस्थाओं का जाएजा लिया।

डबल लॉक में रखी EVMs का किया निरीक्षण

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बीवीआरसी पुरूषोत्तम ने वेयर हाउस में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में डबल लॉक में रखी बीयू, सीयू, वीवीपैट का राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ गहनता से निरीक्षण किया और वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि अग्निशमन यंत्रों को एक्सपायर होने से पहले ही बदल दिया जाए। उन्होंने बरसात के दृष्टिगत ईवीएम को सीलन से बचाव तथा विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी लेते हुए महत्वपूर्ण दिशा- निर्देश दिये।

पॉलिटिकल पार्टीज ने जताई संतुष्टि

वहीं ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर सभी दलों के प्रतिनिधियों द्वारा संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कंट्रोल रूम, ईवीएम एवं वीवीपीएटी रूम, आगंतुक पंजिका, पुलिस निरीक्षण पंजिका, पॉवर सप्लाई, फायर फाइटिंग उपकरण, पुलिस कर्मियों की तैनाती, वेयर हाउस परिसर के चारों ओर सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं आदि का विस्तार से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तु दास, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, तसीलदार सचिन कुमार, चंद्रपाल जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस, बिन्दर पाल मंडल अध्यक्ष बीजेपी, अनिल चौधरी जिलाध्यक्ष बसपा, अक्षय कुमार गौतम बसपा, एनएस सैनी बसपा आदि उपस्थित थे।

सरकारी योजना। उत्तराखंड में इस योजना के लिए शुरू होने वाला है आवेदन, धामी कैबिनेट ने दी थी हरी झंडी

उत्तराखंड में सरकारी योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। उत्तराखंड में सरकार ने एक नई सरकारी योजना के लिए आवेदन शुरू होने वाले हैं। इस योजना का नाम है मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना। चलिए आपको आगे बताते हैं कि इस योजना की पूरी डिटेल।

एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत 18 जून से आवेदन

उत्तराखंड में शुरू हुई मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत 18 जून से आवेदन किया जा सकता है। बीते माह धामी कैबिनेट की मंजूरी के बाद सोमवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने इस योजना को लांच किया। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के लिए आवेदन 18 जून से 31 जुलाई तक किया जा सकता है।

इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कैंप कार्यालय पर अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि प्रदेश की अविवाहित, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित और विकलांग एकल महिलाओं को इस योजना की दायरे में लाया गया है।

दो लाख तक के प्रोजेक्ट के लिए मिलेगा अंशदान

रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ₹200000 तक के प्रोजेक्ट स्वीकार किए जाएंगे जिसमें से 75% हिस्सा सब्सिडी यानी अनुदान के रूप में रहेगा। लाभार्थियों को सिर्फ 25 फ़ीसदी हिस्सा ही व्यवसाय में अपने पास से लगाना होगा। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पहले साल इस योजना के तहत काम से कम 2000 महिलाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, पहले साल इसकी प्रगति को देखते हुए योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय किया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण होगी योजना

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सशक्त करने की पहले से कई योजनाएं विद्यमान है लेकिन विशेष रूप से एकल महिलाओं को केंद्रित सहायता योजना अभी तक नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस कैटेगरी की महिलाओं को सशक्त किए जाने की सबसे ज्यादा जरूरत है इसलिए एकल महिलाओं के लिए विशेष योजना तैयार की गई है।

प्रदेश की एकल महिलाओं के लिए यह महत्वाकांक्षी योजना है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम है। सभी पात्र महिलाएं अपने-अपने जनपदों में विभाग से संपर्क करके इसके लिए आवेदन कर सकती हैं । मेरा निवेदन है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इसके लिए आवेदन करें जिससे उन्हें स्वरोजगार की दिशा में बढ़ने के लिए सरकारी सहायता मिल सके।

Uttarakhand : हेली ऑपरेटर्स की मनमानी से नाराज हुए सीएम धामी, अब दे दिया ये बड़ा आदेश

उत्तराखंड में हेली सर्विस देने वाली कंपनियों की मनमानी आखिरकार सीएम धामी को भी रास नहीं आ रही है। सीएम धामी ने लगातार हो रहे हादसों और हेली सर्विस देने वाली कंपनियों पर सख्त रवैया अपनाते हुए कई सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही पिछले हादसों के ऑडिट के आदेश भी दिए हैं।

हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं का होगा ऑडिट, बनेगी एसओपी भी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड में अपनी सेवाएं दे रहे सभी हैलीकॉप्टर सर्विस प्रोवाइडर्स तथा ऑपरेटर्स, यूकाडा, एएआईबी एवं डीजीसीए के साथ प्रदेश की हैली सर्विस सेवाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान सीएम धामी ने उत्तराखण्ड में सेवाएं दे रहे सभी हेली सर्विस प्रोवाइडर्स और ऑपरेटर्स को कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि हैली सेवाओं के सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नही किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने साफ तौर पर कहा कि हैली सेवा लेने वाले यात्रियों की अधिकाधिक आंकड़ों से आत्ममुग्ध हुए बिना सुरक्षा मानकों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गत वर्षों में हुए हैली दुर्घटनाओं की आडिट व निरन्तर समीक्षा के भी निर्देश दिए है ताकि इनकी पुनरावृति ना हो । उन्होंने कहा कि राज्य के नोडल के रूप में यात्रियों की सुरक्षा हमारा का सबसे बड़ा दायित्व हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हैलीकॉप्टर के नियमित फिटनेस जांच का सख्ती से पालन, हैलीकॉप्टर टिकट बुकिंग हेतु ठोस व प्रभावी एसओपी बनाने एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चलने वाले हैलीकॉप्टर के इंजन के सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने कड़े निर्देश दिए हैं।

डबल इंजन हेलिकॉप्टर्स के लिए बनेगा प्लान

मौसम के कारण हैली सेवाओं में बाधाओं, मौसम की सटीक जानकारी एवं सुरक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री धामी ने केदार वैली के साथ ही अन्य सभी चारधाम वैली में वैदर कैमरा लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यूकाडा को भविष्य में केवल डबल इंजन हैलीकॉप्टर्स संचालित करने हेतु ठोस पॉलिसी तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यूकाडा एवं सम्बन्धित स्टेकहॉल्डर्स को वैष्णो देवी में संचालित की जा रही हैली सर्विस मॉडल का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अत्यधिक अनुभवी पायलटों को ही राज्य में हैली सेवाओं में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने हैली ऑपरेटर्स को यात्रियों के साथ संवेदनशील व्यवहार बनाऐ रखने की भी सख्त नसीहत दी है ताकि दुनियाभर से आने वाले पर्यटक देवभूमि से सुखद अनुभव लेकर जाए। उन्होंने हैली ऑपरेटर्स एवं प्रशासन को चारधाम मार्गों पर स्वच्छता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में हैली सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य में बहुत से हैलीपेड निर्माणाधीन हैं। इस वर्ष अभी तक 66000 से अधिक यात्री हैली शटल सेवाओं की सुविधा का लाभ उठा चुके हैं ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूकाडा को राज्य हेतु अगले 10 वर्षाे के लिए हैली सेवाओं की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी आज की बैठक में दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन एवं चारधाम राज्य होने के कारण हैली सेवाओं की मांग राज्य में अधिकाधिक बढ़ने वाली है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भविष्य में हैली सेवाओं राज्य का आधार होंगी।

गीता आश्रम में पर्यावरण दिवस का आयोजन, जनसहयोग पर दिया जोर

उत्तराखंड संस्कृत निदेशालय एवं उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में श्री गीता आश्रम ऋषिकेश में विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में दीपक गैरोला, सचिव संस्कृत शिक्षा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री, कुलपति उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय ने की।

कार्यक्रम के दौरान दीपक गैरोला ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण समय की मांग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तथापि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं परन्तु बिना जन सहयोग के इस दिशा में सकारात्मक परिणाम लाना एक चुनौती है। उन्होंने अपील की कि पर्यावरण संरक्षण का कार्य कोई सरकारी कार्य नहीं है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपना नैतिक कर्त्तव्य मानते हुए अपना सहयोग देना चाहिए।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने कहा कि वेदों में ओजोन परत की समस्या के निवारण का उल्लेख मिलता है। उन्होंने बताया कि अग्निहोत्र के माध्यम से वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाकर ओजोन परत को फिर से स्वस्थ किया जा सकता है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. आनंद भारद्वाज, निदेशक, संस्कृत शिक्षा ने संस्कृत साहित्य में पर्यावरणीय जागरूकता पर प्रकाश डाला। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री गिरीश अवस्थी ने कहा कि यदि मानव शास्त्रों में वर्णित जीवन शैली को अपना ले तो पर्यावरण की विभिन्न समस्याओं का स्वत: ही निदान हो जाएगा।

कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पर्यावरणविद डॉ. विनय सेठी ने पर्यावरणीय जागरूकता पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालय के विद्यार्थी तथा शिक्षकगण उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. विनायक भट्ट ने किया। सहायक निदेशक मनोज सेमल्टी द्वारा अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इससे पूर्व संस्कृत शिक्षा सचिव ने मा प्रधानमंत्री जी/मा मुख्यमंत्री जी के आह्वान पर ‘एक वृक्ष माँ के नाम’ पर ‘गीता-आश्रम’ में रोपित किया.

देहरादून पुलिस ने किया इंकाउंटर, भाजपा नेता के हत्यारोपी गंभीर रूप से घायल, यहां हुई मुठभेड़

देहरादून के युवा भाजपा नेता रोहित नेगी की हत्या के आरोपियों की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई है। इस इंकाउंटर में दोनों आरोपियों को गोली लगी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अस्पताल में एडमिट कराया है।

मंगलोर बार्डर पर हुई मुठभेड़

देहरादून के प्रेमनगर इलाके में युवा भाजपा नेता रोहित नेगी के हत्या के आरोपियों और देहरादून पुलिस के बीच मुजफ्फरनगर – मंगलोर बार्डर पर मुठभेड़ हुई। पुलिस ने हत्या आरोपियों को रोकने की कोशिश की लेकिन हत्या के आरोपी मोहम्मद अजहर त्यागी और आयुष उर्फ सिकंदर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया। इस दौरान गोलियां भी चलीं। एक अभियुक्त के दोनों पैरों और एक हाथ में गोली लगी है जबकि एक आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को इस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया और नारसन सीएचसी में लेकर गए। हालांकि दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हे एम्स ऋषिकेश में रेफर कर दिया गया।

मामूली बात में की थी रोहित की हत्या, पुलिस पर भी था दबाव

आपको बता दें प्रेमनगर इलाके में मारे गए रोहित नेगी की हत्या इन दोनों आरोपियों ने बेहद मामूली बात पर कर दी थी। दोनों अपने समुदाय की युवती के रोहित और उसके साथियों से बातचीत करने से नाराज थे। इसी बात को लेकर दोनों ने गाड़ी से जा रहे रोहित नेगी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इस हत्याकांड के बाद से ही न सिर्फ इलाके के लोगों में गुस्सा था बल्कि पुलिस के इकबाल पर भी सवाल उठने लगा था। हालांकि एसएसपी अजय सिंह और उनकी टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बार फिर साबित किया कि दून पुलिस से कोई अपराधी बच नहीं सकता है।

फिर डराने लगा कोरोना, सरकार ने जारी की एडवाइजरी, दूरी बनाने के निर्देश

देश में एक बार फिर से कोरोना डराने लगा है। कोरोना के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए उत्तराखंड में भी सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी है। हालांकि सरकार ने ये भी साफ किया है कि राज्य में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं।

हालात सामान्य फिर भी सतर्कता जरूरी

देशभर में कोविड-19 की स्थिति जहां इस समय नियंत्रण में है, वहीं उत्तराखंड में भी संक्रमण को लेकर हालात पूरी तरह सामान्य हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार किसी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। संभावित जोखिमों से बचाव और सतर्कता के मद्देनज़र स्वास्थ्य विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशानुसार यह विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत सभी जिलों में निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने, अस्पतालों में आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा संक्रमण से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

नहीं मिला कोई सक्रिय वैरिएंट

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि “राज्य में फिलहाल कोविड को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन किसी भी संभावित जोखिम के लिए हमें पूरी तरह तैयार रहना होगा।” इसी क्रम में प्रदेशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं, उपकरणों और मानव संसाधनों को सक्रिय मोड में रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा कोविड-19 को लेकर किसी खतरे की स्थिति घोषित नहीं की गई है। न ही कोई नया वेरिएंट सक्रिय रूप से फैल रहा है। संक्रमितों में भी केवल मामूली लक्षण पाए जा रहे हैं और वे सामान्य इलाज से घर पर ही ठीक हो रहे हैं। फिर भी संभावित खतरों से निपटने के लिए राज्य पूरी तरह सतर्क और तैयार है।

जिलों में भी सतर्कता के निर्देश

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि, ऑक्सीजन, दवा और उपकरण पूरी तरह चालू रखने को कहा स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को यह निर्देशित किया गया है कि अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ऑक्सीजन सप्लाई, जरूरी दवाएं और उपकरण जैसे वेंटिलेटर, BiPAP मशीनें, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और PSA ऑक्सीजन संयंत्र पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें।

निगरानी तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर ज़ोर

सचिव ने निगरानी प्रणाली को और अधिक मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण (ILI), गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) और कोविड के मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग की जाए। सभी सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थाएं और लैब्स प्रतिदिन IHIP पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करें। ICMR के कोविड-19 परीक्षण दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच कराई जाए। SARI और ILI मामलों की संख्या बढ़ाई जाए और सभी SARI मामलों की जांच अनिवार्य रूप से हो।

नए वेरिएंट की समय रहते पहचान

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कोविड पॉजिटिव सभी सैंपल को WGS (Whole Genome Sequencing) हेतु भेजा जाए ताकि संभावित नए वेरिएंट की समय रहते पहचान हो सके। कोविड प्रबंधन में लगे स्टाफ के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग कराई जाए और राज्य को प्रतिदिन स्थिति की रिपोर्ट भेजी जाए।

सतर्कता और जन सहयोग की अपील

स्वास्थ्य सचिव ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें, जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। सतर्कता और सहयोग से ही हम भविष्य में भी कोविड जैसी बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।

मीडिया समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त


चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 से जुड़ी सभी मीडिया समन्वय गतिविधियों के लिए राज्य स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। डाॅ. पंकज कुमार सिंह, सहायक निदेशक (आईडीएसपी-राज्य सर्विलांस अधिकारी) को कोविड-19 मीडिया समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनकी सहायता के लिए डाॅ. सौरभ सिंह, सहायक निदेशक (आईडीएसपी, एनएचएम), को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस कार्य के लिए दोनों अधिकारियों को किसी प्रकार का अतिरिक्त भत्ता देय नहीं होगा। विभागीय स्तर पर निर्देशित किया गया है कि उक्त आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

क्या करें और क्या न करें

स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 को लेकर जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाने को कहा है। इसके तहत लोगों को ‘Do’s and Don’ts’ यानी क्या करें और क्या न करें के बारे में जानकारी दी जाएगी।

क्या करें (Do’s):

छींकते या खांसते समय रूमाल/टिशू से नाक-मुंह ढकें।
भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह धोते रहें।
पर्याप्त मात्रा में पानी और पौष्टिक आहार लें।
खांसी-बुखार जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से परामर्श लें।
लक्षण होने पर मास्क पहनें और दूसरों से दूरी रखें।
बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।

क्या न करें (Don’ts):

इस्तेमाल किए गए टिशू या रूमाल का दोबारा उपयोग न करें।
हाथ मिलाने से बचें।
लक्षण वाले लोगों के संपर्क से दूरी रखें।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।
आंख, नाक और मुंह बार-बार न छुएं।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।