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38th National Games: जब स्टेडियम में CM Dhami ने खेली हॉकी…

38th National Games: CM Dhami ने आज वन्दना कटारिया स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचकर 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत आयोजित कुश्ती तथा हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हॉकी में अपने हांथ आजमाए और सभी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह वर्धन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी हम सभी के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि नेशनल गेम्स के सभी आयोजन बहुत अच्छे हो रहे हैं। अन्य प्रदेशों के जो खिलाड़ी आए हैं, वह भी एक अच्छा अनुभव देवभूमि से लेकर जा रहे हैं।

पदक तालिका में इस बार बढ़ा राज्य का मानः CM Dhami

CM Dhami ने कहा कि राज्य में अच्छी खेल सुविधाएं विकसित हुई हैं और खिलाड़ियों ने भी बड़ा अच्छा प्रदर्शन करके राज्य का मान-सम्मान बढ़ाया है। पदक तालिका में भी हम टॉप टेन में शामिल हैं, जबकि गोवा में आयोजित 37 वें राष्ट्रीय खेलों में हम 25 वें स्थान पर थे।

CM Dhami ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में बड़ी उपलब्धि मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब हमारी देवभूमि खेल भूमि के रूप में स्थापित होगी और यहां के खिलाड़ी खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, ऐंसे खिलाड़ियों को अच्छा स्थान मिलेगा, खिलाड़ियों के व्यक्तित्व का विकास होगा, खेलों के क्षेत्र में उनको अच्छा प्रदर्शन करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

cm dhami in 38th national games

CM Dhami ने कहा कि कई सारे खेल स्ट्रक्चर हरिद्वार व देहरादून में भी बने हैं। राज्य में वेलो ड्रम्स बनाया गया है, अनेक स्विमिंग पूल से लेकर साइकिलिंग के साथ ही अनेक ऐसी प्रतियोगिताएं जो अन्य राष्ट्रीय खेलों में हैंगर्स में होती थीं, वे सारी प्रतियोगिताएं हमारे राज्य में परमानेंट स्ट्रक्चर पर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य व अच्छे प्रदर्शन की कामना की। उन्होंने कहा कि जब बच्चे खाली होते हैं तो बच्चों के नशे एवं ड्रग्स की लत की तरफ आकर्शित होने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए खेल एक बड़ा माध्यम बनने वाला है।

15 फरवरी से शुरू होने वाली शारदीय कांवड़ यात्रा पर बोलते हुए CM Dhami ने कहा कि कावड़ यात्रा हमारे लिए बहुत बड़ा आयोजन है, राज्य सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा पर भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी। चार धाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है, उसकी भी तैयारी कर रहे हैं।

CM Dhami ने बताया कि 14 फरवरी को राष्ट्रीय खेलों का समापन समारोह हल्द्वानी में हो रहा है सभी तैयारियां जोर शोर से से चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में नंदा राज जात यात्रा के साथ ही मां गंगा के तट पर 2027 में अर्द्धकुंभ का भी आयोजन होना है, इसकी भी तैयारियां चल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सन्त शिरोमणि रविदास जयंती की सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सन्त शिरोमणि रविदास का जीवन बहुत प्रेरणादाई रहा है और उनके निमित्त पूरे राज्य में सन्त रविदास जयन्ती पर अवकाश भी घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले और उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ें।

उत्तराखंड में यूसीसी में पंजीकरण के दौरान दी गई जानकारियों को लेकर आया बड़ा अपडेट, यहां पढ़ लीजिए

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उत्तराखंड में यूसीसी (UCC in Uttarakhand) संहिता के तहत, सेवाओं के पंजीकरण के समय दी जाने वाली जानकारियों तक किसी भी तीसरे व्यक्ति की पहुंच नहीं हो पाएगी। यूसीसी की तहत होने वाले पंजीकरण की सिर्फ संख्या ही सार्वजनिक हो पाएगी, इसमें किसी की भी व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं होगी।

कोई भी विवरण नहीं होगा सार्वजनिक

अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के मुताबिक समान नागरिक संहिता में सूचनाओं की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यूसीसी की किसी भी सेवा के लिए दी जाने वाली निजी जानकारी (नाम, पता, मोबाइल, आधार नंबर, धर्म, जाति आदि ) का विवरण किसी भी स्तर पर सार्वजनिक नहीं होगा। सार्वजनिक तौर पर यूसीसी के तहत होने वाले पंजीकरण की संख्या मात्र उपलब्ध होगी, जो वेबसाइट पर नजर भी आने लगी है। इसके अलावा जिस व्यक्ति ने यूसीसी के तहत किसी सेवा के लिए आवेदन किया हो, सिर्फ वही व्यक्ति खुद या किसी अन्य व्यक्ति के साथ संयुक्त आवेदन के जरिए खुद के आवेदन से संबंधित जानकारी ही मांग ही सकता है। इसके अलावा और किसी भी व्यक्ति तक सूचनाओं की पहुंच नहीं है।

उत्तराखंड में यूसीसी पर सख्ती, दुरुप्रयोग पर कार्रवाई

अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती के मुताबिक, यूसीसी के तहत होने वाले पंजीकरण की जानकारी भी थाना पुलिस तक सिर्फ रिकॉर्ड के लिए भेजी जाएगी। ऐसे किसी पंजीकरण में दिए गए विवरण तक संबंधित थाना प्रभारी की पहुंच भी, एसएसपी की निगरानी में हो सकेगी। साथ ही यदि किसी भी स्तर पर सूचनाओं का दुरुप्रयोग होता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाई की जाएगी।

Acharya Satyendra Das: राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का निधन,

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Acharya Satyendra Das: अयोध्या में रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 80 साल की उम्र में निधन हो गया. बुधवार सुबह लखनऊ PGI में उन्होंने आखिरी सांस ली.

बता दें कि 3 फरवरी को ब्रेन हेमरेज के बाद Acharya Satyendra Das कोअयोध्या से लखनऊ रेफर किया गया था. आचार्य सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर अयोध्या लाया जाएगा. उनका पार्थिव शरीर अंतिंम दर्शनों के लिए सत्यधाम मंदिर में रखा जाएगा.

CM Yogi ने Acharya Satyendra Das को दी श्रद्धांजलि

Acharya Satyendra Das के निधन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- “परम रामभक्त, श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य श्री सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”

उत्तराखंड को मिले नए सूचना अधिकारी, डीजी बंशीधर तिवारी ने दी शुभकामनाएं

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उत्तराखंड राज्य को नए सूचना अधिकारी मिले हैं। मंगलवार को रिंग रोड देहरादून स्थित सूचना निदेशालय में सूचना अधिकारी पद पर चयनित हुए 11 नए सूचना अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के समापन दिवस पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने नए सूचना अधिकारियों को भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए उनको संबोधित किया।

डीजी बंशीधर तिवारी ने बताईं प्राथमिकताएं

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने कहा सरकार एवं आमजन के बीच में संवाद के माध्यम से समन्वय स्थापित करने में सूचना अधिकारियों की अहम भूमिका होती है। राज्य सरकार की प्रभावशाली महत्वपूर्ण एवं आमजन के लिए बनाई गई योजनाओं के व्यापक प्रचार प्रसार एवं सही लाभार्थी तक योजना को पहुंचाने में भी सूचना अधिकारी अपनी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा मीडिया के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक प्रचार प्रसार से सभी सूचना अधिकारियों ने राज्य को आगे बढ़ाने के अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

नई तकनीक से रहें अपडेट

महानिदेशक सूचना ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं नई दौर के डिजिटल मिडिया के साथ प्रतिनिधियों के साथ सभी सूचना अधिकारी लगातार संवाद करते रहें। मीडिया, पत्रकारों के साथ सभी सूचना अधिकारी बेहतर से बेहतर संबंध रखें। उन्होंने कहा डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बेहतर तरीके से सीखने हेतु स्वयं को हमेशा नई तकनीकी से अपडेट करें। इन डिजिटल माध्यमों का उपयोग सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए भी करें। उन्होंने कहा सभी सूचना अधिकारियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना है।

इस अवसर पर अपर निदेशक सूचना आशिष त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, डाॅ. नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती शशि सिंह, उप निदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनियां मौजूद रहे।

38th National Games: उत्तराखंड के प्रभात कुमार ने जीता गोल्ड मेडल, CM Dhami ने दी बधाई

38th National Games: CM Pushkar Singh Dhami ने टिहरी झील कोटी कॉलोनी में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत आयोजित कयाकिंग-कैनोइंग प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

38th National Games में उत्तराखंड के प्रभात कुमार को मिला गोल्ड

38th National Games में CM Dhami ने 1000 मीटर हीट कयाकिंग मेन्स प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेताओं को मेडल पहनाकर एवं सोविनियर से सम्मानित किया। बता दें कि इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के प्रभात कुमार ने स्वर्ण पदक, एसएससीबी ने रजत तथा दिल्ली ने कांस्य पदक जीता।

CM Pushkar Singh Dhami ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि, वीरभूमि के बाद अब खेलभूमि के रूप में स्थापित हो रहा है। राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना पहला और सुखद अनुभव है। 28 जनवरी से 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हो रहा है।

बता दें कि 38th National Games सारी खेल प्रतियोगिताएं उत्तराखण्ड के 11 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित की गई, खिलाड़ियों के लिए सारे खेल ट्रैक बनाये गये तथा कोई भी खेल उपकरण बाहर से नहीं लाये गये। जहां 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड 25वें स्थान पर रहा था वहीं अब हमारा राज्य 38th National Games में 7वें स्थान पर है।

CM Pushkar Singh Dhami ने कहा कि टिहरी झील ऊर्जा उत्पादन के साथ ही पर्यटन और साहसिक खेलों के लिए अन्यन्त अनुकूल है। यह वाटर स्पोर्ट्स का बहुत बड़ा हब बनेगा। यहां पर पहले भी राष्ट्रीय/अर्न्तराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं और आगे भी खेलों का क्रम सालभर चलता रहे यह प्रयास किये जायेंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय आर्थिकी को बल मिलेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने टिहरी में शीतकालीन पर्यटन की थीम पर डेस्टिनेशन टिहरी कैलेंडर 2025 लॉन्च किया। यह कैलेंडर टिहरी की एक प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थल के रूप में उभरती क्षमता पर प्रकाश डालता है, जिसमें रोमांच, प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक स्थलों का समृद्ध मिश्रण है।

टिहरी झील में 38th National Games के अन्तर्गत तीन दिवसीय कयाकिंग-कैनोइंग प्रतियोगियों में 16 राज्यों के 160 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उड़ीसा, मणिपुर, कर्नाटक, केरल, पंजाब, चंडीगढ़, एसएससीबी आदि के 80 महिला खिलाड़ी एवं 80 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं।

Saurabh Thapliyal: नवनिर्वाचित मेयर सौरभ थपलियाल ने शहर के विकास का ये बनाया है प्लान!

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Saurabh Thapliyal: नवनिर्वाचित मेयर सौरभ थपलियाल ने अपना कार्यभार संभाल लिया है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में जो भी वादे किए गए थे उन्हें पूरा किया जाएगा. उन्होंने शहर की समस्याओं और उनके निराकरण की दिशा में कार्य करने की बात कही.

उन्होंने कहा कि हरित दून बनाने के लिए पार्कों का सौंदर्यकरण किया जाएगा. सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे अधिक संख्या में लगाए जाएंगे. साथ ही ड्रेनेज की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के साथ वार्ता की जाएगी.

 मेयर Saurabh Thapliyal ने बताया कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए जनता के बीच जाकर कैंप लगाए जाएंगे और क्षेत्रीय समस्याओं को सुना जाएगा. जिस तरह से शहर में पार्किंग की समस्या है उसके निपटने के लिए पार्किंग की जगह तलाशी जा रही है. शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस के अधिकारियों से वार्ता कर जल्दी कुछ निर्णय लिया जाएगा, जिससे आम जनता को शहर में जाम से मुक्ति मिल सके.

देहरादून शहर में सीसीटीवी लगाने का वादा होगा पूराः Saurabh Thapliyal 

नवनिर्वाचित मेयर ने कहा देहरादून के पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. सभी पार्क और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी कर शहर को सुरक्षित वातारण देने की कोशिश की जाएगी.

शीशमबाड़ा में कूड़े का निस्तारण जल्दः Saurabh Thapliyal

वहीं शीशमबाड़ा में कूड़े का निस्तारण नहीं होने पर मेयर ने बताया कि जल्द ही इसका निरीक्षण किया जाएगा और विधायक सहित स्थानीय लोगों से बातचीत करके इसका भी जल्द निस्तारण किया जाएगा.

मेयर सौरभ थपलियाल का कहना है कि हम देहरादून का काफी सम्मान के साथ नाम लेते हैं और निश्चित तौर पर नगर निगम की छवि को सुधारने का काम किया जाएगा, जिसके लिए आम जनता के बीच जाकर उनसे सलाह ली जाएगी.

Saurabh Thapliyal का सियासी सफर

  • देहरादून के डोईवाला विधानसभा के मोहकमपुर के चाणक्यपुरम में रहने वाले सौरभ युवा नेता हैं।
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति में प्रवेश,डीएवी पीजी कालेज में छात्र संघ अध्यक्ष बने
  • भाजयुमो में विभिन्न पदों पर रहने के बाद पुष्कर सिंह धामी के बाद प्रदेश अध्यक्ष भी बने।
  • सौरभ थपलियाल को केंद्रीय मंत्री धर्मेंंद्र प्रधान और पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी का करीबी माना जाता है।
  • पहले आरएसएस से जुड़े, इसके बाद छात्र राजनी​ति में शामिल हो गए।
  • 1999 छात्र संघ महासचिव डीएवी दून
  • 1999 छात्र महासंघ महासचिव गढ़वाल विवि
  • 2000 छात्र संघ अध्यक्ष डीएवी दून
  • 2000 गढ़वाल छात्र महासंघ अध्यक्ष
  • 2001 उत्तराखंड छात्र महासंघ अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा
  • 2003 जिला महामंत्री 2007 प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तराखंड
  • 2010 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य

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Ghanna Bhai Uttarakhand: हास्य कलाकार घन्ना भाई का निधन…उत्तराखंड कला जगत में शोक, जानिए कब और कैसे शुरु हुआ था रंगमंच का सफ़र

Ghanna Bhai: उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद उर्फ घन्ना भाई (Ghanna Bhai Profile) अब इस दुनिया में नहीं रहे. गंभीर हालत में Ghananand Bhai को देहरादून स्थित श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था, वह पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे. डॉक्टर क्रिटिकल केयर यूनिट में उनकी निगरानी कर रहे थे.

Ghanna Bhai के निधन से उत्तराखंड कला और सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घनानंद के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्री चरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें. आइए जानते हैं घन्ना भाई के हास्य कलाकार बनने की कैसे हुई शुरुआत.

रंगमंच में Ghanna Bhai का सफर 1970 में रामलीला नाटक से शुरू हुआ. अपने अनोखे हास्य अंदाज के कारण जल्द ही वह लोगों के दिलों में जगह बनाने लगे. 1974 में उन्होंने रेडियो और दूरदर्शन के कार्यक्रमों में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया. उनकी संवाद शैली और व्यंग्य भरी कॉमेडी उन्हें आम जनता से जोड़ती रही.

Ghananand Bhai का फिल्मी सफर

Ghananand Bhai ने उत्तराखंड की कई सुपरहिट गढ़वाली और कुमाऊंनी फिल्मों में काम किया उनकी चर्चित फिल्मों में घरजवें, चक्रचाल, बेटी-ब्वारी, जीतू बगडवाल, सतमंगल्या, Ghananand Bhai एमबीबीएस, घन्ना गिरगिट और यमराज जैसी शानदार फिल्में शामिल हैं.

Ghananand Bhai ने राजनीति में आजमाया था हांथ

2012 में घन्ना भाई ने पौड़ी विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा. हालांकि वह यह चुनाव नहीं जीत सके लेकिन उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई. राजनीति में असफल रहने के बावजूद उन्होंने अपनी कला से लोगों को हंसाना जारी रखा.

व्यंग्य भरी कॉमेडी Ghanna Bhai को आम जनता से जोड़ती रही

1953 में पौड़ी गढ़वाल के गगोड़ गांव में जन्मे घनानंद की शिक्षा कैंट बोर्ड लैंसडाउन में हुई. उनका सफर 1970 में रामलीला नाटक से शुरू हुआ. अपने अनोखे हास्य अंदाज के कारण जल्द ही वह लोगों के दिलों में जगह बनाने लगे. 1974 में उन्होंने रेडियो और दूरदर्शन के कार्यक्रमों में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया. उनकी संवाद शैली और व्यंग्य भरी कॉमेडी उन्हें आम जनता से जोड़ती रही.

Ghanna Bhai की सरलता और मृदुता ने लाखों दिलों को छुआ. उनके व्यंग्य और हास्य में गहरी सामाजिक सोच छिपी होती थी. वह सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि उत्तराखंड की कला संस्कृति के एक अभिन्न अंग थे. भले ही Ghanna Bhai अब हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनकी यादें और उनका योगदान गढ़वाली-कुमाऊंनी सिनेमा में अमर रहेगा.

उत्तराखंड। धामी सरकार का राज्य के डाक्टरों को तोहफा, लिया ये बड़ा फैसला

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देहरादून। प्रदेश की धामी सरकार ने राज्य में तैनात विशेषज्ञ डाक्टरों को नये साल का तोहफा दिया है। सरकार ने विशेषज्ञ डाक्टरों को सेवा लाभ देते हुए उनके सेवानिवृत्त की आयु सीमा बढ़ा दी है। विशेषज्ञ डाक्टर अब 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। पहले यह आयु सीमा 60 वर्ष थी।

550 डाक्टरों को मिलेगा लाभ

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि आयु सीमा में वृद्धि किये जाने से प्रदेश के 550 विशेषज्ञ डाक्टरों को लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी दूर हो सकेगी और सुदूर ग्रामीणों को भी विशेषज्ञ डाक्टरों का लाभ मिल सकेगा।

स्वास्थय सेवाओं में सुधार की उम्मीद

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। ऐसे में सरकार ने विशेषज्ञ डाक्टरों को पांच साल की सेवावृद्धि देने का फैसला किया है। उन्होने बताया कि सेवा लाभ केवल उन विशेषज्ञ डाक्टरों को मिलेगा जो अस्पतालों में मरीजों को अपनी सेवाएं देंगे।

नहीं मिलेगा प्रशासनिक पद

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार के अनुसार 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक को प्रशासनिक पद एवं वित्तीय दायित्वों का प्रभार नहीं दिया जायेगा, एवं उनकी तैनाती मुख्य परामर्शदाता के रूप में ढांचे के तहत उनकी विधा के उपलब्ध रिक्त पदों पर की जायेगी। उन्होंने बताया कि ऐसे चिकित्सा अधिकारियों को अग्रेत्तर पदोन्नति प्रदान नहीं की जायेगी। चिकित्सक को वेतन वृद्धि एवं अन्य सेवा लाभ, सेवा के दौरान एवं सेवानिवृत्ति पर राजकीय कार्मिकों की भांति ही नियमानुसार अनुमन्य होंगे।

UCC in Uttarakhand : उत्तराखंड में यूसीसी से विवाह संस्था को मिली है मजबूती

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उत्तराखंड में यूसीसी (UCC in Uttarakhand) लागू हो चुका है। ऐसे में यूसीसी के प्रावधानों को लेकर कई लोगों के मन में कई सवाल है। ऐसे में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली एक्सपर्ट टीम लोगों को इसके प्रावधानों और विशेषताएं के बारे में बता रही है।

विवाह संस्था को मिली है मजबूती

समान नागरिक संहिता, के लिए ड्राफ्ट तय करने वाली विशेषज्ञ कमेटी की सदस्य और दून विश्वविद्यालय की वीसी प्रो. सुरेखा डंगवाल के मुताबिक उत्तराखंड समान नागरिक संहिता के जरिए ना सिर्फ महिलाओं और बच्चों की सामाजिक आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई है। बल्कि इससे विवाह संस्था को भी मज़बूती मिलेगी । प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता की भावना ही, लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करते हुए समता स्थापित करना है।

उन्होने कहा कि अभी कई ऐसे मामले सामने आ रहे थे, जिसमें महिलाओं को पता ही नहीं होता था कि उनके पति की दूसरी शादी भी है। कुछ जगह धार्मिक पंरपराओं की आड़ में भी ऐसा किया जा रहा था। इस तरह अब शादी का पंजीकरण अनिवार्य किए जाने से, महिलाओं के साथ इस तरह का धोखे की सम्भावना न्यूनतम हो जाएगी। साथ ही इससे चोरी छिपे 18 साल से कम उम्र में लड़कियों की शादी की कुप्रथाओं पर रोक लग सकेगी। इससे बेटियां निश्चित होकर अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकती हैं।

बुजुर्गों और बच्चों को भी सुरक्षा

प्रो. सुरक्षा डंगवाल के मुताबिक उत्तराखंड समान नागरिक संहिता में व्यक्ति की मौत होने पर उनकी सम्पत्ति में पत्नी और बच्चों के साथ माता पिता को भी बराबर के अधिकार दिए गए हैं। इससे बुजुर्ग माता पिता के अधिकार भी सुरक्षित रह सकेंगे। इसी तरह लिव इन से पैदा बच्चे को भी विवाह से पैदा संतान की तरह माता और पिता की अर्जित सम्पत्ति में हक दिया गया है। इससे लिव इन रिलेशनशिप में जिम्मेदारी का भाव आएगा, साथ ही विवाह एक संस्था के रूप में और अधिक समृद्ध होगा साथ ही स्पष्ट गाइडलाइन होने से कोर्ट केस में भी कमी आएगी।

प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा भारत का संविधान दो वयस्क नागरिकों को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने की अनुमति देता है। इसके लिए पहले से ही विशेष विवाह अधिनियम मौजूद है, इसमें भी आपत्तियां मांगी जाती है। अब इसी तरह कुछ मामलों में अभिभावकों को सूचना दी जाएगी। वहीं लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए पहले से ही धर्मांतरण कानून लागू है।

सीआरपी – बीआरपी की भर्ती में देरी से नाराज हुए मंत्री धन सिंह रावत, अधिकारियों को फटकार

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समग्र शिक्षा के अंतर्गत लम्बे समय से लटकी सीआरपी-बीआरपी भर्ती पर विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुये भर्ती प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रयाग पोर्टल में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों का शीघ्र निस्तारण करायें ताकि शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके।

नियुक्ति में देरी से नाराज हुए मंत्री

विद्यालयी शिक्षा विभाग में शैक्षणिक गतिविधियों के सुधार के लिये समग्र शिक्षा के तहत ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) के कुल 285 पदों तथा संकुल स्तर पर संकुल रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) के 670 रिक्त पदों पर कार्मिकों की तैनाती न होने पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुये लम्बित प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने विगत सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक का हवाला देते हुये बताया कि प्रयाग पोर्टल के माध्मय से सीआरपी-बीआरपी के कुल 955 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि प्रयाग पोर्टल की आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को लेकर स्वयं कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग संबंधित शासनादेश में आंशिक संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत करेगा ताकि पोर्टल के माध्यम से होने वाली सभी आउटसोर्स भर्ती में आ रही व्यवहारिक अड़चनों को दूर किया जा सके।

टीचर्स को मिलेगी राहत, बेहतर होगी शिक्षा

डॉ. रावत ने बताया कि प्रायग पोर्टल पर प्रदेश के हजारों छात्र-छात्राओं ने सीआरपी-बीआरपी के लिये अपना पंजीकरण कराया है, पोर्टल की विसंगतियां दूर होते ही एक माह के भीतर सीआरपी-बीआरपी के रिक्त पदों के सापेक्ष चयनित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से युवाओं को मेरिट के आधार पर तैनाती दी जायेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इसके लिये अन्य सभी तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश दे दिये हैं। डा. रावत ने बताया कि बीआरपी-सीआरपी की नियुक्ति से विद्यालयों में अनुश्रवण कार्यों में तेजी आयेगी साथ ही बीआरपी-सीआरपी की जिम्मेदारी से सैकड़ों शिक्षकों को भी मुक्त किया जा सकेगा, जिससे विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।